दिग्गज फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र का निधन, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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Dharmendra Alive Or Dead: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार (24 नवंबर 2025) को निधन हो गया है. धर्मेंद्र काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. काफी देर से घर पर एक एंबुलेंस पहुंची थी, जिसके बाद से उनके फैंस को एक बार फिर टेंशन होने लगी थी. लेकिन अब धर्मेंद्र ने दुनिया को अलविदा कह दिया है.

एक्टर धर्मेंद्र को पिछले कुछ हफ्ते से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद पूरी तरह से धर्मेंद जब स्वस्थ्य हो गए तो उनके बेटों ने घर पर ही रखने का फैसला किया था. धर्मेंद्र का घर पर ही इलाज चल रहा था. आज अचानक उनका निधन हो गया. पूरा परिवार घर पर पहुंच चुका है.

भारत की वनडे टीम घोषित, KL राहुल को कमान, गायकवाड़ की धमाकेदार वापसी – देखें पूरी टीम और शेड्यूल

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IND vs SA: बीसीसीआई ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है. वनडे सीरीज का आगाज 30 नवंबर को होगा. टीम की कमान केएल राहुल को सौंपी गई. रेगुलर कप्तान शुभमन गिल टेस्ट सीरीज में लगी चोट के चलते बाहर हो गए हैं. इसके अलावा श्रेयस अय्यर को भी इस टीम में मौका नहीं मिला है.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में खेलने वाले चार खिलाड़ियों को इस घरेलू सीरीज के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया है. शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर चोट के चलते बाहर है. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को वर्कलोड़ मेनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है. वहीं, ऑलराउंर अक्षर पटेल को टीम से ड्रॉप कर दिया गया है.

गायकवाड़ की 2 साल बाद वापसी
साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में ऋतुराज गायकवाड़ की वापसी हुई है. ऋतुराज ने भारत के लिए आखिरी वनडे 2023 में साउथ अफ्रीका के ही खिलाफ खेला था. गायकवाड़ ने इंडिया ए और महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए दमदार प्रदर्शन किया है. 2023 में ड्रॉप होने के बाद अब गायकवाड़ की मेहनत को सेलेक्टर्स ने सराहा है.

वनडे सीरीज के लिए भारत की टीम
केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, ऋतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह और ध्रुव जुरेल

वनडे सीरीज का शेड्यूल
30 नवंबर- रांची
3 दिसंबर- रायपुर
6 दिसंबर- विशाखापट्नम

दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर ट्राले से टकराई कार, सूरत का परिवार घायल

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रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर ट्राले में पीछे से एक तेज रफ्तार कार टकरा गई। हादसे में कार में सवार पति-पत्नी और दो बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह परिवार गुजरात के सूरत से नोएडा एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हादसा रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। काजलिया पाड़ा स्थित जामण नदी के पास आगे चल रहे एक ट्राले में पीछे से आ रही अर्टिगा कार घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का आगे का पूरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एयर बैग की वजह से कार सवारों की जान बच गई। सामने आई तस्वीर में एयर बैग पर भी खून के निशान देखे गए। कार में सूरत के सिल्क कपड़ा व्यापारी अपने परिवार के साथ सवार थे। घायलों की पहचान साहिल कुमार (38), पत्नी स्वेनका (35), बेटा शनय (15) और छोटा बेटा श्यान (4) के रूप में हुई है।

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नोरा फतेही ने ठुकराया ‘बिग बॉस 9’ का ऑफर, खुलासा किया अपने सबसे बड़े डर का

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टीवी | एक्ट्रेस-डांसर नोरा फतेही ने रियलिटी टीवी शो ‘बिग बॉस 9’ में एक कंटेस्टेंट के तौर पर हिस्सा लिया था। यह शो अक्तूबर 2015 से जनवरी 2016 तक एयर हुआ था। उन्होंने शो के 58वें दिन वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री की थी। क्या आप जानते हैं कि उस समय उन्हें शुरू में ‘मेन कंटेस्टेंट’ में से एक के तौर पर शामिल होने के लिए अप्रोच किया गया था? इस बारे में नोरा फतेही ने अपनी बात रखी है।

