मुंबई में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश, अमेरिका-कनाडा के लोगों को ठगा

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मुंबई। मुंबई की मुलुंड पुलिस ने साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। मुलुंड पश्चिम के एक आवासीय फ्लैट में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी बरामद की है। मुलुंड पुलिस ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सूचना मिली थी कि मुलुंड कॉलोनी क्षेत्र में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। वे खुद को अमेरिका स्थित बैंक या वित्तीय कंपनी का अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों को तुरंत ऋण देने का लालच देते हैं। पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं, लेकिन ऋण कभी नहीं देते। पुलिस ने जब फ्लैट पर छापा मारा तो वहां सागर गुप्ता मुख्य संचालक निकला। सागर ने इस धंधे के लिए अभिषेक सिंह, तन्मय धाड़ सिंह, शैलेश शेट्टी और रोहन को नियुक्त किया था। सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस को 2 लैपटॉप, 11 मोबाइल, 2 राउटर और 76,000 रुपए नकद बरामद हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी कॉल सेंटर में खुद को लेंडिंग पॉइंट नामक वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। वे ई-सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ितों से संपर्क करते थे। शिकार को असुरक्षित वेतन-दिवस ऋण देने का वादा करते थे। न्यूनतम प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बाद भी पीड़ितों को कुछ नहीं मिलता। इस तरह से लाखों रुपए की ठगी की जाती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के यह अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कहा कि यह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ठगी का गिरोह था। सभी सबूत जब्त कर लिए गए हैं। पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क किया जाएगा।

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कोचिंग में वॉटसन की एंट्री! KKR ने आईपीएल 2026 के लिए किया बड़ा ऐलान

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नई दिल्ली : आईपीएल 2026 के लिए अभिषेक नायर को मुख्य कोच नियुक्त करने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन को सहायक कोच के रूप में नियुक्त किया। केकेआर ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर वॉटसन को सहायक कोच बनाए जाने की पुष्टि की है। केकेआर के सीईओ वैंकी मैसूर ने एक्स पर लिखा, “केकेआर परिवार में शेन वॉटसन का स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। उच्चतम स्तर पर एक खिलाड़ी और कोच के रूप में उनका अनुभव हमारी टीम संस्कृति और तैयारी में अपार योगदान देगा। टी20 प्रारूप की उनकी समझ विश्वस्तरीय है, और हम मैदान के अंदर और बाहर, दोनों जगह उनके योगदान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

 केकेआर का सहायक कोच बनने के बाद वॉटसन ने कहा, “केकेआर जैसी प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। मैंने हमेशा केकेआर के प्रशंसकों के जुनून और टीम की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है। मैं कोलकाता को एक और खिताब दिलाने के लिए कोचिंग समूह और खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।” वॉटसन का आईपीएल में एक खिलाड़ी और कोच के रूप में लंबा अनुभव रहा है, जो केकेआर के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज 2022 और 2023 में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के सहायक कोच के रूप में काम कर चुके हैं। वहीं बतौर खिलाड़ी वॉटसन के आईपीएल करियर पर गौर करें तो 145 मैचों में 4 शतक और 21 अर्धशतक लगाते हुए 137.91 की स्ट्राइक रेट और 30.99 की औसत से 3,874 रन बनाए हैं। साथ ही 92 विकेट हासिल किए हैं। अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर पर नजर डालें तो, 58 मैचों में 1 शतक और 10 अर्धशतक की मदद से 1,462 रन बनाने के साथ ही 48 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। 

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दुष्कर्म मामले में व्यवसायी समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, बढ़ेंगी मुश्किलें

