केरल दौरे पर अमित शाह ने शुरू किया भाजपा का चुनावी अभियान 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की हालिया जीत का जिक्र करते हुए कहा कि यह विजय केवल एक पड़ाव है, अंतिम लक्ष्य तो केरल में भाजपा की सरकार और मुख्यमंत्री लाना है। गृह मंत्री शाह ने कहा, कि भाजपा का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि केरल को पूर्ण विकसित बनाना, देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित रखना और यहां की सदियों पुरानी आस्था की रक्षा करना है। 
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केरल के लोग भी समझते हैं कि यूडीएफ और एलडीएफ ये काम नहीं कर सकते, और केवल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही यह संभव कर सकती है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शाह का यह दौरा पार्टी के संगठनात्मक आधार को मजबूत करने और स्थानीय नेताओं से सीधे संवाद स्थापित करने का हिस्सा है। 
गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह शनिवार रात को तिरुवनंतपुरम पहुंचे थे। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के दर्शन से की, इसके बाद हाल ही में निर्वाचित हुए बीजेपी प्रतिनिधियों से मुलाकात की और आगामी चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की। 
शाह के इस दौरे से भाजपा के लिए केरल में विधानसभा चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है, और पार्टी अब राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में बेहतर परिणाम हासिल करने की तैयारी में जुट गई है। 

Previous articleकिसानों की होगी चांदी, उड़द-मूंगफली पर बोनस देगी सरकार, हर खेत पर लगेंगे सोलर पंप
News Desk

मसूद अजहर ने हजारों आत्मघाती हमलावरों के तैयार रहने का दावा किया

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के प्रमुख मसूद अजहर की कथित एक नई ऑडियो रिकॉर्डिंग ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है। इंटरनेट पर वायरल इस वीडियो ने लोगों में आक्रोश भर दिया है। इस भयावह ऑडियो चेतावनी में कुख्यात आतंकवादी ने भारत में घुसपैठ करने और आतंकी हमले करने के लिए हजारों आत्मघाती हमलावरों के तैयार रहने का दावा किया है। गौरतलब है कि मसूद अजहर संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी है और लंबे समय से पाकिस्तान की धरती से भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रच रहा है और जहर उगल रहा है। वायरल हो चुकी इस ऑडियो क्लिप में मसूद अजहर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि एक हजार से अधिक आत्मघाती हमलावर किसी भी समय हमला करने के लिए तैयार हैं, जिनका मुख्य लक्ष्य भारत है। आतंकी ने यह भी दावा किया है कि अगर वह बमवर्षकों की वास्तविक संख्या का खुलासा करता है, तो इससे वैश्विक समुदाय सदमे में आ जाएगा। ऑडियो में आतंकी बोल रहा है कि ये (आत्मघाती हमलावर) एक नहीं, दो नहीं, 100 नहीं, ये 1,000 भी नहीं, अगर पूरी संख्या बता दूं, तो कल दुनिया की मीडिया में हंगामा मच जाएगा।
वह आगे कहता है कि उसके योद्धा जीवन के भौतिक सुख-सुविधाओं से प्रेरित नहीं हैं और अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए शहादत देने को तैयार हैं। ऑडियो रिकॉर्डिंग की तारीख और प्रामाणिकता की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि

Previous articleजम्मू-कश्मीर में LoC के पास दिखे कई पाकिस्तानी ड्रोन, हाई अलर्ट
Next articleबालोद में सजेगा ‘मिनी भारत…आज राष्ट्रीय जंबूरी के समापन में पहुंचेंगे CM साय, युवाओं में जबरदस्त उत्साह
News Desk

उद्धव गुट के पूर्व विधायक ने पार्टी छोड़ी

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुंबई।  उद्धव गुट के शिवसेना नेता और पूर्व विधायक दगडू सकपाल ने पार्टी छोडक़र एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। यह कदम उन्होंने बीएमसी चुनावों से पहले उठाया है। सकपाल ने रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना जॉइन की। इससे पहले गुरुवार को महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद के 12 निलंबित कांग्रेस पार्षद भाजपा में शामिल हुए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर गंदी और सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा जनहित के अहम मुद्दों को सुलझाने में विफल रही है। राज्य में 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। इनमें मुंबई, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ शामिल हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी।

Previous article छत्तीसगढ़ में 4 दिन की ‘शांति’ के बाद लौटेगा ठंड का टॉर्चर, जानें कब से कांपेगा प्रदेश”
Next articleआज से शुरू हुआ ‘संकल्प से समाधान’, जानिए कैसे आपका नाम जुड़ेगा
News Desk