गलतफहमी की वजह से हुआ

मैशेबल इंडिया से बातचीत में नोरा फतेही ने बताया ‘बिग बॉस ने शुरू में मुझे मेन कंटेस्टेंट में से एक बनने के लिए अप्रोच किया था। इस पर मैंने उन्हें मना कर दिया था। मुझे लग रहा था कि मैं इस तरह की चीजों के लिए तैयार नहीं हूं। यह गलतफहमी की वजह से हुआ। मुझे लगा कि लोग मुझे नहीं समझ पाएंगे। तब मैं छोटी थी और अपने आपको को समझने की कोशिश कर रही थी। मुझे लगा कि लोग अलग तरह से बर्ताव करेंगे इसलिए मैं मुसीबत में पड़ने के लिए तैयार नहीं थी।’

वाइल्ड कार्ड के जरिए हुई एंट्री

नोरा ने आगे बताया कि जब मेकर्स ने वाइल्ड कार्ड एंट्री के जरिए उन्हें अप्रोच करने की कोशिश की तो उन्होंने हां कह दी। उन्होंने कहा ‘तो जब वे वाइल्ड कार्ड एंट्री के लिए वापस आए, तो मुझे लगा कि ठीक है, शायद कुछ हफ्ते लगेंगे। मैं ऐसा कर सकती थी। मैं चाहती थी कि मैं दुनिया को बता दूं कि मैं यहां हूं।’

‘झलक दिखला जा’ में जाना चाहती थीं नोरा

नोरा ने कहा बताया कि वह शो ‘झलक दिखला जा’ में जाना चाहती थीं। उन्होंने सोचा कि वह अगर ‘बिग बॉस’ में जाएंगी तो उन्हें ‘झलक दिखला जा’ में जाने में मदद मिलेगी इसलिए वह ‘बिग बॉस’ में गईं। ‘बिग बॉस’ से बाहर आने के तुरंत बाद उन्हें ‘झलक दिखला जा’ का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया।

नोरा फतेही ने ‘बिग बॉस 9’ में 58वें दिन एंट्री की और वह 83वें दिन बाहर हो गईं। प्रिंस नरूला उस सीजन के विनर बने।

बिहार हार को लेकर पीके बोले- ईवीएम हेरफेर के प्रमाण नहीं पर कुछ तो गड़बड़ हुआ 

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जंगलराज लौट आएगा फैक्टर भी हार का एक बड़ा कारण 

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज के संस्थापक और चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जनता में जंगल राज की वापसी को लेकर फैली आशंका और कुछ छिपे हुए कारक उनकी पार्टी की हार की बड़ी वजह बने। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि उनके आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं हैं। 
एक इंटरव्यू के दौरान पीके ने कहा, कि चुनाव के अंतिम चरण में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने मान लिया कि जन सुराज जीतने की स्थिति में नहीं है, और उन्हें डर था कि वोट बंटने से लालू यादव के पुराने जंगल राज की वापसी हो सकती है। पीके ने कहा, अगर लोग सोचते हैं कि हमारा वोट किसी तरह आरजेडी की वापसी का मार्ग खोल देगा, तो वे जोखिम नहीं लेना चाहते। यह डर हमारे खिलाफ गया। 

238 सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी, जीता एक भी नहीं  
बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 238 पर उम्मीदवार उतारने के बावजूद जन सुराज एक भी सीट नहीं जीत सकी। अनुमानित वोट शेयर 2–3 प्रतिशत के बीच रहा और अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। ऐसे में पीके ने कहा, उनकी 18 महीने लंबी ‘जन सुराज यात्रा’ के दौरान मिला जनमत परिणामों से बिल्कुल मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा, कुछ ऐसा हुआ है जो समझ से परे है। जिन पार्टियों को लोग मुश्किल से जानते थे, उन्हें भी लाखों वोट मिले। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यह संदेह मात्र है, सबूत नहीं। 

कुछ तो गलत हुआ 
प्रशांत किशोर ने कहा, कि कुछ लोग उन्हें ईवीएम में हेरफेर का आरोप लगाने को कह रहे, लेकिन वे ऐसा दावा बिना सबूत के तो नहीं कर सकते हैं। इसके मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन प्रथम दृष्टया कुछ तो गड़बड़ लगता है, पर क्या— यह नहीं पता। 

