बिहार में काउंटिंग से एक दिन पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने  महागठबंधन नेताओं की हाई लेवल बैठक बुलाई 

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पटना। बिहार में काउंटिंग से एक दिन पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार शाम को अचानक से राबड़ी आवास पर महागठबंधन के नेताओं की हाई लेवल बैठक बुला ली। इस बैठक में शामिल होने के लिए भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, विकासशील इंसान पार्टी के चीफ मुकेश सहनी और राजद के कई सीनियर नेता पहुंचे हैं। 
काउंटिंग से ठीक एक दिन पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को दिन में महागठबंधन के प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं के साथ ऑनलाइन बैठक की। इस बैठक में उन्होंने चुनावी गड़बड़ी  पर नजर बनाए रखने का आदेश दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं को आदेश दिया कि किसी भी काउंटर पर गिनती के दौरान उन्हें लगता है कि गड़बड़ी हो रही है तो वह तुरंत पार्टी हाईकमान को इसकी जानकारी दें। 
महागठबंधन के उम्मीदवारों के साथ बैठक के दौरान तेजस्वी ने कहा कि “काउंटिंग वाले दिन किसी भी परिस्थिति में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हमारे पोलिंग एजेंट हर टेबल पर मौजूद रहें और फॉर्म 17C से लेकर ईवीएम की सील तक हर चीज की बारीकी से जांच करें।” उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना की गति को प्रभावित करने या किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिशें हो सकती हैं, इसलिए सबको अलर्ट रहना होगा।

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आतंकवादी नबी का कश्मीर स्थित घर सुरक्षाबलों ने उड़ाया

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दिल्ली ब्लास्ट केस में गुरुवार रात सुरक्षा बलों ने पुलवामा में आतंकी डॉ. उमर नबी के घर को IED ब्लास्ट से उड़ा दिया। गुरुवार को ही DNA मैचिंग के बाद इस बात की पुष्टि हुई थी कि ब्लास्ट वाली कार डॉ. उमर ही चला रहा था।

गुरुवार को ही खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है अब तक गिरफ्तार 8 आतंकियों ने बताया है कि वे 6 दिसंबर यानी बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की बरसी के दिन दिल्ली समेत देशभर में कई जगह धमाके करना चाहते थे।

इसके लिए उन्होंने 32 कारों का इंतजाम किया था। इनमें बम और विस्फोटक भरकर धमाके किए जाने थे। i20, इको स्पोर्ट, ब्रेजा कार उसी साजिश का हिस्सा हैं।

10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 लोग घायल हैं, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।

 

BJP को मिल गया एकनाथ शिंदे का तोड़? कौन हैं गणेश नायक

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ganishमुंबई। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में सबकुछ ठीक नहीं है। इसके संकेत हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (Mumbai Metropolitan Region) में की चुनाव प्रभारी की नियुक्ति से मिलते हैं। दरअशल, भाजपा (BJP) ने राज्य सरकार में वन मंत्री गणेश नाइक (Ganesh Naik) को 7 जिलों का प्रभारी बनाया है, जिनमें ठाणे भी शामिल है। खास बात है कि नाइक को उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) का प्रतिद्वंद्वी भी माना जाता है।

कौन हैं गणेश नाइक
रिपोर्ट के अनुसार, नाइक को बड़े नेताओं को चुनौती देने और मुश्किल राजनीतिक हालात में खड़े रहने वाला माना जाता है। खास बात है कि वह अविभाजित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे से अलग हो गए थे और इसके बाद भी ठाणे में अपनी पार्टी के लिए खड़े रहे। इस सीट पर शिंदे के गुरु माने जाने वाले आनंद दीघे का दबदबा था।

कहा जाता है कि उनका मजबूत जनाधार युवाओं और मजदूरों के बीच है। उनके समर्थन से ही नाइक वाशी, नेरुल, एरोली, तुर्भे, घंसोली और TTC बेल्ट यानी ट्रांस ठाणे क्रीक में शिवसेना के चेहरे बन गए थे। 1980 के दशक में वह नवी मुंबई में बड़े नेता के तौर पर स्थापित हो चुके थे। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे शिवसेना का विस्तार हो रहा था, तो नाइक का क्षेत्र दीघे से ज्यादा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ठाकरे को हस्तक्षेप करना पड़ा और नवी मुंबई को नाइक का क्षेत्र घोषित किया गया।

 

