कंगना रनौत ने राहुल गांधी को दी सलाह, कहा- आप भी बन सकते हैं अटल जी जैसा नेता, बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए

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नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार(Central government) पर आरोप लगाया कि वह विदेशी मेहमानों को नेता विपक्ष से नहीं मिलने देती है, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी (Bihari Vajpayee)और मनमोहन सिंह (Manmohan Singh)के दौर में मिलने की परपराएं थीं। इस पर भाजपा सांसद(BJP MP) कंगना रनौत ने कहा है कि देश के लिए राहुल गांधी की भावनाएं काफी संदिग्ध हैं। उन्होंने राहुल गांधी को बीजेपी ज्वाइन करने की सलाह दी। कंगना ने कहा कि राहुल गांधी भी अटल बिहारी वाजपेयी बन सकते हैं। वे भाजपा में शामिल हो जाएं।

राहुल गांधी के आरोपों पर कंगना रनौत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ”सरकार के अपने फैसले होते हैं। अटल जी नेशनल असेट्स थे। पूरे देश को उन पर गर्व था। लेकिन राहुल गांधी की देश के प्रति उनकी भावनाएं काफी संदिग्ध है। इंटरनेशनल जो साजिश हो रही है, चाहे वह दंगे फैलाना हो या टुकड़े करने की साजिश हो। संदिग्ध है। अगर राहुल गांधी अपने आप को अटल जी से तुलना कर रहे हैं तो मेरा एक ही सुझाव रहेगा कि आप बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए। भगवान ने आपको जन्म दिया है, जीवन दिया है। आप भी अटल जी बन सकते हैं, आप बीजेपी ज्वाइन कर लीजिए।”

 

दरअसल, केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि सरकार में विपक्ष के नेता को विदेशी गणमान्य मेहमानों से मिलने नहीं दिया जाता है। गांधी ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि पहले जो भी विदेशी मेहमान आते थे तो उन्हें विपक्ष के नेता से मिलने दिया जाता था। यह परंपरा मोदी सरकार के आने से पहले तक जारी रही है लेकिन अब नहीं मिलने दिया जाता। उनका कहना था कि विपक्ष के नेता का एक अलग दृष्टिकोण होता है और उसे विदेशी गणमान्य अतिथि से मिलने की इजाजत होनी चाहिए लेकिन मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय इन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं।

 

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, “आमतौर पर यह परंपरा है कि जो भी बाहर से आता है वह विपक्ष के नेता से भी मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी और डॉ मनमोहन सिंह की सरकारों के दौरान यही होता था। यह एक परंपरा रही है, लेकिन अब विदेशी गणमान्य मेहमान आते हैं या जब मैं विदेश यात्रा पर जाता हूं, तो सरकार उन्हें विपक्ष के नेता से नहीं मिलने के लिए कहती है। यह उनकी नीति है और वे हर बार ऐसा ही करते हैं। मैं भी जब विदेश जाता हूं तो बताया जाता है कि सरकार का परामर्श है कि इनसे नहीं मिलना है।”

रूसी राष्ट्रपति के साथ संबंधों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि हमारे सभी के साथ संबंध हैं। एलओपी एक अलग दृष्टिकोण देता हैं। हम भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। सिर्फ सरकार ही प्रतिनिधित्व नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष बाहर से आने वाले लोगों से मिले जबकि मिलने की परंपरा रही है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय इस नियम और ऐसे मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया में कहा कि लोकतंत्र में देश में आने वाले गणमान्य मेहमान से मिलने की इजाजत देना अच्छा है।

क्यों नहीं रोक पा रही टीम इंडिया ब्रीत्ज्के को? बल्लेबाज ने बताया असली कारण

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क्रिकेट | रांची में हार के बाद साउथ अफ्रीका ने रायपुर में जबरदस्त पलटवार किया. इस टीम ने 359 रनों के लक्ष्य को चार गेंद पहले भेदा. साउथ अफ्रीका की जीत में एडेन मारक्रम ने शानदार शतक लगाया लेकिन इसके साथ-साथ मैथ्यू ब्रीत्ज्के ने भी ऐसी पारी खेली जिसने साउथ अफ्रीका को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. ब्रीत्ज्के ने उस मुकाबले में 64 गेंदों में 68 रन बनाए. रांची वनडे में भी इस खिलाड़ी ने 80 गेंदों में 72 रनों की पारी खेली थी. सवाल ये है कि पहली बार भारत आए ब्रीत्ज्के आखिर कैसे भारतीय गेंदबाजी को इतनी आसानी से खेल रहे हैं. ब्रीत्ज्की ने विशाखापत्तनम वनडे से पहले खुद इसकी वजह बताई|

