IRIS लावन को भारत में एंट्री क्यों मिली? विदेश मंत्री जयशंकर ने दिया जवाब

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नई दिल्ली।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत ने ईरान के नौसैनिक जहाज  ‘आईरिस लावन’ को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति मानवीय आधार पर दी थी। उन्होंने बताया कि जहाज में तकनीकी समस्या आने के बाद ईरान ने भारत से सहायता मांगी थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

तकनीकी समस्या के बाद मांगी थी मदद

दरअसल, ईरान का एक अन्य जहाज ‘आईरिस देना’ अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में डूब गया था। इसी बीच ‘आईरिस लावन’ ने तकनीकी दिक्कतों की जानकारी देते हुए भारत के बंदरगाह पर आने की अनुमति मांगी। विदेश मंत्री ने बताया कि यह अनुरोध 28 फरवरी के आसपास आया था और भारत ने 1 मार्च को जहाज को कोच्चि पोर्ट में प्रवेश की अनुमति दे दी। कुछ दिनों की यात्रा के बाद जहाज वहां पहुंच गया। जहाज पर मौजूद 183 क्रू सदस्य फिलहाल कोच्चि स्थित नौसैनिक सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। जयशंकर ने कहा कि जहाज पर मौजूद कई लोग युवा कैडेट थे और जब जहाज ने मदद मांगी, तो भारत ने इसे मानवीय दृष्टिकोण से देखा। उनके मुताबिक, किसी जहाज को परेशानी में होने पर सहायता देना सही कदम था और भारत ने वही किया।

फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेने आया था जहाज

ईरानी नौसेना के ये जहाज भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू और युद्धाभ्यास मिलन 2026 में भाग लेने आए थे। यह कार्यक्रम 15 फरवरी से 25 फरवरी के बीच आयोजित किया गया था। जयशंकर ने कहा कि उस समय क्षेत्रीय हालात अलग थे, लेकिन बाद में परिस्थितियां अचानक बदल गईं और जहाज मुश्किल में आ गया।

हिंद महासागर की स्थिति पर भी बोले

विदेश मंत्री ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में कई देशों की सैन्य मौजूदगी पहले से है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि डिएगो गार्सिया और जिबूती जैसे स्थानों पर विदेशी सैन्य ठिकाने दशकों से मौजूद हैं, जबकि हंबनटोटा बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट भी पिछले वर्षों में सामने आए हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत पिछले एक दशक से इस क्षेत्र में व्यापार, कनेक्टिविटी और समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रहा है।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया भर के कई मर्चेंट शिप्स पर बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। ऐसे में जब भी समुद्री जहाजों पर हमले होते हैं, तो भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में करीब 90 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं और उनकी सुरक्षा भी भारत की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस मामले में आमिर खान से पीछे हैं शाहरुख खान!

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एक्टर-राइटर एमएम फारुकी ने हाल ही में शाहरुख खान के बारे में अपने विचार साझा किए हैं। बातचीत में अभिनेता ने फिल्म ‘जीरो’ में शाहरुख की परफॉर्मेंस पर बात की। उन्होंने शाहरुख खान की तुलना आमिर खान से की है।

शाहरुख ने नहीं छोड़ी कोई कसर

एम एम फारूकी को लिलिपुट के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में फिल्म ‘जीरो’ के बारे में बात की। उन्होंने कहा ‘उन्होंने (शाहरुख) अपनी पूरी कोशिश की। शाहरुख ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने पूरी ईमानदारी और लगन से काम किया। लेकिन अगर कुछ असरदार नहीं है, तो बेचारा आदमी क्या कर सकता है? यह ऐसा है जैसे कोई कहे कि कोई बहुत हैंडसम है लेकिन वह स्क्रीन पर अच्छा नहीं दिखता।’ शाहरुख खान ने ‘जीरो’ में एक नाटे आदमी का किरदार किया था। यह उनके करियर के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक थी। मगर यह बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाई।