गजनी से औरंगजेब तक इतिहास में दफन हो गए, सोमनाथ वहीं खड़ा है, शिव साधना कर बोले पीएम मोदी

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

सोमनाथ. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) रविवार को सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple)  स्वाभिमान पर्व (Self-respect festival)  में शामिल हुए. उन्होंने यहां 108 अश्वों के साथ निकाली गई शौर्य यात्रा में शिरकत की. यह शोभा यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से निकाली गई थी, जो शौर्य, साहस और बलिदान का प्रतीक माना जाता है. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और एक जनसभा को संबोधित किया.

पीएम मोदी ने शौर्य सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है. आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ. ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है, ये उत्सव अद्भुत है. एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की ये गूंज, आस्था का ये उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति… इस अवसर को भव्य और दिव्य बना रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को लेकर कहा कि इस आयोजन में गर्व है, गरिमा है, गौरव है और इसमें गरिमा का ज्ञान भी है. इसमें वैभव की विरासत है, इसमें अध्यात्म की अनुभूति है, अनुभूति है, आनंद है, आत्मीयता है और देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद है. पीएम मोदी ने कहा, ’72 घंटों तक अनवरत ओंकार नाद, 72 घंटों का अनवरत मंत्रोच्चार. मैंने देखा, कल रात 1000 ड्रोन द्वारा, वैदिक गुरुकुलों के 1000 विद्यार्थियों की उपस्थिति, सोमनाथ के 1000 वर्षों की गाथा का प्रदर्शन… और आज 108 अश्वों के साथ मंदिर तक शौर्य यात्रा, मंत्रों और भजनों की अद्भुत प्रस्तुति… सब कुछ मंत्र-मुग्ध कर देने वाला है. इस अनुभूति को शब्दों में अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता, इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है.’

पीएम मोदी ने 1026 ईस्वी में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने पर इतिहास को जिक्र करते हुए कहा, ‘एक हजार साल पहले, इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा. आप जो यहां उपस्थित हैं, उनके पुरखों ने, हमारे पुरखों ने जान की बाजी लगा दी थी… अपनी आस्था के लिए, अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए उन्होंने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया. हजार साल पहले वे आततायी सोच रहे थे कि उन्होंने हमें जीत लिया, लेकिन आज एक हजार साल बाद भी, सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है.’

गजनी-औरंगजेब इतिहास हुए, सोमनाथ वहीं है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जब गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे, तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है. लेकिन वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते थे, उसके नाम में ही सोम अर्थात् अमृत जुड़ा हुआ है. उसमें हलाहल को पीकर भी अमर रहने का विचार जुड़ा है. उसके भीतर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है, जो कल्याणकारक भी है और प्रचंड तांडव: शिव: यह शक्ति का स्रोत भी है. गजनी से औरंगजेब तक सोमनाथ पर हमला करने वाले तमाम आक्रांता इतिहास के चंद पन्नों में दफन होकर रह गए, लेकिन चिर-चिरातन सोमनाथ मंदिर सागर के तट पर उसी तरह तनकर खड़ा है.’

विजय और पुनर्निर्माण का इतिहास है सोमनाथ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, 1,000 साल पहले हुए विध्वंस के स्मरण के लिए ही नहीं है. ये पर्व हजार साल की यात्रा का पर्व है. साथ ही, ये हमारे भारत के अस्तित्व और अभिमान का पर्व भी है. उन्होंने कहा, ‘सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है. ये इतिहास विजय और पुनर्निर्माण का है. सोमनाथ में विराजमान महादेव, उनका एक नाम मृत्युंजय भी है, मृत्युंजय जिसने मृत्यु को भी जीत लिया, जो स्वयं काल स्वरूप है. ये भी एक सुखद संयोग है कि आज सोमनाथ मंदिर की स्वाभिमान यात्रा के 1000 साल पूरे हो रहे हैं, साथ ही 1951 में हुए इसके पुनर्निर्माण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं. मैं दुनियाभर के करोड़ों श्रद्धालुओं को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.’

