आयोग जनता को भ्रमित कर रहा, वोट चोरी देशविरोधी

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मुंबई। एक तरफ महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीएमसी (BMC) समेत 29 निगमों को लेकर चल रही मतगणना (Voting) के शुरुआती रुझानों में भाजपा (BJP) को बड़ी बढ़त मिलती हुई नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर अब लोकसभा (Lok Sabha) में विपक्ष के नेता और कांग्रेस (Congress) सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जनता को गुमराह कर रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में कुछ अखबारों का स्क्रीनशॉट साझा किया। इसमें गुरुवार को नगर निगम चुनाव के मतदान के दौरान वोट डालने के बाद उंगली पर लगाई जा रही स्याही मिटाने के मामले को उठाया। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र में भरोसे की गिरावट बताया। साथ ही कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जनता को भ्रमित करना हमारे लोकतंत्र में भरोसे की कमी का कारण है। उन्होंने अंत में जोर देते हुए रहा कि वोट चोरी एक देश विरोधी काम है।

 

 

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उत्तर भारत में ठंड-कोहरे का डबल अटैक! शीतलहर से भी अभी नहीं मिलेगी राहत

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नई दिल्ली। उत्तर भारत सहित देश के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में अगले दो दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद ठंड का असर धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
मौसम विज्ञान विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले पांच दिनों तक सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ेगा। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सकती है, वहीं कई ट्रेनों के देरी से चलने की आशंका भी जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में अगले दो दिनों तक कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है। 16 और 17 जनवरी को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर का दौर जारी रहेगा। वहीं, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी 16 जनवरी को ठंड का प्रकोप देखने को मिल सकता है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तराखंड में 17 जनवरी तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 22 जनवरी तक पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़ और 20 जनवरी तक उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा बना रह सकता है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 18 जनवरी तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 जनवरी तक कोहरे का असर रहेगा।

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भाजपा में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी, 20 जनवरी को होगा नया प्रमुख चयन

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 20 जनवरी (January 20) को नया अध्यक्ष (president) मिल सकता है। पार्टी ने आज शुक्रवार को अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार 16 जनवरी को निर्वाचक मंडल मतदाताओं की सूची प्रकाशित की जाएगी। 19 जनवरी को अध्यक्ष पद हेतु नामांकन दाखिल किए जाएंगे, और यदि आवश्यक हुआ तो मंगलवार 20 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराए जाएंगे।

औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को
हालांकि, संभावना इसी बात की ज्यादा है कि वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन इकलौते उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस तरह 19 जनवरी को ही वे पार्टी के अगले अध्यक्ष बन जाएंगे। हालांकि, इसकी औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जा सकती है। नितिन नवीन के प्रस्तावक के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वर्तमान पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा प्रस्तावक हो सकते हैं।

क्या देश की राजनीतिक कमान युवाओं के हाथों में?
नितिन नबीन को पार्टी का अध्यक्ष बनाकर भारतीय जनता पार्टी एक नए युग की राजनीति की शुरुआत करना चाहती है। पहले उसने 75 वर्ष से ऊपर आयु के नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में डालकर भारतीय राजनीति में एक नई परंपरा की शुरुआत की थी जिसमें यह तय हो गया था कि नेता भी एक उम्र के बाद राजनीति से ‘रिटायर’ होंगे और वे देश की राजनीतिक कमान युवाओं के हाथों में सौंपेंगे। बेहद सामान्य कार्यकर्ता और विधायक को पार्टी का अध्यक्ष बनाकर भाजपा अपनी युवा कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना चाहती है कि वह भी भी पार्टी के सर्वोच्च पद पर पहुंच सकते हैं।

भाजपा में 45 वर्ष के नितिन नबीन के नेतृत्व से क्या संकेत?
भारतीय जनता पार्टी के इस कदम से देश की दूसरे राजनीतिक दलों पर भी एक नैतिक दबाव बनेगा। कई राजनीतिक दलों में पारिवारिक परंपरा से अध्यक्ष बनते आ रहे हैं। कई राजनीतिक दलों के अध्यक्षों की उम्र 70 से 80 वर्ष तक हो चुकी है, लेकिन भाजपा 45 वर्ष के नितिन नबीन को पार्टी का अध्यक्ष बनाकर यही संकेत देना चाहती है कि युवाओं के देश भारत की कमान भी युवाओं के हाथों में ही होनी चाहिए।

