सैकड़ों स्मार्टफोन के विस्फोट से भड़की आग, फोरेंसिक टीम का खुलासा

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अमरावती: कुरनूल बस हादसे की जाँच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. फोरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बस के लगेज केबिन में बड़ी संख्या में स्मार्टफोन रखे हुए थे जिसमें भीषण विस्फोट हुआ. इसके चलते आग और भड़क गई. इस हादसे में 19 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई.

फोरेंसिक टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि कुरनूल के बाहरी इलाके चिन्नाटेकुर के पास आग लगने वाली वेमुरी कावेरी ट्रैवल बस के लगेज केबिन में सैकड़ों मोबाइल फोन रखे हुए थे. इसमें विस्फोट होने से आग और अधिक भड़क गई. इसके चलते भारी जनहानि हुई. सबसे पहले जैसे ही बस ने दोपहिया वाहन को टक्कर मारी उसका तेल टैंक का ढक्कन फट गया और पेट्रोल रिसने लगा.

इसी दौरान दोपहिया वाहन बस के नीचे फंस गया और बस उसे कुछ दूर तक घसीटती हुई ले गई. इस बीच में चिंगारियाँ निकली और फिर पेट्रोल में आग लग गई. इससे सबसे पहले लगेज केबिन में आग लगी. इस पार्सल में करबी 400 से अधिक स्मार्टफोन रखे हुए थे. तेज गर्मी के कारण फोन की बैटरियाँ फट गई. इससे आग भड़की और लगेज केबिन के ऊपर वाले हिस्से तक फैल गई.

नतीजतन लगेज केबिन के ठीक ऊपर वाली सीटों और बर्थ पर बैठे लोगों को भागने का समय नहीं मिला. घटनास्थल और जली हुई बस की जांच करने वाली फोरेंसिक टीम ने बताया कि यही कारण है कि बस के आगे की सीटों और बर्थों पर बैठे अधिकांश लोगों की जान चली गई.

बैटरी फटने से तेज आवाज

जब सामान रखने वाले केबिन में स्मार्टफोन की बैटरियाँ एक साथ फटने लगी गई तो जोरदार आवाज हुई. इससे ड्राइवर बस रोककर अपनी सीट के पास वाली खिड़की से बाहर निकला और यात्रियों को बस में फंसा छोड़कर वहाँ से भाग गया. बस पहले से ही घने धुएँ और आग की लपटों में घिरी हुई थी. हालाँकि बस के अंदर फंसे यात्रियों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन उनकी कोशिशें बेकार गई क्योंकि दाहिनी ओर का आपातकालीन द्वार नहीं खुला.

नियमों के विरुद्ध माल का ढोया जा रहा था

अपने निजी सामान के अलावा किसी भी अन्य सामान का परिवहन यात्री वाहनों में नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन प्राइवेट ट्रैवल्स बसों के मालिक सामान ढोने के लिए यात्री वाहनों का उपयोग कर रहे हैं. वे कमर्शियल सामानों को बस केबिन में रख कर ढोते हैं. हादसे की स्थिति में आग लगने से दुर्घटना की गंभीरता बढ़ जाती है.

कुरनूल की घटना में भी प्रारंभिक रूप से यह पाया गया कि दुर्घटना की गंभीरता बढ़ने का कारण मोबाइल फोन का फटना था. आमतौर पर मोबाइल फोन का ऊपरी हिस्सा प्लास्टिक का होता है और बैटरियाँ लिथियम की होती है. प्लास्टिक कुछ ही सेकंड में जल जाता है. अगर लिथियम में आग लग जाए तो वह फट जाता है. यह जानते हुए भी यात्री वाहनों में इनका रखना इतनी बड़ी जनहानि का मुख्य कारण बन गया.

बेंगलुरु में भीषण विस्फोट, पूरा घर ध्वस्त, जांच अधिकारियों को संदेह

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बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केआर पुरम इलाके में शनिवार को एक घर में विस्फोट हो गया है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घोयल हो गए. विस्फोट इतना जोरदार थी कि पूरा घर ध्वस्त हो गया. आशंका है कि यह घटना घर में रखे रसोई सिलेंडर के फटने से हुई. केआर पुरम थाने की पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया.