ब्रीत्ज्के बोले- भारत की पिच हैं शानदार

विशाखापत्तनम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्रीत्ज्के ने कहा कि वो भारत में बल्लेबाजी का लुत्फ ले रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं बल्लेबाजी काफी ज्यादा इंजॉय कर रहा हूं, गेंदबाजों का नहीं पता. मैं पाकिस्तान से खेलकर आया हूं लेकिन वहां पिच बैटिंग फ्रेंडली नहीं थी. यहां पाकिस्तान से काफी ज्यादा अलग हालात हैं.‘ ब्रीत्ज्के ने आगे कहा कि ड्यू भी एक बहुत बड़ी वजह है. साउथ अफ्रीका ने दोनों ही मैचों में चेज़ किया है और रात को गिरने वाली ओस ने गेंदबाजी को मुश्किल किया है, वहीं गेंद बल्ले पर आसानी से आती है |

लोअर ऑर्डर से मिलता है कॉन्फिडेंस

ब्रीत्ज्के ने आगे कहा कि उन्हें लोअर ऑर्डर से भी काफी कॉन्फिडेंस मिलता है. उनके मुताबिक मार्को यानसन और कॉर्बिन बॉश की अच्छी पावरफुल बैटिंग की वजह से साउथ अफ्रीका के टॉप 4 बल्लेबाज खुलकर खेल पाते हैं. बता दें ब्रीत्ज्के ने 11 वनडे मैचों में ही 682 रन बना दिए हैं. उनका वनडे औसत 68.2 है और वो 6 अर्धशतक और एक शतक लगा चुके हैं. टीम इंडिया को अगर वनडे सीरीज जीतनी है तो इस बल्लेबाज को जल्द आउट करना होगा नहीं तो टेस्ट की तरह वनडे में भी खराब नतीजा देखने को मिल सकता है |

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सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकारी कर्मचारियों को एसआईआर ड्यूटी निभानी होगी, राज्य सरकारों को निर्देश

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में वोटर्स लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारों या राज्य चुनाव आयोगों की तरफ से नियुक्त कर्मचारियों को एसआईआर की ड्यूटी निभानी होगी। भारत के चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी एसआईआर सहित दूसरे वैधानिक कामों को करने के लिए बाध्य हैं। राज्य सरकारों का भी कर्तव्य है कि वे के लिए चुनाव आयोग को कर्मचारी उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने कहा कि अगर एसआईआर काम में लगे बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के पास काम का बोझ ज्यादा है, तो राज्यों को और स्टाफ को काम पर लगाना चाहिए। बेंच ने कहा- इससे बीएलओ के काम के घंटे कम करने में मदद मिलेगी और पहले से ही नियमित काम के अलावा एसआईआर कर रहे अधिकारियों पर दबाव कम होगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी- तमिलगा वेत्री कझगम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पार्टी ने बीएलओ के तौर पर अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से न निभा पाने वाले लोगों के खिलाफ चुनाव आयोग की ओर से की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी थी। पार्टी का कहना था कि ईसी काम के बोझ तले दबे बीएलओ के खिलाफ काम न कर पाने की स्थिति में जन प्रतिनिधि कानून की धारा 32 के तहत आपराधिक कार्रवाई कर रही है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब निर्देश जारी किए हैं।
 

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800 करोड़ के ऑनलाइन सट्टेबाजी धोखाधड़ी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार 