 

 

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चंडीगढ़ में गौशाला में करीब 50 गायों के क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में माखन माजरा इलाके के पशु अवशेष निस्तारण केंद्र में करीब 50 गायों के क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने सभी गौशालाओं में 24 घंटे सातों दिन सीसीटीवी निगरानी लागू करने और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दे दिए। पोस्टमॉर्टम और विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की संभावना है। पुलिस ने थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया। माखन माजरा गौशाला प्रबंधन समिति की शिकायत में बताया गया कि गौवंश को पर्याप्त चारा, पानी, आश्रय और चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण कई जानवर मृत मिले है। 13 जनवरी को निरीक्षण के दौरान 50-60 मृत गायें मिलीं और निरीक्षण के समय किसी पशु चिकित्सक की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
मुख्य सचिव ने रायपुर कलां, औद्योगिक क्षेत्र और माखन माजरा की गौशालाओं का निरीक्षण कर और गौवंश एवं पशुओं की देखभाल, स्वच्छता और कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि हर गौशाला में उचित आवास, नियमित भोजन और पेयजल सुनिश्चित करे। इंसिनरेटर की तकनीकी खराबी को तत्काल सुधारने का आदेश दिया। कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की पूरी जानकारी और ड्यूटी रोस्टर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने को कहा गया। घटना पर भाजपा नेता संजय टंडन ने “चौंकाने वाला और अस्वीकार्य” बताया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। गौ-रक्षा समूहों ने भी विरोध प्रदर्शन करते हुए मृत बछड़े का शव सड़क पर रखकर गोवध और पशु तस्करी के खिलाफ चेतावनी दी।

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बीजेपी और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच बैठक क्यों? अभी आचार संहिता लागू है

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मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के बयान ने मुंबई के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। राउत ने बीएमसी चुनावों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव परिणामों के बीच जब शुरुआती रुझानों में बीजेपी समर्थित महायुति को बड़ी बढ़त मिलती दिखी, तब राउत ने मीडिया से बात करते हुए वोटिंग पैटर्न और वोटर लिस्ट को लेकर सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राउत ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि वे डरें नहीं, क्योंकि बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति ने बीएमसी चुनावों में बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे शहर में जो वोटिंग पैटर्न चल रहा है, वह एक गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के नाम, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में भी वोट दिया था, उन इलाकों से गायब हैं जहां शिवसेना (यूबीटी), मनसे या कांग्रेस हैं। ईवीएम मशीन ठीक से काम नहीं करती…चुनाव आयोग हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है। कल, बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव आयोग के कर्मचारियों के बीच एक बैठक हुई, क्यों? आचार संहिता अभी भी लागू है।
उन्होंने कहा कि वोटिंग प्रतिशत आने से पहले ही एग्जिट पोल आ गए…बीजेपी ने अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया…हमने लोगों को भरोसा दिलाया है कि वे डरें नहीं…। मतगणना से मिल रहे शुरुआती रुझानों के मुताबिबक बीजेपी-शिवसेना महायुति गठबंधन लगभग 52 वार्डों में आगे चल रहा है, यह शुरुआती डेटा पोस्टल बैलेट की गिनती से मिल रहा है। एसईसी और बीएमसी के आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार है। अब तक गिने गए पोस्टल बैलेट के मुताबिक बीजेपी 35 सीटों पर, शिवसेना 17 सीटों पर आगे है।
वहीं ठाकरे भाइयों के लिए अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि शिवसेना (यूबीटी) 22 सीटों पर आगे बताई जा रही है। राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अब तक 8 सीटों पर आगे है। शुरुआती गिनती में कांग्रेस 4 सीटों पर आगे थी। राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने वोटिंग खत्म होने के बाद कहा था कि 29 नगर निगमों में लगभग 50 प्रतिशत वोटिंग हुई। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मुंबई नगर निगम चुनावों में 52.94 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो 2017 के पिछले चुनावों में 55.53 प्रतिशत से कम है।
बता दें बीएमसी जिसका सालाना बजट 74,400 करोड़ रुपए से ज्यादा है, उसमें चार साल की देरी के बाद हो रहे चुनावों में 227 सीटों के लिए 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मुंबई को छोड़कर, बाकी शहरी निकायों में मल्टी-मेंबर वार्ड हैं। ये 2022 में शिवसेना में फूट के बाद पहले बीएमसी चुनाव थे, जब अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पार्टी के ज्यादातर विधायकों के साथ अलग हो गए और बीजेपी के साथ गठबंधन करके मुख्यमंत्री बने थे।