पुलिस के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 7.15 बजे हुई और घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. विस्फोट की तीव्रता के कारण, आसपास के तीन-चार घर भी क्षतिग्रस्त हो गए और अक्कयम्मा (80) नाम की महिला की मौके पर ही मौत हो गई. चंदना (22), शेखर (52) और किरण कुमार (25) गंभीर रूप से घायल हो गए. चंदना की हालत गंभीर बताई गई है.

व्हाइटफील्ड डिवीजन के डीसीपी के. परशुराम ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सिलेंडर में विस्फोट हुआ है और आगे की जांच के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी.

वहीं, केआर पुरम के विधायक भैरथी बसवराज ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा, “मैं इस घटना को देखकर स्तब्ध हूं. इससे संदेह पैदा होता है कि क्या यह घटना गैस रिसाव या विस्फोटक के कारण हुई. यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या विस्फोटकों के भंडारण के कारण ऐसा कुछ हुआ. यह संदिग्ध है कि सिलेंडर विस्फोट से इतने बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है. संदेह को दूर करने के लिए उचित जांच की जानी चाहिए.”

दिग्गज एक्टर सतीश शाह का किडनी फेल होने से 74 की उम्र में निधन, प्रोड्यूसर अशोक पंडित और सेलेब्स ने जताया शोक

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हैदराबाद: हिंदी सिनेमा के शानदार हास्य अभिनेता सतीश शाह का आज शनिवार दोपहर 2.30 बजे मुंबई के हिंदूजा अस्पताल में 74 साल की उम्र में किडनी फेल होने से निधन हो गया. वह साराभाई वर्सेज साराभाई में अपने बेहतरीन रोल के लिए पहचान रखते थे.

‘जाने भी दो यारो’, ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’, ‘मैं हूं ना’, ‘ओम शांति ओम’ जैसी फिल्मों में अपने काम के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता सतीश शाह ने दर्शकों से खूब प्यार बटोरा था. फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पर दिवंगत अभिनेता की एक तस्वीर साझा की. उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें उन्होंने अभिनेता के निधन का कारण बताया उन्होंने कहा, ‘मैं आपके साथ एक दुखद समाचार साझा करना चाहता हूं, हमारे मित्र, एक बेहतरीन अभिनेता, सतीश शाह का किडनी फेल होने के कारण निधन हो गया है, कुछ समय पहले, वह घर पर अचानक बीमार पड़ गए थे, उन्हें शिवाजी पार्क स्थित हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया, उनका निधन हो गया है, उनका पार्थिव शरीर बांद्रा स्थित उनके आवास पर लाया जाएगा’.

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं आपको उनके अंतिम संस्कार के बारे में सूचित करता रहूंगा, यह हमारी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ी क्षति है, मैंने सतीश के साथ बहुत काम किया है, सतीश एक महान व्यक्ति हैं’.

उन्होंने कैप्शन में एक लंबा नोट भी लिखा, ‘आपको यह बताते हुए दुख और सदमा हो रहा है कि हमारे प्रिय मित्र और एक बेहतरीन अभिनेता सतीश शाह का किडनी फेल होने के कारण कुछ घंटे पहले निधन हो गया, उन्हें हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने अंतिम सांस ली, ओम शांति’.

अभिनेता के परिवार में उनकी डिजाइनर पत्नी मधु शाह हैं. उन्होंने आखिरी पोस्ट एक्स पर की थी, जहां उन्होंने गोविंदा और शम्मी कपूर के साथ एक तस्वीर साझा की थी. पोस्ट में लिखा था, ‘जन्मदिन मुबारक हो प्यारे शम्मी जी, आप हमेशा मेरे आस-पास रहते हैं.

फिल्मों की बात करें तो, उन्हें आखिरी बार 2014 में साजिद खान द्वारा निर्देशित फिल्म ‘हमशक्ल’ में देखा गया था. इस फिल्म में सैफ अली खान, रितेश देशमुख, राम कपूर, तमन्ना भाटिया, ईशा गुप्ता और बिपाशा बसु ने अभिनय किया था.

