अमिताभ बच्चन को है इस बात का अफसोस, कहा- उम्र और समय के साथ…

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के उन स्टार्स में से एक हैं जो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। वैसे तो बिग बी ने इतने सालों से काफी काम किया है और कई चीजें अचीव की हैं, लेकिन बिग बी ने अब बताया कि कई चीजें हैं जो उन्होंने सालों में सीखनी चाहिए थी, लेकिन सीखी नहीं। उन्होंने अपने ब्लॉग में बताया कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने अपनी जॉब से जुड़ी चीजें कुछ सीखी नहीं जब सही समय था।

बिग बी को है इस बात का बड़ा अफसोस

बिग बी ने लिखा, हर दिन सीखने का है और अफसोस है कि इतने सालों में मुझे कई चीजें सीखनी थी। अफसोस ज्यादा है क्योंकि जो अब सीख रहा हूं, वो तब नहीं था…और अब समय और उम्र के साथ सीखने की इच्छा, प्रयास और ऊर्जा कम होती जाती है।

अब काम में आ गए हैं काफी बदलाव

बिग बी ने आगे लिखा, इन्वेंशन और फ्रेश न्यू सिस्टम की स्पीड बढ़ती ही जा रही है, जब तक आप कुछ नया सीखते हैं, समय निकल जाता है। मेरे समय में अगर आपको जॉब का नहीं पता होता था, आपको अफसोस होता था और नहीं कर पाते थे, लेकिन अब आप जॉब करते हैं तो उसे आउटसोर्स के जरिए भी किया जा सकता है।

प्रोफेशनल लाइफ

बिग बी की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो कुछ समय पहले उन्होंने शो कौन बनेगा करोड़पति 17 खत्म किया है। वहीं फिल्मों की बात करें तो वह लास्ट फिल्म वेट्टयन में नजर आए थे। इस फिल्म में उनके साथ रजनीकांत लीड रोल में थे। हालांकि फिल्म कुछ खास नहीं चली।

KBC 17 खत्म होने के बाद फंसा हुआ महसूस कर रहे अमिताभ बच्चन, बोले- दिन बहुत…

अब वह कल्कि 2898 एडी 2 और सेक्शन 84 में नजर आने वाले हैं। कल्कि 2898 एडी में उनके साथ प्रभास लीड रोल में होंगे। वहीं सेक्शन 84 में बिग बी के साथ निमृत कौर और अभिषेक बनर्जी लीड रोल में होंगे।

मराठी अस्मिता की लड़ाई जारी रहेगी

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे बंधुओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अलग-अलग बयानों में साफ कर दिया है कि चुनावी हार के बावजूद मराठी पहचान, अधिकार और सम्मान की राजनीतिक लड़ाई थमी नहीं है।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने चुनाव परिणामों के बाद जारी अपने संदेश में मराठी समाज, मराठी भाषा और महाराष्ट्र के विकास के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि चुनाव में अपेक्षित परिणाम न मिलने का अर्थ यह नहीं कि पार्टी या कार्यकर्ता हिम्मत हार जाएं। राज ठाकरे ने कहा कि यह चुनाव पैसों और सत्ता की ताकत के खिलाफ शिवशक्ति की लड़ाई थी, जिसमें मनसे कार्यकर्ताओं ने पूरी मजबूती से मुकाबला किया।
उन्होंने मनसे और शिवसेना के सभी निर्वाचित पार्षदों को बधाई देते हुए कहा कि उनका संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा। राज ठाकरे ने माना कि संगठन से कुछ कमियां भी रहीं, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन्हीं अनुभवों से सीख लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
राज ठाकरे ने अपने बयान में दो टूक कहा कि उनका संघर्ष मराठी लोगों, मराठी भाषा, मराठी पहचान और समृद्ध महाराष्ट्र के लिए है। उन्होंने निर्वाचित पार्षदों से अपील की कि वे नगर निकायों में मराठी समाज के हितों की मजबूती से रक्षा करें और यदि मराठी लोगों के खिलाफ कोई अन्याय होता है तो उसका जवाब पूरी ताकत से दें। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में सत्ता में बैठे लोग और उनके समर्थक बार-बार मराठी समाज को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में मराठी अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट रहना जरूरी है। उन्होंने संगठन को फिर से खड़ा करने और जमीनी स्तर पर काम तेज करने का आह्वान किया।
अपने संदेश के अंत में राज ठाकरे ने भावुक अपील करते हुए कहा कि चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन उनकी राजनीति और जीवन का हर पल मराठी के लिए समर्पित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब निराश होने के बजाय फिर से जुटकर पार्टी को नई दिशा देनी होगी और मराठी समाज के मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा।
– लड़ाई अभी खत्म नहीं
उधर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने भी बीएमसी चुनावों में हार के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की राजनीतिक लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मराठी समाज को उसका हक, अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता। पार्टी के बयान में संकेत दिए गए हैं कि आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) मराठी अस्मिता, स्थानीय अधिकारों और मुंबई-महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों को और आक्रामक तरीके से उठाएगी।

