न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी चमकी, लेकिन दोहरे शतक ने वेस्टइंडीज को जीत दिलाई

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न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेला गया. ये मैच काफी रोमांचक रहा और 5 दिन के खेल के बाद भी कोई जीत हासिल नहीं कर सका. वहीं, वेस्टइंडीज ने अपनी दमदार बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया. न्यूजीलैंड की टीम 531 रनों का टारगेट देने के बावजूद इस मैच को नहीं जीत सकी, दूसरी ओर वेस्टइंडीज ने आखिरी पारी में 163.3 ओवर बल्लेबाजी करते हुए मैच को ड्रॉ करवा दिया |

जस्टिन ग्रीव्स ने दोहरा शतक ठोककर बचाया मैच

इस मैच की आखिरी पारी में न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को जीत के लिए 531 रनों का टारगेट दिया. लेकिन वेस्टइंडीज ने 74 रन पर ही 4 विकेट गंवा दिए, जिसके बाद न्यूजीलैंड की जीत साफ नजर आ रही है. लेकिन जस्टिन ग्रीव्स और शे होप के इरादे कुछ और ही थे. दोनों खिलाड़ियों के बीच 5वें विकेट के लिए 196 रनों की साझेदारी हुई और मैच का रुख बदल गया. शे होप ने 234 गेंदों पर 140 रनों की पारी खेली. वहीं, उनके आउट होने के बाद जस्टिन ग्रीव्स ने कमान संभाली और अंत तक आउट नहीं हुए |

जस्टिन ग्रीव्स ने इस दौरान 388 गेंदों का सामना किया और नाबाद 202 रन बनाए. उनकी इस पारी में 19 चौके शामिल रहे. बल्लेबाजी के बीच उन्हें हैमस्ट्रिंग का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और क्रीज पर टिके रहे. इस दौरान उन्होंने कीमार रोच के साथ मिलकर 7वें विकेट के लिए नाबाद 180 रन भी जोड़े, जिसने मैच ड्रॉ करवाने में अहम भूमिका निभाई. कीमार रोच ने 282 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक जड़ा |

न्यूजीलैंड के नाम रहा पहली पारी का खेल

वेस्टइंडीज ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था. जिसके बाद न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 231 रन बनाए, इस दौरान केन विलियमसन ने सबसे ज्यादा 52 रन बनाए. लेकिन इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 167 रन बनाकर ढेर हो गई. इसके बाद न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी 8 विकेट के नुकसान पर 466 रन बनाकर घोषित की और 530 रनों की बढ़ ली. लेकिन वेस्टइंडीज ने आखिरी पारी में जुझारू बल्लेबाजी करते हुए ऐतिहसिक मैच ड्रॉ करवाया |

दो दिन में तीन धमकियों के बाद हैदराबाद एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट, एजेंसियों ने की कार्रवाई शुरू

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हैदराबाद एयरपोर्ट पर दो दिनों के भीतर तीन फ्लाइट्स को बम धमकी देने वाले ईमेल मिले हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. यह धमकी ईमेल एयरपोर्ट के कस्टमर सपोर्ट आईडी पर भेजे गए थे. हैदराबाद एयरपोर्ट जीएमआर ने कहा कि सभी मामलों में आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई और यात्री सुरक्षित हैं |

ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट को धमकी

शनिवार को ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA 277, जो लंदन के हीथ्रो से हैदराबाद आ रही थी, को धमकी भरा ईमेल भेजा गया. यह विमान सुबह 5:25 बजे सुरक्षित तरीके से लैंड हुआ, जिसके बाद एयरपोर्ट पर मानक सुरक्षा जांच शुरू की गई |

कुवैत एयरवेज की फ्लाइट वापस लौटाई गई

इसी दिन कुवैत एयरवेज की फ्लाइट KU 373 को भी बम धमकी मिली. यह उड़ान हैदराबाद आने वाली थी, लेकिन खतरे को देखते हुए विमान वापस कुवैत एयरपोर्ट भेज दिया गया.