बता दें, इस हफ्ते इंडस्ट्री में यह तीसरा बड़ा निधन है. इससे पहले, विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे का शुक्रवार को और दिग्गज अभिनेता असरानी का सोमवार को निधन हो गया था और उससे भी पहले पंकज धीर दुनिया को अलविदा कह गये थे.

 

 

 

 

 

 

कूटनीति का नया टूल बना गाय का गोबर, जर्मन राजदूत ने भारत की पहल को सराहा, तस्वीरें कीं साझा

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नई दिल्‍ली । जर्मन राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन (German Ambassador Dr. Philipp Ackermann) ने आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में प्राकृतिक खेती (natural farming) की एक अनोखी पहल पर अनुभव साझा किया। उन्होंने इसे ‘कूटनीति में आज का टूल’ बताते हुए सराहना की। फिलिप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, ‘जर्मन विकास बैंक KFW ने स्थानीय महिलाओं को गोबर और गोमूत्र का इस्तेमाल कर मिट्टी को उर्वर बनाने और पौधों की सेहत सुधारने में सहायता मुहैया कराई।’ राजदूत ने महिलाओं की ओर से गोबर मिश्रण तैयार करने की तस्वीरें भी साझा कीं, जिसमें पारंपरिक साड़ी पहने महिलाएं जमीन पर बैठकर विभिन्न सामग्रियों को मिलाती नजर आ रही हैं। उन्होंने इसे प्रभावशाली बताते हुए कहा कि गोबर और गोमूत्र के ऐसे उपयोग देखकर वे चकित हैं।

यह पहल आंध्र प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने का हिस्सा है, जो सदियों पुरानी भारतीय परंपराओं पर आधारित है। जर्मन सहायता से महिलाएं प्राकृतिक उर्वरक तैयार कर रही हैं, जो रासायनिक खादों का विकल्प प्रदान करता है। राजदूत की इस पोस्ट पर इंटरनेट यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। इसमें कुछ ने इसे सदियों पुरानी भारतीय परंपरा बताया, जबकि अन्य ने गायों की सुरक्षा और पूंजीवाद से जोड़कर टिप्पणियां कीं। यह पहल भारत-जर्मनी संबंधों में विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मजबूती को दर्शाती है।

प्राकृतिक खेती पर जोर देने की जरूरत
बता दें कि प्राकृतिक खेती को जैविक खेती या जीरो-बजट खेती के रूप में भी जाना जाता है। यह एक ऐसी कृषि पद्धति है जो रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और कृत्रिम संसाधनों के इस्तेमाल के बिना प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर खेती करने पर जोर देती है। यह तरीका मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है। भारत में प्राकृतिक खेती को सुभाष पालेकर जैसे कृषि विशेषज्ञों ने लोकप्रिय बनाया है। यह आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर अपनाई जा रही है, जिसे पूरे देश में फैलाने की जरूरत है।

हर रात 14 साल की बेटी से बलात्कार कर रहा था बाप, ऐसे हुआ काली करतूत का खुलासा

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फरीदाबाद। फरीदाबाद (Faridabad) के बल्लभगढ़ में रिश्ते (Relations) को तार तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। एक कलियुगी बाप (Kaliyuga Father) अपनी ही 14 साल की बेटी (Daughter) पिछले दो महीने से दुष्कर्म (Rape) कर रहा था, इसका खुलासा तब हुआ जब लड़की (Girl) बीमार पड़ गई। इस 42 वर्षीय कलियुगी बाप ऑटोरिक्शा चालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। मामले से जुड़े जांचकर्ताओं ने बताया कि पीड़िता किशोरी सातवीं कक्षा की छात्रा है। शराब की लत के कारण रोज रोज के झगड़े और मारपीट से तंग आकर किशोरी की मां छह बच्चों में से दो को अपने साथ लेकर चरखी दादरी में अपनी बहन के घर चली गई थी। किशोरी अपने छोटे भाई बहनों के साथ पिता के साथ रहती थी।

पुलिस ने बताया कि मामला तब सामने आया जब बुधवार की सुबह बीमार पड़ने पर लड़की पड़ोस की एक बुज़ुर्ग महिला के पास इलाज के लिए गई। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लड़की पेट दर्द और बुखार से पीड़ित थी।उन्होंने कहा, “जब पड़ोसी उसे डॉक्टर के पास ले गए, तो किशोरी ने मंगलवार की रात अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताया। महिला ने तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित किया, जिसके बाद जांचकर्ताओं की एक टीम पीड़िता के पास पहुंची।”

