अब मायावती पर नहीं होंगे निजी हमले 

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लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों को देखते हुए सपा ने अपने तेवर बदल लिए हैं। इसके चलते अब मायावती पर किसी भी तरह के निजी हमले नहीं करने के सख्त निर्देश अखिलेश यादव ने दिए हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी अपनी राजनीतिक रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है। यह कदम भी उसी का हिस्सा माना जा रहा है। 
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने सभी मीडिया पैनलिस्टों को साफ निर्देश दे दिए हैं कि बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती पर किसी भी प्रकार के निजी हमले नहीं किए जाएं। यह फैसला बिहार चुनाव 2025 में विपक्षी महागठबंधन की करारी हार के बाद लिया गया बताया जा रहा है। पिछले कुछ समय में सपा द्वारा मायावती और बसपा को लगातार भाजपा की बी टीम कहकर निशाने पर लिया जाता रहा है। लेकिन पार्टी के भीतर अब यह समझ बन रही है कि मायावती पर हमले दलित वोट बैंक पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं, जो आने वाले चुनावों में सपा के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि सपा के कई प्रवक्ताओं को अखिलेश यादव ने खुद यह निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सपा के लगभग 20 प्रवक्ता विभिन्न टीवी चैनलों पर पार्टी का पक्ष रखते हैं, इन्हीं में से कुछ ने पुष्टि की है कि बिहार चुनाव के बाद पार्टी हाईकमान की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है, कि मायावती पर निजी हमला नहीं करना है। 
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बिहार चुनाव में महागठबंधन द्वारा बसपा और एआईएमआईएम को बी टीम कहकर खारिज करने की कोशिश उलटी पड़ गई। वहीं ओवैसी की पार्टी ने 5 सीटें जीतीं और 10 पर दूसरे स्थान पर रही, जबकि बसपा भी एक सीट जीतने में सफल रही। इसके उलट महागठबंधन की मुख्य पार्टियां खराब प्रदर्शन कर गईं। इससे स्पष्ट हुआ कि जिन दलों को बी टीम कहा जा रहा था, उन्होंने विपक्षी दलों से बेहतर प्रदर्शन कर लिया। जानकार कह रहे हैं कि सपा समझ रही है, कि यूपी का चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर नहीं, बल्कि स्थानीय समीकरणों पर लड़ा जाएगा। लोकसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति ने भाजपा को कठिन चुनौती दी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में दलित वोटों का बिखराव सपा के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है। मायावती पर निजी हमले करने से दलित समाज खुद को निशाना बना हुआ महसूस करता है, जिससे दलित वोट भाजपा के खिलाफ एकजुट होने के बजाय बसपा की ओर लौट सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूपी में दलित मतदाताओं की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव अब किसी भी परिस्थिति में इस वोट बैंक को नाराज नहीं करना चाहेंगे। इसलिए सपा की रणनीति में बड़ा बदलाव साफ दिख रहा है—अब मायावती पर निजी हमले नहीं होंगे और दलित समाज को साधने की कोशिश तेज होगी।
राजनीतिक गलियारों में यह कदम सपा की 2027 की तैयारी का अहम संकेत माना जा रहा है।

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‘चुनाव आयोग को बदनाम कर रहे राहुल गांधी’, जजों और ब्यूरोक्रेट्स समेत 272 हस्तियों ने लिखा लेटर

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नई दिल्ली: देश के 272 पूर्व शीर्ष अधिकारियों, जजों, राजनयिकों और सेना के अफसरों ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इन लोगों ने एक खुला पत्र जारी कर कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी ‘चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं.’

‘Assault on National Constitutional Authorities’ नाम के टाइटल वाले पत्र में कहा गया कि कुछ विपक्षी नेता ‘जहरीली बयानबाजी’ और ‘बिना सबूत के आरोपों’ के जरिए यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि देश की संस्थाएं ठीक तरह काम नहीं कर रहीं. साइन करने वालों ने आरोप लगाया कि सेना, न्यायपालिका और संसद के बाद अब कांग्रेस का निशाना चुनाव आयोग है.