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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया बैंक अकाउंट सुविधा, तीन नई सुविधाओं का लाभ मिलेगा

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नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) के लिए जो नया सैलरी बैंक खाता (New Salary Bank Account) होगा, उसके तीन मुख्य खंड हैं – बैंकिंग, बीमा और कार्ड। बैंकिंग सुविधा में उन्नत सुविधाओं के साथ जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट, मुफ्त आरटीजीएस/एनईएफटी/यूपीआई के साथ चेक सुविधा; आवास, शिक्षा, वाहन और व्यक्तिगत आवश्यकता के लिए रियायती ऋण; ऋण के प्रसंस्करण शुल्क में छूट; और लॉकर किराये पर छूट शामिल हैं।

सैलरी अकाउंट में ही 20 लाख रुपये तक की अंतर्निहित सावधि जीवन बीमा सुरक्षा और किफायती प्रीमियम पर बीमा कवरेज को बढ़ाने के लिए अतिरक्ति टॉप-अप सुविधा दी जाएगी। कर्मचारी और परिवार के लिए व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज के तहत एक बेस प्लान और अतिरक्ति टॉप-अप सुविधा शामिल है। साथ ही डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवॉर्ड प्रोग्राम और कैशबैक ऑफर जैसे बेहतर लाभ दिए जाएंगे।

 

सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए मेडिक्लेम आयुष-बीमा पालिसी
सरकार ने केंद्रीय कर्मियों एवं पेंशनधारकों की स्वाथ्य सेवा योजना (सीजीएचएस) के लाभार्थियों के लिए एक परिपूर्ण मेडिक्लेम आयुष बीमा शुरू करने की घोषणा की है जिसे न्यू इंडिया एश्योरेंस तथा डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना कैशलेस सुविधा, आधुनिक उपचार और अस्पतालों के एक बड़े नेटवर्क के साथ दी जा रही है। यह पॉलिसी विशेष रूप से सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए उपलब्ध है, जिसमें प्रति पॉलिसी अधिकतम छह सदस्य हो सकते हैं।

10 लाख या 20 लाख रुपये के विकल्प
यह देश के अंदर इंडेम्निटी-आधारित इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज प्रदान करती है, जिसमें 10 लाख रुपये या 20 लाख रुपये तक के बीमा राशि के विकल्प हैं। इस योजना में को-पेमेंट कंपोनेंट होगा जिसमें लाभार्थी और बीमा कंपनी के बीच 70:30 या 50:50 के आधार पर भुगतान की व्यवस्था भी शामिल होगी। यह पालिसी जल्द ही न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के कार्यालयों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इसमें अस्पताल के सामान्य कमरे और आईसीयू के लिए कमरे का किराया क्रमशः बीमा राशि का एक और दो प्रतिशत प्रति दिन तक सीमित रखा गया है तथा इसमें 30 दिनों का प्री-हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज और 60 दिनों का पोस्ट-हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज उपलब्ध है।