शाहरुख की आमिर से तुलना

लिलिपुट ने शाहरुख खान के स्क्रिप्ट चुनने के बारे में कहा ‘आप पूरी ईमानदारी से काम कर सकते हैं, और शाहरुख जरूर ईमानदारी से काम करते हैं। इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन बहुत से लोगों को स्क्रिप्ट की समझ नहीं होती। हो सकता है कि उनमें भी न हो। और यह कोई शर्मनाक या बुरी बात नहीं है।’ उन्होंने कहा ‘क्योंकि शाहरुख की फिल्में देखने के बाद, ऐसा लगता है कि उनमें आमिर खान जैसी स्क्रिप्ट की समझ नहीं है।’
 

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धुरंधर 2 का ट्रेलर रिलीज, बदला लेने निकले रणवीर सिंह—देखें क्या है खास

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फिल्म ‘धुरंधर 2’ का दर्शकों को काफी इंतजार है। कुछ ही दिनों में यह सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इससे पहले मेकर्स ने इसका ट्रेलर जारी किया है, जो काफी दमदार है। ट्रेलर ने दर्शकों के उत्साह को और बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं ट्रेलर में क्या खास है?

ट्रेलर में क्या है?

3 मिनट 25 सेकेंड के ट्रेलर में दिखाया गया है कि रणवीर सिंह एक्शन मोड में हैं। वह पहले से ज्यादा आक्रामक दिखे हैं। इसमें सवाल उठाया गया है कि रहमान डकैत की मौत के बाद ल्यारी का बादशाह कौन होगा। ट्रेलर देखने से लगता है कि ल्यारी के बादशाह रणवीर सिंह बन गए हैं। एक सीन में पाकिस्तान के लोग रणवीर की जीत का जश्न मनाते हुए नजर आते हैं। ल्यारी के लोग रणवीर सिंह की सच्चाई जानकर हैरानी जताते हैं। 

ट्रेलर की खास बात

खास बात यह है कि ट्रेलर में रणवीर सिंह एक नए लुक में नजर आए हैं। रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त दमदार किरदार में नजर आए हैं। अर्जुन रामपाल पहले से ज्यादा खतरनाक दिखे हैं। ट्रेलर में डबल एक्शन और डबल धमाका है। ट्रेलर का डायलॉग ‘पाकिस्तान का मुस्तकबिल अब हिंदुस्तान तय करेगा।’ बहुत दमदार लगा है। 

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नीतीश के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को JDU ज्वाइन करेंगे, डिप्टी सीएम बनने की चर्चा

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बिहार| में होली के त्योहार के बीच सियासी घटनाक्रम में बड़ा उलटफेर होने जा रहा है. जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है, तो वहीं उनके बेटे निशांत कुमार भी 8 मार्च को आधिकारिक रूप से JDU ज्वाइन करने जा रहे हैं. निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना है. सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर सीएम की कुर्सी खाली हो जाएगी. बड़ा सवाल यह है कि आखिर अब सीएम की कुर्सी पर कौन विराजमान होगा? हालांकि, अभी तक किसी के नाम पर मुहर नहीं लगी है|

निशांत कुमार को CM बनाने की उठी मांग

एक ओर जहां निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा चल रही है, तो वहीं जेडीयू विधायक अजीत कुमार ने निशांत कुमार को सीएम बनाने की मांग की है. उन्होंने शुक्रवार, 6 मार्च को कहा कि निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाए. इसके अलावा बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने कहा, “हमने मांग की है कि निशांत कुमार राजनीति में आएं और वो नेतृत्व करें|”

JDU में शामिल होने से पहले एक्टिव हुए निशांत

निशांत कुमार पार्टी में शामिल होने से पहले ही राजनीति में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं. उन्होंने आज शनिवार की सुबह संजय झा के आवास पर सभी 29 विधायकों के साथ बैठक की है. इस बैठक में श्रवण कुमार और विजय चौधरी भी शामिल रहे|

बिहार में CM की रेस में ये नाम शामिल

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद सीएम की कुर्सी खाली हो जाएगी. ऐसे में सीएम कौन बनेगा. इसको लेकर कई नेताओं का नाम चल रहा है. बिहार में अब बीजेपी से ही मुख्यमंत्री बनने की संभावना है. सीएम पद की रेस में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री दिलीप जायसवाल, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और पांच बार के एमएलए संजीव चौरसिया का नाम शामिल है|

भारत-जापान के बीच बड़ा समझौता, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने पर सहमति

