भारत के कण-कण में राम, मैकाले वाली मानसिकता से मुक्ति जरूरी, बोले PM मोदी

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अयोध्या. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज अयोध्या के राम मंदिर (Ram Temple) के शिखर पर धर्मध्वज फहरा दिया है. इस मौके पर पीएम मोदी के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) भी मौजूद रहे. पीएम मोदी दिल्ली से अयोध्या से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिये साकेत महाविद्यालय पहुंचे. पीएम मोदी साकेत महाविद्यालय से सड़क मार्ग से रोड शो की शक्ल में सप्त मंदिर पहुंचे.

पीएम मोदी सप्त मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राम मंदिर पहुंचे और गर्भगृह के साथ ही मंदिर के प्रथम तल पर निर्मित राम दरबार में भी पूजा-अर्चना की. पीएम मोदी का यह दौरा आध्यात्मिक रूप से भी बेहद खास है, क्योंकि वे मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना करेंगे और दोपहर 12 बजे मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे. यह ध्वजारोहण मंदिर निर्माण की पूर्णता और एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव का प्रतीक माना जा रहा है.

यह ध्वज सदियों के सपने साकार होने का प्रतीक- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और पल की साक्षी बन रही है. आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है. आज रामभक्तों के दिल में असीम आनंद है. सदियों के घाव भर रहे हैं. सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है. आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है, जिसकी अग्नि पांच सौ वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही. आज भगवान श्रीराम के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा प्रतिष्ठापित हुआ.यह धर्मध्वज इतिहास के सुंदर जागरण का रंग है. इसका भगवा रंग, इस पर लगी सूर्यवंश की थाती रामराज की कीर्ति को. यह ध्वज संकल्प है, यह संकल्प से सिद्धि की भाषा है, यह सदियों के संघर्ष की सिद्धि है, सदियों के सपने का साकार स्वरूप है, राम के आदर्शों का उद्घोष है. संतों की साधना और समाज की सहभागिता की गाथा है. यह धर्मध्वज प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उद्घोष करेगा, सत्यमेव जयते का उद्घोष करेगा. यह ध्वज ‘प्राण जाए पर वचन न जाई’ की प्रेरणा है.

जैसा सपना देखा था, उससे भी शुभकर मंदिर बन गया है- मोहन भागवत
मोहन भागवत ने कहा कि इस दिन के लिए कितने राम भक्तों ने अपने प्राण अर्पण किए. मंदिर बनने में भी समय लगता है. यह धर्म ध्वज है. इसका भगवा रंग है. इस धर्मध्वज पर रघुकूल का प्रतीक कोविदार वृक्ष है. कोविदार वृक्ष दो देव वृक्षों के गुणों का समुच्चय है. धर्मध्वज को शिखर तक पहुंचाना है. आज हमारे संकल्प की पुनरावृत्ति का दिवस है. सबको शांति बांटने वाला, सुफल देने वाला भारतवर्ष हमें खड़ा करना है. जैसा सपना देखा था कुछ लोगों ने, बिल्कुल वैसा, उससे भी अधिक शुभकर यह मंदिर बन गया है.

अयोध्या धाम में आज हर प्रकार की सुविधा- योगी आदित्यनाथ
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर पर धर्मध्वज के आरोहरण को नए युग का शुभारंभ बताया और कहा कि यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म का, भारत की संकल्पना का प्रतीक भी है. संकल्प का कोई विकल्प नहीं. योगी आदित्यनाथ ने ‘लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ नारे का भी उल्लेख किया और कहा कि भगवान राम की पावन नगरी एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है. हर प्रकार की सुविधा आज अयोध्या धाम में है. उन्होंने अयोध्या में हुए विकास के काम भी गिनाए और जय जय श्रीराम के नारे के साथ अपनी बात पूरी की.