आरजीआई एयपोर्ट पर बम की धमकी निकली अफवाह   

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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बम रखे होने धमकी जांच के बाद अफवाह निकली। दरअसल एयरपोर्ट पर बम रखे होने संबंधी एक ईमेल मिला था, जिसके बाद जांच की गई। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि हवाई अड्डे के ग्राहक सेवा विभाग को शुक्रवार को एक बम वाला ईमेल मिला था। इस ईमेल में कहा गया था, कि हवाई अड्डे के आगमन इलाके में बम फटेगा। इस ईमेल के माध्यम से संबंधित जगह की जांच करने और यात्रियों को हवाई अड्डा खाली करने का सुझाव देने को भी कहा गया था। पुलिस के अनुसार जांच करने के बाद  बम की धमकी अफवाह साबित हुई।   

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मौर्य बोले- अगला नंबर पश्चिम बंगाल में ममता दीदी और फिर यूपी में अखिलेश का 

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लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत से खासे खुश उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऐसा कुछ कह दिया है, जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है। दरअसल मौर्य का कहना है, कि बिहार के बाद अब अगला नंबर ममता दीदी जी और फिर सपा बहादुर अखिलेश यादव का है। 
दरअसल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक दिन पहले ही भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग पर साजिश रचने का आरोप लगाया था, जिसके बाद रविवार को डिप्टी सीएम मौर्य ने संकेत दिया, कि अगले चुनावों में पश्चिम बंगाल और फिर उत्तर प्रदेश में महागठबंधन को पराजय का सामना करना पड़ेगा। मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेट्फार्म ‘एक्स’ में एक पोस्ट करते हुए कहा, कि बिहार चुनाव के दरम्यान खुद गोता लगाने के साथ राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव को लपेटे में लेकर महागठबंधन का भविष्य भी लिख दिया। अब अगला नंबर ममता दीदी जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) और फिर सपा बहादुर अखिलेश यादव का है। 
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के सह प्रभारी रहे डिप्टी सीएम मौर्य की इस पोस्ट को लेकर अब राजनीतिक गलियारे में जोर-शोर से चर्चा शुरु हो गई है। इसके बहाने एक बार फिर केंद्र और चुनाव आयोग निशाने पर आ गए हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल कर सभी को चौंका दिया। ऐसे में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा, कि भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग मिलकर साजिश के तहत उन विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बहाने 50 हजार से अधिक वोट काटने की तैयारी कर रहे हैं, जहां 2024 में लोकसभा चुनाव में सपा और इंडिया गठबंधन ने जीत हासिल की थी। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दावा किया कि उन्हें जानकारी हासिल हुई है कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में जीत पक्की करने भाजपा ने निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर बड़ी तैयारी की हुई है। 

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चुनाव आयोग का कड़ा रुख, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा में नहीं होगा कोई बदलाव; 25 नवंबर तक पूरा करना होगा काम

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एसआईआर पर बवाल, बीएलओ हलकान
एक-एक गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड करने में लग रहा काफी समय
विवाहित महिलाओं के मायके के रिकॉर्ड बने एसआईआर अभियान में बाधा