NDA के घटक दलों के कितनी सीटें मिलने का अनुमान
सर्वे में कहा गया है कि भाजपा दूसरे से तीसरे नंबर की पार्टी के रूप में खिसक सकती है और उसे 50 से 56 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। NDA के अन्य घटक दलों में चिराग पासवान की LJPR को 11 से 16 सीटें, जीतनराम मांझी की हम को 2-3 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 2-4 सीटें मिलने के आसार जताए गए हैं।

महागठबंधन में किसी कितनी सीटें?
विपक्षी महागठबंधन के अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस को 17-21, लेफ्ट को 10 से 14, VIP को 3-5, IIP को 0-1 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जनसुराज को 0-2 सीटें, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को 0-2 सीटें और अन्य को 0-5 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

NDA को कुल 43 फीसदी वोट शेयर
वोट शेयर के मामले में भी राजद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के आसार जताए गए हैं। एक्सिस माई इंडिया के सर्वे के मुताबिक, राजद को 24% वोट शेयर मिल सकता है, जबकि भाजपा और जेडीयू दोनों को 18-18% वोट शेयर मिलने के आसार जताए गए हैं। कांग्रेस को 10 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है। NDA को कुल 43 फीसदी और महागठबंधन को 41 फीसदी वोट मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि जनसुराज को 4%, AIMIM को 1% और अन्य को 11% वोट मिलने की संभावना जताई गई है।

पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर कंटेनर और बस आपस में टकराए, 8 की जिंदा जलकर मौत

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पुणे: महाराष्ट्र में पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर गुरुवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा हुआ. यह भीषण दुर्घटना नवले ब्रिज के पास हुई, जहां दो कंटेनर, एक मिनी बस और कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं. हादसे के बाद वाहनों में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में आठ लोगों की जलकर मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

हादसे की जानकारी मिलते ही पुणे दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए. हादसा शाम के व्यस्त समय में हुआ, जिसके कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस और बचाव दल राहत-बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.

ममता बनर्जी ने एसआईआर को बताया वोटबंदी.. कहा- उनका गला भी काट सकती है…

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) (Special Intensive Revision (SIR) of Electoral Rolls) कराने को ‘वोटबंदी’ करार दिया। साथ ही उन्होंने आयोग से यह प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। बनर्जी ने कहा कि भाजपा (BJP) एसआईआर के खिलाफ बोलने पर उन्हें जेल भेज सकती है या उनका गला भी काट सकती है। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की जल्दबाजी को समझ नहीं पा रही हैं।

ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में मीडिया से कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। जैसे कुछ मुद्राओं को चलन से बाहर करना ‘नोटबंदी’ थी, वैसे ही एसआईआर ‘वोटबंदी’ है। उन्होंने कहा कि यह ‘सुपर इमरजेंसी’ का ही एक और रूप है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की इतनी जल्दी मुझे समझ नहीं आ रही। निर्वाचन आयोग को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी चाहिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण दो या तीन महीने में पूरा नहीं हो सकता। इसे जबरन अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से लोगों के मताधिकार पर अंकुश नहीं लगाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने जीएसटी की आलोचना की और इसे एक भूल बताया और कहा कि इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को जीएसटी के नाम पर लूट रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में राहत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने पेश किया गया। वकील ने कि याचिका को मंगलवार को सूचीबद्ध किए जाने का यह कहते हुए अनुरोध किया कि अन्य राज्यों में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर कल सुनवाई होनी है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पहले से ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, जहां याचिकाकर्ता ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने और प्रक्रिया की अदालत की निगरानी में निगरानी की मांग की है। हाई कोर्ट ने हाल ही में चुनाव आयोग को संशोधन के लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की व्याख्या करते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।

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NDA को बढ़त, तेजस्वी राघोपुर में आगे; प्रशांत किशोर की पार्टी ने दो सीटों पर बनाई पकड़

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बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू हो गई है। पहले पोस्टल बैलट की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझान में NDA 11 सीटों पर और महागठबंधन 6 सीटों पर आगे चल रही है। प्रशांत किशोर की पार्टी भी रुझानों में 2 सीटों पर आगे दिख रही है। राघोपुर से तेजस्वी यादव NDA कैंडिडेट सतीश यादव से आगे चल रहे हैं।

8.30 बजे तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद EVM खुलेंगे। इसके बाद ही रुझान आने लगेंगे। एक राउंड में 14 EVM की गिनती होगी, जिसके लिए हर काउंटिंग सेंटर पर 14 टेबल लगाए गए हैं। सबसे पहले बरबीघा का रिजल्ट आएगा।