श्रीराम मंदिर पर धर्म ध्वज फहराना त्याग और समर्पण का प्रतीक : चंपत राय

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अयोध्या। अयोध्या में राममंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने के कार्यक्रम को लेकर श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि यह धर्म ध्वज त्याग और समर्पण का प्रतीक है। चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज कोविदार वृक्ष अंकित है। इस भगवा पताका पर सूर्य और ऊँ अंकित है। 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा तिकोना समकोण त्रिभुज का ध्वज में अग्नि की ज्वाला और उगते हुए सूर्य का रंग है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चंपत राय ने बताया कि यह त्याग और समर्पण का प्रतीक है। इस मौके पर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि हम बहुत उत्साहित हैं कि मंदिर के पूरा होने का दिन आखिरकार आ गया है, एक ऐसा पल जिसका सदियों से इंतजार था। इतने सालों में, हमारी कोशिशें लगातार इस मील के पत्थर की ओर बढ़ी। 
वहीं जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री श्रीधराचार्य महाराज ने कहा कि आज भारत और सनातन धर्म के लिए बहुत गर्व की बात है। भगवान राम के मंदिर का झंडा फहराने की पूरी सेरेमनी के बाद, मंदिर का कंस्ट्रक्शन पूरा हो गया। इसके बाद, भक्त दर्शन कर पाएंगे। महंत राम लोचन शरण ने कहा कि यह देश के लिए बहुत गर्व का पल है, इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। राम जन्मभूमि मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी से पहले एक भक्त ने कहा कि जो मंदिर कभी अधूरा था, वह अब बन गया है। हम इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने आए हैं। पहले आम लोगों के लिए उस जगह पर जाना भी मुश्किल था, लेकिन अब हमें इस बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका मिला है।

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News Desk

रात में बमबारी से 9 बच्चों समेत 10 की मौत

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Pakistan Air Strike in Afghanistan ने एक बार फिर सीमा क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। मंगलवार, 25 नवंबर की आधी रात अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में पाकिस्तान ने हवाई हमला किया, जिसमें 9 बच्चों समेत कुल 10 लोगों की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 12 बजे हुई, जब लोग अपने घरों में गहरी नींद में थे। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि यह हमला सीधे एक स्थानीय घर को निशाना बनाकर किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने खोस्त के गुरबुज जिले के मुगलगई इलाके में बमबारी की। जिस घर पर हमला हुआ, वह स्थानीय नागरिक काजी मीर के बेटे वलियात खान का बताया जा रहा है। बम गिरने के बाद पूरा घर पल भर में मलबे में बदल गया और सभी 10 लोग घटनास्थल पर ही मारे गए। मृतकों में 9 मासूम बच्चे शामिल होना इस घटना को और भी भयावह बना देता है।

इसके अलावा, Pakistan Air Strike in Afghanistan सिर्फ खोस्त तक सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में भी हवाई हमले किए हैं। इन स्थानों पर बमबारी के कारण 4 नागरिकों के घायल होने की पुष्टि की गई है। लगातार हो रही इस तरह की सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच दुश्मनी और संभावित संघर्ष को लेकर चिंताएं फिर गहरा गई हैं।

तालिबान प्रवक्ता का कहना है कि हमला उस समय हुआ जब लोग सो रहे थे, जिससे यह साफ होता है कि निशाना आम नागरिक थे। इस घटना के बाद सीमा पर माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है। Pakistan Air Strike in Afghanistan ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दोनों देशों के बीच स्थिति कब सामान्य होगी।

‘गायक जुबीन गर्ग की मौत कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या थी’- हिमंत बिस्वा सरमा

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डेस्क: असम (Assam) के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने मंगलवार को कहा कि सिंगर जुबीन गर्ग (Singer Zubeen Garg) की मौत (Death) कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या (Murder) थी. 52 वर्षीय सिंगर की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

असम विधानसभा में सिंगर की मौत पर चर्चा के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए सरमा ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद असम पुलिस को यकीन था कि यह गैर इरादतन हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह एक साफ-सुथरी हत्या है. सरमा ने दावा किया कि एक आरोपी ने गर्ग की हत्या की और अन्य ने उसकी मदद की. हत्या के मामले में 4-5 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है.

नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) में भाग लेने सिंगापुर गए गर्ग की एक यॉट ट्रिप के दौरान समुद्र में तैरते समय मौत हो गई. इसके बाद राज्यभर में 60 से अधिक मामले दर्ज होने के बाद सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने गर्ग की मौत की जांच के लिए असम पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) के तहत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया.

इस घटना की जांच के लिए गुवाहाटी हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश सौमित्र सैकिया की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग का भी गठन किया गया. कुछ दिनों बाद एनईआईएफ के आयोजक श्यामकानु महंत, सिंगर के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, उनके दो बैंड सदस्य – शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंत और गर्ग के चचेरे भाई संदीपन गर्ग (असम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी) को उनकी मौत में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया.

गर्ग के निजी सुरक्षा अधिकारियों नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य को भी गिरफ्तार किया गया, जब पुलिस को उनके खातों से 1.1 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े वित्तीय लेनदेन का पता चला. गिरफ्तार किए गए सभी सात लोग वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं. उन पर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत हत्या, गैर इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से मौत का कारण समेत कई आरोप लगाए गए हैं.

