ममता बनर्जी ने एसआईआर को बताया वोटबंदी.. कहा- उनका गला भी काट सकती है…

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) (Special Intensive Revision (SIR) of Electoral Rolls) कराने को ‘वोटबंदी’ करार दिया। साथ ही उन्होंने आयोग से यह प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। बनर्जी ने कहा कि भाजपा (BJP) एसआईआर के खिलाफ बोलने पर उन्हें जेल भेज सकती है या उनका गला भी काट सकती है। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की जल्दबाजी को समझ नहीं पा रही हैं।

ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में मीडिया से कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। जैसे कुछ मुद्राओं को चलन से बाहर करना ‘नोटबंदी’ थी, वैसे ही एसआईआर ‘वोटबंदी’ है। उन्होंने कहा कि यह ‘सुपर इमरजेंसी’ का ही एक और रूप है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की इतनी जल्दी मुझे समझ नहीं आ रही। निर्वाचन आयोग को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी चाहिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण दो या तीन महीने में पूरा नहीं हो सकता। इसे जबरन अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से लोगों के मताधिकार पर अंकुश नहीं लगाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने जीएसटी की आलोचना की और इसे एक भूल बताया और कहा कि इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को जीएसटी के नाम पर लूट रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में राहत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने पेश किया गया। वकील ने कि याचिका को मंगलवार को सूचीबद्ध किए जाने का यह कहते हुए अनुरोध किया कि अन्य राज्यों में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर कल सुनवाई होनी है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पहले से ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, जहां याचिकाकर्ता ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने और प्रक्रिया की अदालत की निगरानी में निगरानी की मांग की है। हाई कोर्ट ने हाल ही में चुनाव आयोग को संशोधन के लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की व्याख्या करते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।

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क्या बागेश्वर बाबा की पदयात्रा में शामिल होंगे प्रेमानंद महाराज? सामने आया नया अपडेट

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नई दिल्ली: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) द्वारा शुरू की गई ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ को लेकर देश भर के सनातन धर्म प्रेमियों में भारी उत्साह है. यह पदयात्रा मंगलवार को दिल्ली से शुरू हो चुकी है, जो अगले 10 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 16 नवंबर को छटीकरा चार धाम से वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में होगा. हालांकि, इस पदयात्रा को लेकर एक बड़ा प्रश्न संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों के मन में जिज्ञासा पैदा कर रहा है: क्या प्रेमानंद महाराज भी इस महत्वपूर्ण ‘सनातन एकता पदयात्रा’ में शामिल होंगे? आइए जानते हैं बाबा बागेश्वर के आमंत्रण और प्रेमानंद महाराज की संभावित भागीदारी से जुड़ी अब तक की पूरी जानकारी.

आपको बता दें कि आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पिछले महीने ही अचानक वृंदावन पहुंचकर सभी को चौंका दिया था. वह सीधे श्री राधा केलिकुंज पहुंचे और प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी से भेंट की. यह मुलाकात न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसका एक खास उद्देश्य भी था. इस भेंट के दौरान, बागेश्वर बाबा ने अपनी आगामी सनातन एकता पदयात्रा का आमंत्रण स्वयं प्रेमानंद महाराज को दिया था. प्रेमानंद महाराज ने बाबा बागेश्वर का स्नेहपूर्वक गले लगाकर स्वागत किया और उनके आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार भी किया था. दोनों संतों के बीच लगभग पंद्रह मिनट तक गहन आध्यात्मिक चर्चा हुई, जिसमें मुख्य रूप से सनातन धर्म की एकता, समाज में जागरूकता और धर्म प्रचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया था.