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक दुष्कर्म मामले में व्यवसायी समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट समीर की मुश्किल बढ़ा सकती है क्योंकि वह जमानत पर हैं। पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट को भी चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी दी है। बता दें पुलिस ने दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं के तहत समीर मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 11 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने जस्टिस संजीव नरूला को बताया कि उन्होंने समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कोर्ट समीर मोदी के आवेदन पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने 6 नवंबर को पारित एक आदेश में बदलाव की मांग की थी। याचिकाकर्ता की शिकायत है कि आश्वासन के बावजूद, जांच अधिकारी को उनके ओर से दिए गए दस्तावेजों पर विचार किए बिना चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
6 नवंबर, 2023 को स्थायी वकील संजय लाओ ने कहा था कि याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच जांच अधिकारी की तरफ से उचित रूप से की जाएगी। सुनवाई के दौरान स्थायी वकील ने बताया कि ये दस्तावेज 7 नवंबर, 2025 को देर शाम ही जमा किए गए थे। चार्जशीट 60 दिनों के भीतर दाखिल की जाए। संजय लाओ ने कहा कि यदि जांच अधिकारी इन दस्तावेजों का विश्लेषण करते, तो यह समय सीमा समाप्त हो जाती।
संजय लाओ ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच किए बिना ही चार्जशीट दाखिल कर दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील ने इसका जवाब देते हुए कहा कि दस्तावेज 7 नवंबर, 2025 को इसलिए जमा किए गए थे क्योंकि उन्हें नोटिस ही शाम को दिया गया था। पूरक चार्जशीट दाखिल करने पर स्टैडिंग काउंसिल ने कहा कि जांच अधिकारी 7 नवंबर को जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसके बाद ट्रायल कोर्ट की अनुमति लेकर इन दस्तावेजों को पूरक चार्जशीट के साथ दाखिल करेंगे। कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड पर ले लिया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 नवंबर को दुष्कर्म मामले में एफआईआर को रद्द करने की समीर मोदी की याचिका पर नोटिस जारी किया था। उन्हें साकेत जिला अदालत ने 25 सितंबर को जमानत दे दी थी। समीर मोदी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।

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महागठबंधन को अब भी उम्मीद.. विधायकों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने की तैयारी

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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में तमाम एग्जिट पोल (All Exit Polls) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) की अगुआई में एनडीए की भारी जीत बता रहे हैं, वहीं महागठबंधन (Grand Alliance) को अभी भी खुद पर भरोसा है। ऐसे में महागठबंधन (Grand Alliance) ने नतीजों के फौरन बाद अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसके तहत महागठबंधन के विधायकों को जीत के फौरन बाद दूसरे राज्यों में शिफ्ट किया जा सकता है।
 कांग्रेस यह कहती रही है कि बिहार में मुकाबला दो महागठबंधनों के बीच है। ऐसे में किसी तीसरी पार्टी के लिए कोई जगह नहीं है। चुनाव में अधिक मतदान को दोनों गठबंधन अपने पक्ष में मान रहे हैं। ऐसे में महागठबंधन को भरोसा है कि चुनावी मुकाबला बहुत करीबी भी हो सकता है। इसलिए, नतीजों के बाद हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए महागठबंधन अपने विधायक शिफ्ट कर सकता है।

छोटी पार्टियों को लेकर चिंता
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल ने अपने सभी विधायकों को जीत के फौरन बाद पटना बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। हॉर्स ट्रेडिंग की स्थिति में सबसे ज्यादा खतरा छोटी पार्टियों से रहता है। ऐसे में वीआईपी और राजद के विधायकों को पश्चिम बंगाल शिफ्ट किया जा सकता है। वहीं, कांग्रेस भी अपने विधायकों को जीत के फौरन पटना बुला सकती है। उन्हें तेलंगाना या कर्नाटक भेजा जा सकता है।

हार-जीत का अंतर बहुत कम होने की उम्मीद
प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसी संभावना कम है कि बंपर वोटिंग के बावजूद किसी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिले। पर जमीन पर जिस तरह दोनों गठबंधनों के बीच करीबी मुकाबला दिखाई पड़ा है, उससे साफ है कि हार-जीत का अंतर बहुत कम होगा। वहीं, जन सुराज पार्टी की भूमिका भी अहम होगी। प्रशांत किशोर की अगुआई वाली जन सुराज पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही है।

