US से भारत लौटेगा लॉरेंस का भाई अनमोल बिश्नोई, कल सुबह 10 बजे होगा दिल्ली आगमन

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पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता माने जाने वाले गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को बुधवार (19 नवंबर 2025) को भारत लाया जाएगा. वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से डिपोर्ट किए जाने के बाद सुबह 10 बजे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट उसे पर लाया जाएगा |

अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की कई टीमें एयरपोर्ट पर तैनात रहेंगी ताकि सुरक्षा, कागज़ी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “दिल्ली पुलिस मुख्यालय में इस पर चर्चा चल रही है कि उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर कौन सी एजेंसी आगे की कस्टडी लेगी. कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ही इसका निर्णय होगा |

जांचकर्ताओं के मुताबिक, अनमोल बिश्नोई के खिलाफ देशभर में 32 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें 20 मामले राजस्थान में हैं. यह केस फिरौती, अपहरण, हत्या की कोशिश और टार्गेट किलिंग जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े हैं. अधिकारियों ने कहा कि उसे सबसे पहले किस एजेंसी की कस्टडी में भेजा जाएगा, इसका फैसला केंद्र सरकार करेगी |

बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को मंगलवार (18 नवंबर 2025) को अमेरिकी अधिकारियों की ओर से एक ईमेल मिला, जिसमें कहा गया, “अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निकाल दिया गया.” जीशान ने कहा, “मुझे नहीं पता कि वह इस समय कहां है, लेकिन उन्होंने बताया है कि उसे अमेरिका से हटा दिया गया है और आगे की प्रक्रिया भारत में होगी |

सूत्रों के अनुसार, मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने अनमोल को डिपोर्ट और कस्टडी के लिए दो बार आधिकारिक आवेदन भेजा था. हाल ही में इंटरपोल ने उसकी पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मांगे थे, जो मुंबई पुलिस ने उपलब्ध कराए थे. अनमोल बिश्नोई 14 अप्रैल 2024 को अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी वांटेड है. उसने ऑनलाइन इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था |

अनमोल बिश्नोई 12 अक्टूबर 2024 को बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था. जांच के दौरान पुलिस को गिरफ्तार शूटरों से वॉइस क्लिप्स मिले जो अनमोल की आवाज़ से मेल खाते हैं, जिनमें वह हमलावरों को निर्देश देते और उकसाते सुना गया. जांच में सामने आया कि अनमोल कई साल पहले फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से भागा था और कनाडा, अमेरिका और केन्या में लगातार घूमता रहा |”अनमोल बिश्नोई को पिछले वर्ष कैलिफोर्निया में हिरासत में लिया गया था, लेकिन प्रक्रिया संबंधी खामियों के कारण छोड़ दिया गया. उसके पास एक रूसी पासपोर्ट भी होने की जानकारी सामने आई है, जो फर्जी होने का शक है. वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की अंतरराष्ट्रीय साजिश में भी लिंक्ड माना जाता है|

एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. गैंग की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों से जुड़े दो मामलों में एनआईए ने उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है. अमेरिकी अधिकारियों की ओर से डिपोर्टेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भारतीय एजेंसियां आईजीआई एयरपोर्ट पर संयुक्त ऑपरेशन की तैयारी कर रही हैं |

Huma Qureshi के रूमर्ड बॉयफ्रेंड का खुलासा, आलिया और रणवीर से भी जुड़ा है नाम

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एक्ट्रेस हुमा कुरैशी | महारानी सीजन और दिल्ली क्राइम 3 में अपने दमदार परफॉर्मेंस देने के बाद से एक्ट्रेस हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) जमकर सुर्खियों का हिस्सा बनी हुई हैं. लेकिन, आज हम यहां एक्ट्रेस की प्रोफेशनल नहीं बल्कि पर्सनल लाइफ के बारे में बात करने जा रहे हैं. हुमा कुरैशी का पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पीछे के एक शख्स उन्हें गले लगाता और माथे पर किस करता नजर आ रहा है. ऐसे में एक्ट्रेस की लव लाइफ भी जमकर चर्चाओं का हिस्सा बन गई है और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर हुमा कुरैशी के साथ दिखने वाला शख्स कौन है |

