सोमनाथ में पीएम मोदी का ‘अमृत’ अवतार…108 घोड़ों का काफिला और हजारों भक्त, बोले- ‘सोम’ ही जीवन का आधार

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PM Modi in Somnath Mandir: तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज अंतिम दिन है. ‘शौर्य यात्रा’ के समापन के बाद पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद सभा को संबोधित किए. पीएम मोदी ने रविवार सुबह गिर सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतीकात्मक जुलूस ‘शौर्य यात्रा’ का भी नेतृत्व किया. इस दौरान पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे.

पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वहां उपस्थित ‘ऋषिकुमार’ से बातचीत की. इस दौरान वहां पर हजारों की तादाद में आए श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और सोमनाथ मंदिर से निकलते समय PM मोदी ने डमरू बजाया.

पीएम मोदी बोले, “मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासी के रूप में इस अवसर पर सेवा करने का मौका मिला. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा? अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है. यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है.”

समय, वातावरण, उत्सव अद्भुत: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, “यह समय अद्भुत है. यह वातावरण अद्भुत है. यह उत्सव अद्भुत है. एक ओर स्वयं महादेव दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की यह गूंज, आस्था का यह उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के आप सब भक्तों की उपस्थिति यह इस अवसर को दिव्य, भव्य बना रही है.”

‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ
पीएम मोदी बोले, “जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं. उसके नाम में ही ‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ है. उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है.”

भारत के पास हजारों साल पुराने पुण्यस्थान
PM मोदी ने कहा, “अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है. लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए. हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे. कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई.”

Grok के अश्लील कंटेंट विवाद पर ‘X’ ने मानी गलती, डिलीट किए 600 अकाउंट, 3500 पोस्ट ब्लॉक

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 X Accounts: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अब भारतीय कानूनों और दिशानिर्देशों के आधार पर काम करेगा. ‘एक्स’ ने मान लिया है कि हमसे गलती हुई है और इस पर सुधार करेंगे. सरकारी सूत्रों के अनुसार एक्स ने 600 भारतीय अकाउंट और करीब 3500 कंटेंट पोस्ट ब्लॉक किए हैं. पिछले कुछ दिनों पहले ग्रोक पर अश्लील कंटेंट को लेकर लोगों ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद MEITY ने उसे नोटिस जारी किया था. अब एक्स ने भी अपनी गलती स्वीकारते हुए भारतीय कानून के हिसाब से कार्य करने का भरोसा दिया है और कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के अश्लील कंटेंट को इजाजत नहीं दी जाएगी.

 

 

भारत सरकार ने अश्लील कंटेंटे को लेकर सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ को एआई टूल ‘ग्रोक’ पर कार्रवाई के लिए 7 जनवरी का समय दिया था. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 7 जनवरी तक एटीआर जमा करने को कहा. पहले यह डेट 5 जनवरी तक थी लेकिन फिर बाद में बढ़ाकर 7 जनवरी कर दिया.

 

2 जनवरी को जारी हुई थी नोटिस

मंत्रालय ने इसे आईटी कानून और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन बताया. नोटिस जारी करते हुए कहा कि एक्स के मंच पर एआई टूल ‘ग्रोक’ का लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग इसके माध्यम से फर्जी खाता बनाकर महिलाओं की अश्लील, आपत्तिजनक और अपमानजनक तस्वीरें एवं वीडियो बना रहे हैं. जो सुरक्षा उपायों की विफलता को दर्शाता है.

 

72 घंटे के अंदर कार्रवाई करने के दिए थे निर्देश

मंत्रालय ने इसके लिए एक्स को साफ निर्देश दिए थे कि ग्रोक से सभी अश्लील, अशोभनीय और गैरकानूनी सामग्री हटाई जाए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंत्रालय के अनुसार आईटी कानून की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी संरक्षण की छूट तभी लागू होती है, जब मंच पूरी तरह से उचित सावधानी का पालन करे. इसके लिए 72 घंटे के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने की बात कही गई थी.

 

बॉर्डर पर राजनीतिक तनाव, पुलिस से भिड़े सांसद चंद्रशेखर आजाद, हुई धक्का-मुक्की

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) से सटे यूपी के गाजियाबाद में गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पर उस समय राजनीतिक तनाव बढ़ गया, जब आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को उत्तर प्रदेश में प्रवेश से पुलिस ने रोकने की कोशिश की. इसके बावजूद चंद्रशेखर आज़ाद ने पुलिस बैरिकेडिंग के बीच से भीड़ को चीरते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की और यूपी में प्रवेश का प्रयास किया.