एक दिन पहले एयर इंडिया की फ्लाइट को भी मिली धमकी

5 दिसंबर 2025 को हैदराबाद एयरपोर्ट के कस्टमर सपोर्ट ईमेल पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2879 (दिल्ली से हैदराबाद) के नाम एक बम धमकी ईमेल मिला. इस घटना के बाद संबंधित विमान ने हैदराबाद में रात 8:45 बजे सुरक्षित लैंडिंग की. इसके अलावा सऊदी अरब के मदीना से हैदराबाद आ रही इंडिगो की फ्लाइट में गुरुवार को बम की धमकी मिलने के बाद विमान को अहमदाबाद डायवर्ट किया गया. फ्लाइट संख्या 6ई-58 में कुल 180 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे |

जांच जारी, सुरक्षा कड़ी

हैदराबाद एयरपोर्ट जीएमआर ने कहा है कि सभी प्राप्त धमकियों को गंभीरता के साथ देखा गया और हर मामले में निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाएं तुरंत लागू की गईं. इन प्रक्रियाओं में विमान और परिसर की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ संयुक्त जांच, यात्रियों और क्रू मेंबर्स का सत्यापन, बैगेज और कार्गो की रैंडम/फोकस्ड जांच, व जरूरत के हिसाब से रनवे और टर्मिनल पर सुरक्षा अलर्ट शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और किसी भी तरह की जान-माल की हानि की सूचना नहीं मिली है |

रामायण के ‘लक्ष्मण’ के घर सारा खान बनी बहू, 4 साल छोटे कृष के संग नई जिंदगी

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 ‘बिग बॉस’ फेम सारा खान दूसरी बार शादी के बंधन में बंध गई हैं. एक्ट्रेस ने 36 साल की उम्र में बॉयफ्रेंड कृष पाठक के साथ शादी की है, जो उनसे 4 साल छोटे हैं. इसी के साथ ही रामायण के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी के घर की बहू बन गई हैं. सारा की दुल्हन बनी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें वो लाल जोड़ा, गले में मंगलसूत्र, माथे पर सिंदूर और एकदम पहाड़ी लुक में दिखाई दे रही हैं. एक्ट्रेस ने गले में गुलबंद और नाक में पहाड़ी ट्रेडिशनल नथ पहनी हुई है.शादी के बाद दोनों का स्टेज पर रोमांटिक डांस परफॉर्मेंस हुआ. कृष की दुल्हन बनकर काफी सुंदर लग रही हैं  |

सारा खान को उनके दोस्त और फैन्स लगातार शादी की बधाई दे रहे हैं. यह सारा की दूसरी शादी है, इससे पहले एक्टर अली मर्चेंट के साथ शादी के बंधन में बंधी थीं, पर दोनों जल्द ही अलग हो गए. हाल ही में एक्ट्रेस की हल्दी सेरेमनी में गौहर खान भी पहुंची थीं. जो पति और बच्चे के साथ दिखाई दी थी. वहीं शादी में भी कई एक्टर्स पहुंचे थे, जिन्होंने कपल को बधाई दी है |

सारा खान ने की दूसरी शादी, तस्वीर वायरल

सारा खान ने कृष पाठक के साथ दूसरी शादी की है. हालांकि, कुछ वक्त पहले ही उन्होंने कृष पाठक के साथ तस्वीर शेयर की थी. साथ ही अंगूठी फ्लॉन्ट करती नजर आईं थी. उन्होंने कैप्शन में लिखा था- ”वो दुआ सी लगी, मैं मन्नत बन गया. दो दुनिया थी अलग, पर प्यार एक बन गया.” जिसके बाद करवाचौथ भी साथ में सेलिब्रेट किया था. और दिवाली पर भी कपल फोटो शेयर की थी. हालांकि, तब भी उन्होंने सिंदूर भरा हुआ था. अब कपल की शादी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं और पसंद भी की जा रही है |

सारा खान ने 2010 में एक्टर अली मर्चेंट से बिग बॉस में शादी की थी. लेकिन 2011 में दो महीने बाद ही उनका तलाक हो गया. जबकि, इस शादी को अली मर्चेंट ने एक रियलिटी शो में पब्लिसिटी स्टंट बताया था. और कहा था कि सारा से शादी करना जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी. यूं तो एक्ट्रेस ने बतौर मॉडल ही करियर की शुरुआत की थी. पर शो बिदाई से डेब्यू किया और छा गईं. वो कई टीवी शो का हिस्सा रह चुकी हैं, जिसमें- ‘जुनून – ऐसी नफरत तो कैसा इश्क में’, ‘ससुराल सिमर का’, ‘प्यार तूने क्या किया’ भी शामिल है |