हुमा कुरैशी और रचित सिंह का वीडियो वायरल

हुमा कुरैशी (Huma Qureshi Boyfriend) की लव लाइफ पहली बार चर्चाओं में नहीं आई है. एक बार पहले भी एक्ट्रेस की सगाई की अफवाहें उड़ चुकी हैं. हालांकि, एक्ट्रेस ने कभी भी अपनी लव लाइफ पर बात नहीं की है और न ही अपना रिलेशनशिप कंफर्म किया है. लेकिन, हाल ही में हिमेश रेशमिया का कॉन्सर्ट हुआ था, जहां हुमा कुरैशी और रचित सिंह एक-दूसरे के साथ रोमांटिक होते भी नजर आए | 

कौन हैं हुमा कुरैशी के रूमर्ड बॉयफ्रेंड रचित सिंह?

हुमा कुरैशी के साथ रोमांटिक अंदाज में दिखाई देने के बाद रचित सिंह (Rachit Singh) खबरों का हिस्सा बन गए हैं और हर कोई जानना चाहता है कि वह आखिर कौन हैं. तो बता दें, रचित सिंह एक एक्टर होने के साथ एक्टिंग कोच भी हैं. रचित सिंह ने रणवीर सिंह (Ranveer Singh), विक्की कौशल और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) को एक्टिंग की कोचिंग भी दी है |

बता दें, आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर थामा में भी रचित सिंह नजर आए थे. थामा से पहले रचित सिंह ने रवीना टंडन की सीरीज कर्मा कॉलिंग में भी काम किया है |

8 जड़ी-बूटियों का जबरदस्त कॉम्बिनेशन, जो अंदर से बनाए आपकी बॉडी स्ट्रॉन्ग

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अष्टांग लेह | अष्टांग लेह आयुर्वेद की उन खास दवाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें 8 असरदार जड़ी-बूटियों का कॉम्बिनेशन होता है. इसका इस्तेमाल शरीर की ताकत बढ़ाने, थकान दूर करने, डाइजेशन सुधारने और बीमारियों से हिफाजत करने के लिए किया जाता है. अष्टांग लेह में आंवला सबसे जरूरी घटक माना जाता है, जो कुदरती तौर से विटामिन सी से भरपूर होता है और बॉडी की इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है. गिलोय शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति देती है और रक्त को शुद्ध रखने में मदद करती है|

एनर्जी होगी बूस्ट

शतावरी और अश्वगंधा शरीर को अंदर से पोषण देती हैं, जिससे एनर्जी में इजाफा होता है, स्ट्रेस घटता है और मेंटल और फिजिकल दोनों तरह की थकान दूर होती है. विदारीकंद स्त्री-पुरुष दोनों के प्रजनन एवं हार्मोनल स्वास्थ्य को बेहतर करता है. पिप्पली पाचन क्रिया को तेज करती है, भूख बढ़ाती है और औषधियों के अवशोषण को बेहतर बनाती है. वहीं हरीतकी कब्ज को दूर करने, त्वचा को साफ रखने और शरीर में जमा कचरे को बाहर निकालने में सहायक मानी जाती है. मुलेठी गले, फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर सुखद और सुरक्षा प्रदान करने वाला प्रभाव डालती है |

शरीर को मजबूती

इन सभी गुणों के कारण अष्टांग लेह का नियमित सेवन शरीर को मजबूत बनाने में बेहद मदद करता है. यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है जो हमेशा थकान महसूस करते हैं, कमजोरी से परेशान रहते हैं, तनाव या मानसिक दबाव में रहते हैं या बार-बार बीमार पड़ जाते हैं. यह पाचन को भी दुरुस्त रखता है, जिससे खाना ठीक से पचता है और शरीर को पूरा पोषण मिलता है. खांसी, गले की खराश या हल्की-फुल्की सांस की समस्या में भी यह आराम देने वाला माना जाता है |

सेवन का तरीका

इसके सेवन का पारंपरिक तरीका ये है कि इसे सुबह-शाम गुनगुने दूध या पानी के साथ थोड़ी मात्रा में लिया जाए, लेकिन किसी भी आयुर्वेदिक दवा की तरह इसे भी वैद्य या डॉक्टर की सलाह से लेना ही सबसे सुरक्षित और लाभकारी माना जाता है. कई बार आयुर्वेदिक तरीका सेहत के लिए बेहतर साबित हो सकता है |
 