 

 

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा जिले (Samba district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात घगवाल क्षेत्र के पलोरा गांव में तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल को एक नाले के किनारे पीले रंग की टेप में लिपटा पैकेट मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते की मदद से खोला गया। उन्होंने बताया कि पैकेट से हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक तलाश अभियान जारी था।

ढलान से गिरने से सेना के 2 कुलियों की मौत
दूसरी ओर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास ढलान से फिसलकर गिरने से सेना के 2 नागरिक कुलियों की मौत हो गई और उनके शवों को बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा दोनों कुलियों की पहचान लियाकत अहमद दीदार और इशाक अहमद खटाना के रूप में हुई है। दोनों बारामूला के चंदूसा के रहने वाले थे। दोनों कुली गुरुवार दोपहर एक अग्रिम क्षेत्र से फिसलकर एक नाले में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद श्रीनगर स्थित 15 कोर के नियंत्रण में आने वाले गुलमर्ग सेक्टर में बचाव अभियान शुरू किया गया। खोज अभियान को जम्मू क्षेत्र के पुंछ सेक्टर तक बढ़ाया गया क्योंकि यह दुर्घटनास्थल के निकट है। नियंत्रण रेखा का पुंछ क्षेत्र सेना की नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16) कोर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

 

 

Previous articleलैंड फॉर जॉब केस में जेल जा सकता है लालू परिवार,राजश्री बनेंगी दूसरी राबड़ी
News Desk

मुझे फंसाने की थी साजिश… CM फडणवीस का उद्धव सरकार पर बड़ा दावा

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने कहा है कि पूर्व DGP रश्मि शुक्ला (Rashmi Shukla) की ओर से सौंपी गई SIT रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछली उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व वाली MVA सरकार के दौरान उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई थी. सूत्रों की तरफ से ऐसा दावा किया गया कि डीजीपी रश्मि शुक्ला ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा की गई जांच के आधार पर गृह विभाग को एक रिपोर्ट सौंपी थी.

ये रिपोर्ट उन्होंने 3 जनवरी को रिटायर होने से पहले दिया था. उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि तत्कालीन DGP संजय पांडे, पुलिस उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटिल और सहायक पुलिस आयुक्त सरदार पाटिल, ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में 2016 में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले की फिर से जांच करके सीएम फडणवीस और मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को फंसाने की साजिश में शामिल थे.

ये उस समय की बात है जब सीएम देवेंत्र फडणवीस विधानसभा में विपक्ष के नेता थे और उपमुख्यमंत्री शिंदे उस समय मंत्री थे. सूत्रों ने बताया कि रश्मि शुक्ला ने इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज करने की सिफारिश की थी. SIT रिपोर्ट पर एक सवाल के जवाब में सीएम फडणवीस ने शनिवार शाम को पत्रकारों से कहा कि MVA शासन के दौरान बदले की राजनीति स्थापित हो गई है कि कैसे मुझे झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई. 2016 में श्यामसुंदर अग्रवाल और उनके पूर्व बिजनेस पार्टनर, रियल एस्टेट डेवलपर संजय पुनामिया के बीच विवाद के बाद ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में अग्रवाल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था. 2017 में चार्जशीट दायर की गई थी.

आरोप है कि ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के सत्ता में रहने के दौरान राज्य पुलिस बल का नेतृत्व करने वाले पांडे ने मामले की फिर से जांच का आदेश दिया था. पुनामिया ने बाद में उसी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि 2016 के मामले का इस्तेमाल 2021 और जून 2024 के बीच उन्हें परेशान करने और उनसे पैसे वसूलने के बहाने के रूप में किया गया था. उनकी शिकायत के आधार पर, 2024 में पांडे और सात अन्य के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया था. BJP नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दारेकर ने महाराष्ट्र विधानमंडल में यह मुद्दा उठाया था, जिसमें दावा किया गया था कि यह फडणवीस और शिंदे को फंसाने की साजिश थी.

 

Previous articleपशुपालन मंत्री ने सुमेरपुर में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना
Next articleनर कंकाल का सनसनीखेज खुलासा देस्त ने कर दी दोस्त की हत्या
News Desk

पीएम किसान के 2000 चाहिए? तो फरवरी से पहले निपटा लें ये 3 काम, वरना लिस्ट से कट जाएगा आपका नाम

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

PM Kisan Yojana 22th Installment: पीएम किसान योजना की अब तक कुल 21 किस्तें खाते में आ चुकी हैं. किसान 22वीं किस्त के आने का इंतजार कर रहे हैं. सरकार 22वीं किस्त से पहले इस योजना में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है. जिसके तहत पीएम किसान योजना में यूनिक Farmer ID को मैंडेटरी किया जा सकता है. अगर आपने भी Farmers Corner में eKYC नहीं कराई है तो समय से पहले करा लें, नहीं तो आपकी 22वीं किस्त अटक सकती है.