IndiGo को अपनी गलतियों की कीमत चुकानी होगी

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विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा है कि इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट जल्द ही हल होने वाला है और एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई केवल समय की बात है। एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में विमानन मंत्री ने कहा कि इंडिगो की एक हजार से अधिक उड़ानें रद्द होने के बावजूद अन्य एयरलाइनों को कोई समस्या नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम नवंबर में लागू होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि समस्या इंडिगो की ओर से थी।

नायडू ने बताया कि मेट्रो शहरों के हवाई अड्डों पर भीड़ कम हो गई है और दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित अधिकांश हवाई अड्डों पर पिछले दिनों फंसे यात्रियों की कतारें अब खत्म हो गई हैं। इंडिगो कल से सीमित क्षमता के साथ उड़ानें फिर से शुरू करेगा और धीरे-धीरे क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिया कि यात्रियों को कल से परेशानी नहीं होगी, जबकि एयरलाइन की पूरी क्षमता पर लौटने में कुछ और दिन लग सकते हैं। नायडू ने यह भी स्पष्ट किया कि विमानन मंत्रालय और डीजीसीए ने इस तरह की स्थिति की पूर्व चेतावनी नहीं देने में कोई लापरवाही नहीं की।

विमानन मंत्री ने कहा कि नए एफडीटीएल नियमों के लागू होने के बाद इंडिगो के चालक दल से जुड़ी गड़बड़ी के कारण उसकी उड़ानों में व्यवधान आया, जिससे देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर देरी और भीड़ जमा हो गई। न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रमुख हवाई अड्डों पर हुई घटनाओं के कारण विमानन मंत्रालय ने इंडिगो को एफडीटीएल नियमों में कुछ छूट दी ताकि परिचालन सामान्य हो सके। 

नायडू ने कहा, एक नवंबर से डीजीसीए ने नए एफडीएल नियम लागू किए। मंत्रालय ने एयरलाइनों के साथ कम से कम छह महीने तक निरंतर संवाद भी किया। पहले इस नियम के बारे में कोई समस्या नहीं थी। एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइन ने अपने संचालन को ढाल लिया। लेकिन जो हुआ वह इंडिगो की चालक दल (क्रू) के प्रबंधन की गड़बड़ी के कारण हुआ। हमने सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए इंडिगो को एफडीटीएल नियमों में कुछ छूट दी।

‘जांच के लिए समिति बनाई, सख्त कार्रवाई करेंगे’

उन्होंने बताया कि इस व्यवधान की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है, जो यह देखेगी कि कहां गलती हुई और जिम्मेदार कौन है। नायडू ने कहा, जिन्होंने यह स्थिति पैदा की, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। हम इस पर सख्त कार्रवाई करेंगे। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय की तत्काल प्राथमिकता परिचालन को सामान्य करना और यात्रियों को जरूरी मदद प्रदान करना है।

‘सामान्य स्थिति बहाल करना हमारी प्राथमिकता’

उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता यह है कि सामान्य स्थिति लौटे और यात्रियों को पूरी मदद मिले। हर दिन लगभग पांच लाख लोग हवाई यात्रा करते हैं। हम एफडीटीएल नियमों और नेटवर्क शेड्यूलिंग पर नजर रख रहे हैं। हम पूरी तरह जांच करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी एयरलाइन सावधानी बरते। सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।

नायडू ने कहा कि मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिए थे कि दो दिनों के भीतर सामान्य परिचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। लेकिन देरी लगातार हो रही थी, इसलिए एयरलाइन को हवाई अड्डे पर भीड़ कम करने के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने को कहा गया। उन्होंने कहा, शुरुआत में जब इंडिगो की उड़ानों में देरी हुई, हमने उन्हें दो दिनों में सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा। लेकिन कल भी देरी होती रही। इसलिए हमने इंडिगो को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने को कहा ताकि हवाई अड्डे पर परेशानी और भीड़ कम हो सके।

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शाहरुख के सुझाव ने बदला करियर! IPL को अलविदा कहकर नई भूमिका में लौटे खिलाड़ी