पत्र में कहा गया कि राहुल गांधी बार-बार वोट चोरी के आरोप लगाते रहे, लेकिन उन्होंने आज तक कोई आधिकारिक शिकायत या एफिडेविट जमा नहीं किया. उनके ‘100% प्रूफ’, ‘एटम बम’ और ‘देशद्रोह’ जैसे दावों को भी ‘बिना आधार’ बताया गया.

पूर्व अधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस, विपक्ष और उससे जुड़े NGOs बार-बार चुनाव आयोग को ‘BJP की B-टीम’ बताकर बदनाम करते रहे, जबकि ECI लगातार अपने तरीके, डेटा और प्रक्रियाएं सार्वजनिक कर रही है. पत्र में लिखा गया कि अदालत की निगरानी में हुई जांच, प्रकाशित डेटा और हटाए गए अवैध नाम इस तरह के आरोपों को गलत साबित करते हैं.

साइन करने वालों ने इसे चुनावी नाकामी से उपजा हताशा भरा गुस्सा बताया. उन्होंने लिखा, ‘जब नेता जनता से दूर हो जाते हैं, तो वे अपनी कमजोरियों की जगह संस्थाओं पर हमला करने लगते हैं. विश्लेषण की जगह नाटकीयता आ जाती है. जनसेवा की जगह सार्वजनिक तमाशा ले लेता है.’ पत्र में कहा गया कि देश को आज भी पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन सेशन और एन. गोपालस्वामी जैसी शख्सियतें याद हैं, जिन्होंने बिना लोकप्रियता की चाहत के निष्पक्ष और सख्त चुनाव कराए.

अंत में पत्र ने चुनाव आयोग से कहा कि वह डेटा सार्वजनिक करता रहे, जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई लड़े और ‘पीड़ित बनने वाली राजनीति’ को दरकिनार करे. साथ ही राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे बिना सबूत के आरोप लगाने की जगह नीतियों पर प्रतिस्पर्धा करें और चुनाव परिणामों को शालीनता से स्वीकार करें.

‘जब से नतीजे आए हैं, तबसे…’, बिहार में करारी हार के बाद छलका प्रशांत किशोर का दर्द

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पटना: बिहार विधानसभा चुनावों में जन सुराज पार्टी को मिली करारी हार ने प्रशांत किशोर की नींद उड़ा दी है. प्रशांत किशोर ने खुद स्वीकार किया कि यह नतीजा उनके लिए बहुत बड़ा झटका है. उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद से उन्हें ठीक से नींद नहीं आई है क्योंकि जन सुराज ने अपेक्षा से कहीं कम प्रदर्शन किया.

पीके ने कहा कि मैं ईमानदारी से कहूं तो नतीजे आने के बाद मैं ठीक से सो नहीं पाया हूं, लेकिन जब तक आप हार नहीं मानते तब तक आप हारे नहीं हैं. चुनावी रणनीतिकार से राजनीति में एंट्री करने वाले प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी राजनीति किसी चुनावी जीत-हार से आगे की है. उन्होंने कहा कि अगर हम बिहार को बदलना चाहते हैं तो एक चुनाव से हारकर पीछे नहीं हट सकते. यह लंबी लड़ाई है और मैं इसे पूरी ताकत के साथ जारी रखूंगा.