‘सनातन एकता पदयात्रा’ का मुख्य उद्देश्य देश भर में सनातन संस्कृति के प्रति एकता और जागरूकता का संदेश फैलाना है. चूंकि प्रेमानंद महाराज स्वयं सनातन धर्म के प्रचारक हैं, इसलिए उनकी भागीदारी को लेकर उत्सुकता चरम पर है. मुलाकात के दौरान, संत प्रेमानंद महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि वह भाव रूप में इस यात्रा में सम्मिलित रहेंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी की यह पहल सनातन धर्म को एक नई और सकारात्मक दिशा देगी. आपको बता दें बागेश्वर धाम की ओर से यह बताया गया है कि प्रेमानंद महाराज को निमंत्रण भेजा गया है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से पदयात्रा में शामिल होने की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए प्रेमानंद महाराज इस यात्रा में शारीरिक रूप से शामिल होंगे या नहीं, इसके बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. अब भक्तों को अब 16 नवंबर को वृंदावन में होने वाले समापन का इंतजार है, ताकि यह साफ हो सके कि सनातन धर्म के इन दो प्रमुख संतों का संगम इस पदयात्रा के दौरान हो पाता है या नहीं.

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7 एग्जिट पोल में फिर एनडीए सरकार?

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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपने-अपने एग्जिट पोल अनुमान मंगलवार शाम चुनाव ख़त्म होते ही जारी कर दिए गए हैं। मैट्रिज, जेवीसी, एक्सिस माई इंडिया (प्रदीप गुप्ता), सी-वोटर, दैनिक भाष्कर और चाणक्य ने एग्जिट पोल अनुमान किया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में हुए थे। 6 नवंबर को हुए पहले चरण में 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 67.14 प्रतिशत मतदान हुआ। मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग नतीजों की घोषणा करेगा। 243 विधानसभा सीटों में से, एनडीए के सीट बंटवारे के तहत जदयू और भाजपा को 101-101 सीटें आवंटित की गई हैं।
– दिल्ली सट्टा बाजार अनुमान-
भाजपा: 69-71
जदयू: 59-61
राजद: 67-69
एनडीए: 142-145
महागठबंधन: 88-91
भविष्यवाणी: एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद।
2) मैट्रिज-आईएएनएस 
एनडीएः 147-167
महागठबंधनः 70-90
जन सुराजः 0-2
अन्यः 2-8।
3) पीपल्स इंसाइट-
एनडीएः 133-148
महागठबंधनः 87-102
जन सुराजः 0-2
अन्यः 3-6।
4) जेवीसी पोल-
एनडीएः 130-150
महागठबंधनः 88-103
जन सुराजः 0-2
अन्यः 3-6।
5) दैनिक भाष्कर 
एनडीएः 145-160
महागठबंधनः 73-91
जन सुराजः 0-2
अन्यः 5-10।
6) पीपुल्स पल्स-एनडीटीवी इंडिया
एनडीए: 133-159
महागठबंधन: 75-101
अन्य: 02-08।
7) ईटी एग्जिट पोल-
एनडीएः 135-150
महागठबंधनः 88-103
अन्यः 3-7।

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News Desk

ये हैं दिल्ली ब्लास्ट के ‘मास्टरमाइंड डॉक्टर’..!

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दिल्ली.  पहला डॉ. उमर मोहम्मद, दूसरा डॉ. मुजम्मिल शकील और तीसरा डॉ. आदिल अहमद… इनमें से आदिल के घर से एके-47 भी मिली थी… एक तरह से बहुत बड़ी साजिश (Big conspiracy) को भी हमारे देश की सुरक्षा एजेंसियों (security agencies) ने नाकाम किया है, क्योंकि सोमवार सुबह ही फरीदाबाद (Faridabad) और जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में एक ज्वाइंट ऑपरेशन चला था, जिसमें दो अलग-अलग घरों से करीब 2,900 किलो आईईडी बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला बारूद बरामद हुए थे… इससे पहले भोपाल से भी एक आतंकी, जो सीए की तैयारी कर रहा था उसे भी दिल्ली पुलिस ने उठाया था… खबर है कि पिछले कई महीनों से एक बड़े आतंकी नेटवर्क को धराशायी करने में हमारी सुरक्षा एजेंसियां जुटी थीं और कल हुए इस हमले के बाद धरपकड़ और भी तेज हो चुकी..!

