अपराधियों को हर हाल में बिहार से बाहर जाना होगा – उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

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पटना । उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Deputy Chief Minister Samrat Chaudhary) ने कहा कि अपराधियों को हर हाल में बिहार से बाहर जाना होगा (Criminals will have to leave Bihar at any cost) । बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस बार गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी मिली है ।

दरअसल, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस बीच, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ” भाजपा नेतृत्व, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर मुझे गृह मंत्री के तौर पर काम करने का मौका दिया है। बिहार की जनता को मैं आश्वस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में लगातार सुशासन स्थापित होने की चिंता की जाएगी।”

उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने लगातार सुशासन स्थापित किया है। आगे भी सुशासन की पूरी व्यवस्था उनके ही मार्गदर्शन और नेतृत्व में होगी।” बिहार के उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “बिहार में सुशासन है। बिहार में एक व्यवस्था खड़ी है। बिहार के सुशासन ने अराजकता और जंगलराज को समाप्त कर दिया है और उसी व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि अपराधियों के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर ही अपराधियों को जाना होगा।”

दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद शुक्रवार को बिहार सरकार में विभागों का बंटवारा कर दिया गया। नई कैबिनेट में सबसे अहम गृह विभाग डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सौंपा गया है। भाजपा कोटे से आने वाले सम्राट चौधरी अब नीतीश सरकार में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे। गुरुवार को नीतीश कैबिनेट में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर जबरदस्त सफलता हासिल की है।

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नीतीश कुमार की सरकार को ओवैसी का समर्थन, लेकिन सीमांचल के लिए रखी ये शर्त!

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Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी बिहार में नीतीश कुमार की सरकार को समर्थन देने पर विचार कर सकती है, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक सख्त शर्त रखी है. ओवैसी ने कहा कि सीमांचल के विकास और अधिकारों की अनदेखी अब खत्म होनी चाहिए. अमौर में आयोजित सार्वजनिक सभा में ओवैसी ने कहा कि सीमांचल वर्षों से उपेक्षित रहा है और अब समय आ गया है कि इसे वह ध्यान और संसाधन दिए जाएं जिसका यह हकदार है.

सीमांचल को मिले उसका अधिकार
ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि विकास केवल पटना और राजगीर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, जबकि सीमांचल आज भी नदी कटाव, पलायन और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. सीमांचल को भी अब उसका अधिकार मिलना चाहिए. ओवैसी के अनुसार सरकार को इन मुद्दों के समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे, तभी समर्थन पर बात आगे बढ़ेगी.

ओवैसी ने नई रणनीति के किए खुलासे
इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए ओवैसी ने नई रणनीति का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि अब एआईएमआईएम विधायक जनता के प्रति जवाबदेह होंगे. सभी पांच विधायक हर हफ्ते दो दिन अपने क्षेत्रीय कार्यालय में बैठेंगे और अपनी लाइव लोकेशन के साथ फोटो उन्हें भेजेंगे, ताकि पता रहे कि वे वास्तव में जनता के बीच मौजूद हैं.

ओवैसी ने यह भी कहा कि वे हर छह महीने में सीमांचल का दौरा करेंगे और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे. उन्होंने दावा किया कि पटना भी यह समझ चुका है कि सीमांचल की जनता एआईएमआईएम के साथ खड़ी है और आगे भी साथ रहेगी, और यह संदेश पटना तक सीमांचल की ओर से ही पहुंचेगा. बता दें कि बिहार चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को 5 सीटे मिली है.

कांग्रेस दिल्ली में 14 दिसंबर को ‘वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली’ करेगी – केसी वेणुगोपाल