काउंटिंग के लिए 38 जिलों में 46 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। भास्कर के 400 रिपोर्टर ग्राउंड जीरो से पल-पल की अपडेट देंगे। दोपहर 12 बजे तक 2 हजार 616 कैंडिडेट्स की सीटों का फैसला लगभग साफ हो जाएगा। इसमें नीतीश सरकार के 29 मंत्री, अनंत सिंह समेत 15 बाहुबली भी शामिल हैं।

मोतिहारी में काउंटिंग सेंटर के बाहर वाटर कैनन लगाई गई है। पटना में सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ाई गई है। सभी मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

इस बार बिहार चुनाव 2 फेज में हुए और 67.10% ‌वोटिंग हुई। ये रिकॉर्ड मतदान रहा। जो 2020 विधानसभा चुनाव से करीब 10% ज्यादा रहा।

दिल्ली ब्लास्ट आतंकी हमला था तो पाकिस्तान पर एक शब्द क्यों नहीं: कांग्रेस

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नई दिल्ली: दिल्ली आतंकी ब्लास्ट (Delhi Terrorist Blast) मामले में कांग्रेस (Congress) पार्टी ने सरकार (Goverment) पर जमकर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet) ने कहा कि दिल्ली बम धमाकों के 50 घंटे बाद मोदी सरकार (Modi Goverment) ने आख़िर स्वीकार किया कि यह एक ‘आतंकवादी हमला’ (Terrorist Attack) था. लेकिन, पाकिस्तान (Pakistan) पर एक शब्द नहीं बोला. क्या पाकिस्तान के बिना भारत में कोई आतंकवादी हमला हो सकता है?

सुप्रिया श्रीनेत ने तंज कसते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने कहा था कि किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा. लेकिन, पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का हवाला दिए जाने के बावजूद सरकार की अब तक की प्रतिक्रिया इस वादे के बिल्कुल विपरीत है.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि क्या नरेंद्र मोदी ने उस समय बड़बोलेपन और अपनी छवि चमकाने के लिए भारत की सुरक्षा के साथ भद्दा मज़ाक किया था और अब अपनी ही बयानबाजी में फंस गए हैं? जो भी हो, मोदी की अज्ञानता और अहंकार भारत के लिए महंगा साबित हो रहा है.

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इस एक बात का जवाब सारा देश चाहता है. इस आतंकी हमले की कोई इंटेलिजेंस क्यों नहीं थी? IB, दिल्ली पुलिस, अमित शाह क्या कर रहे थे? उन्होंने कहा कि एक बात बार बार साबित हो रही है. यह देश सुरक्षित हाथों में बिल्कुल नहीं है.

एलएनजेपी अस्पताल में बिलाल ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या बढ़ी

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नई दिल्ली। लाल किला आतंकी हमले के बाद अब मौत का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है। एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती 35 वर्षीय बिलाल हसन ने बुधवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार, बिलाल के फेफड़े और आंतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। वह सोमवार से वेंटिलेटर सपोर्ट पर था। अस्पताल में अभी भी 20 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में सामने आया है कि लाल किला धमाके में शामिल ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ ने विस्फोटक सामग्री खरीदने के लिए 26 लाख रुपये नकद जुटाए थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, इस साजिश में शामिल चारों आरोपी डॉक्टर, डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी ने संयुक्त रूप से यह धनराशि इकट्ठा की थी। पुलवामा निवासी और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे डॉ. उमर नबी के जिम्मे यह रकम सौंपी गई थी। सोमवार शाम धमाके के वक्त वही हुंडई आई20 कार चला रहा था, जिसमें आईईडी लगाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों की सघन जांच जारी
गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए, आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मिलकर जांच कर रही हैं। जांचकर्ता समूह की वित्तीय गतिविधियों, संचार रिकॉर्ड और विश्वविद्यालयों से जुड़े संभावित संपर्कों की छानबीन कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह नेटवर्क शिक्षित युवाओं के बीच चरमपंथी विचारधारा फैलाने की कोशिश कर रहा था। सरकार ने इस हमले को राष्ट्र की सुरक्षा पर सीधा हमला बताते हुए सभी एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि जो लोग देश की शांति को चुनौती देंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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जमीन विवाद बना खून का रिश्ता…भतीजे ने मां के साथ मिलकर चाची की हत्या

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झांसी (Jhansi): उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पुश्तैनी जमीन और खेत के रास्ते के विवाद ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया। बबीना थाना क्षेत्र के मुखियानगर गांव में एक भतीजे ने अपनी मां के साथ मिलकर चाची की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को घर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना 10 नवंबर की है। गांव की रहने वाली 55 वर्षीय शीला देवी, पत्नी गणेश रैकवार, दोपहर में खेत गई थीं लेकिन शाम तक घर नहीं लौटीं। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने घर के पीछे से दुर्गंध आने पर खोज की तो झाड़ियों के बीच गड्ढे में शीला देवी का शव बरामद हुआ। उनके हाथ साड़ी से बंधे थे और चेहरे व गर्दन पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान मिले।