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नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूत करने के लिए सासमोस एचईटी टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बीईएल के अनुसार इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, सिस्टम इंटीग्रेशन और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगी। इसका उद्देश्य रक्षा उपकरणों के महत्वपूर्ण पुर्जों का देश में ही निर्माण बढ़ाना, घरेलू उत्पादन को मजबूत करना और निर्यात को बढ़ावा देना है। इस साझेदारी के तहत फाइबर ऑप्टिक सिस्टम, एवियोनिक्स, मिशन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस स्तर के इंटरकनेक्ट समाधान जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा। 
 
सेमीकंडक्टर-एआई क्षेत्र में सहयोग करेंगे भारत-जापान

भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाई देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शुक्रवार को जापानी प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार सदामासा ओए के साथ रक्षा तकनीक और आर्थिक सुरक्षा के स्तंभों को और अधिक सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का मुख्य केंद्र भारत-जापान आर्थिक सुरक्षा पहल रहा, जिसकी नींव 2025 में रखी गई थी। इस पहल के तहत दोनों देश सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, फार्मास्युटिकल्स और क्लीन एनर्जी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इस सहयोग का उद्देश्य न केवल तकनीक साझा करना है, बल्कि आपूर्ति शृंखला को लचीला बनाना और बाजार विविधीकरण को बढ़ावा देना भी है। दोनों पक्षों ने भारत-जापान एआई सहयोग पहल (जेएआई) और बैटरी आपूर्ति शृंखला के विकास पर भी सहमति जताई। यह कदम एक सुरक्षित और भरोसेमंद एआई इकोसिस्टम बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। ब्यूरो

पीएम मोदी के संयुक्त विजन का हिस्सा

दरअसल, द्विपक्षीय संबंधों की यह सक्रियता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली जापान यात्रा के दौरान तय किए गए अगले दशक के संयुक्त विजन का हिस्सा है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के नेतृत्व में एक संसदीय दल ने भी जापानी विदेश राज्य मंत्री कुनिमित्सु अयानो से भेंट की, जहां दोनों देशों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठकें दर्शाती हैं कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत और जापान की एकजुटता वैश्विक स्थिरता के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।

आज पुराने विचार बदल रहे हैं, अनिश्चितताओं को समझना जरूरी

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नई दिल्ली। ईरान पर जिस तरह से इजराइल-अमेरिका ने अटैक किया, उसके बाद से मध्य एशिया में तनाव किसी से छिपा नहीं है। इस हमले को एक हफ्ते हो चुके हैं इसके बावजूद दोनों ओर से जवाबी एक्शन जारी है। मिडिल ईस्ट में टेंशन पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य एशिया के हालात पर अहम टिप्पणी। उन्होंने कहा कि आज पुराने विचार बदल रहे हैं। पुराने ग्लोबल ऑर्डर और पुरानी मान्यताएं तेजी से बदल रही हैं और हमें इन अनिश्चितताओं को समझना होगा।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले समुद्र को केवल व्यापार का माध्यम माना जाता था, लेकिन आज हम देख सकते हैं कि यह रणनीतिक प्रभुत्व का केंद्र बन रहा है। वैश्विक स्तर पर बदलाव हो रहा है, पुरानी रूढ़ियां, वैश्विक व्यवस्थाएं और मान्यताएं टूट रही हैं। हमें इन अनिश्चितताओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल लेवल पर बदलाव हो रहा है। हमें इन अनिश्चितताओं को समझना होगा। मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति इसका एक ज्वलंत उदाहरण हैं। 

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि आज सप्लाई चेन रीअलाइन हो रहे। एनर्जी के रास्तों को लेकर नए समीकरण बन रहे हैं। आज हम स्पष्ट रूप से देख रहे कि समुद्र रणनीतिक उपस्थिति का भी केंद्र बनता जा रहा है। दुनिया बदल रही और पुरानी स्थितियां टूट रही हैं। जो ऊपर से प्वाइंट एक-दूसरे जुड़े हुए नजर आ रहे, हर भौगोलिक स्थिति की अलग-अलग कहानी है। आज ग्लोबल लेवल पर कुछ नया हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल लेवल पर परिवर्तन चल रहा है। यही वो अनिश्चितता है जिन्हें हमें समझना होगा। मिडिल ईस्ट की स्थिति इसका ज्वलंत उदाहरण है। आज वहां जो हो रहा है वह बहुत ही असामान्य है और यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वहां या हमारे पड़ोस में स्थिति किस प्रकार बदलेगी।