Previous articleमप्र के 15 से ज्यादा जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छाया
News Desk

IND vs NZ तीसरे वनडे से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेने पहुंचे विराट कोहली, साथ नजर आया ये खिलाड़ी

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीन मैच की वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला रविवार, 18 जनवरी को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। जबरदस्त फॉर्म में चटल रहे टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस मुकाबले से पहले महाकाल का आशीर्वाद लेने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव भी नजर आए। कोहली और कुलदीप इस दौरान महाकाल की भस्म आर्ती में भी शामिल हुए। महाकाल के दर्शन करने के बाद यह दोनों खिलाड़ी आज इंदौर के लिए रवाना होंगे।

श्रेयंका को सबसे ज्यादा विकेट के बावजूद नहीं मिली पर्पल कैप, ऑरैंज कैप किसके पास

इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। भारत ने पहले वनडे में 4 विकेट से जीत दर्ज की थी, वहीं दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने जोरदार वापसी करते हुए भारत को 7 विकेट से धूल चटाई थी।उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजा करने के बाद, ANI से बात करते हुए कुलदीप यादव ने कहा, “यह बहुत अच्छा अनुभव था। मैंने पहली बार 9 साल पहले यहां दर्शन किए थे। इससे बहुत खुशी और सुकून मिलता है। भगवान की कृपा से सब कुछ अच्छा है, और अगर उनकी कृपा बनी रही, तो हम वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।”

AFG ने कर दिया बड़ा उलटफेर, PAK पॉइंट्स टेबल में सबसे फिसड्डी; भारत नंबर-1

बता दें, टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रहा है। इस बार वर्ल्ड कप का आयोजन भारत और श्रीलंका में है। कुलदीप यादव वर्ल्ड कप स्क्वॉड का हिस्सा हैं। भारत को टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ घर पर ही 5 मैच की टी20 सीरीज खेलनी है, जो वनडे सीरीज के बाद शुरू होगी।बात विराट कोहली की करें तो, उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 93 रनों की धमाकेदार पारी खेल आईसीसी वनडे रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया था। कोहली 2021 के बाद वनडे रैंकिंग में नंबर वन बने थे। दूसरे वनडे में वह सस्ते में आउट हो गए, हालांकि इंदौर में उनके पास अच्छा प्रदर्शन कर नंबर-1 की रैंकिंग को बरकरार रखने का मौका होगा।

सिर्फ 7 वोटों से हारी BJP, वार्ड 90 बना चर्चा का केंद्र

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

BMC Election Result :  इस बार कई बड़े और चौंकाने वाले नतीजे सामने आए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई के संताक्रूज स्थित वार्ड नंबर 90 की हो रही है। यहां मुकाबला इतना करीबी रहा कि जीत और हार के बीच सिर्फ 7 वोटों का अंतर रहा। कांग्रेस प्रत्याशी एडवोकेट ट्यूलिप ब्रायन मिरांडा ने भाजपा उम्मीदवार ज्योति अनिल उपाध्याय को महज सात वोटों से मात दे दी। चुनावी राजनीति में यह अंतर बेहद मामूली माना जाता है, यही वजह है कि यह वार्ड सुर्खियों में बना हुआ है।

इस BMC Election Result में वार्ड 90 सबसे रोमांचक मुकाबले के रूप में सामने आया। आंकड़ों के मुताबिक भाजपा प्रत्याशी को कुल 5,190 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 5,197 मत प्राप्त हुए। यानी जीत का अंतर सिर्फ सात वोट रहा। खास बात यह रही कि जिस समय यह परिणाम सामने आया, उसी दौरान भाजपा ने बीएमसी में बहुमत हासिल कर लिया था। ऐसे में इस एक वार्ड की हार ने पार्टी को जरूर निराश किया।

अगर पूरे BMC Election Result पर नजर डालें, तो कुल 227 वार्डों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा ने 89 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि शिवसेना (उद्धव गुट) को 65 सीटें मिलीं। शिवसेना (शिंदे) ने 29, कांग्रेस ने 24, मनसे ने 6 और ओवैसी की पार्टी ने 7 वार्डों में जीत हासिल की। इसके अलावा एनसीपी (अजित) को 3 और एनसीपी (शरद) को 1 सीट मिली, जबकि 3 अन्य उम्मीदवार भी विजयी रहे।