PM किसान योजना में कितना मिलता है पैसा?
पीएम किसान योजना में पात्र किसानों को हर साल कुल 6,000 रुपये मिलते हैं. जो तीन किस्तों में 4-4 महीने में 2,000 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है. देश के करोड़ों किसानों को इसका लाभ मिल रहा है. 22वीं किस्त की अगर बात की जाए तो फरवरी में आने की संभावना है.

22वीं किस्त से पहले क्या करें?
pmkisan.gov.in वेबसाइट खोलें.
Farmers Corner में eKYC पर क्लिक करें.
आधार नंबर डालें.
लिंक मोबाइल पर आए OTP को सबमिट करें.
eKYC होते ही स्टेटस अपडेट हो जाएगा.
किसानों की डिजिटल पहचान होगी Farmer ID
सरकार ने अब पीएम किसान योजना में यूनिक Farmer ID को ही किसान की डिजिटल पहचान मानेगी. ऐसे में किसानों के खाते में पैसा आने से पहले ई-केवाईसी बहुत जरूरी है. अगर यह प्रोसेस पूरा नहीं किया गया तो पैसा नहीं आएगा. इसलिए किस्त आने से पहले अपडेट जरूर करा लें.

Farmer ID बनने के बाद किसानों को खाद और बीज की खरीदी पर भी सब्सिडी मिल सकेगी. इसके साथ ही फसल बीमा क्लेम भी आसान होगा. कागजात भी हर बार की तरह इकठ्ठा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यानी एक ही ID से किसान कई सेवाओं का लाभ ले पाएंगे.

कैसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम है या नहीं?
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं.
Farmers Corner में Beneficiary Status पर क्लिक करें.
इसके बाद आधार नंबर, मोबाइल नंबर या बैंक खाता नंबर डालें.
अंत में कैप्चा भरकर Get Data पर क्लिक करें.
पूरी जानकारी आपको स्क्रीन पर दिख जाएगी.

पूजा खेडकर ने नेपाली शख्स पर लगाया किडनैपिंग और प्रताड़ना का आरोप, बोलीं- ‘घर में बांधकर रखा गया था

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

EX-IAS Puja Khedkar: पूजा खेडकर जिन पर फर्जी तरीके से IAS बनने का आरोप है. उन्होंने अपने घर के नौकर पर चोरी का आरोप लगाया है. पुलिस को फोन कर सूचना दी कि घर पर माता-पिता को नशीली दवा देकर पहले नौकर ने बेहोश कर दिया. इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल, पुलिस को लिखित में शिकायत नहीं मिली है लेकिन उनके बयान के आधार पर पुलिस नौकर की तलाश में जुट गई है और सभी पहलुओं से जांच करने का प्रयास कर रही है.

पूजा ने जिस नौकर पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है. वह नेपाल का रहने वाला है और उनके घर पर ही घरेलू सहायक बनकर काम करता था. उसे कुछ दिन पहले ही काम कर रखा था. पूजा ने बताया कि नौकर ने पहले माता-पिता को सिडेटिव दवा दी, जिसकी वजह से वे बेहोश हो गए. इसके बाद आरोपी ने मुझे रस्सी से बांध दिया. इसके बाद घर के सभी मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया.

पूजा ने पुलिस को बताया?
पूजा ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि मैं किसी तरह से दरबाजे की कुंडी की मदद से खुद को बचा पाई और भाग निकली. घर से सारे मोबाइल चुराकर आरोपी नौकर भाग निकला था लेकिन एक फोन बच गया, जिससे पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही तुरंत चतुश्रंगी पुलिस मौके पर पहुंची, तो पूजा के माता-पिता बेहोशी की हालत में पड़े मिले. इस दौरान उन्हें तुरंत ही इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. फिलहाल अब वे स्वस्थ बताए जा रहे हैं. फोन के अलावा भी चोर ने कुछ चुराया है. इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

कौन है पूजा खेडकर?
पूजा खेडकर पूर्व IAS है, जो फर्जी दस्तावेज से नौकरी पाने के आरोपों की वजह से सुर्खियों पर रह चुकी हैं. पूजा खेडकर ने यूपीएससी परीक्षा 12 बार दी थी, जो तय सीमा से काफी अधिक है. उन्होंने हर बार परीक्षा देने के लिए फर्जी दस्तावेजों नए नाम और पहचान की मदद ली. शिकायत मिलने पर जांच की गई. जब जांच में धोखाधड़ी सामने आई तो पूजा खेडकर की यूपीएससी ने उम्मीदवारी रद्द कर दी और एफआईआर भी दर्ज कराई थी. फिलहाल, मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.