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गले की खराश और खांसी में मुलेठी, जानिए इसे लेने का सही तरीका

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 मुलेठी | सर्दियों का मौसम आ चुका है और ठंड बढ़ने के साथ गले में खराश, लगातार खांसी, बलगम और आवाज बैठना एक आम समस्या बन चुकी है। आयुर्वेद में इन समस्याओं को दूर करने के लिए मुलेठी को काभी लाभदायक बताया जाता है।

औषधीय गुणों से भरपूर मुलेठी न केवल सूखी, बल्कि बलगम वाली खांसी की समस्या में भी राहत देती है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय सर्दियों में सबसे कारगर और सुरक्षित घरेलू नुस्खा मुलेठी को बताता है, जिसे आयुर्वेद में यष्टिमधु भी कहा जाता है। सदियों से आयुर्वेद में मुलेठी को ‘गले और फेफड़ों की सबसे अच्छी दोस्त’ माना जाता है।

मुलेठी कैसे फायदा देती है

मुलेठी में ग्लाइसिर्राइजिन नामक तत्व होता है, जो गले की सूजन कम करता है, बलगम को पतला करके बाहर निकालता है और खांसी में तुरंत राहत देता है। साथ ही यह पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में सहायक है, जिससे अपच, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। अच्छा पाचन होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और सर्दी-खांसी जल्दी ठीक होती है।

मुलेठी से लगातार आने वाली सूखी और बलगमी वाली खांसी में तुरंत राहत, गले की जलन, खराश और आवाज बैठना ठीक होती है। पेट की एसिडिटी, गैस, अपच और अल्सर में फायदा और इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। यह मुंह के छालों को दूर करता है।

गले की समस्या में मुलेठी का सेवन कैसे करें

मुलेठी के इस्तेमाल करने का तरीका भी आसान है। मुलेठी की छोटी डंडी को रात में पानी में भिगो दें, सुबह चबाकर खाएं और पानी पी लें। मुलेठी पाउडर को शहद के साथ लें, इससे खांसी में तुरंत आराम मिलता है। मुलेठी, अदरक और तुलसी की चाय भी फायदेमंद होती है। मुलेठी की डंडी मुंह में रखकर चूसना भी खांसी में आराम मिलता है।

रोजाना थोड़ी मात्रा में मुलेठी का सेवन सर्दी-जुकाम, खांसी से बचाव का असरदार तरीका है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर या किसी तरह की एलर्जी से परेशान लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है।

शताब्दी समारोह में PM मोदी बोले- ‘सत्य साईं बाबा आज भले हमारे बीच में नहीं लेकिन उनका प्रेम…’

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सत्यसाईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाईं जिले में आयोजित कार्यक्रम में दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह के मौके पर उनकी स्मृति में एक सिक्का और डाक टिकटों का सेट भी जारी किया। पीएम मोदी ने आध्यात्मिक गुरु को याद करते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं और सेवा संसार में उनके लाखों अनुयायियों का मार्गदर्शन हमेशा करती रहेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “श्री सत्य साईं बाबा का शताब्दी समारोह कार्यक्रम सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य वरदान है। भले ही साईं बाबा भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं, फिर भी उनका प्रेम और सेवा भावना करोड़ों लोगों के लिए मार्गदर्शक शक्ति है।” उन्होंने ये भी कहा कि 140 देशों में सत्य साईं बाबा के लाखों भक्तों को नई रोशनी और दिशा मिल रही है। उनके अनुयायी लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा ने सेवा को मानव जीवन के फोकस में रखा। हमारी अलग-अलग आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपराएं एक ही विचार की तरफ ले जाती हैं, चाहे कोई भक्ति, ज्ञान या कर्म के रास्ते पर चले। गरीबों के कल्याण के लिए अपनी सरकारी योजनाओं को बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब उनपर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा हो रही है।

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‘500-600 करोड़ की फिल्मों की बात अब नहीं’, दीपिका का बड़ा बयान

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साल 2025 की शुरुआत में दीपिका के पास 2 बड़ी फिल्में थीं, लेकिन साल के खत्म होने तक इन दोनों ही फिल्मों से दीपिका बाहर हो गईं. पहले एनिमल डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म स्पिरिट से उनका पत्ता साफ कर दिया गया. अब नाग आश्विन की फिल्म कल्कि 2 से भी उन्हें आउट कर दिया गया है.
दीपिका पादुकोण बीते कुछ समय से काम के 8 घंटों की बहस को लेकर भी सुर्खियों में थीं. अब एक्ट्रेस ने अपने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है कि जिन फिल्मों से उन्हें बाहर किया गया है,वह उनके लिए एक्साइटेड नहीं थी. वह सिर्फ स्टोरीटेलिंग पर फोकस कर रही हैं.