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भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 विमान रडार से गायब होकर क्रैश, दोनों पायलट शहीद

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना का एक सुखोई एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमान गुरुवार रात असम के कार्बी आंगलोंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुखद हादसे में वायुसेना के दो जांबाज अधिकारियों, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर का निधन हो गया है। वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर इस क्षति की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, जब यह हादसा हुआ। इससे पहले विमान रडार से गायब हो गया था।
घटनाक्रम के अनुसार, इस दो सीटों वाले लड़ाकू विमान ने असम के जोरहाट से अपनी उड़ान भरी थी।

गुरुवार, 5 मार्च की शाम करीब 7 बजकर 42 मिनट पर विमान का रडार और नियंत्रण कक्ष से अंतिम बार संपर्क हुआ था। इसके बाद विमान अचानक लापता हो गया, जिससे वायुसेना में हड़कंप मच गया। रात लगभग 9 बजकर 34 मिनट पर विमान के लापता होने की आधिकारिक सूचना साझा की गई, जिसके तुरंत बाद व्यापक खोज और बचाव अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया गया। कठिन प्रयासों के बाद वायुसेना को विमान का मलबा जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के दुर्गम इलाके में मिला। जांच में सामने आया कि विमान क्रैश हो चुका था और उसमें सवार दोनों पायलटों को जानलेवा चोटें आई थीं, जिसके कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। रूसी कंपनी सुखोई द्वारा निर्मित यह विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े का एक अत्यंत शक्तिशाली और आधुनिक विमान माना जाता है। भारतीय वायुसेना ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए शहीद पायलटों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। वायुसेना ने कहा कि पूरा सैन्य परिवार इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह दुर्घटना देश के लिए एक बड़ी रक्षा क्षति है, जिसने पूरे सैन्य समुदाय को शोक में डुबो दिया है।

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पुतिन से तेल ले सकते हैं, लेकिन अमेरिकी ब्लैकमेल कब तक चलेगा?

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नई दिल्ली। ईरान के होर्मुज स्ट्रेट बंद करने से पैदा हो रहे ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अमेरिका ने भारत को एक वैकल्पिक रास्ते का ऑफर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि भारत फिलहाल 30 दिनों तक रूस से कच्चा तेल खरीद सकता है, लेकिन इस अमेरिकी घोषणा पर कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस ने अमेरिका की ओर से मिली छूट को भारतीय संप्रभुता पर हमला बताया, बल्कि केंद्र सरकार की यह कहकर आलोचना कर रही है कि आखिर अमेरिका इस तरह से हमें कबतक ब्लैकमेल करता रहेगा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर हिंदी में पोस्ट कर लिखा- ट्रंप का नया खेल, दिल्ली दोस्त को कहा, पुतिन से ले सकते हो तेल, कब तक चलेगा ये अमेरिकी ब्लैकमेल। वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने तो इसे देश की संप्रभुता तक से जोड़ दिया है। उन्होंने भी एक्स पर अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के बयान के जवाब में लिखा  कि 30 दिन की छूट जारी करना, दबाव की पाखंडी भाषा, नव-साम्राज्यवादी अहंकार से भरा है…क्या हम बनाना रिपब्लिक हैं, जो हमें अपने लिए तेल खरीदने के लिए अमेरिकी अनुमति की जरूरत है? वैसे ज्यादा बोलने वाली सरकार की चुप्पी कुछ ज्यादा है। क्या इसे नहीं पता कि संप्रभुता का मतलब क्या है?

इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि भारतीय रिफाइनरों को रूसी तेल खरीदने के लिए ट्रेजरी विभाग 30 दिनों के लिए अस्थाई छूट जारी करता है।…इस छोटे समय के उपाय से रूसी सरकार को ज्यादा वित्तीय फायदा नहीं मिलेगा…भारत, अमेरिका का एक जरूरी पार्टनर है और हमें पूरा अंदाजा है कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल खरीद बढ़ाएगा…। बता दें अमेरिका ने यह फैसला भारत की ओर से उसके साथ तेल ढोने वाले समुद्री टैंकरों की सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस कवर पर हो रही चर्चा के बीच लिया। अमेरिकी सरकार ने यहां तक कहा था कि अगर जरूरी हुआ तो उसकी नौ सेना होमुर्ज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करके सुरक्षित निकालेगी।

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वेबिनार में बोले प्रधानमंत्री मोदी- कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा देना जरूरी  

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘कृषि और ग्रामीण परिवर्तन’ विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में कृषि और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं और वेबिनार में सामने आए सुझाव इन प्रावधानों को तेजी से जमीन पर उतारने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया में कृषि उत्पादों की मांग भी नए रूप में सामने आ रही है। ऐसे में भारतीय किसानों को ध्यान में रखते हुए खेती को अधिक से अधिक निर्यात उन्मुख बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की विविध जलवायु परिस्थितियां और अनेक एग्रो-क्लाइमेटिक जोन देश को कृषि उत्पादन में विशेष बढ़त देते हैं, जिनका बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत ऐसे कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिनकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक मांग है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि केरला और तमिलनाडु के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इस बार नारियल उत्पादन को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्र की फसलों को भी बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट के प्रावधानों का पूरा लाभ देश को मिले, इसके लिए विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बजट में आवंटित हर रुपये का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक जल्द से जल्द पहुंचे, इसके लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, ग्रामीण कारीगर और श्रम आधारित गतिविधियां भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ भी है और इसी सोच के साथ सरकार लगातार इस क्षेत्र को मजबूत करने के प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 10 करोड़ किसानों को अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में किए गए सुधारों से किसानों को लागत से डेढ़ गुना तक लाभ मिल रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब 2 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया गया है, जिससे किसानों का जोखिम कम हुआ है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिली है। वेबिनार में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी शामिल हुए।

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नेपाल के अगले पीएम हो सकते हैं बालेन शाह, भारत के खिलाफ रहे विवादित बयान

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नई दिल्ली। नेपाल में अगले पीएम के चुनाव के लिए वोटिंग के एक दिन बाद देश इतिहास रचने जा रहा है। रैपर से नेता बने बालेन शाह पीएम बनने की राह पर हैं। नेपाल की सियासत में उभरते चेहरे बालेन शाह अक्सर भारत को लेकर अपने बयानों और फैसलों की वजह से चर्चा में रहते हैं। काठमांडू के मेयर बनने के बाद बालेन ने कई ऐसे कदम उठाए, जिन्हें भारत के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सबसे बड़ा विवाद तब हुआ, जब उन्होंने अपने दफ्तर में ‘ग्रेटर नेपाल’ का नक्शा लगवाया, जिसमें यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत भारत के कई इलाकों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था। यह नक्शा भारत की नई संसद में लगे ‘अखंड भारत’ के भित्तिचित्र के जवाब के तौर पर देखा गया। बालेन शाह के इस कदम ने भारत-नेपाल संबंधों पर नई बहस छेड़ दी थी। इसके अलावा उन्होंने फिल्म ‘आदिपुरुष’ के एक डायलॉग को लेकर काठमांडू में हिंदी फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगाने की चेतावनी भी दी थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक जून 2023 में काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह ने अपने ऑफिस में नेपाल का नया मैप लगाया, जिस पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इस मैप में भारत के कई राज्यों के कुछ हिस्सों को ग्रेटर नेपाल का हिस्सा बताया गया था। जून 2023 में बालेंद्र शाह ने बॉलीवुड फिल्मों को निशाने पर लिया था। प्रभास, कृति सैनन और सैफ अली खान स्टारर फिल्म आदिपुरुष की रिलीज से यह विवाद शुरू हुआ था। फिल्म में एक डायलॉग है- सीता भारत की बेटी हैं। इस पर बालेन भड़क गए और उन्होंने इसे नेपाल की सांस्कृतिक पहचान पर हमला बता दिया था। ऐसी भी कई मान्यताएं हैं कि सीता का जन्म नेपाल के दक्षिण-पूर्व स्थित जनकपुर में हुआ था। बालेन ने कहा था कि जब तक फिल्म से डायलॉग नहीं हटाया जाता, काठमांडू में आदिपुरुष ही नहीं बल्कि कोई भी भारतीय फिल्म रिलीज नहीं होगी।

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