ऑपरेशन ‘त्रिशूल’ में भारत की युद्ध शक्ति का प्रदर्शन, अपाचे हेलीकॉप्टर और T-90 टैंक ने लहराया परचम

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पाकिस्तान बॉर्डर के पास जैसलमेर के रेगिस्तान में भारत की तीनों सेनाओं थल सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर जबरदस्त युद्धाभ्यास किया. इस अभ्यास का नाम ऑपरेशन त्रिशूल है. इस अभ्यास में भारत की असली ताकत जमीन से लेकर आसमान तक देखने को मिली है. यह अभ्यास पाकिस्तान से कुछ ही किलोमीटर की दूरी हो रहा है.

रेगिस्तान में उड़ती धूल, गरजते टैंक और आसमान में गड़गड़ाते फाइटर जेट ये किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि भारतीय सेना का सबसे बड़ा रियल-टाइम अभ्यास मरु ज्वाला है. यह अभ्यास ऑपरेशन त्रिशूल का हिस्सा है, जो 12 दिन तक चल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के ठीक 6 महीने बाद ये भारतीय सेनाओं का सबसे बड़ा संयुक्त युद्धाभ्यास है.

हर हालत में सेनाएं तैयार
जहां एक और दिल्ली बम धमाके के बाद देश के सीमा से सटे इलाकों में हाई अलर्ट है. वहीं भारत-पाकिस्तान सीमा पर देश की तीनों सेनाएं अपनी युद्ध की तैयारियों को धार दे रही हैं. जिससे घबरा कर पाकिस्तान भी पश्चिमी सीमा पर हाई अलर्ट मोड में है. इस अभ्यास का मकसद है किसी भी परिस्थिति में, किसी भी इलाके में, एक साथ कार्रवाई करने की क्षमता को परखना है.

ऑपरेशन त्रिशूल के इस अभ्यास ने साफ कर दिया है कि भारत की सेनाएं न सिर्फ तकनीकी रूप से तैयार हैं, बल्कि किसी भी हालात में दुश्मन को जवाब देने की पूरी ताकत रखती हैं.

T90 टैंक की क्या हैं खासियत?
T-90 टैंक को सामान्य रास्ते पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है. जबकि उबड़ खाबड़ रास्ते पर इसकी अधिकतम रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे के करीब होती है.
इसे रूस के निझ्नी तागिल में उरालवैगनजावोद फैक्ट्री में बनाया जाता है.
T-90 टैंक कहीं भी ले जाए जा सकते हैं.
दुश्मन से बचाव के लिए T90 टैंक में Kaktus K-6 एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर होता है.

रेत के समंदर में तपते मरुस्थल पर चले इस अभियान ने सेना के जवानो की युद्ध कौशल को निखारा है. लेकिन, उससे भी बड़ी बात इन हथियारों में से ऐसे कई जंगी हथियार, टैंक और हेलीकॉप्टर, होवित्जर गन और एयर रडार सिस्टम है. जिन्हें LOC और LAC की सीमा पर तैनात किया जा चुका है.

पहली बार युद्धाभ्यास में गरजे अपाचे हेलीकॉप्टर!
भारतीय सेना ने पहली बार अपने युद्धाभ्यास में शामिल किए गए अमेरिकी अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टरों ने आसमान से दुश्मन के ठिकानों पर निशाना साधा। इन्हें उड़ता हुआ टैंक कहा जाता है और अब ये भारत की थल सेना का हिस्सा हैं. भारतीय सेना को अमेरिका से तीन AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की पहली खेप जून 2025 में हिंडन एयरबेस पर मिली थी. ये वही मॉडल हैं जो पहले भारतीय वायुसेना के पास थे, लेकिन अब थल सेना के लिए अलग से तैयार किए गए हैं.