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मुंबई। सूरत पुलिस के साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने 800 करोड़ के ऑनलाइन सट्टेबाजी धोखाधड़ी मामले में दो आरोपियों को मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जतिन ठक्कर उर्फ ​​जॉन रैपर (27) और दीपकुमार ठक्कर (24) को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
साइबर अपराध प्रकोष्ठ ने इसके पहले सूरत के कतारगाम इलाके में छापेमारी कर मीत शाह, यश शिंदे, ऋषिकेश सपकाल, नीलेश सोलंकी और परेशकुमार मोदी को ऑनलाइन सट्टेबाजी पोर्टल या मंच के जरिए लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर 149 बैंक खातों का उपयोग कर रहे थे और इन खातों के संबंध में पूरे भारत में 417 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। जतिन और दीपकुमार के फरार होने पर सूरत पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था।

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रणवीर, माधवन और अक्षय खन्ना—स्टार्स की फीस जानकर चौंक जाएंगे

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बॉलीवुड | बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई सारी फिल्में ऐसी हैं जो साल 2025 में चर्चा का विषय रहीं. 2025 की शुरुआत में ही एक फिल्म के नाम की चर्चा ने जोर पकड़ा जो दिसंबर में रिलीज की तैयारी में थी. इस फिल्म का नाम है धुरंधर. फिल्म की अनाउंसमेंट के बाद से ही इसे लेकर फैंस के बीच भारी उत्साह देखने को मिला था. बड़ी स्टारकास्ट से सजी इस फिल्म के लिए अब परीक्षा की घड़ी है. फिल्म को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज कर दिया गया है |

फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, अर्जुन रामपाल समेत कई सारे बड़े स्टार्स अहम रोल में नजर आ रहे हैं. सभी के लुक्स और डायलॉग्स ने पहले से ही माहौल भी बना दिया था. इससे पहले कि इसकी कमाई के शुरुआती रुझान आने शुरू हों आइए जानते हैं कि भारी-भरकम बजट में बनी इस हिंदी फिल्म के लिए किस कलाकार ने कितनी फीस चार्ज की है. फिल्म का बजट फिलहाल 280 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है |

रणवीर सिंह- इस फिल्म में बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने जे एस पी एम के शर्मा का रोल प्ले किया है. इस फिल्म में वे लीड एक्टर के रोल में नजर आएंगे. रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म में काम करने के लिए रणवीर सिंह को 30 करोड़ से 50 करोड़ के बीच में मिले हैं |

अर्जुन रामपाल- एक्टर अर्जुन रामपाल के बारे में कहा जा रहा है कि वे इस फिल्म में अपने करियर के अब तक के बड़े किरदार में से एक निभाते नजर आए हैं. फिल्म में एक्टर ने मेजर इकबाल का रोल प्ले किया है. इस फिल्म के लिए रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें 1 करोड़ रुपए ही दिए हैं जबकी ट्रेलर में तो उनके कैरेक्टर की लेंथ काफी बड़ी रखी गई थी |

अक्षय खन्ना- इस फिल्म के ट्रेलर में अक्षय खन्ना के लुक को भी काफी पसंद किया गया था. फिल्म के लिए बॉलीवुड एक्टर को 2.5 करोड़ रुपए दिए गए हैं. छावा में औरंगजेब के रोल के बाद उन्होंने एक और डेंजरस रोल प्ले किया है. इस फिल्म में वे रहमान डकैत का रोल प्ले करते नजर आए हैं |

संजय दत्त- इस फिल्म में बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर संजय दत्त भी शामिल हैं और ट्रेलर में पहले ही उनके कैरेक्टर की झलक ने सभी को एक्साइट कर दिया. संजय दत्त ने इस फिल्म में एस पी चौधरी असलम का रोल प्ले किया है. रिपोर्ट्स की मानें तो उन्हें भी इस फिल्म के लिए 2.5 करोड़ रुपए दिए गए हैं |

आर माधवन- साउथ और बॉलीवुड की फिल्मों में आर माधवन का नाम रहा है. उन्हें अब भी भरोसे के काबिल रोल्स मिलते हैं और इन रोल्स में वे फैंस का पूरा एंटरटेनमेंट करते भी नजर आते हैं. एक्टर इस फिल्म में अजय सान्याल के रोल में नजर आ रहे हैं जिसे नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल के किरदार से इंस्पायर माना जा रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म के लिए उन्हें करीब 9 करोड़ रुपए दिए गए हैं |