भाजपा की 2014 से भी ज्‍यादा ताकत, जानें देशभर में पार्टी के कितने विधायक

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bhar bjpनई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछले 11 सालों से देश में सत्ता में है। वहीं 15 से अधिक राज्यों में भी अभी बीजेपी (BJP) या उसके सहयोगी दलों का शासन है। 2014 से बीजेपी की ताकत लगातार बढ़ती गई है। वर्तमान में बीजेपी (BJP) के 1600 से अधिक विधायक हैं। हम यह कह सकते हैं कि बीजेपी का स्वर्णिम काल चल रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई और उसके 89 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।

2014 से बढ़ती गई बीजेपी की ताकत

देश भर में अब बीजेपी के विधायकों की संख्या 1654 हो गई है। वहीं 2014 के बाद से कांग्रेस लगातार कमजोर होती गई है। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि किस प्रकार से कांग्रेस ने 1985 में रिकॉर्ड बनाया था लेकिन अब बीजेपी लगातार बढ़ती जा रही है और 2027 तक देश भर में उसके 1800 से अधिक विधायक हो जाएंगे।

 

 

बीजेपी के पोस्ट के अनुसार वर्ष 2014 में बीजेपी के पूरे देश में 1035 विधायक थे। जबकि 2015 में यह संख्या घटकर 997 हो गई। 2016 में बीजेपी को कुछ राज्यों में जीत मिली और उसकी संख्या बढ़कर 1063 हो गई। 2017 में बीजेपी के देश भर में कुल 1365 विधायक हो गए। इसमें सबसे अहम योगदान उत्तर प्रदेश का रहा, जहां पर बीजेपी को प्रचंड जीत मिली थी। 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी 312 सीटों के साथ सत्ता में आई थी।

 

2018 में बीजेपी के विधायकों की संख्या घट गई और यह 1184 पर आ गई। 2019 में बीजेपी के विधायकों की संख्या 1160 पर आ गई। 2020 में बीजेपी के विधायकों की संख्या 1207, जबकि 2021 में 1278, 2022 में 1289 और 2023 में 1441 हो गई। 2024 के लोकसभा में चुनाव में बीजेपी को झटका लगा लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में उसकी जीत हुई। 2024 में बीजेपी के विधायकों की संख्या 1588 पहुंच गई। वहीं अब 2025 खत्म होने वाला है और बिहार विधानसभा चुनाव भी खत्म हो गया है। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के देश भर में 1654 विधायक हो गए हैं, जो अब तक सबसे अधिक है।

 

कांग्रेस ने 1985 में बनाया था रिकॉर्ड

 

बीजेपी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “भाजपा अब राज्य विधानसभाओं में अपनी सर्वोच्च शक्ति पर है और यह गति बढ़ती ही जा रही है। इसी गति से भाजपा अगले दो वर्षों में आराम से 1800 सीटों का आंकड़ा पार कर लेगी। तुलना के लिए कांग्रेस ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद आई व्यापक सहानुभूति लहर पर सवार होकर 1985 में लगभग 2018 सीटों के अपने शिखर को छुआ था। तब सत्ता को मजबूत करना और मतदाताओं को प्रभावित करना आसान था। अब अंतर स्पष्ट है: कांग्रेस को अपना शिखर विरासत में मिला जबकि भाजपा ने अपनी उन्नति अर्जित की है और उसे सहन किया है – सीट दर सीट, राज्य दर राज्य, संघर्ष दर संघर्ष। भविष्य उस पार्टी का है जो काम करती है, न कि उस पार्टी का जो विरासत पर टिकी रहती है।”

शुभमन गिल गुवाहाटी के लिए टीम में होंगे शामिल?