नई दिल्ली/भोपाल, चुनाव आयोग ने बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को फिर स्पष्ट कर दिया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया की अवधि बढ़ाई नहीं जाएगी। बीएलओ को आगामी 25 नवंबर तक भरे गए गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे बीएलओ परेशान हो गए हैं। इसकी वजह है कि एसआईआर के दौरान मतदाता का 2003 के वोटर लिस्ट से मिलान परेशानी का सबब बन गया है। एसआईआर को लेकर बीएलओ ही नहीं मतदाता भी परेशान हो रहे हैं।
आयोग का भी मानना है कि बीएलओ पर काम का काफी दबाव है, हालांकि इसके साथ यह भी कहा कि गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम समय पर समाप्त नहीं होने पर आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। मालूम हो कि काम के दबाव में कई बीएलओ के अस्वस्थ और हताहत होने की खबर भी है। बीएलओ का एक वर्ग इसे लेकर विरोध जता रहा है। उसका कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से आए दिन नए-नए निर्देश जारी किए जा रहे हैं। एक-एक गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड करने में काफी समय लग रहा है। इतने कम समय में काम को पूरा करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। जिला चुनाव अधिकारियों की ओर से चुनाव आयोग के समक्ष ये सारी बातें रखी गई हैं लेकिन आयोग ने साफ कर दिया है कि समय सीमा बढ़ाना संभव नहीं है।
गणना प्रपत्र का एक ही भाग भर पा रहे मतदाता
 एसआईआर अभियान में मतदाता गणना प्रपत्र के तीन में से एक ही भाग को भर पा रहे हैं। मतदाताओं को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या जानकारी दें। बीएलओ भी उनकी इस दुविधा को दूर नहीं कर पा रहे हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची न मिल पाने से मतदाता परेशान हैं। बीएलओ से जो गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए हैं उसमें तीन भाग है। पहला भाग तो मतदाता आसानी से भर ले रहे है, लेकिन परेशानी दूसरे व तीसरे भाग को लेकर है। दूसरे भाग में वर्ष 2003 के हिसाब से जानकारी देनी है, जबकि तीसरे भाग में जिन मतदाताओं के नाम 2003 नहीं है उनको जानकारी देनी है। 2003 की मतदाता सूची न मिलने से मतदाता असमंजस में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले चुनाव में मतदान किया था और लगातार मतदान करते आ रहे हैं तो फिर प्रपत्र में इतनी ज्यादा जानकारी देने के लिए क्यों कहा जा रहा है।

नाम कटने का डर
लोगों को संदेह है कि प्रपत्र का सिर्फ एक भाग भरने से कहीं उनका नाम सूची से कट न जाए। बीएलओ से ही साल 2003 की मतदाता सूची मांगने पर बीएलओ सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध होने की बात कहते हैं। मतदाता हरिओम बताते हैं कि वह 20 साल से अधिक समय से वोट डाल रहे हैं। 2003 की मतदाता सूची नहीं है। इसलिए प्रपत्र भरने में दिक्कत आ रही है। एसआइआर फार्म में जन्मतिथि, आधार, मोबाइल, माता-पिता और पति-पत्नी का नाम भरना अनिवार्य है। लेकिन उन विवाहित महिलाओं के फार्म में सबसे अधिक दिक्कत आती है जिनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में मायके के पते पर दर्ज था। शादी के बाद वे ससुराल आ गईं, जबकि पुराने दस्तावेजों में उनकी जानकारी मायके के पते से जुड़ी हुई है। बीएलओ बताते हैं कि सत्यापन के लिए 2003 की वोटर लिस्ट में उनका बूथ नंबर, विधानसभा और क्रम संख्या खोजना पड़ता है, जो समय-साध्य प्रक्रिया है। कई बार रिकार्ड पुरानी फाइलों में होने के कारण मिलान में देरी होती है।

बार-बार बीएलओ एप में हो रहा संशोधन
बीएलओ एप में बार-बार हो रहे संशोधन से परेशान हैं। उन्हें रोजाना एप का नया वर्जन डाउनलोड करना पड़ रहा है। कुछ देर तो एप सही चलता है, लेकिन फिर इसकी स्पीड बहुत धीमी हो जाती है। एक-एक वोटर को वेरिफाई करने में बीएलओ को खूब पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। उधर, बार-बार अधिकारियों के फोन और ऑनलाइन फीडिंग की रिपोर्ट मांगी जा रही है।

अगर आपके पास वोट हैं, तो मेरे पास फंड, हमें रिजेक्ट करोगे तो हम भी…

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डिप्टी सीएम अजित पवार के पंचायत चुनाव में दिए बयान पर सियासत गरमाई  