काउंसलिंग के दौरान, पीड़िता ने बताया कि उसका पिता, जो लगभग हर रात नशे में घर लौटता था, पिछले दो महीनों से उसके साथ बलात्कार कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपनी पत्नी के चले जाने से नाराज़ संदिग्ध ने अपनी सबसे बड़ी बेटी को निशाना बनाया। लड़की डर के मारे चुपचाप तब तक दुर्व्यवहार सहती रही जब तक कि उसकी बीमारी असहनीय नहीं हो गई।

दिल्ली एयरपोर्ट पर म्यांमार से आई महिला ने अंडरगारमेंट में छिपा रखा था सोना, कस्टम ने किया जब्त

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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर कस्टम विभाग (Customs Department) के अधिकारियों ने गोल्ड स्मगलिंग (Gold Smuggling) की कोशिश को नाकाम कर दिया. अधिकारियों ने एक महिला यात्री के पास से करीब 997.5 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत बाजार में लाखों में बताई जा रही है. यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई, जब महिला यात्री यांगून (म्यांमार) से फ्लाइट नंबर 8M 620 के जरिए दिल्ली पहुंची थी.

एजेंसी के मुताबिक, महिला हवाई अड्डे के ग्रीन चैनल से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी. यह चैनल उन यात्रियों के लिए होता है, जिनके पास कोई प्रतिबंधित या शुल्क योग्य (dutiable) सामान नहीं होता. लेकिन जब अधिकारियों की नजर महिला पर पड़ी तो उन्हें कुछ संदेह हुआ. इसके बाद उसकी तलाशी ली गई.

जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों ने महिला की तलाशी (personal search) ली तो सामने आया कि उसने अपने अंडरगारमेंट्स में छह सोने की ईंटें (gold bars) छिपाई हुई थीं. जब इन सोने की ईंटों को निकाला गया, तो उनका कुल वजन 997.5 ग्राम निकला. कस्टम विभाग ने तुरंत इन सोने की ईंटों को जब्त कर लिया और मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की.

अधिकारियों ने बताया कि बरामद किया गया सोना कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया है. इस एक्ट के तहत बिना घोषित किए सोने या अन्य मूल्यवान वस्तुओं को देश में लाना या बाहर ले जाना एक गंभीर अपराध माना जाता है. अब इस मामले में आगे की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह महिला किसी तस्करी गिरोह से जुड़ी है या नहीं.

दिल्ली कस्टम्स विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया है. अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा है. कस्टम्स अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी यात्री विदेशी यात्राओं से लौटते हैं, उन्हें अपने साथ लाए गए कीमती सामान या सोने के बारे में घोषणा (declaration) करनी चाहिए. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Medify Smart Revolutionizes Rural Healthcare With Local Ambassadors & AI-Powered E-Clinics

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Hyderabad, 30 October 2025:

Medify Smart is transforming rural healthcare by appointing Local Health Ambassadors and deploying AI-powered Smart E-Clinics across villages. This approach ensures personalized, accessible, and affordable healthcare reaches communities that traditionally face medical shortages.

How Local Ambassadors Drive Change

Ambassadors, selected from each village, are trained to:

Educate families about preventive care and telemedicine

Facilitate Health Connect Membership registrations

Guide villagers in using AI diagnostic kiosks

These ambassadors act as trusted intermediaries, increasing awareness, driving adoption, and providing real-time community feedback to optimize Medify Smart’s offerings.

Smart E-Clinics for Holistic Care

Equipped with AI-enabled diagnostic tools, E-Clinics provide rapid health screenings, tele consultations, and preventive care programs. Membership holders enjoy unlimited access to diagnostics and doctor consultations, making healthcare affordable and continuous.

Leadership Statements

Dr. Neeraj, Founder & CEO, said:

> “Our rural strategy brings healthcare to the doorstep of every Indian family through technology and community engagement.”

 

Mr. Suresh, Associate Partner, added:

> “By integrating local ambassadors with AI-enabled services, we are creating a scalable model that truly bridges the rural-urban healthcare gap.”