इन हेलीकॉप्टरों की खासियत है. इनकी जबरदस्त मारक क्षमता है. ये हेलफायर मिसाइल, हाइड्रो रॉकेट, और स्टिंगर मिसाइल से लैस हैं. साथ ही इनमे लगी 30 मिमी की चेन गन 1,200 राउंड गोला बारूद से एक साथ हमला कर सकती है. इन हेलीकॉप्टरों में 360 डिग्री कवरेज वाला रडार, टारगेट एक्विजिशन सिस्टम और नाइट विज़न कैमरे लगे हैं, जो दिन और रात दोनों वक्त दुश्मन को सटीक निशाना बना सकते हैं.

इस बार ये अपाचे हेलीकॉप्टर जैसलमेर के रेगिस्तान में चल रहे ऑपरेशन त्रिशूल और मरु ज्वाला युद्धाभ्यास में पहली बार शामिल हुए. यहां इन्होंने टी-90 टैंकों और थल सेना के जवानों को हवा से कवर फायर दिया. फिलहाल इनका प्रशिक्षण महाराष्ट्र के नासिक स्थित आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में चल रहा है. जल्द ही इन्हें जोधपुर के नगतलाओ बेस पर तैनात किया जाएगा, जिससे पश्चिमी सीमा पर सेना की हवाई ताकत और बढ़ जाएगी.

जिमी केमिल के शो से जुड़े क्लेटो एस्कोबेडो नहीं रहे, 59 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

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मुंबई: जिमी किमेल के लंबे समय के दोस्त और उनके शो के बैंड लीडर र क्लेटो एस्कोबेडो III का 59 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। कॉमेडियन ने एक भावुक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने दोस्त के निधन की खबर की पुष्टि की और साथ बिताए समय को याद किया है। 

दिग्विजय सिंह ने दिल्ली धमाकों को बताया बिहार चुनाव में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण का प्रयास!

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भोपाल। दिल्ली (Delhi) में लालकिले (Red Fort) के बाहर हुए धमाके को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Congress leader Digvijay Singh) ने केंद्र सरकार (Central Government) पर हमला बोला है। वो इस घटना को बिहार चुनाव (Bihar elections) में हिंदू मुस्लिम ध्रुवीकरण (Hindu-Muslim polarization) करने का प्रयास के रूप में देख रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पीएमओ और अमित शाह को टैग कर लिखा, ”अमित शाह जी आप #BiharElection2025 में व्यस्त हैं और दिल्ली में लाल क़िले पर बम फट रहा है। NSA IB CP-दिल्ली क्या कर रहे थे? क्या इन लोगों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? क्या इन पर कोई कार्रवाई होगी? या फिर इसे बिहार चुनाव में हिंदू मुस्लिम ध्रुवीकरण करने का प्रयास होगा? देखते हैं। जिन निर्दोष लोगों की जान चली गई उन सभी के परिवार जनों को हमारी संवेदनाएं। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। शासन उनके परिवार जनों को पूर्ण न्याय दिलायें।”

विस्फोट में 9 लोगों की मौत और 20 घायल, कई वाहन जलकर खाक
दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से गुजर रही एक कार में सोमवार शाम जबर्दस्त विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में व्यस्त समय में हुए विस्फोट के कारण आसपास मौजूद कई वाहन जलकर खाक हो गए, जबकि कई गाड़ियों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। उन्होंने बताया कि विस्फोट में घायल लोगों को लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि जिस कार में विस्फोट हुआ, उसमें 3 लोग सवार थे और इस बात की जांच की जा रही है कि क्या यह आत्मघाती हमला था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘विस्फोट एक चलती हुंडई आई20 कार में हुआ, जिसमें तीन लोग सवार थे। हमें घायलों के शरीर में कोई छर्रा या ‘पंचर’ नहीं मिला है, जो बम विस्फोट में असामान्य है। हम सभी एंगल से जांच कर रहे हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने देर शाम कार मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया और उससे वाहन के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बताया कि उसने डेढ़ साल पहले ओखला में देवेंद्र नामक एक व्यक्ति को यह वाहन बेच दिया था। अधिकारी ने बताया कि बाद में वाहन को अंबाला में किसी को बेच दिया गया और फिर इसे पुलवामा में तारिक नामक व्यक्ति को बेच दिया गया। पुलिस उन लोगों का पता लगा रही है। दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, साथ ही वाहनों की जांच भी तेज कर दी गई है। विस्फोट के बाद जलती कारों से आग की लपटें उठने से इलाके में दहशत फैल गई।