मृतका के पति गणेश रैकवार ने अपने छोटे भाई की पत्नी मीरा देवी और भतीजे बृजलाल रैकवार पर हत्या का आरोप लगाया। बताया गया कि खेत के रास्ते और जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से विवाद चल रहा था।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मीरा देवी और उसके बेटे बृजलाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। बृजलाल ने बताया कि चाची से लगातार झगड़े और अपमान के चलते उसने मां के साथ मिलकर यह साजिश रची। हत्या में इस्तेमाल खून से सनी हंसिया भी बरामद कर ली गई है।

सीओ सदर रामवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

बदल गए आपके बैंक के डोमेन नेम, जानें क्या है नया वेब एड्रेस

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मुंबई : अगली बार जब आप अपने बैंक की वेबसाइट खोलने जाएं, तो एक पल रुकिए। अगर आपकी उंगलियां sbi.com या hdfcbank.com टाइप करने जा रही हैं, तो यह खबर आपके और आपके पैसों के लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सख्त निर्देश पर देश के सभी बड़े-छोटे बैंकों ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट का डोमेन नाम बदल दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक सहित तमाम बैंक अब ‘.bank.in’ डोमेन पर शिफ्ट हो गए हैं। यह कदम साइबर फिशिंग हमलों से ग्राहकों की गाढ़ी कमाई बचाने के लिए उठाया गया अब तक का सबसे मजबूत उपाय है।

फिशिंग का बढ़ता खतरा
आरबीआई के इस फैसले की जड़ में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के बढ़ते मामले हैं। फिशिंग अपराधी बैंक की असली वेबसाइट से मिलती-जुलती नकली साइट बनाकर यूजर्स को ठगते थे। उदाहरण के तौर पर, अगर असली साइट ‘mybank.com’ थी, तो ठग ‘mybank.co.in’ या ‘mybank-online.com’ जैसी फर्जी साइट बना लेते। ये साइट्स रंग-रूप, लोगो और डिजाइन में पूरी तरह असली जैसी लगती थीं।

अपराधी एसएमएस या ईमेल भेजकर डराते या लालच देते – जैसे ‘आपका अकाउंट ब्लॉक हो गया’, ‘KYC एक्सपायर हो गई’ या ‘50,000 रुपये की लॉटरी जीत गए’। लिंक पर क्लिक करते ही यूजर नकली साइट पर पहुंचता और यूजरनेम, पासवर्ड, ओटीपी डाल देता। नतीजा? ठग खाता खाली कर देते। पुराने ‘.com’ या ‘.in’ डोमेन कोई भी आसानी से खरीद सकता था, इसलिए रोकना मुश्किल था।

नया सुरक्षा कवच कैसे काम करेगा?
आरबीआई ने फिशिंग के इस जाल को तोड़ने के लिए ‘.bank.in’ डोमेन अनिवार्य किया है। यह सामान्य डोमेन नहीं, बल्कि हाई-सिक्योरिटी जोन है। ‘.com’, ‘.in’ या ‘.org’ जैसे टॉप-लेवल डोमेन (TLD) कोई भी रजिस्टर करा सकता है, लेकिन ‘.bank.in’ केवल आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्थानों को ही मिलेगा।

कड़ी सत्यापन प्रक्रिया: बैंक को आरबीआई की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।
फर्जी साइट्स पर रोक: अब कोई ठग ‘.bank.in’ से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट नहीं बना पाएगा।
गारंटीड सुरक्षा: यह डोमेन खुद एक पहचान पत्र की तरह है, जो पुष्टि करता है कि आप असली और वेरिफाइड बैंकिंग पोर्टल पर हैं।

यह ठीक वैसा ही है जैसे सरकारी साइट्स के लिए ‘gov.in’ या ‘nic.in’ विश्वसनीयता की गारंटी देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से फिशिंग अटैक में भारी गिरावट आएगी और ग्राहक निश्चिंत होकर ऑनलाइन बैंकिंग कर सकेंगे। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि पुरानी साइट्स से यूजर्स को स्वचालित रूप से नई ‘.bank.in’ साइट पर रीडायरेक्ट किया जाए। ग्राहकों से अपील है कि हमेशा ब्राउजर में ‘.bank.in’ चेक करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।