 

इतिहास रचा जम्मू-कश्मीर ने, 65 साल बाद दिल्ली को रणजी ट्रॉफी में दी शिकस्त

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नई दिल्ली: सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल के शानदार शतक की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने मंगलवार को यहां दिल्ली को सात विकेट से शिकस्त देकर इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 65 साल में पहली जीत दर्ज की। दिल्ली क्रिकेट की गिरती साख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टीम तीन घरेलू मैचों में सिर्फ चार अंक हासिल कर सकी।  

दिल्ली को किसी चमत्कार की आस
दिल्ली कुल सात अंकों के साथ ग्रुप डी में आठ टीमों के बीच छठे स्थान पर है और उसे नॉकआउट के लिए क्वालिफाई के लिए चमत्कार की जरूरत होगी। सात बार की रणजी चैंपियन दिल्ली की टीम के इस तरह के पतन के कई कारण है जिसमें संदिग्ध चयन, खराब रणनीतियां, चतुर कप्तानी के अभाव के अलावा दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में गुटबाजी और अंदरूनी कलह प्रमुख है।

दिल्ली पर जम्मू-कश्मीर की पहली जीत
दिल्ली और जम्मू-कश्मीर की टीमों ने 1960 से अब तक 43 बार एक दूसरे का आमना सामना किया है और इनमें से 37 मैचों में दिल्ली ने जीत दर्ज की है जबकि जम्मू-कश्मीर की यह पहली जीत है। जीत के लिए 179 रन का पीछा कर रही जम्मू कश्मीर को मैच के आखिरी दिन 124 रन की जरूरत थी। सलामी बल्लेबाज इकबाल ने 147 गेंद में नाबाद 133 रन बनाकर जम्मू कश्मीर को आसान जीत दिला दी।

इकबाल का शतक
जम्मू-कश्मीर ने दिन की शुरुआत दूसरी पारी में 55 रन पर दो विकेट से आगे से की। इकबाल ने रात्रि प्रहरी वंशज शर्मा (60 गेंद में आठ रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी कर दिल्ली को जीत से दूर कर दिया। बीते दिन जिस पिच पर बल्लेबाजों को परेशानी का सामना करना पड़ा था वहां इकबाल ने खुद जिम्मेदारी उठाते हुए मनन भारद्वाज और ऋतिक शौकिन जैसे दिल्ली के स्पिनरों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की। इन स्पिनरों को पिच से कोई खास मदद नहीं मिली। इकबाल ने शतक पूरा करने के बाद एक हाथ से स्लॉग स्वीप पर मन मुताबिक छक्के जडे।

डोगरा ने पहली पारी में जड़ा सैकड़ा
जम्मू-कश्मीर के कप्तान 40 साल के दिग्गज पारस डोगरा ने भी इस मैच की पहली पारी में शतक लगाकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। अपने 22वें प्रथम श्रेणी सत्र रणजी ट्रॉफी में रनों के मामले में मुंबई के दिग्गज वसीम जाफर के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गये डोगरा ने इस सत्र में मुंबई और दिल्ली दोनों के खिलाफ शतक बनाए। दिल्ली के पिछले सत्र में खराब प्रदर्शन के बावजूद एक गुट के दबाव में शरणदीप को मुख्य कोच बनाए रखा गया। कप्तान आयुष बदोनी ने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया लेकिन डीपीएल में शीर्ष स्कोरर अर्पित राणा अच्छी तेज गेंदबाजी का डटकर सामना नहीं कर पाये। प्रियांश आर्य जैसे सकारात्मक सलामी बल्लेबाज़ को पहले दो मैचों में बेंच पर बैठाया गया और फिर चौथे नंबर पर खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस हार के बाद डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली के सख्त रुख अपनाने की उम्मीद है।