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नई दिल्ली । केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में 14 दिसंबर को (Congress in Delhi on December 14) ‘वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली’ करेगी (Will hold ‘Vote Chor Gaddi Chhod Maha Rally’) ।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि 14 दिसंबर को दोपहर 1:30 बजे से दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट चोर गद्दी छोड़ महा रैली’ आयोजित की जाएगी । इस रैली का उद्देश्य चुनाव व्यवस्था में कथित धांधलियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ देशभर में संदेश देना है। केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंच रही है। वेणुगोपाल ने एक्स पोस्ट में लिखा, “वोट चोरी का साया आज हमारी डेमोक्रेसी पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा है। हमारे संविधान को खत्म करने की इन कोशिशों के खिलाफ पूरे देश में मैसेज देने के लिए, कांग्रेस 14 दिसंबर (दोपहर 1.30 बजे से) नई दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोर गद्दी छोड़ महारैली करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “हमें भारत के कोने-कोने से करोड़ों सिग्नेचर मिले हैं, जो भाजपा-भारतीय चुनाव आयोग के गलत तरीकों जैसे बोगस वोटर्स को जोड़ने, विरोधी वोटर्स को हटाने और बड़े पैमाने पर वोटर रोल में हेराफेरी करने को गलत ठहराते हैं। इतना ही नहीं, हर भारतीय ने देखा है कि चुनाव आयोग कैसे नियमों को तोड़ता है, एमसीसी के उल्लंघन को नजरअंदाज करता है और भाजपा को चुनावों में धांधली करने में मदद करने के लिए दिनदहाड़े रिश्वत देता है।

चुनाव आयोग जो कभी एक न्यूट्रल अंपायर था, अब एक खुलेआम पार्टी का खिलाड़ी बन गया है, जो चुनावों में बराबरी के मौके के कॉन्सेप्ट को पूरी तरह से खत्म कर रहा है।” वेणुगोपाल ने आगे लिखा, “जब चुनाव सिस्टम पर यह हमला हमारी आंखों के सामने हो रहा है, तो हम चुप नहीं रहेंगे। यह महारैली वोट चोरों के चंगुल से भारतीय लोकतंत्र को वापस पाने की हमारी लड़ाई की बस शुरुआत है।”

‘हीरा प्रदेश और मोती प्रदेश मिलकर बढ़ाएंगे विकास की चमक’

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हैदराबाद | मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज हैदराबाद में दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्य प्रदेश’ सत्र में संवाद करने पहुंचे है. यह सत्र राज्य की औद्योगिक नीतियों, मजबूत आधारभूत संरचना और निवेश संभावनाओं से उद्योग समूहों को अवगत कराने का एक प्रमुख मंच बना. हैदराबाद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रोत्साहनों पर विस्तार से चर्चा की है|

सीएम मोहन यादव ने किया सेशन को संबोधित

हैदराबाद में इंटरएक्टिव सेशन के दौरान मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि “मैं देश के हीरा प्रदेश से आता हूं और हैदराबाद को मोती प्रदेश कहा जाता है, इसलिए मैं यहां हीरा और मोती की जोड़ी की बात करने आया हूं.” उन्होंने कहा कि वे मध्य प्रदेश की ऊर्जा संभावनाओं को लेकर हैदराबाद के उद्योगपतियों के सामने उपस्थित हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हैदराबाद एक ऐसा क्षेत्र है जो आने वाले समय को पहले ही पहचान लेता है और संकल्प के साथ आगे बढ़ता है|

मैं निवेश का हाथ बढ़ाने आया हूं – सीएम यादव

सीएम मोहन यादव ने कहा कि मैं किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ निवेश का हाथ बढ़ाने आया हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस समय भारत का स्वर्णिम दौर चल रहा है. आज कई बड़े देश अलग-अलग चुनौतियों से गुजर रहे हैं, लेकिन भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि कई बार दुनिया के शक्तिशाली राष्ट्र अपने चेहरे से तो बहुत आत्मविश्वास में दिखते हैं, लेकिन भीतर कितना तनाव है यह प्रतिदिन महसूस किया जा सकता है. दूसरी ओर पीएम मोदी के नेतृत्व में देश तेज गति से प्रगति कर रहा है और कई मिथकों को तोड़ चुका है. उन्‍होंने कहा कि अब हमारा देश रेल भी निर्यात करने की स्थिति में पहुंच गया है. रक्षा से लेकर रेलवे तक निवेश के नए आयाम खुल रहे हैं. मध्य प्रदेश में डिफेंस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद है|