500–600 करोड़ की फिल्मों से फर्क नहीं पड़ता

दीपिका ने बाजार इंडिया को दिए इंटरव्यू में अपने करियर को लेकर कहा कि अब उनका फोकस अब स्टोरी टेलिंग पर है. उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो कितना और फेम, कितनी और सक्सेस, कितना और पैसा?अब इस स्टेज पर ये सब कुछ मायने नहीं रखता. अब बात 100 करोड़ी फिल्मों, या 500–600 करोड़ की फिल्मों का भी नहीं है. अब मुझे टैलेंट को एमपॉवर करने में अच्छा लगता है, मेरी टीम और मैं अब स्टोरीटेलिंग पर फोकस करना चाहते हैं. अब हम कुछ अलग क्रिएटिव लोगों, राइटर्स, डायरेक्टर्स और यहां तक कि नए प्रोड्यूसर्स को मौका देना चाहते हैं. अब मुझे ये चीजें ज्यादा मीनिंगफुल लगती हैं

खबरों की मानें तो दीपिका को उन दो फिल्मों से इसलिए आउट किया गया है क्योंकि वह 8 घंटे काम करने की डिमांड कर रही थीं और ये भी इसलिए क्योंकि वह हाल ही में मां बनी हैं. अब फिल्म में दीपिका की जगह तृप्ति डिमरी नजर आने वाली हैं. इसके बाद फिर खबर आई कि दीपिका अब कल्कि 2898 एडी के सीक्वल से भी बाहर हो गई हैं|

इन फिल्मों में आएंगी नजर

बात अगर दीपिका की आने वाली फिल्मों की करें तो दो बड़ी फिल्मों से बाहर होने के बाद भी उनके पास दो बड़ी फिल्मों के ऑफर और हैं. वह शाहरुख खान और सुहाना खान की फिल्म किंग में नजर आने वाली हैं. इसके अलावा उनके पास साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की एक फिल्म में भी काम कर रही हैं. जिसका टाइटल अभी जारी नहीं किया गया.

शशि थरुर की पोस्ट पर सुप्रिया श्रीनेत का पलटवार, मुझे पीएम मोदी के भाषण में कुछ भी सराहनीय नहीं लगा 

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर सांसद शशि थरूर द्वारा की गई सकारात्मक समीक्षा को खारिज कर कहा कि उन्हें भाषण में सराहना लायक कुछ भी नहीं लगा। कांग्रेस सांसद थरूर के पोस्ट का जवाब देकर श्रीनेत ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में सराहना लायक कुछ भी नहीं लगा। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री को कई बातों का जवाब देना चाहिए।
श्रीनेत ने कहा कि वे एक अखबार के कार्यक्रम में थे। उन्हें हमें बताना चाहिए था कि निष्पक्ष पत्रकारिता से उन्हें क्या दिक्कत है। उन्हें बताना चाहिए था कि वे सच दिखाने और बोलने वालों से खुश क्यों नहीं हैं। श्रीनेत ने कहा कि मुझे उनकी सराहना करने का कोई कारण नहीं दिखा। मुझे नहीं पता कि उन्हें (शशि थरूर) इसकी कोई वजह कैसे मिल गई। मुझे वहां एक तुच्छ भाषण लगा। उन्होंने वहाँ भी कांग्रेस की आलोचना की।
उनकी टिप्पणी थरूर की पोस्ट के माध्यम से की गई प्रतिक्रिया से बिल्कुल विपरीत थी, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन पर प्रकाश डाला था। थरूर ने लिखा कि उन्होंने व्याख्यान में भाग लिया था और उन्होंने देखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के लिए भारत की रचनात्मक अधीरता की बात की थी और उपनिवेशवाद-विरोधी मानसिकता पर ज़ोर दिया था। कांग्रेस नेता थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को उभरता हुआ बाज़ार नहीं, बल्कि दुनिया के लिए एक उभरता हुआ मॉडल बताया, देश के आर्थिक लचीलेपन पर ज़ोर देकर कहा कि वह लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए चुनावी मूड में नहीं, बल्कि भावनात्मक मूड में हैं।
थरूर ने कहा कि भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मैकाले की 200 साल पुरानी गुलामी मानसिकता की विरासत को पलटने और भारत की विरासत, भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों में गौरव बहाल करने के लिए 10 साल के राष्ट्रीय मिशन की अपील पर केंद्रित था। उन्होंने कहा, बुरी सर्दी और खांसी से जूझने के बावजूद दर्शकों के बीच उपस्थित रहकर खुशी हुई!