गाजीपुर बॉर्डर पर रोके गए चंद्रशेखर आज़ाद
चंद्रशेखर आज़ाद मेरठ जा रहे थे, जहां वह उस दलित परिवार से मुलाकात करने वाले हैं, जिसकी महिला की हाल ही में हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई, जबकि बेटी के अपहरण की भी सूचना सामने आई है. यह मामला सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही चंद्रशेखर आज़ाद का काफिला गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फिलहाल उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन समर्थकों की भीड़ जुटने के बाद माहौल गरमा गया और चंद्रशेखर आज़ाद खुद आगे बढ़ते हुए बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करने लगे.

दलित महिला की हत्या का मामला
इस दौरान पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी बहस भी हो गई. इस दौरान चंद्रशेखर आजाद यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मैं एक चुना हुआ सांसद हूं और तुमलोग मुझसे बदतमीजी करोगे, मुझे धक्का मारोगे. इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, कुछ देर तक पुलिस और समर्थकों के बीच नोकझोंक भी हुई. हालांकि स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने किसी तरह हालात को नियंत्रण में रखा और किसी बड़े टकराव से बचाया.

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलने के लिए किसी भी कीमत पर जाएंगे और उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे. प्रशासन का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दौरे के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है. अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए यह कदम एहतियातन उठाया गया है.

मेरठ में क्या हुआ था ?
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी, तभी आरोप है कि गांव के ही रहने वाले पारस ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियार के बल पर युवती का अपहरण कर लिया.

जब मां ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. बाद में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि आरोपी युवती को लेकर मौके से फरार हो गए. घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा गया. चंद्रशेखर इसी पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे.

MP के भाजपा नेताओं का इंतजार खत्म! निगम-मंडलों में जल्द होगी नियुक्तियां

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रतलाम। मध्य प्रदेश भाजपा (Madhya Pradesh BJP) में जल्द ही निगम मंडल आयोग और नगरीय निकाय (Corporation Board Commission and Urban Bodies) में एल्डरमैनों की नियुक्ति होगी। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार रतलाम पहुंचे हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) ने बड़ा बयान दिया है। यहां प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि लिस्ट ट्विस्ट हो गई है और बहुत जल्द जारी होगी।

उन्होंने कहा कि सत्ता संगठन का चोली दामन का साथ है हम दोनों एक साथ रह कर काम कर रहे हैं। अब देखना है कि दो साल सरकार को बने हो गए 3 साल से ज्यादा नगरीय निकाय चुनावों को हो चुके है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी को अगर अपने नेताओं को ऑब्लाइज भी करना है तो 3 साल निकलने के बाद में वो क्या लाभ उठा सकते हैं।

 

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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कोलकाता में आई-पैक पर ईडी की छापेमारी से जुड़ा मामला

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नई दिल्ली । कोलकाता में आई-पैक पर ईडी की छापेमारी से जुड़ा मामला (Matter related to the ED raid on I-PAC in Kolkata) सुप्रीम कोर्ट पहुंचा (Reached the Supreme Court) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की गई है

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में हुए पूरे घटनाक्रम का विस्तार से जिक्र किया है। ईडी ने कहा है कि निष्पक्ष जांच करने के एजेंसी के अधिकार को राज्य मशीनरी ने रोक दिया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई जांच की मांग की है। इससे पहले, ईडी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने तत्काल सुनवाई की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सुनवाई न्यायमूर्ति घोष की एकल-न्यायाधीश पीठ की ओर से ही निर्धारित तिथि पर ही होगी। ईडी ने दलील दी कि अगर न्यायमूर्ति घोष की पीठ की ओर से 14 जनवरी से पहले तत्काल सुनवाई नहीं हो पाती, तो इसे किसी अन्य एकल-न्यायाधीश पीठ को स्थानांतरित किया जा सकता है। इस दलील को भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

दरअसल, ईडी की टीम ने गुरुवार को कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था। विवाद उस समय बढ़ा, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ईडी के तलाशी अभियान के बीच प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पहुंच गईं। आरोप है कि ममता बनर्जी ने ईडी अधिकारियों से कई अहम दस्तावेजों को ले लिया और उन्हें अपनी गाड़ी में रखवाया।

तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आई-पीएसी पार्टी की मतदाता रणनीति एजेंसी के रूप में काम कर रही है, इसलिए ईडी की छापेमारी का उद्देश्य विधानसभा चुनाव के लिए उसकी चुनावी रणनीति से संबंधित कई दस्तावेजों को जब्त करना और उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ शेयर करना था। हालांकि, केंद्रीय एजेंसी ने टीएमसी के आरोपों का खंडन किया है।

 

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MP युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष को पुलिस ने घर से उठाया, जानिए वजह

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मुरैना। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले से युवा कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष (Youth Congress Assembly President) को पुलिस ने घर से उठा लिया है। तीन थानों की पुलिस ने सबलगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष को घर से उठाया है। दरअसल शहर में बढ़ती लूट डकैती और हत्या के मामले को लेकर अभिषेक पचौरी ने 10 तारीख को थाने के घेराव का ऐलान किया था।

थाना घेराव के पहले पुलिस में सख्ती दिखाई है। कांग्रेस नेता अभिषेक पचौरी के तीन से चार समर्थकों को भी रात में पुलिस हिरासत में ले चुकी है। घेराव करने से पहले ही पुलिस ने अभिषेक पचौरी और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया है। हाल ही में अंकित माहौर की हुई हत्या की गुत्थी को लेकर भी कांग्रेश नेता अभिषेक पचौरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।

 

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फरवरी अंत तक पूरा होगा तमिलनाडु में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना का पहला चरण

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चेन्नई । तमिलनाडु में कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना का पहला चरण (First Phase of Free Laptop Scheme for college students in Tamilnadu) फरवरी अंत तक पूरा होगा (Will be completed by the end of February) ।

अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 10 लाख छात्रों को फायदा होगा और लगभग दो लाख लैपटॉप पहले ही योग्य लाभार्थियों तक पहुंच चुके हैं। कुल 20 लाख लैपटॉप खरीदने के लिए एक इंटरनेशनल टेंडर जारी किया गया है, जिसके लिए राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 2 हजार करोड़ रुपए रखे हैं। अधिकारियों के अनुसार, डेल, एसर और एचपी जैसे मल्टीनेशनल मैन्युफैक्चरर्स द्वारा सप्लाई किए गए लैपटॉप छात्रों को बांटे जाएंगे।

इन सिस्टम में इंटेल आई3 या एएमडी राइजेन 3 प्रोसेसर, 8 जीबी रैम और 256 जीबी एसएसडी स्टोरेज होगा। हर लैपटॉप में पहले से ही विंडो 11, बॉस लिनक्स और एमएस ऑफिस 365 प्री-लोडेड होंगे, जिससे छात्रों को अपनी पढ़ाई की जरूरतों के लिए प्रोप्राइटरी और ओपन-सोर्स दोनों प्लेटफॉर्म मिल सकें। इन लैपटॉप में एआई-पावर्ड परप्लेक्सिटी प्रो प्लेटफॉर्म का छह महीने का फ्री सब्सक्रिप्शन भी शामिल होगा, जिसका मकसद रिसर्च और सीखने में मदद करना है। लैपटॉप के साथ-साथ लाभार्थियों को एक हाई-क्वालिटी बैग भी मिलेगा।

उच्च शिक्षा विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के लगभग 4,600 आर्ट्स, साइंस, इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर और मेडिकल कॉलेजों में लाभार्थियों की पहचान का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारी ने कहा कि एक लाख से ज्यादा लैपटॉप पहले ही बांटे जा चुके हैं। कॉलेजों ने लगभग सभी छात्रों की डिटेल्स जमा कर दी हैं, जिनकी सावधानी से जांच की जा रही है ताकि यह पक्का किया जा सके कि हर योग्य छात्र को इस योजना का फायदा मिले।

डिस्ट्रीब्यूशन का दूसरा चरण मार्च में शुरू होने की उम्मीद है, जिससे योजना की पहुंच और बढ़ेगी। लैपटॉप सप्लाई करने वाली कंपनियां सभी जिलों में सर्विस सेंटर भी बनाएंगी ताकि बिक्री के बाद सपोर्ट दिया जा सके। इस बीच, अधिकारियों ने छात्रों को सोशल मीडिया पर स्कीम के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बारे में फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने की चेतावनी दी है और दोहराया है कि लाभार्थियों का चयन सिर्फ कॉलेजों के जरिए ही किया जा रहा है।

 

बीएमसी चुनाव को ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव कहना ठीक नहीं – शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत

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मुंबई । शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत (Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut) ने कहा कि बीएमसी चुनाव को ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव (BMC Elections Thackeray Brothers’ Elections) कहना ठीक नहीं (It is not right to Call) ।

संजय राउत ने बृहन्मुंबई नगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव को ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि सात वर्ष के बाद चुनाव होने जा रहे हैं। इस दौरान काफी कुछ बदला है। आप राजनीतिक स्थिति से लेकर जनसांख्यिकी स्थिति को देख लीजिए। हर जगर आपको कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ऐसी स्थिति में इसे ठाकरे ब्रदर्स का चुनाव कहना ठीक नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर इस चुनाव को एक परिभाषा दी जाए तो यह कहना ज्यादा मुनासिब रहेगा कि यह चुनाव जनता से जुड़ा चुनाव है। जहां पर मूल रूप से जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाती है और उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता है।

शिवसेना (यूबीटी) नेता ने मुंबई की विशेषता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मुंबई में एक देश बसा हुआ है, जहां पर विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं। यह एक प्रकार की आर्थिक राजधानी है, जहां पर आर्थिक धारा बहती है। इससे पूरे देश में विकास की बयार चौतरफा बहती है। यहां पर हमेशा से बाला साहेब ठाकरे का वर्चस्व रहा है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि दोनों भाई बीएमसी चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं, बल्कि यह कहना ज्यादा उचित रहेगा कि इन दोनों भाइयों ने मुंबई को बचाने का संकल्प लिया है, जिसे वो हर हाल में पूरा करके रहेंगे।

संजय राउत ने कहा कि अगर हम शिवसेना और बीएमसी चुनाव की बात करें, तो यहां पर हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि यहां पर विभिन्न प्रांतों के लोग रहते हैं। हर प्रांत के लोग आज की तारीख में हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में हम इस बात को खारिज नहीं कर सकते हैं कि आगामी दिनों में महाराष्ट्र में हमारे लिए राजनीतिक स्थिति पूरी तरह से हमारे अनुकूल साबित होने जा रही है।

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि जब मुंबई की सुरक्षा का सवाल पैदा होता है, तो लोगों के जेहन में यही आता है कि जब तक शिवसेना हमारे साथ है, तब तक हमें कोई भी छू नहीं सकता। हमारी सुरक्षा में किसी को आंच नहीं आ सकती, क्योंकि हम लोगों ने हमेशा से ही मुंबई के लोगों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता की सूची में शीर्ष पर रखा है। उसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया है, न ही आगे करेंगे।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि भाजपा के नेता अन्नामलई मुंबई में आते हैं और चुनाव प्रचार में कहते हैं कि मुंबई महाराष्ट्र के लोगों का नहीं है। यह बहुत ही दुखद स्थिति है। अफसोस की बात यह है कि अभी तक महाराष्ट्र के सीएम और डिप्टी सीएम ने इस मामले में किसी भी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया है। हमारी मांग है कि महाराष्ट्र के सीएम को इस मामले में सामने आकर पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अन्नामलई आकर कहते हैं कि मुंबई महाराष्ट्र के लोगों की नहीं है। अगर मुंबई महाराष्ट्र के लोगों की नहीं है, तो फिर किसका है। क्या ये पाकिस्तान या बांग्लादेश के लोगों का है या फिर मलेशिया के लोगों का है। अब पता नहीं अन्नामलई मुंबई है में हैं या डरकर शायद भाग गए। हमारी मांग है कि इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। ये लोग इसी के योग्य हैं। क्या ये लोग अपने विभाजनकारी बयान के जरिए मुंबई के लोगों के बीच में फूट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, ‘ॐकार मंत्र’ जाप व स्वाभिमान पर्व समारोह में भी हुए शामिल

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गिर सोमनाथ (गुजरात) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने तीन-दिवसीय गुजरात दौरे के तहत सोमनाथ पहुंचे. पीएम ने के सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. पीएम ने सोमनाथ मंदिर में ‘ॐकार मंत्र’ के जाप में भी भाग लिया.

इस दौरान उन्होंने प्राचीन तीर्थस्थल पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ समारोह के तहत आयोजित अनुष्ठानों में भाग भी लिया.

 

 

ड्रोन शो में 3000 ड्रोन की मदद से आसमान में बनाई तस्वीरें
पीएम मोदी ने इस मौके पर भव्य ड्रोन शो भी देखा, जिसमें कई विषयों पर आधारित आकृतियों के जरिए भगवान शिव और शिवलिंग की विशाल छवियां बनाई गईं. इसके साथ ही सोमनाथ मंदिर का एक शानदार 3डी डिपिक्शन भी किया गया.