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दिल्ली कार ब्लास्ट पर सीएम मोहन यादव ने जताया दुख, महाकाल मंदिर समेत पूरे प्रदेश में सुरक्षा बढ़ाई गई

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Delhi Blast Reaction: दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके ने पूरे देश को हिला दिया है। इस हादसे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख जताया है। सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में नागरिकों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुखद है। दिवंगतों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और बाबा महाकाल से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

घटना के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों पर सघन जांच की जा रही है। साथ ही, पूरे उज्जैन शहर में चेकिंग अभियान तेज कर दिए गए हैं।

प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। मध्य प्रदेश डीजी इंटेलिजेंस ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। रेलवे स्टेशनों पर RPF और पुलिस टीमों द्वारा बैग जांच, डॉग स्क्वॉड और एक्स-रे मशीनों की सहायता से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली धमाके से पहले मध्य प्रदेश से दो संदिग्ध युवकों — कामरान और आदनान — को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर आतंकवादी संगठन ISIS से संपर्क में रहने और धमाका करने की साजिश रचने का आरोप है।

दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद अब मध्य प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

सैमसन के CSK जाने की स्थिति में, RR के कप्तान की दौड़ में सिर्फ दो नाम; रियान पराग बाहर

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नई दिल्ली: आईपीएल की नीलामी से पहले एक बड़ा खिलाड़ी ट्रांसफर सुर्खियों में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स (RR) छोड़कर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से जुड़ सकते हैं। हालांकि इस सौदे पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार दोनों फ्रेंचाइजियों ने बातचीत शुरू कर दी है।

आईपीएल के नियमों के मुताबिक, दोनों टीमें पहले आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को इस सौदे की जानकारी देंगी और तीन खिलाड़ियों के नाम भेजेंगी। खिलाड़ियों की लिखित सहमति के बाद ही यह डील फाइनल होगी और फिर गवर्निंग काउंसिल से मंजूरी मिलेगी।

जुरेल और यशस्वी में से कोई नया कप्तान?
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर संजू सैमसन सीएसके में जाते हैं, तो ध्रुव जुरेल या यशस्वी जायसवाल में से किसी एक को राजस्थान रॉयल्स का नया कप्तान बनाया जा सकता है। दोनों खिलाड़ी टीम के युवा, लेकिन भरोसेमंद नाम हैं और हाल के वर्षों में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं।

सैमसन का RR में सफर, 11 सीजन खेले
संजू सैमसन 2013 में राजस्थान रॉयल्स से जुड़े थे और तब से फ्रेंचाइजी का चेहरा रहे हैं। 19 साल की उम्र में टीम में शामिल हुए सैमसन को 2014 सीजन से पहले ही रिटेन किया गया था।

2016-17 में टीम के निलंबन के बाद वे 2018 में लौटे और 2021 में कप्तान बने। उनकी कप्तानी में राजस्थान ने 2022 का आईपीएल फाइनल खेला, जो 2008 के बाद उनका पहला फाइनल था।

आंकड़े बताते हैं सैमसन की अहमियत
संजू ने राजस्थान के लिए 67 मैचों में कप्तानी की, जिनमें 33 जीते और 33 हारे। 2024 उनका सबसे सफल आईपीएल सीजन रहा। उन्होंने 531 रन बनाए और औसत 48.27 का रहा। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 153.47 का है। 2025 में उन्हें 18 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया, लेकिन साइड इंजरी के कारण सीजन के बीच में ही बाहर होना पड़ा।

इसके बाद टीम की लय बिगड़ गई और RR 10 में से नौवें स्थान पर रही। सैमसन ने अब तक राजस्थान के लिए 4,027 रन, 25 फिफ्टी+ स्कोर और 149 कैच लेकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। 2025 सीजन के बाद उन्होंने मैनेजमेंट से नई शुरुआत की इच्छा जताई, जिसके बाद टीम ट्रेड ऑप्शंस तलाश रही है।