सारा अर्जुन- फिल्म में साउथ एक्ट्रेस सारा अर्जुन लीड एक्ट्रेस के रोल में नजर आई हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो उन्हें भी इस फिल्म के लिए 1 करोड़ रुपए दिए गए हैं. वे साउथ फिल्मों के एक्टर राज अर्जुन की बेटी हैं |

बीएलओ की मौत पर राज्य सरकारों को फटकार, जहां 10,000……..वहां 30,000 स्टाफ भी तैनात हो सकता 

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग राज्यों में चल रहे मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगे बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के तौर पर काम कर रहे कई पुरुषों और महिलाओं की मौत और आत्महत्या पर गंभीर चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान बीएलओ की दिक्कतों को कम करने के लिए कई निर्देश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने संबंधित राज्यों को एसआईआर ड्यूटी के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने का आदेश दे दिया है। ताकि एसआईआर में लगे लोगों के काम के घंटे कम हो सकें और उन पर मानसिक बोझ खत्म कर सके। सुप्रीम कोर्ट बेंच ने साफ किया कि अगर बूथ लेवल ऑफिसर्स किसी खास वजहों का हवाला देकर छुट्टी मांगते हैं, तब उस पर केस-टू-केस बेसिस पर विचार होना चाहिए। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बीएलओ के काम करने के हालात और मेंटल हेल्थ के लिए राज्य सरकारों को ज़िम्मेदार ठहराया, और कहा कि जहां 10,000 स्टाफ तैनात हैं, वहां 30,000 स्टाफ भी तैनात हो सकते हैं? शीर्ष अदालत ने राज्यों को फटकार लगाकर पूछा कि ऐसा क्यों नहीं किया गया? 
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा कि जो बीएलओ ड्यूटी से छूट मांग रहे हैं, खासकर अगर वे बीमार हैं या किसी और वजह से असमर्थ हैं, तब उन्हें छुट्टी दें और उनकी जगह किसी और को रखा जाए। शीर्ष अदालत ने बीएलओ को बड़ी राहत देकर कहा कि अगर राज्य की तरफ से ऐसी राहत नहीं मिलती है, तब संबंधित बीएलओ कोर्ट से सीधे संपर्क कर सकता है। शीर्ष अदालत के ये निर्देश अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्री कझगम की याचिका के बाद आए हैं, जिसके अगले साल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़ने की उम्मीद है।
टीवीके ने कई बीएलओ की मौत पर हुए विवाद के बीच कोर्ट का रुख किया था। तमिल पार्टी ने अपनी याचिका में कहा है कि 35 से 40 के करीब बीएलओ की मौत हो चुकी है और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट के सेक्शन 32 के तहत बीएलओ को जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें काम करने के लिए मजबूर कर रहा है।
वहीं टीवीके ने अपनी याचिका में तर्क दिया, “हर राज्य में इसतरह के परिवार हैं, जिनके बच्चे अनाथ हो गए हैं या माता-पिता अलग हो गए हैं… क्योंकि आयोग सेक्शन 32 के नोटिस भेज रहा है।” याचिका में मौत या आत्महत्या करने वाले बीएलओ के परिजनों के लिए मुआवज़े की भी मांग की गई है। पार्टी ने कहा, …अभी बस यही अनुरोध है कि आयोग ऐसी सख्त कार्रवाई न करे। पार्टी ने दावा किया कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में बीएलओ के खिलाफ 50 से ज़्यादा पुलिस केस दर्ज किए गए हैं। 

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IPL टीम की इस खास मालकिन के लिए मनीष मल्होत्रा ने सबसे पहले डिजाइन किए कपड़े

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बॉलीवुड | बॉलीवुड की ग्रैंड पार्टी हो या शादी, उसमें कोई स्टार मनीष मल्होत्रा की ड्रेस में न दिखे, यह पॉसिबल नहीं है. डिजाइनर मनीष मल्होत्रा खुद ही एक ब्रांड हैं. जिनके डिजाइन किए कपड़े पहनते ही वैल्यू बढ़ जाती है. महीने का 500 रुपये कमाने वाले मनीष मल्होत्रा अब करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं. मनीष मल्होत्रा हर साल 5 दिसंबर को अपना जन्मदिन मनाते हैं. 58 साल के ये डिजाइनर बेहद फिट एंड हैंडसम हैं. यह बर्थडे इसलिए भी खास है, क्योंकि हाल ही में उनकी फिल्म ‘गुस्ताख इश्क’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी है. पर क्या आप जानते हैं शाहरुख और सलमान नहीं, इस IPL टीम की मालकिन के लिए मनीष मल्होत्रा ने सबसे पहले कपड़े डिजाइन किए थे |