सोमनाथ में पीएम मोदी का ‘अमृत’ अवतार…108 घोड़ों का काफिला और हजारों भक्त, बोले- ‘सोम’ ही जीवन का आधार

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

PM Modi in Somnath Mandir: तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज अंतिम दिन है. ‘शौर्य यात्रा’ के समापन के बाद पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद सभा को संबोधित किए. पीएम मोदी ने रविवार सुबह गिर सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतीकात्मक जुलूस ‘शौर्य यात्रा’ का भी नेतृत्व किया. इस दौरान पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे.

पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वहां उपस्थित ‘ऋषिकुमार’ से बातचीत की. इस दौरान वहां पर हजारों की तादाद में आए श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और सोमनाथ मंदिर से निकलते समय PM मोदी ने डमरू बजाया.

पीएम मोदी बोले, “मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासी के रूप में इस अवसर पर सेवा करने का मौका मिला. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा? अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है. यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है.”

समय, वातावरण, उत्सव अद्भुत: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, “यह समय अद्भुत है. यह वातावरण अद्भुत है. यह उत्सव अद्भुत है. एक ओर स्वयं महादेव दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की यह गूंज, आस्था का यह उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के आप सब भक्तों की उपस्थिति यह इस अवसर को दिव्य, भव्य बना रही है.”

‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ
पीएम मोदी बोले, “जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं. उसके नाम में ही ‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ है. उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है.”

भारत के पास हजारों साल पुराने पुण्यस्थान
PM मोदी ने कहा, “अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है. लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए. हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे. कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई.”

Grok के अश्लील कंटेंट विवाद पर ‘X’ ने मानी गलती, डिलीट किए 600 अकाउंट, 3500 पोस्ट ब्लॉक

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

 X Accounts: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अब भारतीय कानूनों और दिशानिर्देशों के आधार पर काम करेगा. ‘एक्स’ ने मान लिया है कि हमसे गलती हुई है और इस पर सुधार करेंगे. सरकारी सूत्रों के अनुसार एक्स ने 600 भारतीय अकाउंट और करीब 3500 कंटेंट पोस्ट ब्लॉक किए हैं. पिछले कुछ दिनों पहले ग्रोक पर अश्लील कंटेंट को लेकर लोगों ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद MEITY ने उसे नोटिस जारी किया था. अब एक्स ने भी अपनी गलती स्वीकारते हुए भारतीय कानून के हिसाब से कार्य करने का भरोसा दिया है और कहा कि भविष्य में किसी भी तरह के अश्लील कंटेंट को इजाजत नहीं दी जाएगी.

 

 

भारत सरकार ने अश्लील कंटेंटे को लेकर सोशल मीडिया कंपनी ‘एक्स’ को एआई टूल ‘ग्रोक’ पर कार्रवाई के लिए 7 जनवरी का समय दिया था. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 7 जनवरी तक एटीआर जमा करने को कहा. पहले यह डेट 5 जनवरी तक थी लेकिन फिर बाद में बढ़ाकर 7 जनवरी कर दिया.

 

2 जनवरी को जारी हुई थी नोटिस

मंत्रालय ने इसे आईटी कानून और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन बताया. नोटिस जारी करते हुए कहा कि एक्स के मंच पर एआई टूल ‘ग्रोक’ का लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग इसके माध्यम से फर्जी खाता बनाकर महिलाओं की अश्लील, आपत्तिजनक और अपमानजनक तस्वीरें एवं वीडियो बना रहे हैं. जो सुरक्षा उपायों की विफलता को दर्शाता है.

 

72 घंटे के अंदर कार्रवाई करने के दिए थे निर्देश

मंत्रालय ने इसके लिए एक्स को साफ निर्देश दिए थे कि ग्रोक से सभी अश्लील, अशोभनीय और गैरकानूनी सामग्री हटाई जाए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंत्रालय के अनुसार आईटी कानून की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी संरक्षण की छूट तभी लागू होती है, जब मंच पूरी तरह से उचित सावधानी का पालन करे. इसके लिए 72 घंटे के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने की बात कही गई थी.