CSK के लिए रवींद्र जडेजा फिर बने चर्चा का केंद्र
दूसरी ओर, रवींद्र जडेजा चेन्नई सुपर किंग्स की रीढ़ माने जाते हैं। 2012 से टीम का हिस्सा रहे जडेजा ने तीन आईपीएल खिताब में अहम भूमिका निभाई। 2023 फाइनल में गुजरात के खिलाफ आखिरी ओवर में जीत दिलाने वाली पारी ने उन्हें अमर कर दिया।

उन्होंने IPL में अब तक 254 मैच खेले हैं, 143 विकेट लिए और कई यादगार पारियां खेली हैं। दिलचस्प बात यह है कि जडेजा का आईपीएल करियर राजस्थान रॉयल्स से ही 2008 में शुरू हुआ था और तब वह 19 साल के थे।

सैम करन का भी नाम चर्चा में
इंग्लैंड ऑलराउंडर सैम करन का नाम भी संभावित ट्रेड लिस्ट में है। उन्होंने पंजाब किंग्स, सीएसके और फिर से पंजाब के लिए खेला, और 2023 में सबसे महंगे खिलाड़ी (₹18.5 करोड़) बने थे। 2025 में सीएसके ने उन्हें कम कीमत पर फिर से साइन किया, हालांकि इस सीजन में उनका प्रदर्शन औसत रहा।

लाल किले के पास धमाके के बाद पुलिस ने जारी की नई एडवाइजरी, जानिए किन रूट्स पर रहेगा प्रतिबंध

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दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। शहर के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने, इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नए डायवर्जन और प्रतिबंध लागू किए हैं।

मंगलवार को जारी ट्रैफिक एडवाइजरी में बताया गया कि “11 नवंबर 2025 को आपात स्थिति के चलते छत्ता रेल कट से सुभाष मार्ग कट तक नेताजी सुभाष मार्ग के दोनों ओर की चौड़ाई और सर्विस रोड पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे।”

पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुबह 6 बजे से अगले आदेश तक इन रास्तों से बचें और परेशानी मुक्त यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। इस दौरान छत्ता रेल कट से सुभाष मार्ग कट तक, और इसके विपरीत दिशा में किसी भी वाहन की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

लाल किला अगले आदेश तक बंद

धमाके के बाद सुरक्षा कारणों से लाल किला को अगले आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। सोमवार शाम करीब 7 बजे हुंडई i20 कार में हुए धमाके में 12 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। घायलों का इलाज दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

घटना की जांच दिल्ली पुलिस, एफएसएल और केंद्रीय जांच एजेंसियां मिलकर कर रही हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके में डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ते और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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2 शादियां, 6 बच्चे और 13 नाती-पोते, जानिए कौन हैं देओल परिवार के सदस्य

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Dharmendra Family Tree: हिंदी सिनेमा के इतिहास में ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की कल तबियत बिगड़ गई था. लेकिन अब उनकी हालत बेहतर बताई जा रही है. 90 वर्षीय यह सुपरस्टार न केवल एक सफल अभिनेता हैं, बल्कि एक दमदार परिवार के मुखिया भी हैं, जिसकी जड़ें तीन पीढ़ियों तक फैली हुई हैं.

धर्मेंद्र का फैमिली ट्री
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था. बचपन से ही उन्हें अभिनय में रुची थी. इसके बाद उन्होंने अपना शानदार करियर इसी काम में बनाया. धर्मेंद्र ने साल 1954 में प्रकाश कौर से अपनी पहली शादी की थी, उस समय उनकी उम्र मात्र 19 साल थी. इस शादी से उनके चार बच्चे (दो बेटे और दो बेटियां) हुए. इसके बाद साल 1980 में धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी से शादी की. इस शादी से उन्हें दो बेटियां हुईं.