आयुष उपचार इन-पेशेंट हॉस्पिटलाइजेशन के लिए बीमा राशि के 100 प्रतिशत तक कवर किए जाएंगे। आधुनिक उपचार बीमा राशि के 25 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। 100 प्रतिशत आधुनिक उपचार कवरेज के लिए एक वैकल्पिक राइडर रखा गया है। इसमें हर दावारहित वर्ष के लिए 10 प्रतिशत संचयी बोनस रखा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी कल दो ‘अमृत भारत’ ट्रेनों को करेंगे हरी झंडी दिखाने के लिए रवाना

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डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार को दो दिन के लिए असम दौरे (Assam Tour) पर रहेंगे। इस दौरान वे दो अमृत भारत ट्रेनों (Amrit Bharat Trains) को हरी झंडी (Green Flag) दिखाएंगे। वहींं, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर (Kaziranga Elevated Corridor) की आधारशिला रखेंगे। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। पूर्वोत्तर राज्य में, जहां 2026 के पहले छमाही में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं, उनकी यह यात्रा एक महीने से भी कम समय में दूसरी यात्रा होगी।

 

एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री 17 जनवरी की शाम को असम पहुंचेगें। इसके बाद वे शहर के अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स स्टेडियम में 10,000 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत बोडो लोक नृत्य ‘बागुरुम्बा’ को देखने वाले हैं। उन्होंने कहा कि मोदी अगले दिन कालीबोर के लिए रवाना होंगे, जहां वे 6,957 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या-रोहतक नामक दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने और कालियाबोर में एक जनसभा को संबोधित करने की उम्मीद है।

 

 

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ICC ने सुधारी गलती, विराट कोहली की नंबर-1 वनडे रैंकिंग में हुआ बदलाव; अब सिर्फ विव रिचर्ड्स और ब्रायन लारा उनसे आगे

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विराट कोहली के वनडे रैंकिंग में एक बार फिर नंबर-1 बनने के बाद आईसीसी ने कुछ ऐसे आंकड़े शेयर किए थे, जिससे फैंस के बीच कन्फ्यूजन पैदा हो गई थी। आंकड़ों में गलती का जब आईसीसी को पता चला तो उन्होंने इसमें सुधार किया। दरअसल, विराट कोहली हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 93 रनों की धुआंधार पारी खेलने के बाद एक बार फिर आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बने थे। कोहली के सिर पर नंबर-1 वनडे रैंकिंग का ताज लगभग चार साल से ज्यादा समय बात सजा था। आखिरी बार किंग कोहली जुलाई 2021 में नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बने थे। वहीं कोहली ने अपने करियर में 11वीं बार नंबर-1 का ताज अपने नाम किया है।

नामिबिया को 66 गेंदों में 11.45 प्रति ओवर की औसत से 126 रन चाहिए

आईसीसी ने अपने पहले अपडेट में आंकड़ा शेयर किया था कि विराट कोहली अपने करियर में 825 दिन तक नंबर-1 की पोजिशन पर रहे हैं।

ICC ने बाद में उस स्टैटिस्टिक को बदल दिया और अब कहा है कि कोहली कुल मिलाकर 1,547 दिन नंबर 1 ODI बैटर रहे हैं। इस अपडेटेड गिनती के बाद कोहली ODI रैंकिंग में टॉप पर सबसे ज़्यादा दिन रहने वाले भारतीय बैटर बन गए हैं और ऑल-टाइम लिस्ट में तीसरे नंबर पर आ गए हैं। सिर्फ़ वेस्टइंडीज़ के महान खिलाड़ी विव रिचर्ड्स (2,306 दिन) और ब्रायन लारा (2,079 दिन) ही नंबर 1 ODI बैटर के तौर पर ज़्यादा समय तक रहे हैं।आईसीसी ने अपने ताजा अपडेट में लिखा, “पूर्व भारतीय कप्तान अक्टूबर 2013 में पहली बार वनडे बैटिंग रैंकिंग में टॉप पर पहुंचे थे और अब तक कुल 1547 दिन नंबर 1 पर रह चुके हैं, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज के लिए सबसे ज्यादा है। वह ऑल-टाइम लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं, इस लिस्ट में सबसे ऊपर वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी विवियन रिचर्ड्स हैं, जो 2,306 दिनों तक टॉप पोजीशन पर रहे थे।”इस सुधार से विराट कोहली की ऐतिहासिक रैंकिंग में बड़ा बदलाव आया है। 825 दिन के आंकड़े के साथ, उन्हें टॉप टियर से बाहर दिखाया गया था, जबकि वनडे क्रिकेट के अलग-अलग दौर में वह कई बार नंबर 1 पर पहुंचे थे। 1,547 के नए आंकड़े के साथ, कोहली कई मॉडर्न महान खिलाड़ियों से आगे निकल गए हैं और लंबे समय तक टॉप पर रहने के मामले में रिचर्ड्स और लारा के बाद दूसरे नंबर पर आ गए हैं – यह एक बार टॉप पर रहने के बजाय कई बार टॉप पर रहने का ज्यादा सही हिसाब है।यह अपडेट यह भी बताता है कि रैंकिंग के दौर में एक छोटी सी न्यूमेरिकल गलती कैसे कहानी को तेज़ी से बदल सकती है, जहाँ “नंबर 1 पर बिताए दिन” लगातार दबदबे को मापने का एक आसान तरीका बन गया है।