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सभी 10 टीमों के स्क्वॉड रिवील, देखें पूरी लिस्ट!

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आईपीएल | आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले सभी 10 टीमों ने अपनी अपनी रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों की सूची जारी कर दी है. आईपीएल रिटेंशन की घोषणा के बाद ज्यादातर टीमों का मुख्य स्क्वाड कंफर्म हो गया है. अब बचे हुए स्लॉट्स को भरने के लिए ऑक्शन 16 दिसंबर को होगा. कोलकाता नाइट राइडर्स वो टीम है, जिसने सबसे कम खिलाड़ियों को रिटेन किया है. केकेआर को छोड़कर सभी टीमों ने 15 या इससे अधिक प्लेयर्स को रिटेन किया है. पंजाब किंग्स समेत 3 टीमों ने 20 या इससे अधिक खिलाड़ियों को रिटेन किया. यहां देखें रिटेंशन की घोषणा के बाद सभी 10 टीमों का स्क्वाड.

चेन्नई सुपर किंग्स टीम(CSK Squad 2026)

ऋतुराज गायकवाड़, एमएस धोनी, डेवाल्ड ब्रेविस, आयुष म्हात्रे, उर्विल पटेल, अंशुल कंबोज, जेमी ओवरटन, रामकृष्ण घोष, शिवम दुबे, खलील अहमद, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, नाथन एलिस, श्रेयस गोपाल, गुरजापनीत सिंह, संजू सैमसन.

CSK ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 16 (4 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 9 (4 विदेशी)

दिल्ली कैपिटल्स टीम (DC Squad 2026)

केएल राहुल, करुण नायर, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रराज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराण विजय, माधव तिवारी, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, नितीश राणा.

DC ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 17 (3 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 8 (5 विदेशी)

गुजरात टाइटंस टीम (GT Squad 2026)

शुभमन गिल, साई सुदर्शन, कुमार कुशाग्र, अनुज रावत, जोस बटलर, निशांत सिंधु, ग्लेन फिलिप्स, वॉशिंगटन सुंदर, अरशद खान, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसीद कृष्ण, इशांत शर्मा, गुरनूर सिंह बराड़, राशिद खान, मानव सुथार, साईं किशोर, जयन्त यादव.

GT ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 20 (4 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 5 (4 विदेशी

कोलकाता नाइट राइडर्स टीम (KKR Squad)

अजिंक्य रहाणे, रिंकू सिंह, अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, वैभव अरोड़ा, सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा, उमरान मलिक.

KKR ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 12 (2 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 13 (6 विदेशी)

लखनऊ सुपर जायंट्स टीम (LSG Squad 2025)

ऋषभ पंत, आयुष बडोनी, अब्दुल समद, एडन मार्क्रम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीत्ज़के, निकोलस पूरन, मिशेल मार्श, शाहबाज़ अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, मयंक यादव, आवेश खान, मोहसिन खान, एम. सिद्धार्थ, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव, आकाश सिंह, अर्जुन तेंदुलकर, मोहम्मद शमी.