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लंबी चोट के बाद कमबैक पर बोले पंत— किस्मत ने साथ दिया

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नई दिल्ली : ऋषभ पंत चार महीने के अंतराल के बाद शुक्रवार को कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से भारतीय टीम में वापसी करेंगे। स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज चोट से उबरने के बाद फिर से क्रिकेट खेलने पर काफी खुश हैं।  जुलाई में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट के दौरान पंत के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उन्होंने बेंगलुरु में दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ भारत ए के दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की।

पंत ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘चोट लगने के बाद वापसी करना कभी आसान नहीं होता। लेकिन मुझ पर हमेशा भगवान की कृपा रही है। उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहा है और इस बार भी उनकी कृपा से ही मैं वापसी करने में सफल रहा। मैं वापसी करके बहुत खुश हूं।’

उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो आभार जरूर व्यस्त करता हूं। मैं हमेशा ऊपर देखता हूं और भगवान, अपने माता-पिता, अपने परिवार, सभी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने चोट से उबरने के दौरान मेरा साथ दिया।’ पंत ने कहा कि रिहैबिलिटेशन के दौरान उनका ध्यान अपने दिमाग को अच्छी स्थिति में रखने पर था, न कि अपने भविष्य के बारे में बाहरी अटकलों के बारे में चिंता करने पर।

उन्होंने कहा, ‘मैं केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करता हूं जो मेरे नियंत्रण में हैं। किस्मत ऐसी चीज़ है जिसे आप नियंत्रित नहीं कर सकते। इसलिए मैं इसके बारे में सोचने की कोशिश नहीं करता। आप केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करें जो आपके लिए मायने रखती हैं। आपको खुशी मिलेगी यदि आप उन चीजों को करते रहें जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं। जब आप चोटिल हो तब ऐसा करना जरूरी हो जाता है।’

इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘आप जो भी कर रहे हैं, आपको उस पल का आनंद लेना चाहिए, अपना 100 प्रतिशत देना चाहिए और उसमें आनंद और खुशी ढूंढनी चाहिए।’

केरल देश का सबसे महंगा राज्य… 8.56 प्रतिशत रही महंगाई दर, दूसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर

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नई दिल्ली। अक्टूबर में देश के सबसे अधिक महंगाई वाले पांच राज्यों (Highest Inflation Five States) में केरल (Kerala) सबसे अव्वल (Tops) है। जहां पर महंगाई दर 8.56 प्रतिशत (Inflation rate 8.56 percent) दर्ज की गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर (2.85), कर्नाटक (2.34), पंजाब (1.81) और तमिलनाडु (1.29%) रही है। बता दें बुधवार को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे 22 सितंबर को गई जीएसटी कटौती (GST deduction) का भी अहम योगदान है, जिसका सही मायनों में असर अक्टूबर की महंगाई में देखने को मिला है। इस अवधि में तेल-घी, सब्जियां, फल, अंडे, अनाज, जूते-चप्पल और परिवहन सेवाओं की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। इन्हीं कारणों के चलते खुदरा महंगाई में सितंबर के मुकाबले 119 और खाद्य महंगाई में 269 अंकों की कमी आई है। सितंबर में सीपीआई -2.33 और सीएफपीआई 1.44 प्रतिशत दर्ज की गई थी। ग्रामीण क्षेत्र में महंगाई -0.25% रही है, जो सितंबर में 1.07 फीसदी रही थी। वहीं, शहरी में महंगाई दर 1.83 से घटकर 0.88 फीसदी पर आ गई। अक्टूबर 2025 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट मुख्य रूप से जीएसटी में गिरावट, अनुकूल आधार प्रभाव और तेल एवं वसा, सब्जियां, फल, अंडे, जूते, अनाज और उत्पाद, परिवहन और संचार आदि की मुद्रास्फीति में गिरावट के पूरे महीने के प्रभाव के कारण है। अक्टूबर में सब्जियों की खुदरा कीमतें सालाना आधार पर 27.57 प्रतिशत नीचे थीं जबकि दालों और उसके उत्पादों के भाव 16.15 प्रतिशत तथा मसालों के भाव औसतन 3.29 प्रतिशत नीचे थे। इसके विपरीत माह के दौरान खाद्य तेलों का औसत खुदरा भाव 11.17 प्रतिशत ऊंचा था जबकि फलों की कीमतें 6.69 प्रतिशत ऊंची चल रही थीं। इस दौरान पर्सनल केयर और स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों की खुदरा मुद्रास्फीति क्रमश: 23.88 प्रतिशत और 3.86 प्रतिशत दर्ज की गई।