 

Dr. Nicky Dabas, Advisory Board Member, stated:

> “Combining preventive care, nutrition, and AI-driven diagnostics empowers rural communities to manage health proactively.”

 

Future Vision: Medify Smart plans to expand to 500+ pincodes, reaching over 300 million households, and establish 100+ E-Clinics by March 2026.

www.medifysmarthealth.com

तीनों सेनाओं को मिलेंगे घातक हथियार; ₹79000 करोड़ की मंजूरी

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agniनई दिल्‍ली। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) को और अधिक घातक बनाने के उद्देश्य से 79000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी प्रदान की है। इस धनराशि का उपयोग तकनीक और आधुनिक हथियारों के विकास एवं अधिग्रहण में किया जाएगा, जिससे हमारे जवान और सशक्त हो सकेंगे। इन परियोजनाओं के तहत नाग मिसाइलों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक्स का निर्माण होगा, जिससे समुद्री अभियानों के माध्यम से स्थलीय संचालन अधिक सुगम हो जाएगा। उन्नत हल्के टॉरपीडो की खरीद भी होगी, जो महासागर में शत्रु पनडुब्बियों को ध्वस्त करने में सहायक सिद्ध होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद खरीद पर यह दूसरा बड़ा फैसला है। पांच अगस्त को 67000 करोड़ रुपये की खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीएसी ने लगभग 79 000 करोड़ रुपये की कुल लागत के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। भारतीय नौसेना के लिए, लैंडिंग प्लेटफ़ॉर्म डॉक्स (एलपीडी), 30 मिमी नेवल सरफेस गन (एनएसजी), एडवांस्ड लाइट वेट टॉरपीडो (एएलडब्ल्यूटी), इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इन्फ्रा-रेड सर्च एंड ट्रैक सिस्टम और 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट के लिए गोला-बारूद की खरीद को मंजूरी दी गई।

 

एलपीडी की खरीद से भारतीय नौसेना को भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के साथ जल-थल अभियानों को अंजाम देने में मदद मिलेगी। एलपीडी द्वारा प्रदान की गई एकीकृत समुद्री क्षमता भारतीय नौसेना को शांति अभियानों, मानवीय सहायता और आपदा राहत में भी मदद करेगी। बयान में कहा गया है कि डीआरडीओ की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एएलडब्ल्यूटी को शामिल करने से पारंपरिक, परमाणु और छोटी पनडुब्बियों को निशाना बनाया जा सकेगा।

 

इसमें कहा गया कि 30 मिमी एनएसजी की खरीद से भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और समुद्री डकैती विरोधी भूमिकाओं को निभाने की क्षमता में वृद्धि होगी। भारतीय सेना के लिए, नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-दो (एनएएमआईएस), ग्राउंड बेस्ड मोबाइल ईएलआईएनटी सिस्टम (जीबीएमईएस) और मैटेरियल हैंडलिंग क्रेन सहित हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (एचएमवी) की खरीद को लेकर स्वीकृति प्रदान की गई।

एनएएमआईएस (ट्रैक्ड) की खरीद से भारतीय सेना की दुश्मन के लड़ाकू वाहनों, बंकरों और अन्य क्षेत्रीय किलेबंदी को निष्क्रिय करने की क्षमता बढ़ेगी, जबकि जीबीएमईएस दुश्मन के उत्सर्जकों की चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी प्रदान करेगा। एचएमवी के शामिल होने से विविध भौगोलिक क्षेत्रों में सेनाओं की रसद सहायता में उल्लेखनीय सुधार होगा। वायु सेना के लिए, समन्वित लंबी दूरी लक्ष्य संतृप्ति/विनाश प्रणाली (सीएलआरटीएस/डीएस) और अन्य प्रस्तावों के लिए मंजूरी दी गई। सीएलआरटीएस/डीएस में मिशन क्षेत्र में स्वचालित टेक-ऑफ, लैंडिंग, नेविगेशन, पता लगाने और पेलोड पहुंचाने की क्षमता है।

भारत ने दिखाई ऑपरेशन सिंदूर से समुद्री ताकत, राजनाथ सिंह ने बताया कैसे नौसेना ने पाकिस्तानी युद्धपोतों को रोका