उन्होंने आगे बताया कि रेल कोच निर्माण के लिए 1800 करोड़ रुपये की फैक्ट्री मध्य प्रदेश में स्थापित की जा रही है. हैदराबाद से निवेशक वहां आ रहे हैं. पहले रेल और डिफेंस में संबंध की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन अब सभी को आगे बढ़ने की पूरी स्वतंत्रता है. सभी को काम करने का पूरा अवसर मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतियां तो सभी बनाते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य राज्यों के बीच संबंध मजबूत करना और विकास को गति देना होना चाहिए. उन्होंने चंबल के पानी का उदाहरण देते हुए कहा कि यह डैम एमपी और राजस्थान के बीच है और कांग्रेस शासनकाल में वर्षों तक जल विवाद बना रहा, लेकिन अब मोदी सरकार के नेतृत्व में राज्यों के बीच आपसी सहयोग के साथ कार्य हो रहा है|

सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को दिया निमंत्रण

सीएम यादव ने कहा कि हम सभी राज्यों के उद्यमियों को निमंत्रण देने आए हैं कि आप अपने राज्य में काम करने के साथ-साथ हमारे राज्य में भी काम करें. निवेश बढ़ाने का अर्थ है गरीबों को समृद्ध करना और जब जनता समृद्ध होगी तो भारत भी समृद्ध होगा. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में राजनीतिक कारणों से नहीं जाना चाहिए, बल्कि दो राज्यों के संबंध बेहतर करने और व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की 18 नीतियां निवेश के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं और इन पर निश्चित रूप से काम होगा. लेकिन इसके अलावा भी यदि किसी राज्य को किसी विशेष व्यवस्था की आवश्यकता हो तो उसके लिए भी उस राज्य के मुख्यमंत्री को बैठकर बात करना चाहिए और बोलना चाहिए कि ये लिखा हुआ तो है ही,जो नहीं लिखा हुआ है वो आप बताइए हम हर जरूरत पूरी करेंगे ताकि राज्य और देश दोनों आगे बढ़ें सके|

सेशन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे द्वारा प्रस्तुति और फिल्म के माध्यम से सब दिखा दिया गया है. आप निवेशक हैं, आपको ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती. आप तो उड़ती चिड़िया के पंख तक गिन लेते हैं. राज्य सरकार की ओर से उन्होंने सभी उद्योगपतियों का अभिनंदन किया और कहा कि मध्य प्रदेश सरकार सभी निवेशकों का दिल से स्वागत करती है|

‘120 बहादुर’ रिलीज़ से पहले रेज़ांग ला बलिदान दिवस पर राजनाथ सिंह ने मेजर शैतान सिंह को नमन किया

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नई दिल्ली।   120 बहादुर की रिलीज से ठीक पहले रेज़ांग ला बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह को याद करते हुए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीरता को दिया सम्मान एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ की 120 बहादुर को लेकर चर्चा अब अपने सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच चुकी है। फिल्म ट्रेलर ने पूरी तरह से रोमांच और प्रेरणा का सही मिश्रण पेश किया है। दर्शकों को भारत के सबसे बड़े युद्ध का एक ताकतवर और अब तक न बताई गई कहानी दिखाई है, जिसमें 120 बहादुर भारतीय सैनिकों ने रेज़ांग ला की लड़ाई में 3,000 चीनी सैनिकों के खिलाफ अपने पोस्ट की रक्षा की थी। जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज़ नज़दीक आ रही है, भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह को याद किया, जो रेज़ांग ला की लड़ाई में शहीद हुए थे। यह सच में हमारे देश के नायक की सही श्रद्धांजलि है, जो 120 बहादुर उनकी कहानी को दुनिया तक पहुँचाएगी। अपने सोशल मीडिया पर भारत के माननीय रक्षा मंत्री, श्री राजनाथ सिंह, ने मेजर शैतान सिंह के बलिदान और 1962 की लड़ाई के दौरान रेज़ांग ला में उनके कमांड की बहादुरी को याद करते हुए एक भावपूर्ण संदेश लिखा, जिन्होंने मातृभूमि के प्रति कर्तव्य और समर्पण की सर्वोच्च भावना को दिखाया। मेजर शैतान सिंह की तस्वीर साझा करते हुए,