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आईपीएल 2026 के ऑक्शन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. हाल ही में सभी टीमों ने अपनी रिटेंशन लिस्ट का भी ऐलान किया था, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले थे. कोलकाता नाइट राइडर्स ने तो कई स्टार खिलाड़ियों को टीम से रिलीज करने का फैसला लिया, जिसमें विस्फोटक ऑलराउंडर आंद्रे रसेल का नाम भी शामिल रहा. आंद्रे रसेल ने इस खिलाड़ी के लिए 11 सालों तक खेला और आईपीएल के महान खिलाड़ी बने. अब वह इस टीम के लिए ‘पावर कोच’ की भूमिका निभाएंगे. लेकिन आंद्रे रसेल का टीम से क्यों रिलीज किया गया और उन्होंने संन्यास क्यों लिया, इस पर अब बड़ा खुलासा हुआ है |

आंद्रे रसेल को क्यों किया गया रिलीज?

आंद्रे रसेल का आईपीएल से संन्यास लेना कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए एक भावुक मोड़ साबित हुआ. यह फैसला ऑक्सन में बड़े पर्स के साथ उतरने के चलते लिया गया. KKR के सीईओ वेंकी मैसूर ने खुलासा किया कि रसेल को यह रिलीज इतना भारी लगा कि उन्हें कई रातें नींद नहीं आई. रसेल का केकेआर से रिश्ता 2014 से चला आ रहा है, जब वह दिल्ली डेयरडेविल्स से इस टीम आए थे. 2017 में डोपिंग बैन के बाद भी केकेआर ने उनका साथ नहीं छोड़ा. लेकिन उनकी उम्र और बड़ी सैलरी को देखते हुए केकेआर ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला लिया, ताकी वह ऑक्शन में नए खिलाड़ी खरीद सके, जिसके लिए बड़े पर्स की जरूरत होगी. अगर, केकेआर उन्हें रिटेन करती तो उनके पर्स से 18 करोड़ रुपए कम हो जाते, जो ऑक्शन में एक बड़ा नुकसान हो सकता था |

शाहरुख खान के कहने पर बने कोच

कोलकाता नाइट राइडर्स ने जब अपना ये फैसला आंद्रे रसेल को बताया तो वह भी ऑक्शन में उतरने के लिए एक्साइटेड थे. लेकिन कुछ दिन बाद ही उन्होंने अपने मन बदल लिया. केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो को बताया, ‘कुछ दिन बाद उसे रसेल को बात समझ आई, उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तो कई रातें इसी सोच में बिता चुका हूं कि ये सब कहां जा रहा है. मैं बैंगनी और सुनहरे रंग, नाइट राइडर्स और फ्रैंचाइजी, तुम्हारे और मालिकों के साथ बने रिश्तों का आदी हो चुका हूं.’ वेंकी मैसूर ने इसके बाद केकेआर के को ओनर शाहरुख खान को ये बात बताई और उन्होंने कि आंद्रे रसेल को कोचिंग का ऑफर देने को कहा |

वेंकी मैसूर ने कहा, ‘मैं देख सकता था कि रसेल इस बात से बहुत परेशान थे, और इसलिए जब मैंने यह बात शाहरुख खान से शेयर की, तो असल में रसेल को कोचिंग की भूमिका देने का सुझाव शाहरुख खान का ही था. क्योंकि, देखिए, एक खिलाड़ी अपने मन में कहीं न कहीं सोच रहा होता है कि मेरे संन्यास के बाद क्या होगा? लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह इसके बारे में इतना सोचना चाहते हैं क्योंकि पेशेवर एथलीट ऐसे ही होते हैं.’ यानी शाहरुख खान के इस ऑफर के बाद आंद्रे रसेल ने संन्यास का ऐलान किया और केकेआर के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो गया. हालांकि, वह अब भी दुनिया भर की बाकी लीग में खेलते रहेंगे |

भारत में पुतिन, राष्ट्रपति ने पाया वह जो पिछले चार सालों में नहीं मिला

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगातार खिंचती ही जा रही है. सैन्य मोर्चे के साथ-साथ यह संघर्ष अब आर्थिक, कूटनीतिक और वैश्विक मान्यता की लड़ाई भी बन चुका है. अमेरिका और यूरोप ने युद्ध शुरू होने के बाद रूस को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से अलग-थलग करने की कई रणनीतिक कोशिशें कीं. कड़े आर्थिक प्रतिबंध, वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बहिष्कार और पुतिन की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को सीमित करने समेत कई तरह की कोशिशें की गई | 