दूल्हे का रंग था काला, दुल्हन ने शादी के 8 दिन बाद किया सुसाइड; रेलवे ट्रैक पर मिला शव

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कौशाम्बी। कौशाम्बी जिले (Kaushambi District) से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां शादी के सिर्फ आठ दिन बाद एक नवविवाहिता (Newly Married) का शव रेलवे ट्रैक (Railway Tracks) पर क्षत-विक्षत (Mutilated Condition) हालत में मिला। शव मिलने की जानकारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस (Police) मामले की जांच में जुटी है। वहीं महिला (Women) के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक बीते 2 नवंबर को महिला की शादी हुई थी। वह शादी के बाद मायके आई थी। रविवार के शाम को वह लापता हो गई थी, जिसके बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला है।

दरअसल, कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के मरधरा मानव रहित फाटक के पास सुबह एक नवविवाहिता का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने जब शव देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मृतका की पहचान रिंकी देवी के रूप में हुई है। रिंकी की शादी 2 नवंबर को चरवा कोतवाली के सीरियावां कला गांव निवासी देशराज के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी रिंकी और उसके परिवार की रजामंदी के बिना कराई गई थी, क्योंकि दूल्हे का रंग काला था।

शुक्रवार को रिंकी मायके से ससुराल लौटी थी और जल्द ही उसका ‘थवन’ होना था। इसी बीच रविवार की शाम अचानक वह घर से बिना बताए लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, और अगले दिन रेलवे लाइन पर उसका शव मिला। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त की। परिजनों को खबर दी गई तो ससुराल और मायके दोनों पक्षों में कोहराम मच गया। सभी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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उत्तराखंड में गणेश गोदियाल बने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, हरक और प्रीतम सिंह को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी

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देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने आज बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की जगह पार्टी के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस संगठन की कमान सौंप दी है. कांग्रेस पार्टी के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किए गए पत्र में चकराता से विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन व पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है.

गणेश गोदियाल की राजनीतिक इतिहास: गणेश गोदियाल के राजनीतिक इतिहास पर नजर डाले तो वो इससे पहले भी उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके है. गोदियाल ने साल 2002 में थैलीसैंण विधानसभा सीट से पहला चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें जीत मिली.

 

 

अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में गणेश गोदियाल ने भाजपा के दिग्गज नेता रमेश पोखरियाल निशंक को करारी हार दी थी. इसके बाद साल 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में गणेश गोदियाल को हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद साल 2012 में हुए परिसीमन के बाद थलीसैंण, श्रीनगर विधानसभा का हिस्सा बन गया.

साल 2012 में भी गणेश गोदियाल ने श्रीनगर विधानसभा से चुनाव लड़ा. इस बार भाजपा से उनके सामने धन सिंह रावत थे. इस चुनाव में गणेश गोदियाल ने धन सिंह रावत को हराया. गणेश गोदियाल की इस जीत के बाद कांग्रेस में उनकी कद बढ़ता चला गया. गणेश गोदियाल कभी सतपाल महाराज के करीबी माने जाते थे. हालांकि सतपाल महाराज के भाजपा में शामिल होने के बाद गोदियाल को कांग्रेस में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.

इसके बाद साथ 2017 में उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव हुए. गणेश गोदियाल श्रीनगर विधानसभा से चुनाव लड़े. तमाम विकास कार्यों के बाद भी इस चुनाव में गणेश गोदियाल मोदी लहर के सामने नहीं टिक पाये. इस चुनाव में बीजेपी के धन सिंह रावत ने उन्हें हराया.