जनवरी 2015 के बाद सबसे कम महंगाई
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने जनवरी 2015 में आधार वर्ष को 2010=100 से संशोधित कर 2012=100 किया था, जिसके बाद इसे लागू किया गया। इस तरह से लागू होने की तिथि के हिसाब से जनवरी 2015 के बाद महंगाई सबसे निचले स्तर पर दर्ज की गई है।

 

खाद्य वस्तु ओर उनकी कीमतों में गिरावट (प्रतिशत)
> सब्जियां -27.57
> दालें -16.15
> प्याज -54.31
> टमाटर -42.93
> आलू – 36.65
> तेल और घी -11

 

इनके दामों में हुई बढ़ोतरी
> सोना – 57.83%
> चांदी – 62.36%

ब्याज दरों में हो सकती है कटौती
लगातार चार महीने से महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुमान चार फीसदी के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है। इसका मतलब है कि कीमतों में कमी के बीच लोगों की जेब पर खर्चों का बोझ कम हो रहा है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक आने वाले मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में कटौती का फैसला कर सकता है।

BJP को मिल गया एकनाथ शिंदे का तोड़? कौन हैं गणेश नायक

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मुंबई। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में सबकुछ ठीक नहीं है। इसके संकेत हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (Mumbai Metropolitan Region) में की चुनाव प्रभारी की नियुक्ति से मिलते हैं। दरअशल, भाजपा (BJP) ने राज्य सरकार में वन मंत्री गणेश नाइक (Ganesh Naik) को 7 जिलों का प्रभारी बनाया है, जिनमें ठाणे भी शामिल है। खास बात है कि नाइक को उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) का प्रतिद्वंद्वी भी माना जाता है।

कौन हैं गणेश नाइक
रिपोर्ट के अनुसार, नाइक को बड़े नेताओं को चुनौती देने और मुश्किल राजनीतिक हालात में खड़े रहने वाला माना जाता है। खास बात है कि वह अविभाजित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे से अलग हो गए थे और इसके बाद भी ठाणे में अपनी पार्टी के लिए खड़े रहे। इस सीट पर शिंदे के गुरु माने जाने वाले आनंद दीघे का दबदबा था।

कहा जाता है कि उनका मजबूत जनाधार युवाओं और मजदूरों के बीच है। उनके समर्थन से ही नाइक वाशी, नेरुल, एरोली, तुर्भे, घंसोली और TTC बेल्ट यानी ट्रांस ठाणे क्रीक में शिवसेना के चेहरे बन गए थे। 1980 के दशक में वह नवी मुंबई में बड़े नेता के तौर पर स्थापित हो चुके थे। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे शिवसेना का विस्तार हो रहा था, तो नाइक का क्षेत्र दीघे से ज्यादा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ठाकरे को हस्तक्षेप करना पड़ा और नवी मुंबई को नाइक का क्षेत्र घोषित किया गया।