LSG ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 19 (4 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 6 (4 विदेशी)

मुंबई इंडियंस टीम (MI Squad 2026)

रोहित शर्मा, सूर्य कुमार यादव, रॉबिन मिंज, रयान रिकेल्टन, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, नमन धीर, मिशेल सैंटनर, विल जैक, कॉर्बिन बॉश, राज बावा, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, अश्वनी कुमार, रघु शर्मा, अल्लाह गजनफ़र, मयंक मारकंडे, शार्दुल ठाकुर, शेरफेन रदरफोर्ड.

MI ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 20 (7 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 5 (1 विदेशी

पंजाब किंग्स टीम (PBKS Squad 2026)

श्रेयस अय्यर, नेहल वढेरा, विष्णु विनोद, हरनूर पन्नू, पाइला अविनाश, प्रभसिमरन सिंह, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, हरप्रीत बराड़, मार्को जानसन, अजमतुल्लाह उमरजई, प्रियांश आर्य, मुशीर खान, सूर्यांश शेडगे, मिच ओवेन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विशक विजयकुमार, यश ठाकुर, जेवियर बार्टलेट, लॉकी फर्ग्यूसन.

PBKS ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 21 (6 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 4 (2 विदेशी)

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम (RCB Squad 2026)

रजत पाटीदार, विराट कोहली, टिम डेविड, देवदत्त पडिक्कल, फिल साल्ट, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, स्वप्निल सिंह, जोश हेज़लवुड, भुवनेश्‍वर कुमार, रसिख सलाम, यश दयाल, सुयश शर्मा, नुवान तुषारा, अभिनंदन सिंह.

RCB ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 17 (6 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 8 (2 विदेशी)

राजस्थान रॉयल्स टीम (RR Squad 2026)

शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, युद्धवीर सिंह चरक, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, फ़ज़लहक़ फ़ारूक़ी, क्वेना मफाका, नंद्रे बर्गर, रवींद्र जड़ेजा, सैम कुरेन, डोनोवन फरेरा.

RR ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 16 (7 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 9 (1 विदेशी

सनराइजर्स हैदराबाद टीम (SRH Squad 2026)

ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर स्मरण, इशान किशन, हेनरिक क्लासेन, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कारसे, पैट कमिंस, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, जीशान अंसारी.

SRH ने कितने प्लेयर्स को रिटेन किया- 15 (6 विदेशी)
अवेलेबल स्लॉट्स- 10 (2 विदेशी

दिल्ली ब्लास्ट के बाद ED का बड़ा एक्शन, अल फलाह के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी अरेस्ट

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नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई अल फलाह ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान मिली अहम जानकारियों और सबूतों के आधार पर की गई. ईडी ने यह जांच दो FIR के आधार पर शुरू की थी, जो दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दर्ज की थीं.

आरोप है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने गलत तरीके से NAAC मान्यता होने का दावा किया. यूजीसी के सेक्शन 12(B) के तहत मान्यता होने की झूठी जानकारी दी. ताकि छात्रों, माता-पिता और आम जनता को गुमराह कर आर्थिक फायदा लिया जा सके. यूजीसी ने साफ किया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी केवल सेक्शन 2(f) के तहत एक स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी के रूप में सूचीबद्ध है और उसने कभी भी 12(B) के तहत मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है.

ट्रस्ट कैसे काम करता है?
अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 8 सितंबर 1995 में हुई थी.
इस ट्रस्ट में जावेद अहमद सिद्दीकी पहले ही दिन से ट्रस्टी रहे हैं और वही असल में पूरे ग्रुप को कंट्रोल करते हैं.
विश्वविद्यालय और उससे जुड़े सभी कॉलेज इसी ट्रस्ट के तहत आते हैं.