माननीय रक्षा मंत्री ने लिखा 

“बलिदान दिवस पर मेजर शैतान सिंह की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान को याद कर रहे हैं। 1962 की रेज़ांग ला युद्ध में उनकी कंपनी का वीरतापूर्ण संघर्ष मातृभूमि के प्रति कर्तव्य और समर्पण की सर्वोच्च भावना को दर्शाता है। उनका साहस, नेतृत्व और अंतिम बलिदान हमारे सशस्त्र बलों को प्रेरित करता रहता है और हर भारतीय के दिल में तिरंगे के प्रति गर्व और भावना को और मजबूत करता है।” फिल्म 120 बहादुर 1962 के युद्ध में लड़ी गई मशहूर रेजांग ला की लड़ाई में भारतीय सेना की 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 जवानों की अद्भुत वीरता को दिखाती है। फिल्म में फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह भाटी (पीवीसी) की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर हर मुश्किल का सामना किया और भारतीय सेना के इतिहास की सबसे यादगार लड़ाइयों में से एक में बहादुरी की मिसाल पेश की। ऐसे बता दें कि इस फिल्म के दिल में एक दमदार पंक्ति गूंजती है: “हम पीछे नहीं हटेंगे।” यह पंक्ति अडिग संकल्प और अटूट देशभक्ति को दर्शाती है। 120 बहादुर का निर्देशन रजनीश ‘रेज़ी’ घई ने किया है और इसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर (एक्सेल एंटरटेनमेंट) और अमित चंद्रा (ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़) ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ ।

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प्रोटीन की कमी से हो सकती हैं ये 5 गंभीर समस्याएं, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

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Protein Deficiency Signs: प्रोटीन हमारे डाइट का एक अहम हिस्सा है. हमारे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हमें रोजाना किसी ना किसी फार्म में प्रोटीन को सेवन करना चाहिए. हमें अपने वजन का लगभग 0.8 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए. पुरुषों का मिनीमम 56 ग्राम और महिलाओं को करीब 46 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए.

अगर आप लंबे समय तक पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं लेते हैं तो आपको शारीरिक और मानसिक तौर पर कई तरह की दिक्‍कताें का सामना करना पड़ सकता है.

शरीर में सूजन (एडिमा)

शरीर में सूजन प्रोटीन की कमी का सबसे पहला संकेत होता है. इसे एडिमा कहा जाता है. एडिमा में आपके पैरों, पंजों, हाथों या पेट पर सूजन दिखाई दे सकती है. एल्ब्यूमिन नाम का प्रोटीन हमारे शरीर में मौजूद लिक्विड को संतुलित रखने में मदद करता है. प्रोटीन की कमी होने पर फ्लूइड बाहर निकलकर आसपास के टिश्यू में जमा होने लगता है. यह संकेत लीवर से जुड़ी बीमारियों को दर्शाता है. जल्‍द से जल्‍द इसकी जांच कराना जरूरी होता है.

मूड चेंज और बेचैनी

प्रोटीन की कमी हमारे शरीर के साथ-साथ दिमाग पर भी असर डालती है. ऐसे में मूड अचानक खराब होना, चिड़चिड़ापन, बेचैनी और ध्यान न लग पाना जैसी समस्याएं होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रोटीन से बनने वाले अमीनो एसिड ही हमारे दिमाग के केमिकल बनाते हैं जो मूड और मोटिवेशन को कंट्रोल करते हैं. इनकी कमी होने पर मानसिक संतुलन पर असर दिखना स्वाभाविक है.

थकान होना

शरीर में थकान रहना लो प्रोटीन का एक अहम लक्षण है. अगर अच्छी नींद के बावजूद शरीर थका हुआ लगे या एनर्जी जल्दी खत्म हो जाए, तो यह प्रोटीन की कमी की ओर इशारा करता है. प्रोटीन खून में शुगर को स्थिर रखने, हार्मोन बनाने और एनर्जी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. प्रोटीन की कमी होने पर हमें थकान महसूस होती सकती है.