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 क्रिकेट टीम | भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अच्छी खबर है। भारतीय टेस्ट टीम के नियमित कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) टीम के साथ गुवाहाटी जा सकते हैं, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उनकी भागीदारी फिटनेस पर निर्भर करेगी। बता दें कि भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा टेस्ट 22 नवंबर से शुरू हो रहा है। भारत दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मेहमान टीम से 0-1 से पीछे है।

गर्दन में ऐंठन के कारण कोलकाता के एक निजी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल शहर के होटल में टीम के साथ हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शुभमन गिल बुधवार (19 नवंबर) को टीम के साथ गुवाहाटी के लिए उड़ान भरने वाले हैं। सूत्रों के हवाले से ‘क्रिकबज’ ने बताया कि मूल योजना यही थी। अभी इसमें कोई बदलाव नहीं है। शुभमन गिल गुवाहाटी जाएंगे।

शुभमन गिल पर मेडिकल टीम की नजर

शुभमन गिल पर बीसीसीआई (BCCI) और स्थानीय डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। टीम प्रबंधन और चयनकर्ता भी एक-दूसरे से संपर्क में हैं। सभी चाहते हैं कि शुभमन गिल गुवाहाटी टेस्ट मैच में खेले, लेकिन वे उनको लेकर किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं। फिलहाल दूसरे टेस्ट में उनकी भागीदारी पर अंतिम फैसला मैच से एक दिन पहले लिया जाएगा।

भारतीय स्क्वाड से जुड़े नीतीश कुमार रेड्डी

ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी कोलकाता पहुंच गए हैं। उन्होंने सोमवार देर रात होटल में चेक इन किया और बुधवार सुबह टीम के साथ गुवाहाटी के लिए उड़ान भरने वाले हैं। बता दे कि नीतीश कुमार रेड्डी दक्षिण अफ्रीका-ए और भारत-ए के बीच जारी व्हाइट बॉल सीरीज के लिए राजकोट में थे। उन्हें सोमवार देर शाम कोलकाता जाने के लिए कहा गया था और वह वहां पहुंचे।

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EC का बड़ा कदम! राहुल गांधी के दावों के बाद SIR में आएगी AI निगरानी

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कोलकाता :पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान फर्जी, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं पर लगाम लगाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) तकनीक का इस्तेमाल करेगा। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, AI सिस्टम मतदाता डेटाबेस में मौजूद लाखों तस्वीरों का विश्लेषण करेगा और चेहरों की समानता (facial recognition) के आधार पर एक ही व्यक्ति के एक से अधिक जगहों पर पंजीकृत होने की पहचान करेगा। इससे एक ही फोटो वाले कई मतदाता प्रवेश (डुप्लीकेट वोटर) का पता आसानी से चल जाएगा।

AI शामिल करने का फैसला
अधिकारी ने बताया कि हाल के महीनों में प्रवासी मजदूरों की तस्वीरों के गलत इस्तेमाल और एक ही व्यक्ति के कई जगहों पर नाम जुड़ने की शिकायतें काफी बढ़ी हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाल ही में दावा किया था कि एक ही नाम और फोटो से कई-कई वोट डाले जा रहे हैं। इन शिकायतों को देखते हुए AI तकनीक को शामिल करने का फैसला लिया गया है।

BLO की जवाबदेही और सख्त
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि AI के बावजूद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। BLO को घर-घर जाकर मतदाताओं की नई तस्वीरें लेनी होंगी। बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा फॉर्म जमा करने पर भी BLO को व्यक्तिगत रूप से घर जाकर हस्ताक्षर और विवरण का सत्यापन करना अनिवार्य होगा। मतदाता से रिसीविंग भी लेनी होगी। आयोग ने सख्त जवाबदेही के नियम तय किए हैं। अगर गणना और फॉर्म सत्यापन के बाद भी कोई फर्जी या मृत मतदाता सूची में पाया जाता है, तो संबंधित पोलिंग बूथ के BLO को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

SIR के दबाव में की आत्महत्या
SIR अभियान के कारण BLO पर भारी कार्यभार पड़ने से देश के कई हिस्सों में असंतोष है। केरल के कन्नूर जिले के पय्यान्नूर में BLO अनीश जॉर्ज ने इसी दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। इसके बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केरल में SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि अधिकारी इस अभियान के भारी दबाव को झेलने में असमर्थ हो रहे हैं।

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धुरंधर में छाई सुपरस्टार की बेटी, रणवीर-संजय दत्त की तुलना में ज्यादा चर्चा