साल 2021 में कांग्रेस ने गणेश गोदियाल को बड़ी जिम्मेदारी दी. 22 जुलाई 2021 में कांग्रेस ने गणेश गोदियाल को उत्तराखंड कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था. इसके बाद साल 2022 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव हुये. जिसमें गणेश गोदियाल ने फिर से श्रीनगर विधानसभा से ताल ठोकी. इस बार भी गोदियाल को हार का सामना करना पड़ा. 2022 में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद गणेश गोदियाल को अध्यक्ष पद से हाथ धोना पड़ा था. साल 2024 में गणेश गोदियाल कांग्रेस के टिकट पर गढ़वाल लोकसभा सीट से लड़े थे, लेकिन उन्हें बीजेपी नेता अनिल बलूनी ने हरा दिया था. गणेश गोदियाल मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के कंडारस्यूं भहेड़ी गांव के रहने वाले है.

विदेश में फंसी भारतीय बेटी! बोली_दत्तक मां मुझ पर धर्म बदलने का दबाव डाल रही है, ओडिशा CM से गुहार

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नई दिल्‍ली । अमेरिकी दंपत्ति द्वारा गोद ली गई एक उड़िया मूल की लड़की के साथ उत्पीड़न का मामला सामने आया है। लड़की ने एक वीडियो के माध्यम से अपने दत्तक माता-पिता पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से मदद की गुहार लगातार घर वापसी कराने की अपील की है।

लड़की की पहचान बालासोर निवासी पूजा उर्फ सेजल के रूप में हुई है। उसने दावा किया कि अमेरिका में उसकी दत्तक माता लगातर उसे प्रताड़ित कर रही है। पूजा ने एक वीडियो संदेश जारी करके राज्य के मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे कोई आज़ादी नहीं है। मुझे बाहर जाने की अनुमति नहीं है। मुझे ठीक से खाना, आराम और नींद नहीं मिलती, फिर भी मुझे घर के सारे काम करने पड़ते हैं। मुझे यहां बहुत प्रताड़ित किया जाता है। मैं जल्द से जल्द ओडिशा लौटना चाहती हूं और मुख्यमंत्री से मदद की अपेक्षा करती हूं।”

वीडियो में पूजा ने कहा कि उसका वीजा 2023 में समाप्त हो गया है, जिससे वह बिना किसी कानूनी दस्तावेज के अमेरिका में फंस गई है। उसने दावा किया कि उसकी दत्तक मां उस पर दूसरा धर्म अपनाने का दबाव बना रही है।

यह मामला तब प्रकाश में आया जब पूजा ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपने पूर्व अनाथालय के साथी अमर दास को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद अमर दास ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे को अधिकारियों के ध्यान में लाया और पूजा को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 2018 में एक अमेरिकी दंपत्ति द्वारा गोद लिए जाने से पहले पूजा चाइल्डलाइन के एक आश्रय गृह में रह रही थी। इससे पहले एक ट्रेन यात्रा के दौरान लापता होने के बाद उसे बचपन में ही बचा लिया गया था। वह पहले नीलगिरि के एक बालिका आश्रय गृह में रही और बाद में भुवनेश्वर के नाहरकांटा स्थित एक बाल गृह में चली गई, जहां उसने गोद लिए जाने तक अपनी पढ़ाई जारी रखी।

दिल्ली ब्लास्ट का प्रेमानंद महाराज की परिक्रमा पर असर, नहीं होंगे संत के दर्शन

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मथुरा: दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast) के बाद उत्तर प्रदेश के सभी फेमस तीर्थस्थलों (Pilgrimage Sites) को लेकर प्रशासन (Administration) अलर्ट मोड (Alert Mode) पर है. इसी क्रम में मथुरा (Mathura) में भी सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangements) सख्त कर दी गई है. जिसका असर संत प्रेमानंद महाराज (Sant Premanand Maharaj) की सुबह निकलने वाली परिक्रमा में भी देखने मिला. जी हां दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद आज सुबह संत की परिक्रमा स्थगित कर दी गई. यह फैसला प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है.