शाहरुख खान और सलमान खान का सक्सेसफुल करियर न सिर्फ हिंदी सिनेमा, बल्कि कई नए एक्टर्स के लिए इंस्पिरेशनल है. आज दोनों ही अगर किसी ब्रांड का कपड़ा पहन लें, तो सेकंड्स में उनकी वैल्यू बढ़ जाती है. पर यह सब सालों की मेहनत और समर्पण से पॉसिबल हुआ. दोनों ही एक्टर्स करोड़ों की दौलत के मालिक हैं, पर जब कॉस्ट्यूम डिजाइन की बारी आई. तो मनीष मल्होत्रा ने सबसे पहले इस एक्ट्रेस के कपड़ों को डिजाइन किया. जानिए पूरा किस्सा क्या है?

मनीष मल्होत्रा ने किसके लिए डिजाइन किए कपड़े?

मनीष मल्होत्रा फैशन की दुनिया में एक बड़ा नाम बन गए हैं. जिसके लिए कई अवॉर्ड्स भी जीते थे. उन्हें साल 1996 में फिल्म ‘रंगीला’ के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. बात है 1989 की, जब डेविड धवन की फिल्म के गाने में मनीष मल्होत्रा ने दिव्या भारती को स्टाइल किया. लेकिन फिल्म कभी रिलीज ही नहीं हो पाई थी. वहीं, 1990 में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कॉस्ट्यूम स्टाइलिस्ट के तौर पर डेब्यू किया |

डेब्यू के साथ ही मनीष मल्होत्रा ​​ने राजेश खन्ना, गोविंदा और जूही चावला की फिल्म ‘स्वर्ग’ के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग किया था. यही फिल्म उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ था. जबकि, जूही चावला वो एक्ट्रेस हैं, जिसके लिए सबसे पहले कपड़े डिजाइन किए. वो IPL टीम कोलकाता नाइट राइडर्स की को-ऑनर भी हैं. हालांकि, दिव्या भारती को पहले स्टाइल कर चुके हैं. पर फिल्म रिलीज ही नहीं हो पाई थी. जिसके बाद श्रीदेवी ने उन्हें अपने फोटोशूट लुक्स को स्टाइल करने के लिए हायर किया था. इसके बाद महेश भट्ट की ‘गुमराह’ के लिए श्रीदेवी का कैरेक्टर डिजाइन किया. वहीं, तेलुगु थ्रिलर गोविंदा गोविंदा की शूटिंग के बाद, रंगीला के कॉस्ट्यूम डिजाइन के लिए हायर किया |

मनीष मल्होत्रा की कमाई कितनी?

कभी डिजाइनर को 500 रुपये महीने की सैलरी मिलती थी. वो दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कभी खुशी कभी गम, कभी अलविदा न कहना, ऐ दिल है मुश्किल, स्टूडेंट ऑफ द ईयर कई फिल्मों के लिए काम कर चुके हैं. कई एक्ट्रेस के ब्राइडल लुक को डिजाइन करने काल क्रेडिट भी मनीष मल्होत्रा को जाता है. आज वो 2200 करोड़ की संपत्ति के मालिक बताए जाते हैं |

कौन बनेगा भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष? जल्द हो सकती है घोषणा, ये तीन नाम आगे

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के नए अध्यक्ष की घोषणा बहुत जल्द हो सकती है. वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा (J.P. Nadda) का कार्यकाल समाप्त तो बहुत पहले हो चुका है, और कई बार बढ़ाया भी जा चुका है. संभव है कि 15 दिसंबर 2025 से पहले ही यह घोषणा हो जाए. कहा जा रहा है कि ‘खरमास’ शुरू होने के पहले इसका फैसला हो जाएगा. हिंदू धर्म की मान्यता है कि खर मास में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, इसलिए उम्मीद है कि दस दिनों के अंदर नाम सामने आ जाएगा.