 सरकार और बाल ठाकरे दोनों से असहमति जताई
1990 के विधानसभा चुनाव में नाइक ने बेलापुर से पहली बार बड़ी चुनावी जीत हासिल की थी। इसके 5 साल बाद वह मनोहर जोशी की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री भी बने। हालांकि, यहां भी जोशी और ठाकरे से उनका टकराव जारी रहा। रिपोर्ट के अनुसार, नाइक ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था और बाद में जोशी ने उन्हें सरकार से बाहर कर दिया।
एनसीपी से मिलाया हाथ

1990 में नाइक ने अविभाजित NCP यानी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से हाथ मिलाया, लेकिन इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में हार गए। साल 2004 में उन्हें फिर सफलता मिली और वह एक्साइज मंत्री बन गए। 2014 में उन्हें भाजपा उम्मीदवार मंदा म्हात्रे के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2019 में उन्हें भाजपा से हाथ मिला लिया और एरोली में जीत हासिल की।
क्यों है भाजपा के लिए खास

रिपोर्ट के अनुसार, टीटीसी में लंबे समय से मौजूदगी, कामगारों और ठेकेदारों से संपर्क के चलते माना जाता है कि वह जल्द समर्थन जुटा सकते हैं। वहीं, कई बड़े नेताओं से सीधी टक्कर लेने की उनकी क्षमता भी उन्हें चुनिंदा नेताओं में से एक बनाती है, जो शिंदे को उनके ही गढ़ में चुनौती दे सकते हैं। इसके अलावा नाइक के जरिए भाजपा नवी मुंबई और ठाणे के उन इलाकों में समर्थन मिलता है, जहां शिंदे की पहुंच सीमित है।

अलग-अलग चुनाव लड़ने के संकेत
अक्तूबर में महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भाजपा ने ठाणे और नवी मुंबई में आगामी नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने का संकेत दिया है, जिसका उद्देश्य इन नगर निकायों में अपने महापौर बनाना है। मुंबई के इन दो बड़े नगरों में भाजपा द्वारा अकेले चुनाव लड़ने के इस संकेत के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी इसका जवाब देने के लिए ऐसी ही रणनीति तैयारी करनी शुरू कर दी है। शिवसेना का ठाणे क्षेत्र में खासा प्रभाव है।

महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में कर सकेंगी काम…मिलेगी दोगुनी मजदूरी और सुरक्षा का कवच

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UP News: उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है. मुख्यमंत्री की जनसंपर्क टीम ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि महिलाओं के लिए घर से ऑफिस तक हर एक लेवल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे.

नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी महिलाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश कारखाना संशोधन विधेयक को अक्टूबर के पहले हफ्ते में मंजूरी दी थी, जिसके बाद यूपी सरकार ने ये फैसला लिया है. नए प्रावधानों के तहत महिलाओं को एक लिखित सहमति के बाद अब शाम को 7 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति है. लेकिन लिखित सहमति पत्र प्रदेश के श्रम विभाग से पंजीकृत कराना आवश्यक होगा.

सुरक्षा के लिए किए गए हैं इंतजाम

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने कारखानों में सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ CCTV निगरानी और सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति को अनिवार्य किया है. सरकार के इस निर्णय के बाद महिला कर्मचारी खुद की इच्छा से 6 घंटे तक बिना किसी अंतराल के काम कर सकती हैं.

ओवरटाइम भी बढ़ाया गया

जनसंपर्क की तरफ से जारी बयान में महिलाओं के लिए ओवरटाइम की भी लिमिट बढ़ा दी गई है. यह लिमिट 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही तय कर दी गई है. इसके साथ ही महिलाओं को कारखानों और खतरनाक श्रेणी के उद्योगों में भी काम करने का अवसर मिलेगा.

29 श्रेणियों के उद्योगों में काम करने की अनुमति

सरकार ने सभी 29 श्रेणियों के खतरनाक उद्योगों में महिलाओं को काम करने की अनुमति दी है. इससे पहले महिलाएं सिर्फ 12 खतरनाक श्रेणी वाले काम कर पाती थीं. योगी सरकार ने ये फैसला औद्योगिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए लिया है.