ऐसे माहौल में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिन का भारत दौरा रूस के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत साबित हुआ. यह यात्रा सिर्फ एक द्विपक्षीय कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि रूस के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी का अवसर भी बन गई |

रूस की आर्थिक चुनौतियां, भारत की भूमिका

पश्चिमी देशों ने रूस को झटका देने के लिए उसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली से लगभग काट दिया. विदेशी बैंकों के कार्ड रूस में बंद हो गए और रूसी बैंकों के कार्ड विदेश में काम नहीं करते. इससे रूस की अर्थव्यवस्था और कारोबार पर बड़ा असर पड़ा. रूस ने इस स्थिति का समाधान खोजने के लिए राष्ट्रीय मुद्रा में लेन-देन को बढ़ावा दिया |

यही कारण है कि पुतिन के साथ इस बार कई रूसी बैंकों के प्रमुख भी भारत आए. दोनों देशों ने वित्तीय लेन-देन को सुचारू करने, वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर काम करने और 2030 तक आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर खास जोर दिया. यह कदम रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत उसके लिए एक स्थिर, बड़ा और विश्वसनीय बाजार है |

पुतिन की अंतरराष्ट्रीय छवि को नई ऊर्जा

यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी जगत ने पुतिन को अंतरराष्ट्रीय मंचों से दूर रखने की कोशिश की. वे G20 जैसे बड़े शिखर सम्मेलनों में शामिल नहीं हो सके. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के बाद भी संयुक्त राष्ट्र महासभा को पिछले 3 साल में संबोधित करने नहीं जा सके. SCO सम्मेलन के लिए भले ही चीन गए, लेकिन उन्हें वह वैश्विक स्वीकार्यता नहीं मिली जिसकी रूस को जरूरत थी |

भारत में उनका दौरा बिल्कुल अलग संदेश देता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट जाना, निजी डिनर देना और फिर राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत, ये सब घटनाएं बताती हैं कि पुतिन अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्था के विशेष साझेदार हैं |

भारत आकर पुतिन ने पश्चिम को यह स्पष्ट संकेत भेजा कि रूस को वैश्विक राजनीति से बाहर नहीं किया जा सकता. भारत ने भी बहुत सहजता से यह संदेश दिया कि रूस अंतरराष्ट्रीय संतुलन के लिए अब भी अनिवार्य है |

गांधी के समाधि स्थल जाना, औपचारिकता नहीं

राष्ट्रपति पुतिन का राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देना बहुत महत्वपूर्ण कदम था. पश्चिमी दुनिया गांधी को शांति और नैतिक नेतृत्व के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में स्वीकार करती है | यूक्रेन युद्ध के बीच जब पुतिन दुनिया से शांति की अपील करते हैं, और यह अपील गांधी के स्मारक से आती है, तो इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग प्रभाव पड़ता है. यह संदेश जाता है कि रूस केवल युद्ध का चेहरा नहीं है, वह संवाद, स्थिरता और संतुलन की बात भी कर रहा है |

भारत-रूस आर्थिक विजन: भविष्य की साझेदारी

भारत और रूस ने 2030 तक के लिए एक व्यापक आर्थिक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, बैंकिंग, अंतरिक्ष, रक्षा और समुद्री गलियारों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है | यूरोप जहां Re-Arming Europe 2030 के माध्यम से रूस के खिलाफ सैन्य तैयारी कर रहा है, वहीं रूस ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाकर एक सामरिक- आर्थिक संतुलन खड़ा करने की कोशिश की है. यह कदम रूस को अगले दशक में पश्चिमी दबावों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगा |

2 दिन में बड़ा संदेश: रूस अभी भी ग्लोबल पावर

सिर्फ दो दिनों में पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को तीन बड़े संकेत दे दिए. पहला, रूस अलग-थलग नहीं है. भारत जैसे बड़े देश में आकर उन्होंने यह तस्वीर बदल दी. दूसरा, दोनों के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत है और 2030 का ढांचा रूस के लिए सुरक्षा कवच जैसा है. इसके अलावा तीसरा, शांति का नैरेटिव- गांधी के संदेश के साथ रूस ने कूटनीतिक छवि सुधारने की कोशिश की है | 