बीएमसी को एशिया की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में गिना जाता है, जिसका सालाना बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है। करीब 25 सालों तक ठाकरे परिवार का दबदबा रहने के बाद इस बार तस्वीर बदली है। भाजपा ने शिवसेना (शिंदे) के साथ मिलकर बहुमत का आंकड़ा पार किया और बीएमसी की सत्ता में बड़ा बदलाव दर्ज कराया। ऐसे में BMC Election Result न सिर्फ मुंबई, बल्कि देशभर की राजनीति में खास मायने रखता है।

जिस मर्जी कंट्री में चला जा…सिंगर बी प्राक को जान से मारने की धमकी, एक हफ्ते में मांगे 10 करोड़

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बॉलीवुड और पंजाबी सिंगर बी प्राक को जान से मारने की धमकी दी है है। जान के बदले में सिंगर से 10 करोड़ की फिरौती मांगी गई है।सिंगर को पिछले कुछ समय में कई बार कॉल कर धमकी देने की कोशिश की गई। अंत में एक एक वॉइस मैसेज के जरिए पैसों की मांग की गई है। विदेशी नंबर से सिंगर दिलनूर के पास कॉल की गई थी। कॉल करने वाले ने खुद को अरजू बिश्नोई बताया। साथ ही पैसे नहीं देने पर मिट्ठी में मिला देने की बात कही।

बी प्राक को जान से मारने की धमकी

दिलनूर ने इस फिरौती और जान से मारने की धमकी की शिकायत मोहाली पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है। दिलनूर ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें 5 जनवरी को दो मिस्ड कॉल आए थे लेकिन उन्होंने इन कॉल्स का जवाब नहीं दिया। अगले दिन 6 जनवरी को विदेश नंबर से फिर से कॉल आया। जब दिलनूर ने फोन उठाया तो उन्हें बातचीत सही नहीं लगी और उन्होंने कॉल तुरंत काट दिया। इसके बाद उन्हें एक वॉइस मैसेज आया जिसमें फिरौती मांगी गई थी।एक ऐसा गाना जिसे पाकिस्तान से लेकर भारत के 8 सिंगर्स ने तीन अलग फिल्मों में गायाये भी पढ़ें:इस संगीतकार ने सिंगर मुकेश को थप्पड़ मार कर, कॉलर से पकड़कर घसीटा था

वॉइस मैसेज में बोला मिट्टी में मिला देंगे

रिपोर्ट के मुताबिक वॉइस मैसेज में कहा गया था, ‘हेलो… अरजू बिश्नोई बोल रहा हूं, उसको बी प्राक को मैसेज कर देना 10 करोड़ रुपए चाहिए। तेरे पास एक हफ्ते का टाइम है। जिस मर्जी कंट्री में चला जा, आसपास इसके साथ वाला कोई भी मिल गया न तो नुकसान कर देंगे। और इसको फेक कॉल मत समझना। मिल के चलेगा तो ठीक, नहीं तो उसको बोल मिट्टी में मिला देंगे’। पंजाब पुलिस के एसएसपी ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है।

Previous articleअमिताभ बच्चन को है इस बात का अफसोस, कहा- उम्र और समय के साथ…
Next articleमृणाल ठाकुर और धनुष नहीं कर रहे वैलेंटाइन्स डे पर शादी, सामने आई ये डिटेल्स
News Desk

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में आडवाणी और जोशी नहीं कर सकेंगे मतदान

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में 20 जनवरी 2026 का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बनेगा। 45 साल के नितिन नवीन का पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि इस चुनाव में एक चौंकाने वाली बात यह है कि पार्टी के संस्थापक सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पहली बार होगा जब वह मतदान नहीं कर सकेंगे। दिसंबर 2025 से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन नवीन अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।
बता दें बिहार के बांकीपुर से विधायक और पूर्व मंत्री नितिन नवीन बीजेपी के दिग्गज नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले नवीन को संगठन में गहरी पैठ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में पार्टी की चुनावी जीत में बड़ी भूमिका के लिए जाना जाता है। 19 जनवरी को उनका नामांकन होगा और 20 जनवरी को उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नामांकन में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह प्रस्तावक बनेंगे।
1980 में बीजेपी की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इन दोनों दिग्गजों का नाम अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में नहीं है। इसके पीछे कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि तकनीकी कारण हैं।
पार्टी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनाव पूरा होना अनिवार्य है। आडवाणी और जोशी फिलहाल दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश बीजेपी में चुनाव अभी लंबित हैं। जब तक दिल्ली में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव नहीं हो जाते वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन नहीं हो सकता। इसी कारण दोनों नेताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।
बता दें इससे पहले लालकृष्ण आडवाणी गुजरात (गांधीनगर) और जोशी उत्तर प्रदेश (कानपुर) से परिषद सदस्य हुआ करते थे। सक्रिय राजनीति से हटने के बाद वे दिल्ली से सदस्य बने थे। बीजेपी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण ने चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 19 जनवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन दाखिल किया जाएगा। 19 जनवरी को ही शाम तक नामांकन पत्रों की जांच और वापसी होगी। 20 जनवरी को यदि जरुरी हुआ तो मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध चुनाव की घोषणा की जाएगी। जेपी नड्डा का स्थान लेने वाले नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को सुधारना होगी। युवा नेतृत्व के जरिए बीजेपी अब अपनी अगली पीढ़ी की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