केएल राहुल को मिला ODI‑कप्तानी का जिम्मा, विराट कोहली को मिलेगा पूरा फोकस बल्लेबाज़ी पर

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क्रिकेट | भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद 30 नवंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू हो जाएगी. इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान केएल राहुल के हाथों में होगी, क्योंकि नियमित कप्तान शुभमन गिल चोट के कारण बाहर हैं. राहुल पहले भी कई बार टीम इंडिया को वनडे में लीड कर चुके हैं और अब उनकी दो सबसे बड़े दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली मैदान पर उतरेंगे. खासकर विराट कोहली के लिए यह सीरीज किसी तोहफे से कम नहीं है, क्योंकि जब-जब केएल राहुल कप्तान रहे हैं, विराट का बल्ला आग उगलता नजर आया है |

राहुल की कप्तानी में विराट का रिकॉर्ड

विराट कोहली ने केएल राहुल की कप्तानी में अभी तक 4 वनडे मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 57.25 की औसत से 229 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन 4 मैचों में से 3 मुकाबले साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही थे. प्रोटियाज टीम के खिलाफ राहुल की कप्तानी में विराट ने दो अर्धशतक जड़ते हुए कुल 116 रन ठोके हैं. यानी साउथ अफ्रीका के खिलाफ केएल राहुल जब कप्तान होते हैं, कोहली का बल्ला और भी खतरनाक हो जाता है |

30 नवंबर से शुरू हो रही इस सीरीज में एक बार फिर वही जोड़ी देखने को मिलेगी, कप्तान केएल और उनके सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट, अगर पुराना रिकॉर्ड दोहराया गया तो साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों की शामत आनी तय है. इस सीरीज का पहला मैच रांची के JSCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. टीम इंडिया 3 साल के बाद इस मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच खेलने उतरेगी. पिछली बार भारतीय टीम ने मेहमान टीम को 7 विकेट से हराया था |

महीनों बाद खेलेंगे घरेलू वनडे

विराट कोहली टेस्ट और टी20I फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं, जिसके चलते वह अब सिर्फ वनडे मैच खेलते हैं. टीम इंडिया अपने घर पर लगभग 9 महीनों के बाद वनडे मैच खेलने वाली है. ऐसे में विराट कोहली भी एक लंबे इंतजार के साथ टीम इंडिया की जर्सी में अपने घर पर खेलते हुए नजर आएंगे. वह आखिरी बार फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलते हुए नजर आए थे |

ऑपरेशन सिंदूर पर अंतरराष्ट्रीय सराहना, ब्रिटिश विशेषज्ञ बोले—भारत की रणनीति बदली

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नई दिल्ली। 26/11 मुंबई हमलों के सत्रह वर्ष बाद भारत की सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म और तटीय निगरानी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने न केवल अपनी तटीय निगरानी, इंटेलिजेंस-शेयरिंग और विशेष प्रतिक्रिया इकाइयों की गति को उन्नत किया है, बल्कि आतंकी खतरों पर सक्रिय व निर्णायक प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी विकसित की है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 की तुलना में आज पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों के वैश्विक नेटवर्क को लेकर अंतरराष्ट्रीय समझ कहीं अधिक स्पष्ट है। ‘ग्लोबल ऑर्डर’ के लिए लिखे एक लेख में राजनीतिक एवं सुरक्षा विश्लेषक क्रिस ब्लैकबर्न ने बताया कि मई 2025 में शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर भारत की बदलती रणनीति का महत्वपूर्ण संकेतक है।

सीधी कार्रवाई में हिचक नहीं
इस ऑपरेशन ने दिखाया कि भारत अब अपनी “लक्ष्मण रेखा” पार होने पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ढांचों पर सीधी कार्रवाई करने में हिचक नहीं दिखाता। ब्लैकबर्न के अनुसार, चुनौती का बड़ा हिस्सा अब भी बरकरार है, क्योंकि 26/11 के कई मुख्य साजिशकर्ता, प्रशिक्षक और विचारक पाकिस्तान में खुले तौर पर मौजूद हैं।

“ये संगठन खुद को नए नामों और ढांचों में ढाल लेते हैं, लेकिन मकसद वही रखते हैं,” उन्होंने लिखा। रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ढुलमुल नीति पर भी सवाल उठाए गए हैं। लेख के अनुसार, दुनिया अक्सर संवाद और संलग्नता की सरल भाषा में लौट आती है, जबकि इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि ये आतंकी नेटवर्क उतनी ही जटिलता और क्षमता से संचालित होते हैं जितना कोई भी जिम्मेदार राष्ट्र अस्वीकार्य मानता है।