यह दौरा रूस के राजनीतिक नेतृत्व के लिए मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक राहत लेकर आया है. इससे पुतिन न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ लौटेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में पश्चिम के दबावों का सामना करने में अधिक सक्षम भी दिखाई देंगे |

धनुष की Tere Ishk Mein बनी सुपरहिट, Raanjhanaa का रिकॉर्ड चकनाचूर

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धनुष और कृति सेनन की फिल्म तेरे इश्क में की बात करें तो इस फिल्म को शुरू से ही फैंस का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला. जब फिल्म का ट्रेलर आया था तो इसकी तुलना रांझणा से की जा रही थी और उसके मुकाबले इस फिल्म को हल्का माना जा रहा था. लेकिन जब फिल्म आई तो अच्छी-खासी जनता इसे देखती नजर आई. फिल्म ने वीकेंड में अच्छा फ्लो पकड़ा और वीकडेज में भी इसे कम नहीं होने दिया और मेंटेन कर के रखा |

यही वजह थी कि फिल्म अपने बजट के करीब पहुंच गई. इस फिल्म का बजट रिपोर्ट्स के मुताबिक 85 करोड़ रुपए का बताया जा रहा था. और तेरे इश्क में ने एक हफ्ते में ही अपना बजट रिकवर कर लिया. आइए जानते हैं कि अब तक इस फिल्म ने कितनी कमाई कर ली है |

भारत में तेरे इश्क में ने 8 दिन में कितने कमाए?

तेरे इश्क में फिल्म की बात करें तो इस फिल्म ने रिलीज के 8वें दिन 3.65 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है. इस लिहाज से भारत में फिल्म का 8 दिनों का कुल कलेक्शन 87.30 करोड़ रुपए का हो चुका है. मतलब साफ है. फिल्म ने अपना बजट वसूल लिया है और अब सर्पलस की ओर अपने कदम आगे बढ़ा दिए हैं. इस वीकेंड में फिल्म अच्छा-खासा फायदा बंटोर सकती है |

कितना रहा तेरे इश्क में का वर्ल्डवाइड कलेक्शन?

अगर फिल्म के वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो 7 दिनों में फिल्म का कलेक्शन 99.50 करोड़ रुपए का रहा. इसके अलावा फिल्म ने पहले हफ्ते में 9 करोड़ रुपए का ओवरसीज कलेक्शन भी किया. वहीं फिल्म ने 7 दिनों में दुनियाभर में 108.50 करोड़ रुपए कमा लिए. अब फिल्म के 8वें दिन के 3.65 करोड़ रुपए के कलेक्शन को मिला लिया जाए तो इसकी कुल कमाई 112.15 करोड़ रुपए की हो गई है. ये अपने आप में ज्यादा है और बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की सफलता की ओर इशारा कर रही है |

धनुष की फिल्म ने तोड़ा रांझणा का बड़ा रिकॉर्ड

फिल्म ने 8 दिनों में ही बड़ा कमाल किया है और 8 दिनों में ही रांझणा फिल्म की ऑल टाइम कमाई को पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट्स की मानें तो सोनम कपूर और धनुष की फिल्म रांझणा का कुल कलेक्शन 105 करोड़ रुपए का रहा था. और इसकी तुलना में तेरे इश्क में फिल्म ने 112.15 करोड़ रुपए कमा लिए हैं और 12 साल पहले आई रोमांटिक-ड्रामा फिल्म के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है |

देशभर में अगले साल तक पूरी तरह बंद हो जाएंगे टोल बूथ, नए व्यवस्था होगी शुरू

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नई दिल्ली। देशभर में टोल टैक्स सिस्टम (Country Toll Tax System ) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने गुरुवार को कहा कि एक वर्ष में वर्तमान टोल टैक्स कलेक्शन सिस्टम (बैरियर) (Toll Tax Collection System (Barrier)) को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। टोल टैक्स को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से चुकाया जाएगा।

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान गडकरी ने बताया कि करीब दस स्थानों पर इस नई व्यवस्था को लागू किया जा चुका है। अगले एक वर्ष के अंदर इसे पूरे देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क पर लागू कर दिया जाएगा। इससे टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में करीब 10 लाख करोड़ की 4500 राजमार्ग परियोजनाएं चल रही है। बड़ी मात्रा में हाईवे निर्माण के साथ डिजिटल टोल सिस्टम लागू होने से देश में सड़क यातायात और परिवहन की रफ्तार और तेज हो जाएगी।