इस ड्रोन शो में, लगभग 3000 ड्रोन की मदद से लाइट के तालमेल से अरब सागर के ऊपर आसमान में अलग-अलग डॉट वाली तस्वीरें बनाई गईं. आसमान में उभरते चमकदार नज़ारे लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने. ड्रोन लाइट के ज़रिए भगवान शंकर, वीर हमीरजी, अहिल्याभाई होल्कर, सोमनाथ पर हमला, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वाभिमान पर्व का लोगो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डॉट वाली तस्वीरें दिखाई गईं. इन सभी तस्वीरों में भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रीय गौरव की झलक दिखी.

इस शानदार ड्रोन शो को कुल 40 ट्रेंड ऑपरेटरों ने मैनेज किया. लगभग 15 मिनट तक चले इस शो ने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सोमनाथ मंदिर के प्रांगण में मौजूद थे और उन्होंने इस शानदार ड्रोन शो को देखकर अपनी खुशी ज़ाहिर की. इस मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस अद्भुत नज़ारे को देखकर गर्व और खुशी महसूस की. ड्रोन शो के तुरंत बाद, पास के बीच पर शानदार आतिशबाजी हुई, आसमान तरह-तरह के पटाखों से रंगीन हो गया

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गिर सोमनाथ जिले के वेरावल कस्बे के निकट स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ महादेव मंदिर के पास हेलीपैड पर स्वागत किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘सोमनाथ में आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, जो हमारी सभ्यतागत साहस का गौरवशाली प्रतीक है. यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हो रही है.’’

 

उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर 1026 में आक्रमणकारियों ने हमला किया था और इस साल हमले के एक हजार वर्ष पूरे हुए हैं. हेलीपैड से पीएम मोदी अपने काफिले के साथ मंदिर के पास स्थित वीवीआईपी सर्किट हाउस पहुंचे. इस दौरान सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी श्रद्धालु मोदी का स्वागत करने के लिए एकत्र हुए थे.

बता दें कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ भारत के उन अनगिनत नागरिकों को याद करने के लिए मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा. महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके एक हजार वर्ष पूरे होने की पृष्ठभूमि में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है.

 

सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक
पीएम मोदी ने सर्किट हाउस में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी. उन्होंने लिखा, ‘आज शाम सोमनाथ में मैंने सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में मंदिर परिसर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और अधिक स्मरणीय बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई.’

 

 

 

 

विरासत को नष्ट करने के लिए ‘अपने’ और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी ही काफी होते हैं – रोहिणी आचार्य

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पटना । रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने कहा कि विरासत को नष्ट करने के लिए (To destroy Legacy) ‘अपने’ और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी ही काफी होते हैं (Few Conspirators from among our own people and Our Own People are Enough) ।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को पार्टी और परिवार के भीतर चल रही कथित सियासी उठापटक पर टिप्पणी की। रोहिणी आचार्य ने कहा कि किसी बड़ी विरासत को नष्ट करने के लिए बाहरी लोगों की जरूरत नहीं होती, बल्कि अपने ही लोग और कुछ षड्यंत्रकारी काफी होते हैं। उन्होंने इशारों में कहा कि जिस विरासत को बड़ी मेहनत और शिद्दत से खड़ा किया गया, उसे नुकसान पहुंचाने में अक्सर अपने ही लोग आगे आ जाते हैं।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गई ‘बड़ी विरासत’ को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, ‘अपने’ और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी ‘नए बने अपने’ ही काफी होते हैं। हैरानी तो तब होती है , जब जिसकी वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर ‘अपने’ ही आमादा हो जाते हैं।” रोहिणी ने पोस्ट में आगे लिखा, “जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है। तब ‘विनाशक’ ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है।”

इससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद भी रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए परिवार त्यागने और राजनीति छोड़ने की घोषणा की थी। रोहिणी ने खुद को अपमानित बताते हुए बताया कि उनके ऊपर चप्पल तक फेंककर मारी गई। रोहिणी ने इस संबंध में एक्स पोस्ट में लिखा था कि, “एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला और एक मां को जलील किया गया, गंदी गालियां दी गईं, और मारने के लिए चप्पल उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पड़ी। एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप और बहनों को छोड़ आई, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा ना हो।”