3 दिसंबर को संसद भवन में पीएम मोदी, अमित शाह, जे.पी. नड्डा और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की बैठक हुई थी. ऐसी चर्चा है कि इस मीटिंग में नए अध्यक्ष, यूपी इकाई प्रमुख और केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल पर चर्चा हुई थी. इसी सिलसिले में 1 दिसंबर को राजनाथ सिंह के आवास पर धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, मनोहर लाल खट्टर आदि के साथ भी बैठक हुई थी. जिसके बाद ये धारणा मजबूत हुई थी कि इनमें से किसी के सिर पर अध्यक्ष पद का ताज सजाया जा सकता है. हालांकि ये सब कयास ही है. इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि बीजेपी में जिन नामों की चर्चा हो जाती है उनको तो कतई ताज नहीं मिलता है.

सवाल यह है कि जिस तरह के फैसले भारतीय जनता पार्टी में आजकल हो रहे है उससे तो यही लगता है कि अध्यक्ष पद पर भी कोई वाइल्ड कार्ड एंट्री हो सकती है. संघ और बीजेपी की रिपोर्टिंग कर चुके वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगानकर कहते हैं कि भाजपा में नरेंन्द्र मोदी और संघ में मोहन भागवत दोनों ही अक्सर चौंकाने वाले फैसले करते हैं.जितनी ज्यादा अटकलें लगती हैं, उतनी ही संभावना अधिक होती हैं कि फैसला दायरे से बाहर के किसी शख्स के हक में जाए. 2009 में नितिन गडकरी का अध्यक्ष बनना मोहन भागवत के फैसले की मिसाल रहा है. मोहन भागवत और मोदी दोनों अक्सर दिखने वाली योग्यता या तर्कों पर नहीं चलते. उन्हें चुनाव नहीं सहमति पसंद है और यह सहमति बनने में कई बार लंबा वक्त लगता है.

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वैभव सूर्यवंशी या अर्जुन तेंदुलकर, कौन है आगे?

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क्रिकेट | वैभव सूर्यवंशी और अर्जुन तेंदुलकर, भारत के ये दो युवा खिलाड़ी हमेशा सुर्खियों में बन रहते हैं. हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक ग्रुप मैच में इन दोनों खिलाड़ियों का आमना-सामना देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस मैच में अर्जुन तेंदुलकर की टीम गोवा ने बाजी मारी|

वैभव सूर्यवंशी की टीम को भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वह अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे. वैभव सूर्यवंशी ने इस मैच में 25 गेंदों पर 46 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. वहीं, अर्जुन तेंदुलकर ने 4 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट चटकाए. हालांकि, बतौर बल्लेबाज अर्जुन सिर्फ 5 रन ही बना सके | 

वैभव सूर्यवंशी और अर्जुन तेंदुलकर अब आईपीएल में आमने-सामने खेलते हुए नजर आ सकते हैं. वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की टीम का हिस्सा हैं. वहीं, अर्जुन तेंदुलकर इस बार लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए नजर आएंगे. लखनऊ ने उन्हें मुंबई इंडियंस से ट्रेड किया है |

दोनों खिलाड़ियों की आईपीएल सैलरी में काफी अंतर  

वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2025 से पहले राजस्थान रॉयल्स ने ऑक्शन में खरीदा था. 30 लाख रुपए की बेस प्राइज के साथ ऑक्शन में उतरे वैभव सूर्यवंशी के लिए राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपए खर्च किए थे. वह आईपीएल 2026 के लिए रिटेन भी किए गए हैं. यानी उन्हें इस बार भी आईपीएल में सैलरी के तौर पर 1.10 करोड़ रुपए मिलेंगे |

महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन को आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस की और से सैलरी के तौर पर 30 लाख रुपए मिले थे. लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें मौजूदा फीस पर ही ट्रेड किया है. यानी लखनऊ सुपर जायंट्स भी उन्हें आईपीएल 2026 के लिए 30 लाख रुपए देगी |

DGCA ने झुकाया सिर! सरकार के इंटरफेयर के बाद वापस लिया ऑर्डर, 5 दिसंबर का बड़ा अपडेट

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DGCA Rule Withdrawn: पिछले दो दिनों से इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस से जुड़ी जो मुश्किलें देशभर के यात्रियों को परेशान कर रही थीं, अब उन पर विराम लगने वाला है. फ्लाइट्स के लगातार रद्द होने और देरी से उपजे संकट को खत्म करते हुए नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एक बड़ा कदम उठाया है.