चाचा से 4 गुना आगे भतीजा, नगर निगम चुनाव में शरद पवार को बड़ा झटका, कई शहरों में नहीं खुला खाता

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BMC Chunav 2026: महाराष्ट्र की राजनीति के धुरी रहे शरद पवार को नगर निगम चुनाव में बड़ा झटका लगते दिखाई दे रहा है. 2100 वार्डों में गिनती जारी है, जिसमें अब तक शरद पवार की पार्टी सिर्फ 34 वार्डों पर ही बढ़त बनाए हुए है. वहीं भतीजे अजित पवार की पार्टी शरद पवार से करीब 4 गुना ज्यादा वार्डों पर आगे चल रही है. अजित पवार के 127 वार्ड मेंबर बढ़त बनाए हुए हैं. नगर निगम चुनाव में भाजपा जीत की ओर अग्रसर है.

अभी फाइनल रिजल्ट आने में कुछ समय बचा है लेकिन शरद पवार की पार्टी पिछड़ते ही दिखाई दे रही है, जो उनकी पार्टी और उनके लिए काफी निराशाजनक खबर है. कई तो ऐसे शहर हैं, जहां एनसीपी-एसपी का खाता भी नहीं खुला है. मुंबई नगर निगम की अगर बात की जाए तो यहां एनसीपी-एसपी सिर्फ 1 सीटों पर ही आगे चल रही है.

BMC चुनाव में NCP का सिर्फ 1 प्रत्याशी आगे
बीएमसी के 227 वार्ड में शरद पवार के उम्मीदवारों की करारी हार हुई है. सिर्फ 1 ही उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए है. बता दें, शरद पवार की पार्टी का पुणें, नबी मुंबई, उल्हास नगर, बसई-विवार, नांदेड़, जालना, सोलापुर, नासिक, पनवेल, कोल्हापुर, अमरावती, चंद्रपुर, परभणीं, धुले, इचलकरंजी, जलगांव और कल्याण जैसे शहरों में खाता नहीं खुला.
हालांकि अभी फाइनल परिणाम सामने नहीं आया है. अभी वोटों की गिनती जारी है. लेकिन जिस प्रकार से अभी तक परिणाम सामने आए हैं. उसके अनुसार, एनसीपी-एसपी का कोई खास प्रदर्शन नहीं रहा.

भतीजे ने चाचा को पीछे छोड़ दिया
नगर निगम चुनाव में अजित पवार की पार्टी ने चाचा शरद पवार को काफी पीछे छोड़ दिया है. अजित पवार की पार्टी लगभग 5 गुना आगे चल रही है. इस बार नगर निगम चुनाव कांग्रेस और एनसीपी एसपी अलग-अलग लड़ रही हैं. चुनाव के पहले महाराष्ट्र की राजनीति के दो धुर विरोधी परिवार, ठाकरे परिवार भी एक साथ आकर चुनाव लड़े.
हालांकि ठाकरे परिवार का नगर निगम चुनाव में ठीक-ठाक प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. फिलहाल, बहुमत का आकड़ा अभी काफी दूर है लेकिन ठाकरे परिवार ने एनडीए को कड़ी टक्कर दी. वहीं एनसीपी-एसपी तो बहुमत से बहुत दूर निकल गई है, जिसे पान लगभग असंभव सा लग रहा है.
 