दरअसल, संत प्रेमानंद महाराज हर रोज सुबह पदयात्रा निकालते हैं, जहां उनके दर्शन करने हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं. भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने मथुरा के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर अलर्ट जारी कर दिया. हाई अलर्ट के चलते और लोगों की सुरक्षा को लेकर संत प्रेमानंद की भी यात्रा फिलहाल के लिए रोक दी गई है. जबसे यह खबर उनके चाहने वाले भक्तों को मिली है तब से वह निराश है. जब आज मंगवार की सुबह दूर-दराज से संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने भक्त पहुंचे तो उन्हें पता चला कि संत की यात्रा स्थगित कर दी गई है.

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ममता बनर्जी ने एसआईआर को बताया वोटबंदी.. कहा- उनका गला भी काट सकती है…

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) (Special Intensive Revision (SIR) of Electoral Rolls) कराने को ‘वोटबंदी’ करार दिया। साथ ही उन्होंने आयोग से यह प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। बनर्जी ने कहा कि भाजपा (BJP) एसआईआर के खिलाफ बोलने पर उन्हें जेल भेज सकती है या उनका गला भी काट सकती है। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की जल्दबाजी को समझ नहीं पा रही हैं।

ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में मीडिया से कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। जैसे कुछ मुद्राओं को चलन से बाहर करना ‘नोटबंदी’ थी, वैसे ही एसआईआर ‘वोटबंदी’ है। उन्होंने कहा कि यह ‘सुपर इमरजेंसी’ का ही एक और रूप है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की इतनी जल्दी मुझे समझ नहीं आ रही। निर्वाचन आयोग को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी चाहिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण दो या तीन महीने में पूरा नहीं हो सकता। इसे जबरन अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से लोगों के मताधिकार पर अंकुश नहीं लगाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने जीएसटी की आलोचना की और इसे एक भूल बताया और कहा कि इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को जीएसटी के नाम पर लूट रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में राहत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने पेश किया गया। वकील ने कि याचिका को मंगलवार को सूचीबद्ध किए जाने का यह कहते हुए अनुरोध किया कि अन्य राज्यों में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर कल सुनवाई होनी है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पहले से ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, जहां याचिकाकर्ता ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने और प्रक्रिया की अदालत की निगरानी में निगरानी की मांग की है। हाई कोर्ट ने हाल ही में चुनाव आयोग को संशोधन के लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की व्याख्या करते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।

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क्या बागेश्वर बाबा की पदयात्रा में शामिल होंगे प्रेमानंद महाराज? सामने आया नया अपडेट

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नई दिल्ली: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) द्वारा शुरू की गई ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ को लेकर देश भर के सनातन धर्म प्रेमियों में भारी उत्साह है. यह पदयात्रा मंगलवार को दिल्ली से शुरू हो चुकी है, जो अगले 10 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 16 नवंबर को छटीकरा चार धाम से वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में होगा. हालांकि, इस पदयात्रा को लेकर एक बड़ा प्रश्न संत प्रेमानंद महाराज के भक्तों के मन में जिज्ञासा पैदा कर रहा है: क्या प्रेमानंद महाराज भी इस महत्वपूर्ण ‘सनातन एकता पदयात्रा’ में शामिल होंगे? आइए जानते हैं बाबा बागेश्वर के आमंत्रण और प्रेमानंद महाराज की संभावित भागीदारी से जुड़ी अब तक की पूरी जानकारी.