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रणवीर सिंह की मल्‍टीस्‍टारर एक्‍शन फिल्‍म ‘धुरंधर’ का दमदार ट्रेलर रिलीज हो गया है. जिसमें रणवीर, संजय और आर माधवन जैसे स्टार्स ज्यादा लाइमलाइट फिल्म की हीरोइन बटोर रही हैं. इनका नाम सारा अर्जुन हैं. जो महज 20 साल की हैं और रणवीर सिंह के साथ फिल्म में इश्क लड़ाती हुई दिखाई दी. आज हम आपको इन्हीं के करियर से रूबरू करवाएंगे. जानिए ये कौन हैं और कैसे फिल्मों में आई |

सारा अर्जुन का जन्म मुंबई में साल 2005 में हुआ था. सारा साउथ इंडियन एक्‍टर राज अर्जुन की बेटी हैं. ऐसे में उन्होंने सिर्फ एक साल की उम्र में ही एक ऐड के लिए कैमरा फेस कर लिया था | फिर साला ने साल 2011 में हिंदी फिल्‍म ‘404’ और उसी साल तमिल फिल्म ‘देइवा थिरुमगल’ से एक्‍ट‍िंग की दुनिया में कदम रखा |

इसके बाद उन्हें इमराश हाशमी के साथ ‘एक थी डायन’, सलमान खान के साथ ‘जय हो’, ऐश्‍वर्या राय की फिल्म ‘जज्‍बा’ और ‘द सॉन्‍ग ऑफ स्‍कॉर्पियन्‍स’, ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ के अलावा ‘अजीब दास्‍तान्‍स’ में देखा गया | लेकिन सारा को असली पहचान साल 2022 में मणिरत्नम की दो पार्ट में बनी फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्‍वन’ से मिली. जिसमें सारा ने नंदिनी का रोल निभाया था. ये रोल ऐश्वर्या राय की यंग एज का था |

बहुत कम लोगों को ये बात पता होगा कि सारा अर्जुन सिर्फ एक्टिंग ही नहीं कत्‍थक और हिप-हॉप जैसे डांस में माहिर हैं. एक्ट्रेस ने इनकी ट्रेनिंग ली है.
सारा डांस के अलावा जिमनास्‍ट‍िक, कराटे और मिक्‍स्‍ड मार्शल आर्ट्स की भी ट्रेनिंग ले चुकी हैं. उन्हें फुटबॉल और कबड्डी खेलना भी पसंद हैं.
बता करें रणवीर सिंह और सारा अर्जुन की फिल्म ‘धुरंधर’ की तो ये अगले महीने यानि 5 दिसंबर को पर्दे पर दस्तक देने जा रही है |

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भाजपा और शिवसेना के बीच तनातनी की खबरें, कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए शिंदे खेमे के मंत्री

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मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में होने वाले निकाय चुनावों (Civic Elections) से पहले महायुति के अंदर कलह की खबरें सामने आ रही है। महायुति सरकार (Mahayuti Goverment) के अधिकांश शिवसेना (Shiv Sena) के खेमें के मंत्री (Minister) मंगलवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक से दूर रहे। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में केवल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Ek Nath Shinde) मौजूद थे। हालांकि भाजपा (BJP) ने गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद होने की खबरों का खंडन किया है।

सूत्रों का कहना है कि शिवसेना खेमे के मंत्री इसलिए दूर रहे ताकि वे भाजपा को संदेश दे सकें कि जैसा हो रहा है, वह स्वीकार नहीं किया जाएगा। दरअसल दोनों दलों के बीच की रार बीएमसी चुनाव से पहले शुरू हुई है। डोंबिवली में कई शिवसैनिक हाल ही भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसे लेकर शिवसेना में नाराजगी है। सूत्रों ने बताया, कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना से भाजपा में शामिल हुए एक नेता भी इस विरोध का एक मुख्य कारण हो सकता है।

इसके अलावा इस पूरे प्रकरण को लेकर शिवसेना के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके कक्ष में मुलाकात की और डोंबिवली के घटनाक्रम पर अपनी नाराजगी जताई,इस पर फडणवीस ने कहा कि पड़ोसी उल्हासनगर में भाजपा सदस्यों को सबसे पहले शिवसेना ने ही अपने पाले में शामिल किया था। मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि जब उनकी पार्टी अन्य सहयोगियों के सदस्यों को अपने पाले में लेती है, तो भाजपा द्वारा ऐसा करने पर उन्हें शिकायत नहीं करनी चाहिए।