पुणे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के मालेगांव में पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। दरअसल अजित पवार ने एक रैली में वोटर्स से कहा था कि अगर आपके पास वोट है, तो मेरे पास फंड है। विपक्ष ने इसे लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछा है।
बता दें अजित पवार ने कहा था कि अगर जनता उनकी पार्टी के उम्मीदवार को चुनेंगे तो वे शहर में फंड की कोई कमी नहीं होने देंगे, लेकिन यदि वे उन्हें रिजेक्ट करते हैं, तो वे भी रिजेक्ट कर देंगे। आपके पास वोट हैं, मेरे पास फंड है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार शुक्रवार को बारामती तहसील में मालेगांव नगर पंचायत चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे। पवार महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री भी हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने अजित पवार पर मतदाताओं को धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फंड आम लोगों के टैक्स से आता हैं, न कि अजित पवार के घर से। अगर पवार जैसे नेता वोटर्स को धमका रहे हैं, तो चुनाव आयोग क्या कर रहा है?” नगर पंचायत चुनाव 2 दिसंबर को होना हैं। अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और बीजेपी समर्थित पैनल ने मालेगांव में गठबंधन किया है। मालेगांव बारामती का वह इलाका है, जहां अजित पवार परिवार का राजनीतिक प्रभाव है।
बता दें इससे पहले भी 26 सितंबर को अजित पवार मराठवाड़ा के धाराशिव में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। यहां पर उनका किसानों से बातचीत का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कर्ज माफी की मांग पर गुस्सा करते नजर आ रहे हैं। जब एक किसान ने कर्ज माफी की मांग की तो डिप्टी सीएम अजित पवार ने गुस्से में कहा था- इसे मुख्यमंत्री बना दो! क्या तुम्हें लगता है कि हम कंचे खेलने आए हैं?

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प्रदूषण के कारण बढ़ रही प्रीमेच्योर डिलीवरी

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रोहतक। हरियाणा में वायु प्रदूषण का असर अब गर्भवती व नवजात शिशुओं पर भी पडऩे लगा है। प्रीमेच्योर डिलीवरी की संख्या बढऩे लगी है। यह दावा पीजीआई रोहतक के गायनी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया ने किया है। उन्होंने बताया कि यहां एक साल में 13,500 की डिलीवरी हुई। इनमें से 18 प्रतिशत यानि 2430 बच्चे प्रीमेच्योर हुए। इसका मुख्य कारण प्रदूषण भी है क्योंकि हवा में घुला जहर सांसों के जरिए शरीर में जा रहा है। यह खून में मिलकर गर्भस्थ शिशु तक पहुंच रहा है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण खांसी-जुकाम व अस्थमा की समस्या बढ़ गई हैं। यह स्थिति गर्भवती के लिए नुकसानदायक है। ज्यादा खांसी का भी गर्भ पर असर पड़ता है। ये सभी कारण बच्चे के समय से पहले जन्म लेने का कारण बनते हैं। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, मलेरिया, डेंगू होने पर भी समय से पहले बच्चे के जन्म लेने की संभावना रहती है।
डॉ. दहिया के मुताबिक 36 सप्ताह से पहले जन्म लेने वाले बच्चे को प्रीमेच्योर कहा जाता है। कई बच्चे 28 सप्ताह से पहले, 28 से 32 सप्ताह के बीच और 37 सप्ताह से पहले जन्म ले रहे हैं। इनमें से सिर्फ 34 से 36 सप्ताह के बीच पैदा होने वाले बच्चों को ज्यादा समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। बच्चा जितना जल्दी पैदा होगा, जोखिम उतना ही अधिक होगा।

ऐसे सावधानी बरतें
डॉ. दहिया ने बताया कि नियमित जांच व डॉक्टर की सलाह से दवाई लेकर प्रीमेच्योर डिलीवरी को कम किया जा सकता है। एनिमिया ग्रस्त महिलाओं के जागरूक होने से प्रीमेच्योर डिलीवरी से बचा जा सकता है। हरी सब्जियां, दूध, लस्सी के सेवन से पोषण की कमी पूरी की जा सकती है।

 बच्चों को आती हैं ये समस्याएं
समय पूर्व जन्मे बच्चे बाहरी तापमान सहन नहीं कर पाते हैं। उनमें हाइपोथेरेमिया, हाइपरग्लेसेमिया, पीलिया व इंफेक्शन होने का खतरा अधिक रहता है। इन्हें अधिक देखभाल की आवश्यकता पड़ती है। कमजोर होने के कारण उनके रेटिना यानि देखने की शक्ति में भी कमी आ सकती है। इंफेक्शन जल्दी होने की आशंका रहती है। बाल्यावस्था में ध्यान न देने पर आईक्यू कम हो सकता है।