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बिहार में NDA की सरकार… लेकिन एक्सिस माई इंडिया के सर्वे में सबसे बड़ी पार्टी RJD

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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly elections) पर एक्सिस माई इंडिया (Axis My India) के भी एग्जिट पोल (Exit Polls) में NDA की सरकार बनने का दावा किया गया है। सर्वे में कहा गया है कि राज्य की कुल 243 सीटों में से सत्ताधारी NDA गठबंधन को 121 से 141 सीटें मिल सकती हैं, जबकि विपक्षी महागठबंधन को 98 से 118 सीटें मिलने की संभावना है। इस सर्वे में जन सुराज को 0 से 2 सीटें और अन्य के खाते में 1-7 सीटें जाने के आसार जताए गए हैं।

सर्वे में यह भी कहा गया है कि मुख्य विपक्षी दल राजद एक बार फिर से राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल्स के नतीजों में कहा गया है कि राजद को 67 से 76 सीटें मिल सकती हैं, जबकि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की जेडीयू को 56 से 62 सीटें मिल सकती हैं। यह जेडीयू के लिए अच्छा संकेत है। वह तीसरे पायदान से दूसरे पायदान पर खिसकती दिख रही है।

 NDA के घटक दलों के कितनी सीटें मिलने का अनुमान
सर्वे में कहा गया है कि भाजपा दूसरे से तीसरे नंबर की पार्टी के रूप में खिसक सकती है और उसे 50 से 56 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। NDA के अन्य घटक दलों में चिराग पासवान की LJPR को 11 से 16 सीटें, जीतनराम मांझी की हम को 2-3 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 2-4 सीटें मिलने के आसार जताए गए हैं।

महागठबंधन में किसी कितनी सीटें?
विपक्षी महागठबंधन के अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस को 17-21, लेफ्ट को 10 से 14, VIP को 3-5, IIP को 0-1 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जनसुराज को 0-2 सीटें, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को 0-2 सीटें और अन्य को 0-5 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

NDA को कुल 43 फीसदी वोट शेयर
वोट शेयर के मामले में भी राजद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के आसार जताए गए हैं। एक्सिस माई इंडिया के सर्वे के मुताबिक, राजद को 24% वोट शेयर मिल सकता है, जबकि भाजपा और जेडीयू दोनों को 18-18% वोट शेयर मिलने के आसार जताए गए हैं। कांग्रेस को 10 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है। NDA को कुल 43 फीसदी और महागठबंधन को 41 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि जनसुराज को 4%, AIMIM को 1% और अन्य को 11% वोट मिलने की संभावना जताई गई है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED की जांच, NMC ने दिया नोटिस, आतंकी फंडिंग का शक

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Al-Falah University: दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) खूब चर्चा में है. क्योंकि यहां के 3 प्रोफेसर आतंकी गतिविधियों में शामिल पाए गए. अब ईडी ने भी एंट्री कर ली है. वहीं यूनिवर्सिटी की मान्यता को भी लेकर NMC ने सवाल उठाए हैं. इधर, यूनिवर्सिटी की वेबसाइट भी बंद हो गई है. हालांकि एक दिन पहले यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. भूपिंदर कौर आनंद ने सफाई देते हुए कहा था कि यूनिवर्सिटी का इनके निजी मामले से कोई लेना-देना नहीं है. फिलहाल इससे जुड़े दो लोग अभी भी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी की दिल्ली धमाके में मौत हो गई.

एनएमसी ने यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, यह नोटिस वेबसाइट पर गलत मान्यता मिलने का दावा करने को लेकर जारी की गई है. एनएएसी ने यूनिवर्सिटी से स्पष्टीकरण मांगा और निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय अपनी वेबसाइट से मान्यता संबंधित सभी डिटेल्स हटा दें. हालांकि इसके बाद तुरंत ही यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट बंद हो गई है. मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है.

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