गौतम गंभीर ने अजीत अगरकर के कंधे पर रखकर चलाई बंदूक? रोहित शर्मा को ODI कैप्टेंसी से हटाने का फैसला किसका था

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चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतने के बाद रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने का फैसला हर किसी की समझ के परे था। रिपोर्ट्स थी कि टीम मैनेजमेंट रोहित शर्मा का फ्यूचर वर्ल्ड कप 2027 तक नहीं देख रही है, जिस वजह से उनकी नजरें एक यंग कैप्टन को तैयार करने की थी। ऐसे में जब पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे का ऐलान हुआ तो रोहित शर्मा टीम में तो थे, मगर कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंप दी गई थी। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने के लिए बंदूक मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कंधे पर रखकर चलाई थी।

ना मोदी PM बने थे और ना ही कोहली नंबर-1; जडेजा की घर पर आखिरी फिफ्टी कब आई थी?

तिवारी का मानना ​​है कि हालांकि अगरकर एक मजबूत कैरेक्टर हैं और अपने फैसले खुद लेते हैं, लेकिन वह यह फैसला अकेले नहीं ले सकते थे और रोहित को कप्तानी से हटाने में गंभीर की राय का भी जरूर हाथ रहा होगा।मनोज तिवारी ने स्पोर्ट्स टुडे से कहा, “मुझे नहीं पता कि इसका मुख्य कारण क्या है। लेकिन अजीत अगरकर को जानने के नाते, वह एक पर्सनैलिटी हैं। वह फैसला लेने वाले इंसान हैं। ऐसे कदम उठाने में वह पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन क्या किसी ने उन्हें अपने कंधे पर बंदूक रखकर चलाने के लिए प्रभावित किया, यह हमें देखना होगा। पर्दे के पीछे बहुत सी चीजें होती हैं, जिससे 1+1 2 हो जाता है। हो सकता है कि फैसला चीफ सेलेक्टर ने लिया हो, और वह इस बारे में बहुत साफ थे। स्वाभाविक रूप से, कोच का इनपुट भी रहा होगा। आप अकेले फैसला नहीं ले सकते। जो भी फैसला लिया गया, उसके लिए दोनों बराबर जिम्मेदार हैं।”तिवारी को रोहित को वनडे कप्तान के पद से हटाने के पीछे का लॉजिक समझ नहीं आया, उन्होंने कहा कि सेलेक्टर्स का उनकी नीयत या लीडरशिप स्किल्स पर सवाल उठाना समझदारी नहीं है। गिल को कप्तान बनाना तो तय था, लेकिन इसे बेहतर तरीके से किया जा सकता था, शायद रोहित को न्यूजीलैंड वनडे तक कप्तान बने रहने के लिए कहा जा सकता था।तिवारी ने आगे कहा, “देखिए, मेरी राय में प्लेइंग XI चुनने में बहुत ज्यादा इनकंसिस्टेंसी रही है। अगर मैं सच कहूं तो, मेरी ODI मैच देखने में दिलचस्पी खत्म हो गई है। हाल ही में जो कुछ हुआ, जब T20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को कप्तानी से हटा दिया गया, और जिम्मेदारी एक नए लड़के को दे दी गई, जिसकी मुझे लगता है कि जरूरत नहीं थी। मैं रोहित के साथ खेला हूं। हमारा एक कनेक्शन है, इसलिए मुझे यह सब अच्छा नहीं लगा। मुझे लगा कि यह उस क्रिकेटर का अपमान है जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को इतना कुछ दिया है। उस दिन से, मेरी थोड़ी दिलचस्पी कम हो गई। बहुत सारी कंट्रोवर्सी हो रही हैं, और मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि क्लैरिटी नहीं है।”