रिपोर्ट बताती है कि 26/11 की बरसी हर साल केवल जनहानि पर नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा रणनीति में आए मूलभूत परिवर्तन पर भी चिंतन का अवसर देती है। मुंबई को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह भारत की वित्तीय शक्ति, फिल्मी प्रतिष्ठा और बहुसांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। और हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठकर लश्कर-ए-तैयबा ने रची थी।

सेलिना जेटली ने पति पीटर हाग पर लगाया घरेलू हिंसा का आरोप, मांगे 50 करोड़

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बॉलीवूड | बॉलीवूड एक्ट्रेस सेलिना जेटली इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। इस बीच सेलिना ने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया है। अदाकारा ने डोमैस्टिक वायलेंस एक्ट के प्रोविजन के तहत मुंबई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और हाग पर घरेलू हिंसा, क्रूरता और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। साथ ही अदाकारा ने अपने पति की वजह से अपनी इनकम के नुकसान के लिए 50 करोड़ रुपये की मांग की है। आइए इस रिपोर्ट में जानते है पूरी बात…

सेलिना जेटली ने मागां 50 करोड़ का मुआवजा

सेलिना जेटली हाग ने अपने ऑस्ट्रियन पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। 47 साल की सेलिना तीन बेटों की मां हैं और उन्होंने आरोप लगाया है कि पति के हाथों उन्हें लगातार शारीरिक, मानसिक, यौनिक और आर्थिक हिंसा का शिकार होना पड़ा। उन्होंने कोर्ट से हर महीने 10 लाख रुपये भरण-पोषण और कुल 50 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पीटर, सेलिना को अपने बच्चों से मिलने नहीं दे रहे रहे हैं। सेलिना ने बच्चों से बिना रुकावट वीडियो कॉल और फोन पर बात करने की मांग की है। साथ ही सेलिना ने अपने बच्चों की कस्टडी भी मांगी है।

अगली सुनवाई होगी इस दिन

21 नवंबर 2025 को अंधेरी कोर्ट में दाखिल याचिका पर जज ने पीटर को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 12 दिसंबर तय की। सेलिना का कहना है कि 18 सितंबर 2010 में हुई शादी के बाद पीटर ने उन्हें धीरे-धीरे काम करने से रोक दिया। सेलिना ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए है। सेलिना ने कहा उनकी पति उनको नौकरानी कहते थे। बताते चलें कि सेलिना जेटली ने एक से एक फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा बिखेरा। हालांकि शादी के बाद वो फिल्मी दुनिया से दूर हो गई।

NCW ने लॉन्च किया 24×7 महिला हेल्पलाइन नंबर 14490, अब तुरंत मिलेगी मदद

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NCW Women helpline:  महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नया NCW Women Helpline नंबर लॉन्च किया है। अब महिलाएं किसी भी संकट, हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में बिना किसी झिझक के 24×7 मदद प्राप्त कर सकती हैं। यह पहल महिलाओं को अधिक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 24 दिसंबर को नया टोल-फ्री शॉर्ट कोड हेल्पलाइन नंबर 14490 जारी किया। यह आसानी से याद रहने वाला नंबर आयोग की मौजूदा हेल्पलाइन 7827170170 से जुड़ा है। नए शॉर्ट कोड का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को तुरंत सहायता प्रदान करना है, ताकि वे किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें।

NCW Women Helpline पर कॉल करने के बाद महिलाओं की शिकायतें प्रशिक्षित काउंसलर सुनेंगे और उन्हें आवश्यक सलाह देंगे। यदि मामले में तुरंत कार्रवाई की जरूरत हो, तो कॉल को संबंधित अधिकारियों के पास तुरन्त भेजा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों और शहरों की महिलाएं तेज और प्रभावी मदद प्राप्त कर सकेंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं कभी अकेला महसूस न करें और हर स्थिति में उनके पास भरोसेमंद मदद का विकल्प मौजूद हो।

यदि देर रात किसी महिला को कोई गंभीर समस्या होती है और वह 14490 पर कॉल करती है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस को भेजकर उसकी सहायता की जाएगी। इस तरह NCW Women Helpline महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत और सुलभ प्लेटफॉर्म बनकर सामने आई है।

धोनी का शहर गूँजा रोहित-कोहली के नाम से, IND‑SA वनडे का टिकट पाने को फैंस ने ठंडी रात को भी नहीं छोड़ी क़तार

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क्रिकेट | महेंद्र सिंह धोनी का शहर रांची एक बार फिर क्रिकेट के रंग में रंगा हुआ है. करीब तीन साल बाद JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत-साउथ अफ्रीका वनडे मैच होने जा रहा है और इसकी दीवानगी ऐसी है कि सर्दी की कड़क रात में भी हजारों क्रिकेट फैंस आधी रात से ही स्टेडियम के बाहर लाइन में लग गए. जैकेट, मफलर, टोपी और कंबल ओढ़े लोग बैरिकेड्स के पीछे अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, सिर्फ इसलिए कि सुबह 9 बजे काउंटर खुलते ही उन्हें भारत के अपने चहेते सितारों रोहित शर्मा, विराट कोहली को लाइव खेलते देखने का मौका मिल जाए|