फडणवीस ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि अब से गठबंधन साझेदारों को एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को शामिल नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भाजपा, शिवसेना के अलावा अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। हालांकि महायुति में तनाव की खबरों का भाजपा की ओर से खंडन किया गया है।

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ICC ने बाबर आजम पर लगाया जुर्माना, मैदान पर हुई हरकत पड़ी भारी

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बाबर आजम | पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम को श्रीलंका के खिलाफ तीसरे वनडे में नाराजगी जाहिर करने की वजह से ICC की आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी ठहराया गया है। उन पर मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया गया है और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है।

घटना रावलपिंडी में 16 नवंबर को खेले गए मुकाबले के दौरान हुई। पाकिस्तानी पारी के 21वें ओवर में आउट होने के तुरंत बाद बाबर ने गुस्से में बल्ले से स्टंप्स पर वार किया और फिर डगआउट की ओर चले गए। यह हरकत ICC कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.2 के तहत “अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण/कपड़ों, मैदानी उपकरणों और फिटिंग के दुरुपयोग” की श्रेणी में आता है।

मैदानी अंपायर एलेक्स व्हार्फ और राशिद रियाज ने बाबर पर तुरंत आरोप लगाया, जिसे थर्ड और फोर्थ अंपायर ने भी समर्थन दिया। मैच रेफरी अली नकवी (एमिरेट्स ICC पैनल) ने प्रस्तावित सजा को मंजूरी दी। बाबर ने अपराध और सजा दोनों स्वीकार कर ली, इसलिए सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। यह पिछले 24 महीनों में बाबर का पहला डिमेरिट पॉइंट है।

मैच की बात करें तो पाकिस्तान ने यह मुकाबला 6 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली थी। श्रीलंका पहले बल्लेबाजी करते हुए 45.2 ओवर में211 रन पर ऑलआउट हो गई थी। सदीरा समरविक्रमा (48) टॉप स्कोरर रहे। पाकिस्तान की ओर से मोहम्मद वसीम जूनियर ने 3, जबकि हारिस रऊफ और फैसल अकरम ने 2-2 विकेट लिए।

जवाब में पाकिस्तान ने 44.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। मोहम्मद रिजवान (61), फखर जमान (55) और हुसैन तलत (नाबाद 42) ने अहम पारियां खेलीं। श्रीलंका की तरफ से जेफ्री वेंडरसे सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट चटकाए। बाबर उस मैच में सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हुए थे, शायद यही वजह रही कि वे इतने निराश दिखे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा—स्थिति बेहद गंभीर

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नई दिल्ली :सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के लापता होने से संबंधित एक रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में हर आठ मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। इस पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने इसे बेहद चिंताजनक बताया।

गोद लेने की प्रक्रिया बेहद कठिन – सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उन्होंने अखबार में पढ़ा है कि इतनी अधिक संख्या में बच्चे गायब हो जाते हैं, और यदि यह सच है तो स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन और लंबी है कि लोग इसका अवैध विकल्प खोजने लगते हैं, जो स्थिति को और खराब करता है।

केंद्र को 9 दिसंबर तक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश
सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इतनी लंबी अवधि देने से इंकार कर दिया और 9 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश
14 अक्टूबर को अदालत ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के मामलों को देखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया था। साथ ही, इन अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण ‘मिशन वात्सल्य’ पोर्टल पर उपलब्ध कराने को भी कहा गया था ताकि किसी बच्चे की गुमशुदगी की जानकारी तुरंत साझा की जा सके।

लापता बच्चों के लिए अलग पोर्टल का सुझाव
सुप्रीम कोर्ट पहले ही केंद्र को गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव दे चुकी है। अदालत का मानना है कि राज्यों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने से बच्चों की तलाश में देरी होती है। एक केंद्रीकृत पोर्टल से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

NGO ने उठाया था मामला
यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ ‘गुरिया स्वयंसेवी संस्थान’ ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामलों में कार्रवाई न होने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया। याचिका में बताया गया कि कई राज्यों में बच्चों को अपहरण के बाद बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में तस्करी किया जा रहा था।