टोल सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल होगा : सरकार
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी) तकनीक विकसित की है। इसका मकसद टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। इसमें आरईआईडी यानी की रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। यह हाईवे टोल प्लाजा पर वाहन गुजरने के दौरान बिना रुके चालक से जुड़े बैंक खाते से टोल राशि अपने आप काट देता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर कहा सरकार वैकल्पिक ईंधन को प्राथमिकता दे रही है। गडकरी ने हाईड्रोजन को भविष्य का ईंधन भी करार दिया।

सरकार ने गुरुवार को बताया कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना के तहत किए गए कुल 6,833 अनुरोधों में से अब तक सिर्फ 5,480 पीड़ित ही पात्र पाए गए हैं। गडकरी ने कहा, सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना, 2025 के तहत हर दुर्घटना के मामले में पीड़ित का 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार किया जाएगा।

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News Desk

‘मंदिर का पैसा भगवान का है, बैंकों को बचाने के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते’

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि मंदिर में भगवान के चढ़ावे में आया पैसा आर्थिक रूप से परेशान कोऑपरेटिव बैंकों को बचाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने यह कड़ी टिप्पणी तब की, जब वे कुछ कोऑपरेटिव बैंकों की अपील पर सुनवाई कर रहे थे। इन बैंकों ने केरल हाईकोर्ट के उस निर्देश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें तिरुनेल्ली मंदिर देवस्वम के जमा पैसे को वापस करने के लिए कहा गया था।

सीजेआई ने पूछा, आप मंदिर का पैसा बैंक को बचाने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं? इसमें क्या समस्या है कि मंदिर की धनराशि, जो एक ऐसे सहकारी बैंक में पड़ी है जो बड़ी कठिनाई से चल रहा है, उसे एक सक्षम राष्ट्रीयकृत बैंक में स्थानांतरित कर दिया जाए जो अधिकतम ब्याज दे सके?

सीजेआई ने कहा कि मंदिर का धन देवता का होता है, इसलिए उसे संरक्षित, सुरक्षित रखा जाना चाहिए और केवल मंदिर के हित में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यह सहकारी बैंक के लिए आमदनी या अस्तित्व का साधन नहीं बन सकता। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ मनंथवाडी को-ऑपरेटिव अर्बन सोसाइटी लिमिटेड और थिरुनेल्ली सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने याचिकाएं दाखिल की थीं।

हाईकोर्ट ने पांच सहकारी बैंकों को देवस्वोम की सावधि जमा (एफडी) तोड़कर पूरी राशि दो महीने के भीतर लौटाने का निर्देश दिया था, क्योंकि बैंक बार-बार आग्रह के बावजूद परिपक्व जमा राशि वापस नहीं कर रहे थे। बैंकों के इस तर्क से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ कि हाईकोर्ट के अचानक दिए गए निर्देश से उन्हें कठिनाई हो रही है। पीठ ने कहा कि बैंकों को लोगों के बीच विश्वसनीयता स्थापित करनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा, आप ग्राहकों और जमाओं को आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं, तो यह आपकी समस्या है। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों की याचिकाए सुनने से इनकार कर दिया। हालाकि, अदालत ने बैंकों को यह अनुमति दी कि वे आदेश का पालन करने के लिए समय बढ़ाने की मांग लेकर हाई कोर्ट के पास जा सकते हैं।

यह मामला थिरुनेल्ली देवस्वोम की उस याचिका से उत्पन्न हुआ था, जिसमें कई सहकारी बैंकों द्वारा बार-बार अनुरोध के बावजूद मंदिर की सावधि जमा राशि न लौटाने की शिकायत की गई थी। बता दें कि हाईकोर्ट ने थिरुनेल्ली सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सुशीला गोपालन स्मारक महिला सहकारी सोसायटी लिमिटेड, मनंथवाडी को-ऑपरेटिव रूरल सोसाइटी लिमिटेड, मनंथवाडी को-ऑपरेटिव अर्बन सोसाइटी लिमिटेड और वायनाड टेंपल एम्प्लॉइज़ को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड को दो महीने के भीतर धनराशि लौटाने का निर्देश दिया था।