धर्मेंद्र के बेटे-बेटियां
धर्मेंद्र के बड़े बेटे सनी देओल बॉलीवुड के एक्शन हीरो के रूप में जाने जाते हैं. उन्हें ‘गदर’, ‘घायल’, ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों से जाना जाता है. धर्मेंद्र के छोटे बेटे बॉबी देओल ने भी फिल्मों में अपना करियर बनाया. ‘गुप्त’, ‘सोल्जर’, ‘रेस 3’ और ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों में शानदार काम किया है.

धर्मेंद्र की कुल चार बेटियां है. पहली पत्नी से विजेता और अजीता देओल फिल्मों से दूर रहती हैं, लेकिन अक्सर परिवारिक आयोजनों में नजर आती हैं. हेमा मालिनी से धर्मेंद्र की दो बेटियां है. उनकी बड़ी बेटी ईशा देओल ने ‘धूम’, ‘ना तुम जानो ना हम’ जैसी फिल्मों से अभिनय की दुनिया में कदम रखा. वहीं, अहाना देओल ने फिल्मों से दूरी बनाई.

धर्मेंद्र के ग्रैंडचिल्ड्रन
रिपोर्ट्स के अनुसार, धर्मेंद्र के बच्चों से उन्हें कुल 13 ग्रैंडचिल्ड्रन हैं, जो परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं. करण देओल और राजवीर देओल जैसे उनके पोते पहले ही बॉलीवुड में अपनी शुरुआत कर चुके हैं.

एग्जिट पोल्स में एनडीए का पलड़ा भारी, महागठबंधन को केवल एक सर्वे ने दिया बहुमत

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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में 11 नवंबर को वोटिंग के बाद एग्जिट पोल सामने आ गए हैं। अधिकतर एक्जिट पोल में एनडीए की बहुमत दिखाई गई है। सर्वे एजंसियों के मुताबिक बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनती दिख रही है. लेकिन एक एग्जिट पोल ऐसा भी है, जिसमें एनडीए को नहीं बल्कि महागठबंधन की सरकार बनती दिखाई गई है।

जर्नो मिरर के सर्वे में महागठबंधन की सरकार

जहां हर एग्जिट पोल बिहार में एनडीए की सरकार बनता दिखा रहा है, वहीं जर्नो मिरर(Journo Mirror) के एग्जिट पोल में महागठबंधन को बहुमत दी गई है। जर्नो मिरर के एग्जिट पोल की मानें तो महागठबंधन की चुनाव में 130 से 140 सीटें आ रही हैं।जबकि एनडीए की 100 से 110 सीटें आ सकती हैं, वहीं बाकी अन्य को 3-6 सीटें दी गई हैं।

चाणक्य स्ट्रेटजी में महागठबंधन को 108 सीटें

इसके अलावा चाणक्य स्ट्रेटजी के एग्जिट पोल में भी एनडीए और महागठबंधन के बीच टक्कर दिखाई दे रही है। चाणक्य स्ट्रेटजी के एग्जिट पोल में 100 से 108 सीटें दी गई हैं। हालांकि चाणक्य स्ट्रेटजी ने भी इसमें एनडीए की सरकार बनने का अनुमान लगाया है। चाणक्य स्ट्रेटजी के मुताबिक एनडीए में बीजेपी को 70 से 75, जेडीयू को 52 से 57, लोजपा(आर) को 14 से 19, आरएलएम को 2 से 3 और जीतनराम मांझी की पार्टी को 0 से 2 सीटें आने का अनुमान लगाया गया है।

RJD को 80 सीटों तक का अनुमान

वहीं अगर महागठबंधन की बात करें तो चाणक्य स्ट्रेटजी के अनुसार इसमें आरजेडी को 75 से 80, कांग्रेस को 17 से 23, वाम दलों को 10 से 16 और वीआईपी पार्टी को 7 से 9 सीटें आने का अनुमान है। हालांकि अधिकांश एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत दी गई है। लेकिन ये सिर्फ एग्जिट पोल के अनुमान हैं। सही आंकड़े 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद ही आएंगे।