ट्रस्ट और ग्रुप ने 1990 के दशक से बहुत तेजी से विस्तार किया. मगर, यह इजापा उनकी असली/सामान्य वित्तीय क्षमता से मेल नहीं खाती. आज दिल्ली में 19 जगहों पर छापेमारी हुई, जिसमें अल फलाह यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों के घर शामिल थे. छापेमारी के दौरान 48 लाख रुपये से ज्यादा कैश, कई डिजिटल डिवाइस, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई शेल कंपनियों के सबूत मिले.

ED की जांच में सामने आया कि ट्रस्ट के पैसों को परिवार की कंपनियों में डायवर्ट किया गया. निर्माण और कैटरिंग के ठेके जावेद सिद्दीकी की पत्नी और बच्चों की कंपनियों को दिए गए. पैसों की लेयरिंग, गलत लेन-देन और अन्य कई नियमों का उल्लंघन पाया गया. ईडी का कहना है कि जावेद अहमद सिद्दीकी ट्रस्ट और उसके वित्तीय फैसलों को असल में कंट्रोल करते हैं. मिले सबूतों से पता चलता है कि उन्होंने अपराध से कमाए गए पैसों को छिपाया और कई तरीकों से इधर-उधर घुमाया. इन सबूतों के आधार पर उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार किया गया.

जो कोई भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू : भागवत 

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गुवाहाटी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने जोर देकर कहा कि हिंदू धर्म धार्मिक अर्थों से बंधा नहीं है, बल्कि समावेशी है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अगर मुसलमान और ईसाई इस देश की पूजा करते हैं, भारतीय संस्कृति का पालन करते हैं, यहाँ तक कि अपने रीति-रिवाजों और परंपराओं को छोड़े बिना भी, तब वे भी हिंदू हैं। आरएसएस के शताब्दी समारोह के तहत असम की अपनी यात्रा के दौरान बुद्धिजीवियों, विद्वानों, संपादकों, लेखकों और उद्यमियों के समूह को संबोधित कर भागवत ने कहा कि जो लोग मातृभूमि के प्रति समर्पण, हमारे पूर्वजों के गौरव और हमारी संस्कृति की विरासत को आगे बढ़ाते हैं, वे सभी हिंदू हैं। हिंदू धर्म को धार्मिक अर्थों में नहीं लिया जाना चाहिए। हिंदू धर्म और हिंदू संस्कृति केवल भोजन और पूजा नहीं है। यह समावेशी है।
भागवत ने कहा कि जो कोई भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू है। संघ प्रमुख भागवत ने दावा किया कि हिंदू केवल एक धार्मिक शब्द नहीं है, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक निरंतरता में निहित एक सभ्यतागत पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत और हिंदू पर्यायवाची हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र होने के लिए किसी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है। इसकी सभ्यतागत प्रकृति पहले से ही इस बात को दर्शाती है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि आरएसएस की स्थापना किसी का विरोध करने या नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने और भारत को वैश्विक नेता बनाने में योगदान देने के लिए की गई थी। 
इनमें से, आरएसएस प्रमुख ने परिवार संस्था को मज़बूत करने पर विशेष ज़ोर दिया और हर परिवार से अपने पूर्वजों की कहानियों को संजोने और युवा पीढ़ी में ज़िम्मेदारी और सांस्कृतिक गौरव का संचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लचित बोरफुकन और श्रीमंत शंकरदेव जैसे आदर्शों से सभी भारतीयों को प्रेरणा मिलनी चाहिए, भले ही उनका जन्म किसी विशेष प्रांत में हुआ हो, लेकिन वे हमारे राष्ट्रीय आदर्श हैं।
भागवत ने स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन में डॉ. हेडगेवार के कारावास और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश भर के अनगिनत स्वयंसेवकों के योगदान को याद किया

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News Desk