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान नौसेना की तैयारियों, पेशेवर क्षमता और ताकत की सराहना करते हुए गुरुवार को खुलासा करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) के अपने दम-खम पर पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोतों को उसके तटीय क्षेत्रों से आगे नहीं बढ़ने दिया। सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और क्षमता का प्रतीक बताते हुए जोर देकर कहा कि यह दुनिया के लिए संदेश है कि भारत किसी भी तरह की चुनौती का जवाब देने के लिए हमेशा तैयार है।

रक्षा मंत्री ने नौसेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान दुनिया ने नौसेना की संचालन तत्परता, पेशेवर क्षमता और ताकत देखी। उन्होंने पाकिस्तान के युद्धपोतों को बंदरगाह या उसके तट के पास ही रहने के लिए मजबूर करने वाली प्रतिरोधक स्थिति बनाने के लिए नौसेना की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिन्द महासागर क्षेत्र (आईओआर) में भारतीय नौसेना की उपस्थिति ‘मित्र देशों के लिए राहत’ और ‘क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों के लिए बेचैनी’ का सबब है।

राजनाथ सिंह ने कहा, “आईओआर समकालीन भू-राजनीति का केंद्र बन गया है। यह अब निष्क्रिय नहीं रहा, यह प्रतिस्पर्धा और सहयोग का क्षेत्र बन गया है।” भारतीय नौसेना ने अपनी बहुआयामी क्षमताओं से इस क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है। पिछले छह महीनों में भारतीय युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसेना के विमानों को अभूतपूर्व पैमाने पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, हमारी नौसेना ने लगभग 335 व्यापारी जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया है, जो लगभग 12 लाख टन माल और 5.6 अरब डॉलर के व्यापार मूल्य के बराबर है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत अब वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में एक विश्वसनीय और सक्षम भागीदार बन गया है।

आत्मनिर्भर नौसेना को आत्मविश्वासी और शक्तिशाली राष्ट्र की नींव बताते हुए रक्षा मंत्री ने स्वदेशी उपकरणों के माध्यम से अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के ध्वजवाहक के रूप में उभरने के लिए भारतीय नौसेना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में, नौसेना के लगभग 67 प्रतिशत पूंजी अधिग्रहण अनुबंध भारतीय उद्योगों के साथ हुए हैं। यह साबित करता है कि अब हम केवल आयात पर निर्भर नहीं हैं। हम अपनी प्रतिभा और एमएसएमई व स्टार्ट-अप की क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। भारतीय नौसेना आईडेक्स, टीडीएफ, स्प्रिंट और मेक-इन-इंडिया के तहत 194 नवाचार और स्वदेशीकरण परियोजनाओं पर काम कर रही है। इन पहलों ने न केवल नौसेना को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि निजी उद्योगों और युवा नवप्रवर्तकों को भी इस मिशन का हिस्सा बनाया है।”

आधुनिक युद्धों को प्रौद्योगिकी और खुफिया जानकारी पर आधारित बताते हुए रक्षा मंत्री ने सरकार रक्षा, स्वदेशी नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों में आत्मनिर्भरता पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, “समुद्री तैयारी अब केवल जहाजों या पनडुब्बियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रौद्योगिकी -संचालित, नेटवर्क-केंद्रित और स्वायत्त प्रणालियों पर आधारित है। हमें इन क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए, अपने विरोधियों की आधुनिक तकनीकों से खुद को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। हमारे पास क्षमता और योग्यताएं हैं। हम अपने उपकरण अपनी धरती पर ही बना रहे हैं।”

Dr. Gaurav Saxena: Bridging Spirituality and Technology for the Modern World

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Renowned astrologer and Supreme Court advocate Dr. Gaurav Saxena is redefining spirituality through his company Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd., merging Sanatan wisdom with cutting-edge digital innovation.

About Dr. Gaurav Saxena

Dr. Gaurav Saxena is a visionary leader, renowned astrologer, spiritual healer, numerologist, vastu and Lal Kitab expert, and Advocate at the Supreme Court of India.
As the Founder & CEO of Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd., his life’s mission is to bridge ancient Sanatan wisdom with modern science and technology, making spirituality accessible, practical, and empowering for today’s generation.