बाल झड़ना

प्रोटीन की कमी से बाल झड़ना, बाल पतले होना, नाखून टूटना या त्वचा का रूखी और बेजान होना जैसी समस्याएं भी होती हैं. प्रोटीन की कमी से केराटिन, कोलेजन और इलास्टिन सही मात्रा में नहीं बन पाते. ये सब संकेत हैं कि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा.

बार बार भूख लगना

प्रोटीन की कमी होने पर बार बार भूख लगती है. ऐसा इसलिए क्योंकि प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और एनर्जी की स्थिरता बनाए रखता है. जब यह कम हो जाता है तो भूख जल्दी-जल्दी लगती है, क्रेविंग बढ़ती है और एनर्जी लगातार गिरती रहती है.

टीम इंडिया सुपरओवर में 0 रन पर ऑल-आउट , फैंस हुए हैरान!

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एशिया कप | एशिया कप राइजिंग स्‍टार्स 2025 के सेमीफाइनल में इंडिया-ए की टीम को बांग्लादेश-ए के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इस जीत के साथ ही इंडिया-ए की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई और बांग्लादेश-ए की टीम ने इस टूर्नामेंट के फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. इस मैच में जितेश शर्मा की कप्तानी वाली इंडिया-ए की टीम ने टॉस जीता और पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया. 

कैसा रहा मैच का हाल ?

इस रोमांचक मुकाबले में बांग्लादेश की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाए. भारतीय टीम को फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए 195 रनों की चुनौती मिली. भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी ने तेज़-तर्रार शुरुआत भी दिलाई. वैभव ने भारतीय पारी के पहले ही ओवर में 19 रन ठोक दिए. इसके बाद उन्होंने अगले ओवर में भी 2-2 छक्के लगाए. हालांकि वैभव सूर्यवंशी 38 रन बनाकर आउट हुए और फिर भारतीय टीम पटरी से उतर गई. 195 रनों का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने भी 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 194 रन बनाए और मैच सुपर ओवर में पहुंच गया. भारत के लिए प्रियांश आर्या ने 23 गेंदों में सबसे ज़्यादा 44 रनों की पारी खेली|

कैसा रहा सुपर ओवर का हाल?

सुपर ओवर में इंडिया-ए की टीम पहले बल्लेबाज़ी उतरी और टीम इंडिया ने दो गेंदों पर दो विकेट गंवा दिए. पहली गेंद- रिपॉन ने जितेश शर्मा  को पहली ही गेंद पर बोल्ड कर दिया. दूसरी गेंद- रिपॉन ने दूसरी गेंद पर आशुतोष शर्मा को दूसरी गेंद पर कैच आउट करवा दिया. इस तरह से सुपरओवर में भारत की पारी सुपरओवर में बिना रन बनाए ही खत्म हो गई. बांग्लादेश की टीम को जीत के लिए 1 रन का लक्ष्य मिला|

 इसके बाद बांग्लादेश की पारी की शुरुआत हुई सुयश शर्मा ने पहली गेंद पर विकेट चटका दिया. ऐसे में भारतीय टीम की उम्मीदें काफी ज़्यादा बढ़ गई थीं, लेकिन सुयश ने अगली ही गेंद वाइड फेंक दी और बांग्लादेश-ए की टीम ने इस मैच को जीत लिया और फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. वहीं भारतीय टीम इस टूर्नामेंट से बाहर हो गई|
 

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‘हिंदू नहीं तो दुनिया का अस्तित्व नहीं…’ जानिए क्या कहा

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Mohan Bhagwat statement Manipur: आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को मणिपुर दौरे के दौरान अपने संबोधन में भारत की सभ्यता, समाज और राष्ट्र की शक्ति पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं बल्कि एक प्राचीन सभ्यता है जिसकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि अनेक उतार-चढ़ावों और आक्रमणों के बावजूद उसका अस्तित्व कभी खत्म नहीं हुआ. भागवत के अनुसार भारतीय समाज की संरचना ऐसी है कि हिंदू समुदाय हमेशा जीवित रहेगा और अगर हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया का अस्तित्व भी संभव नहीं होगा.