टिकट के लिए रात 12 बजे से लगी कतारें

JSCA स्टेडियम में होने वाले इस इंटरनेशनल मैच के लिए आज यानी 25 नवंबर की सुबह 9:00 से 3:00 तक JSCA स्टेडियम के बाहर बने 6 टिकट काउंटर से ऑफलाइन टिकट की बिक्री होगी, लेकिन क्रिकेट की दीवानगी ऐसी है की फैंस रात 12:00 से ही स्टेडियम के बाहर काउंटर टिकट वाले लाइन के बैरिकेडिंग में लग गए. बता दे इस मैच के लिए टिकटों के कीमत 1200 से लेकर 12,000 रुपए तक का रखी गई है. जिसमें अलग-अलग विंग के लोअर टियर और ऊपर टियर के लिए अलग-अलग दाम रखे गए हैं, इसके साथ ही हॉस्पिटैलिटी की सुविधा के साथ टिकटों के दाम अलग हैं|

बता दें, ऑफलाइन टिकट के लिए कुल 6 काउंटर बनाए गए हैं, जिसमें दो काउंटर पर जिन लोगों ने ऑनलाइन टिकट खरीदा था उन्हें रसीद दिखाने पर ऑफलाइन टिकट वहां से दिया जाएगा, जबकि एक काउंटर महिलाओं के लिए आरक्षित है. वहीं, एक व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा 2 टिकट मिलेगी और उसे आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा. इसके अलावा टिकटोक की कालाबाजारी रोकने और टिकट काउंटर पर फैंस को व्यवस्थित तरीके से टिकट मिल सके इसके लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है|

पहले बेच में 5 खिलाड़ी पहुंचेंगे रांची

भारतीय टीम के पांच खिलाड़ी आज ही रांची पहुंचेंगे जिसमें ऋतुराज गायकवाड, हर्षित राणा ,तिलक वर्मा, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह शामिल हैं. जबकि बाकी भारतीय टीम और साउथ अफ्रीका की टीम के खिलाड़ी 27 नवंबर को गुवाहाटी से रांची पहुंचेगी, खिलाड़ी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट एयरपोर्ट से निकलकर सीधे रेडिसन ब्लू होटल जाएंगे, जहां वह लोग ठहरेंगे और 28 और 29 नवंबर को जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में प्रैक्टिस करेंगे|

अयोध्या में पीएम मोदी का ऐतिहासिक ध्वजारोहण, बोले—“सत्य ही धर्म है, राम एक मूल्य हैं”

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PM Modi Speech: अयोध्या ने 25 नवंबर को एक और ऐतिहासिक दिन देखा, जब PM Modi Speech Ayodhya कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर के शिखर पर अभिजीत मुहूर्त में धर्म ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को प्रणाम किया और कहा कि ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’ यही ध्वज का संदेश है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज संपूर्ण भारत और विश्व राम-मय है। उन्होंने इसे सदियों की वेदना के अंत और पांच सौ वर्षों से जलती यज्ञ-अग्नि की पूर्णाहुति बताया। मोदी ने कहा कि यह धर्म ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के कायाकल्प का ध्वज है। भगवा रंग, सूर्यवंश का चिन्ह, ‘ॐ’ और कोविदारा वृक्ष मिलकर रामराज्य के आदर्शों को दर्शाते हैं।

PM Modi Speech Ayodhya में उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली हजारों शताब्दियों तक यह ध्वज सत्य, शांति, समानता और करुणा जैसे राम के मूल्यों का उद्घोष करता रहेगा। उन्होंने उन सभी रामभक्तों और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान दिया।

अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अगले 1000 वर्षों के लिए मजबूत नींव रखनी होगी। वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखने की जरूरत है। उन्होंने 1835 में मैकॉले द्वारा फैलाई गई गुलामी की मानसिकता से मुक्त होने के मिशन का भी आह्वान किया।

मोदी ने कहा कि राम एक व्यक्ति नहीं, बल्कि मूल्य हैं। विकसित भारत का लक्ष्य पाने के लिए हर भारतीय को अपने भीतर इन मूल्यों को जागृत करना होगा। कार्यक्रम में RSS प्रमुख और सीएम योगी ने भी राम मंदिर आंदोलन के संघर्ष और आस्था को याद किया।