क्रू रोस्टरिंग से जुड़ा अपना एक आदेश DGCA ने तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है. इस मामले में हुई गहमागहमी के बाद यह खबर सामने आई है कि नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री राम मोहन नायडू ने पूरे मामले की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह को दी थी. इसके ठीक बाद DGCA ने यह फैसला लेते हुए एयरलाइन और यात्रियों दोनों को बड़ी राहत दी है.

क्या था विवादित नियम जो वापस लिया गया?

दरअसल, DGCA ने हाल ही में एक प्रावधान लागू किया था जिसने एयरलाइन के क्रू मेंबर्स की रोस्टरिंग में बड़ी दिक्कतें पैदा कर दी थीं. DGCA के पत्र दिनांक 20.01.2025 में यह निर्देश दिया गया था कि साप्ताहिक आराम (Weekly Rest) के बदले कोई भी छुट्टी (Leave) प्रतिस्थापित नहीं की जाएगी.

सीधे शब्दों में कहें तो, अगर किसी क्रू मेंबर का साप्ताहिक आराम का दिन है, तो एयरलाइन उस आराम के बदले उन्हें कोई और छुट्टी का विकल्प नहीं दे सकती थी. इस नियम के चलते एयरलाइंस के लिए क्रू का सही रोस्टर बनाना और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया था, जिसके कारण क्रू की कमी से फ्लाइट्स रद्द होने लगी थीं.

DGCA ने अब इस प्रावधान की समीक्षा करते हुए इसे वापस ले लिया है. यह आदेश सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) की मंजूरी से जारी हुआ है और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.

क्यों लेना पड़ा यह फैसला?

DGCA को कई एयरलाइनों से लगातार आवेदन मिल रहे थे कि यह नियम उनकी परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. इसके अलावा, पिछले दो दिनों से इंडिगो की फ्लाइट्स में हो रही लगातार देरी और रद्द होने की घटनाओं ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी थी. DGCA ने स्पष्ट किया कि चल रहे परिचालन व्यवधानों को देखते हुए फ्लाइट्स के ऑपरेशन की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करना जरूरी था. इसलिए, इस प्रावधान की समीक्षा की गई.

IndiGo ने किसे ठहराया था जिम्मेदार?

फ्लाइट्स रद्द होने के पीछे इंडिगो एयरलाइन ने तीन मुख्य कारण बताए थे. पहला तकनीकी खराबी, दूसरा खराब मौसम और नए क्रू रोस्टरिंग नियम FDTL. एयरलाइन का कहना था कि 1 नवंबर से लागू हुए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों ने उनके पायलट और चालक दल की कमी को बढ़ा दिया है, क्योंकि इन नियमों में पायलट के काम के घंटों पर सीमा तय कर दी गई है और उन्हें लंबा आराम अनिवार्य कर दिया गया है.

हालांकि, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने तर्क दिया था कि अन्य एयरलाइंस पर इन नियमों का कोई खास असर नहीं दिख रहा है, इसलिए सिर्फ FDTL को दोष देना सही नहीं है.

FDTL के नए नियम क्या थे?

फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम 1 नवंबर से लागू हुए थे. इसका उद्देश्य क्रू की थकान कम करना था. इन नियमों के तहत, पायलटों के लिए साप्ताहिक आराम की अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया था, रात की ड्यूटी के समय को बढ़ाया गया था और सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह था कि एक हफ्ते में आधी रात से सुबह 6 बजे के बीच पायलटों की लैंडिंग की संख्या छह से घटाकर सिर्फ दो तक सीमित कर दी गई थी, जिससे क्रू की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ा और एयरलाइंस को रोस्टरिंग में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस वजह से हजारों की संख्या में IndiGo की उड़ाने रद्द हो गईं.