आपको बता दें कि आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पिछले महीने ही अचानक वृंदावन पहुंचकर सभी को चौंका दिया था. वह सीधे श्री राधा केलिकुंज पहुंचे और प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी से भेंट की. यह मुलाकात न सिर्फ आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसका एक खास उद्देश्य भी था. इस भेंट के दौरान, बागेश्वर बाबा ने अपनी आगामी सनातन एकता पदयात्रा का आमंत्रण स्वयं प्रेमानंद महाराज को दिया था. प्रेमानंद महाराज ने बाबा बागेश्वर का स्नेहपूर्वक गले लगाकर स्वागत किया और उनके आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार भी किया था. दोनों संतों के बीच लगभग पंद्रह मिनट तक गहन आध्यात्मिक चर्चा हुई, जिसमें मुख्य रूप से सनातन धर्म की एकता, समाज में जागरूकता और धर्म प्रचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया था.

‘सनातन एकता पदयात्रा’ का मुख्य उद्देश्य देश भर में सनातन संस्कृति के प्रति एकता और जागरूकता का संदेश फैलाना है. चूंकि प्रेमानंद महाराज स्वयं सनातन धर्म के प्रचारक हैं, इसलिए उनकी भागीदारी को लेकर उत्सुकता चरम पर है. मुलाकात के दौरान, संत प्रेमानंद महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि वह भाव रूप में इस यात्रा में सम्मिलित रहेंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी की यह पहल सनातन धर्म को एक नई और सकारात्मक दिशा देगी. आपको बता दें बागेश्वर धाम की ओर से यह बताया गया है कि प्रेमानंद महाराज को निमंत्रण भेजा गया है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से पदयात्रा में शामिल होने की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए प्रेमानंद महाराज इस यात्रा में शारीरिक रूप से शामिल होंगे या नहीं, इसके बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. अब भक्तों को अब 16 नवंबर को वृंदावन में होने वाले समापन का इंतजार है, ताकि यह साफ हो सके कि सनातन धर्म के इन दो प्रमुख संतों का संगम इस पदयात्रा के दौरान हो पाता है या नहीं.

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7 एग्जिट पोल में फिर एनडीए सरकार?

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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपने-अपने एग्जिट पोल अनुमान मंगलवार शाम चुनाव ख़त्म होते ही जारी कर दिए गए हैं। मैट्रिज, जेवीसी, एक्सिस माई इंडिया (प्रदीप गुप्ता), सी-वोटर, दैनिक भाष्कर और चाणक्य ने एग्जिट पोल अनुमान किया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में हुए थे। 6 नवंबर को हुए पहले चरण में 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 67.14 प्रतिशत मतदान हुआ। मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग नतीजों की घोषणा करेगा। 243 विधानसभा सीटों में से, एनडीए के सीट बंटवारे के तहत जदयू और भाजपा को 101-101 सीटें आवंटित की गई हैं।
– दिल्ली सट्टा बाजार अनुमान-
भाजपा: 69-71
जदयू: 59-61
राजद: 67-69
एनडीए: 142-145
महागठबंधन: 88-91
भविष्यवाणी: एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद।
2) मैट्रिज-आईएएनएस 
एनडीएः 147-167
महागठबंधनः 70-90
जन सुराजः 0-2
अन्यः 2-8।
3) पीपल्स इंसाइट-
एनडीएः 133-148
महागठबंधनः 87-102
जन सुराजः 0-2
अन्यः 3-6।
4) जेवीसी पोल-
एनडीएः 130-150
महागठबंधनः 88-103
जन सुराजः 0-2
अन्यः 3-6।
5) दैनिक भाष्कर 
एनडीएः 145-160
महागठबंधनः 73-91
जन सुराजः 0-2
अन्यः 5-10।
6) पीपुल्स पल्स-एनडीटीवी इंडिया
एनडीए: 133-159
महागठबंधन: 75-101
अन्य: 02-08।
7) ईटी एग्जिट पोल-
एनडीएः 135-150
महागठबंधनः 88-103
अन्यः 3-7।

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