दूसरे आए और समाप्‍त हो गए भारत आज भी जीवंत है – भागवत
संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि परिस्थितियां समय के साथ बदलती रहती हैं, कई देशों और साम्राज्यों ने इतिहास में उत्थान और पतन देखा है. यूनान, मिस्र और रोम जैसी सभ्यताएं इतिहास में खो गईं, लेकिन भारत आज भी मजबूती के साथ खड़ा है क्योंकि यहाँ समाज का एक ऐसा मूल नेटवर्क बना जो हमें जीवित रखता रहा. उनके शब्दों में, भारत एक अमर सिविलाइजेशन है यहां दूसरे आए, चमके और समाप्त हो गए, लेकिन भारत आज भी जीवंत है और आगे भी रहेगा.

भागवत ने महाभारत और रामायण का किया जिक्र
महाभारत, रामायण और कालिदास के साहित्य का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि भारतवर्ष हमेशा से एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से एकीकृत राष्ट्र रहा है. सीमाएं और शासक भले बदलते रहे हों, लेकिन भारत का मूल स्वरूप और सामूहिक चेतना कभी नहीं टूटी. स्वतंत्रता संग्राम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य भले दुनिया में कभी अस्त नहीं होता था, लेकिन भारत ने एक लंबी लड़ाई के बाद उसे खत्म कर दिखाया. 1857 से 1947 तक 90 साल संघर्ष करने के बाद आजादी मिली और आवाज कभी दबने नहीं दी गई.

समाज की एकता पर भागवत ने दिया विशेष जोर
भागवत ने समाज की एकता पर विशेष जोर दिया और कहा कि आरएसएस राजनीति नहीं करता और न ही किसी संगठन को नियंत्रित करता है. इंफाल में आदिवासी नेताओं से मुलाकात के दौरान उन्होंने साझा चेतना और आपसी सहयोग की अपील की. उनके अनुसार एकता बनाए रखने के लिए एकरूपता आवश्यक नहीं, लेकिन समाज के भीतर जुड़ाव जरूरी है.

आर्थ‍िक स्वावलंबन पर बात करते हुए भागवत ने कहा कि राष्ट्र को इतना सक्षम होना चाहिए कि अर्थव्यवस्था, सैन्य बल और ज्ञान—तीनों के आधार पर भारत किसी पर निर्भर न रहे. उन्होंने लक्ष्य बताया कि एक ऐसा देश बने जहां कोई नागरिक दुखी, बेरोजगार या वंचित न रहे और हर व्यक्ति समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देकर सम्मान और आनंद से जीवन जी सके.

Fragsook: India’s Affordable Online Destination for Oriental & French Perfumes

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The Fragrance Journey of Fragsook – A Story of Scent, Trust & Affordability

In the heart of New Delhi, where tradition meets modern hustle, a small dream began to rise from a humble workspace at 58/1A, Khizrabad, New Friends Colony. That dream soon became a name thousands trust today—Fragsook.

But Fragsook wasn’t created as just another online perfume store.
It was born from a belief…
A belief that fragrance should never be a luxury only a few can afford.

🌿 The Origin of a Scented Revolution

Years ago, when the founders wandered through local markets, they noticed one thing—
People loved perfumes, but many couldn’t buy them regularly because the prices of mainstream fragrances kept increasing.

That’s when the idea took shape:

“What if we bring the world’s best oriental and French perfumes at prices everyone can afford?”

This single question became the foundation of Fragsook.

Even though Fragsook is an online platform, it proudly follows a touch-base business model—
real people talking to real customers, real guidance, real trust.

🌸 Building a World of Affordable Luxury

Fragsook started sourcing 100% genuine products directly from trusted manufacturers and authorized suppliers. Slowly, their shelves (and later, website pages) filled with:

  • Oriental perfumes
  • French perfumes
  • Perfume oils
  • Deodorants
  • Incense & bakhoor
  • Eau de parfum sprays
  • Air fresheners
  • Niche & boutique fragrances
  • Indie perfumes 
  • And much more.