With a deep belief that “knowledge is transformation when guided by truth,” Dr. Saxena has dedicated his career to integrating astrology, numerology, vastu, and healing sciences with digital innovation. His work inspires millions to achieve balance, clarity, and prosperity through the power of self-awareness and divine wisdom.

He is also the Founder of Bhagwat Prapti Sandesh Media and the Bhagwat Prapti Sandesh Foundation, which serve as his platforms to educate, heal, and uplift society through knowledge, service, and faith.

🕉️ About Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd.

Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd. stands as a first-of-its-kind spiritual-tech organization in the world — offering seven complete astrology and divination services on one digital platform.
Rooted in the company’s guiding philosophy — “From Sanatan Roots for Modern Souls” — it harmonizes spiritual depth with digital innovation to help people find peace, purpose, and prosperity.

🌐 Official Platforms:

1. www.bhagwatpraptisandesh.com
Astrology & Divination Reports: Astrology, Horoscope, Numerology, Lal Kitab, Ravan Samhita, Bhrigu Nandi Vastu, KP Astrology, Vedic Astrology, and Nadi Astrology.

2. www.bhagwatpraptisandesh.in
Spiritual Jewellery & Healing Products: Rudraksha pendants, crystal bracelets, money pyrite bracelets, and mantra-energized accessories.

3. www.bhagwatpraptisandesh.online
Spiritual Learning & Courses: Certified online programs in Astrology, Numerology, Vastu, Reiki, Healing, Tarot, and Sanatan Studies.

 

Each platform reflects Dr. Saxena’s vision — empowering individuals through knowledge, healing, and self-transformation.

📚 Book Authored

“Bhagwat Prapti Sandesh – The Perfect Fusion of Spirituality and Technology for Success”
This acclaimed book by Dr. Saxena encapsulates his philosophy of merging spiritual understanding with modern thought. It serves as a guide for seekers to find clarity in life, career, health, and relationships through timeless principles presented in a contemporary way.

🏛️ Bhagwat Prapti Sandesh Foundation

The Bhagwat Prapti Sandesh Foundation is a Public Charitable & Religious Trust dedicated to social, spiritual, and national upliftment.
Registered under The Indian Trusts Act, 1882, the Foundation works across India in areas such as:

Health & Medical Relief

Education & Skill Development

Environment & Climate Action

Women & Child Empowerment

Cow Protection & Sanatan Dharma Promotion

Spiritual Awareness & Cultural Preservation

Under Dr. Saxena’s leadership, the foundation aims to make Sanatan values globally relevant — combining ancient dharmic principles with the Sustainable Development Goals (SDGs).

⚖️ Legal & Professional Expertise

Alongside his spiritual work, Dr. Gaurav Saxena holds qualifications in LLB and LLM and practices as a para-legal specialist and advocate at the Supreme Court of India.
He offers legal case drafting, counseling, and advisory services, focusing on ethical, solution-oriented, and socially conscious legal practice.

🏅 Achievements & Recognitions

🥇 Gold Medal – Bharat Gaurav Samman for excellence in Astrology, Spiritual Science & Social Development.

🌍 Worldwide Book of Records recognition for spiritual contribution and global awareness.

🏆 International Futuristic Award for bridging technology and spirituality through education.

📜 Honorary Doctorate in Spiritual Science & Social Work recognizing his contribution to astrology and public service.

 

💫 Vision & Mission

Vision:
To make ancient Sanatan knowledge accessible to every modern soul through science, technology, and compassion.

Mission:
To empower individuals spiritually, emotionally, and intellectually — enabling them to achieve success with peace, purpose, and dharmic awareness.

💻 Digital Presence & Social Impact

Dr. Gaurav Saxena actively shares his insights on social media, reaching thousands through motivational content, astrological predictions, and educational videos.
His digital presence reflects authenticity, positivity, and real human connection — inspiring youth to rediscover faith through understanding, not fear.

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🌟 Closing Note

“Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd.” is not just an organization — it is a movement to bring spiritual truth, emotional healing, and intellectual awakening to modern society.
Led by Dr. Gaurav Saxena, it symbolizes the powerful fusion of ancient dharma and digital innovation, guiding humanity “From Sanatan Roots for Modern Souls.”