The mission was simple:

✔ Make the best-smelling fragrances affordable
✔ Provide easy access to premium Oriental brands
✔ Deliver quality without compromise

Within months, customers began to trust the fragrance-curated world of Fragsook.

🌟 A Collection Inspired by Global Scent Lovers

Fragsook quickly became a favorite because it stocked the most-loved brands:

  • Lattafa
  • Ard Al Zaafaran
  • Paris Corner
  • Nabeel
  • Riffs
  • Niche perfumes
  • Boutique & Indie perfumes

People who once spent thousands on mainstream perfumes finally found fragrances that smelled richer—and cost far less.

The secret?

Fragsook brings premium-quality fragrance alternatives at a fraction of the price.
And everything sold is authentic, fresh, and quality-checked.

🚚 A Service Built on Heart

The founders knew that fragrance is not just a product—it’s an emotion.
So they built a team dedicated to one thing:

Making customers smile with every delivery.

Whether it’s a long-distance online order or a request from a regular buyer,
the team ensures:

  • Fast dispatch
  • Careful packaging
  • Proper authentication
  • On-time doorstep delivery

If customers can’t find a fragrance on the website, Fragsook encourages them to email or call, and they often arrange the product just for them.

Because Fragsook doesn’t just sell fragrances—it builds relationships.

🌺 From Stores to Screens – The Online Journey Begins

After years of serving customers offline and through personal networks,
Fragsook decided to take its legacy online.

Today, Fragsook.com is one of India’s trusted destinations for Oriental perfumes, Eau de parfum sprays, bakhoor, body oils, and deodorants.

The customer base continues to grow—
not because of ads or discounts—
but because people trust the name Fragsook.

A brand that promises:

“Shop today your favorite fragrance and spread your unique smell.”

Website: https://www.fragsook.com/

Social Links

https://www.facebook.com/fragsook/

https://www.instagram.com/fragsook/

https://www.youtube.com/channel/UC7Ujc9MMJ5pxQ798gSYK4oA

 

भारत बनाम साउथ अफ्रीका, जानिए पिच रिपोर्ट, मौसम और संभावित प्लेइंग XI

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IND vs SA: गुवाहाटी टेस्ट से पहले साउथ अफ्रीका को बड़ा झटका लगा है. अनुभवी तेज गेंजबाज कगिसो रबाडा चोट के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर हो गए हैं. पहले टेस्ट में रबाडा नहीं खेले थे और अब दूसरे मैच से भी बाहर हो गए हैं. कल भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खेला जाना है. पहले मैच में जीत के बाद साउथ अफ्रीका ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है.

सीरीज से रबाडा हुए बाहर
कोलकाता में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में रिब-बोन में स्ट्रेस इंजरी के कारण पेसर रबाड़ा नहीं खेल पाए थे. लेकिन अब दूसरे टेस्ट से पहले रिकवर ना कर पाने के कारण रबाड़ा बचे हुए दौरे से बाहर हो गए हैं. प्रोटियाज़ मेडिकल टीम लगातार रबाड़ की चोट पर नज़र रखे हुए है. साउथ अफ्रीका के लिए यह बड़ा झटका है. रबाडा लंबे समय से प्रोटियाज़ की गेंदबाजी के अहम अंग रहे हैं.

भारतीय कप्तान भी हुए बाहर
सीरीज के दूसरे टेस्ट से भारतीय कप्तान शुभमन गिल भी बाहर हो गए हैं. गिल को सीरीज के पहले टेस्ट में चोट लग गई थी और समय से रिकवर ना कर पाने के कारण डिसाइडर मैच से बाहर हो गए हैं. बता दें, कप्तान गिल को कोलकाता टेस्ट के दूसरे शॉट खेलते हुए गर्दन में चोट लगी और पूरे मैच से बाहर हो गए थे. गिल की जगह टीम की कमान उपकप्तान ऋषभ पंत संभालेंगे.

साउथ अफ्रीका की टीम
एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, ट्रिस्टन स्टब्स, टेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जोरजी, डेवाल्ड ब्रेविस, काइल वेरेने (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, कॉर्बिन बॉश, सेनुरन मुथुसामी, जुबैर हमजा, वियान मुल्डर और लुंगी एनगिडी