Previous article20 रुपये के स्तर वाले शेयर ने दिखाया दम, निवेशकों ने दिल खोलकर लगाया दांव
News Desk

चोटों के बीच श्रेयस अय्यर की वापसी, टीम इंडिया में बदलाव

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

IND vs NZ T20 Series : शुरू होने से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़े झटके लगे हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले चोटों के कारण टीम में अहम बदलाव करने पड़े हैं। चयनकर्ताओं ने अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को टीम में शामिल किया है, जिससे संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।

इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह वॉशिंगटन सुंदर और तिलक वर्मा की चोट है। सुंदर को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच के दौरान गेंदबाजी करते समय पसलियों में खिंचाव (साइड स्ट्रेन) आ गया था। मेडिकल रिपोर्ट के बाद उन्हें पूरी टी20 सीरीज से बाहर कर दिया गया। वहीं, युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत के बाद सर्जरी करानी पड़ी है। वह शुरुआती तीन टी20 मुकाबलों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।

IND vs NZ T20 Series में श्रेयस अय्यर की वापसी सबसे ज्यादा चर्चा में है। अय्यर ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 मैच खेला था। इसके बाद उन्होंने IPL 2025 में पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अय्यर ने 17 मैचों में 175 के स्ट्राइक रेट से 604 रन बनाकर चयनकर्ताओं का भरोसा जीता। उन्हें तिलक वर्मा के स्थान पर पहले तीन टी20 मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया है, जिससे मध्यक्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा रवि बिश्नोई की एंट्री से गेंदबाजी आक्रमण को धार मिलेगी। तेज विकेटों पर उनकी लेग स्पिन टीम के लिए अहम साबित हो सकती है। कुल मिलाकर, IND vs NZ T20 Series से पहले किए गए ये बदलाव टीम इंडिया को चुनौतीपूर्ण हालात में मजबूती देने की कोशिश माने जा रहे हैं।

Previous articleरिटायरमेंट के साढ़े 7 साल बाद वरिष्ठ सहायक बर्खास्त
Next articleCG News: सक्ती रेलवे स्टेशन पर गोंडवाना एक्सप्रेस का स्टॉपेज, दिल्ली का सफर हुआ आसान
News Desk

छत्रपति संभाजीनगर में मोहन भागवत का संदेश, हिंदू एकता पर दिया ज़ोर

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

RSS News : के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान वे गंगापुर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए, जहां उन्होंने हिंदू समाज की भूमिका, एकता और भारत के चरित्र पर अपने विचार रखे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत में यदि कोई अच्छा या बुरा घटित होता है, तो उसके लिए हिंदुओं से पूछा जाएगा, क्योंकि भारत केवल एक भूगोल नहीं, बल्कि एक जीवंत सभ्यता और चरित्र है।

मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज हमेशा से समावेशी रहा है। हिंदू परंपरा ने रीति-रिवाज, पहनावा, खान-पान, भाषा, जाति और उपजाति की विविधताओं को खुले दिल से स्वीकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज की यही विशेषता उसे मजबूत बनाती है और सदियों से आक्रमणों और चुनौतियों के बावजूद यह परंपरा सुरक्षित रही है।

अपने भाषण में मोहन भागवत ने कहा कि जो लोग एकीकरण और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में विश्वास रखते हैं, वही हिंदू समाज और भारत के वास्तविक स्वरूप का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग ही सच्चे अर्थों में हिंदू कहलाते हैं और उनकी भूमि भारत कहलाती है।

हिंदू एकता पर ज़ोर देते हुए RSS प्रमुख ने कहा कि यह केवल संघ का उद्देश्य नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदू समाज को जाति, संप्रदाय, भाषा या पेशे से ऊपर उठकर आपसी मित्रता बढ़ानी चाहिए। संघ इस दिशा में पहल करेगा, लेकिन नेतृत्व समाज को ही करना होगा।

युवाओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि वे ज्ञान और कौशल हासिल करने के लिए विदेश जाएं, लेकिन उस अनुभव का उपयोग भारत के विकास में करें। उन्होंने अन्याय के खिलाफ संगठित और चरणबद्ध संघर्ष की भी बात कही, जिससे समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त बन सकें।

‘छावा’ पर एआर रहमान का बयान, कहा– फिल्म ने किया ध्रुवीकरण

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

AR Rahman Chhaava Controversy : इन दिनों चर्चा में है। मशहूर संगीतकार एआर रहमान का फिल्म ‘छावा’ को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि यह फिल्म लोगों के बीच ध्रुवीकरण पैदा करती है, हालांकि उनका मानना है कि फिल्म का मूल उद्देश्य बहादुरी और इतिहास को दिखाना था।

बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में एआर रहमान ने बॉलीवुड फिल्मों और ‘छावा’ पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि ‘छावा’ एक ऐसी फिल्म है, जिसने समाज में बंटवारे का फायदा उठाया है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्म का मकसद साहस और शौर्य को सामने लाना था। रहमान ने बताया कि उन्होंने निर्देशक से यह भी पूछा था कि उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए क्यों चुना गया। इसके जवाब में निर्देशक ने कहा कि उन्हें सिर्फ एआर रहमान की ही जरूरत थी।

AR Rahman Chhaava Controversy पर बात करते हुए संगीतकार ने कहा कि फिल्म मनोरंजक है, लेकिन आज के दर्शक पहले से कहीं ज्यादा समझदार हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या फिल्मों से लोग प्रभावित होते हैं, तो उन्होंने कहा कि लोगों के भीतर एक आंतरिक चेतना होती है, जिससे वे सच और हेर-फेर के बीच फर्क कर सकते हैं।

इसके साथ ही एआर रहमान ने फिल्म के म्यूजिक को लेकर गर्व भी जताया। उन्होंने एक भावुक पोस्ट में कहा कि छावा मराठा इतिहास के सबसे प्रसिद्ध व्यक्तित्वों में से एक हैं। फिल्म के अंत में गाई गई कविता हर मराठा की धड़कन और आत्मा को दर्शाती है।

गौरतलब है कि फिल्म ‘छावा’ में विक्की कौशल ने छत्रपति संभाजी महाराज की भूमिका निभाई है। साल 2025 में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला और इसने 716.91 करोड़ रुपये की कमाई की। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने ही तैयार किया है, जो AR Rahman Chhaava Controversy के बीच भी सराहना बटोर रहा है।

“अगर शिंदे शिवसेना के लिए जयचंद न होते तो…”, संजय राउत का डिप्टी CM पर तीखा हमला

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुंबई. बीएमसी (BMC) सहित महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के नतीजे अब साफ हो चुके हैं. यहां बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) (एकनाथ शिंदे) की महायुती ने राज्य की 29 में 23 नगर पालिकाओं में प्रचंड जीत हासिल की है. वहीं बीएमसी चुनाव में महायुति ने कुल 227 में से 118 सीटें अपने नाम कर लिए हैं. मुंबई महानगर निगम में भाजपा और शिवसेना की बढ़त ने पूरे देश का ध्यान खींचा है, जहां 28 साल से चली रही ठाकरे परिवार की धाक पर गहरा धक्का लगा. हालांकि शाम होते-होते चुनावी परिदृश्य पूरी तरह बदल गए. जहां पहले यह माना जा रहा था कि बीएमसी में बीजेपी के नेतृत्व में महायुति प्रचंड जीत हासिल कर लेगी, लेकिन अंतिम नतीजों में उसे बहुमत से केवल 4 सीटें ज्यादा मिली हैं. इसमें बीजेपी ने 89, जबकि शिवसेना ने 29 सीटें मिलीं.

 

मुंबई नगर निगम चुनाव में कई सीटों पर कांग्रेस ने शिंदे सेना को करारा झटका दिया है. यहां 24 सीटें जीतकर कांग्रेस चौथी बड़ी पार्टी बनी है. कहा तो ये भी जा रहा है कि अगर उद्धव ठाकरे ने भाई राज के साथ हाथ मिलाने की जगह कांग्रेस के साथ ही मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ा होता तो नतीजे कुछ और होते. उद्धव की शिवसेना बीएमसी में 65 सीटें मिली हैं और वह बीजेपी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. वहीं राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना महज 6 सीटों पर सिमट गई. बीएमसी चुनाव में एआईएमआईएम ने भी 6 सीटें अपने नाम की है.

 

इस तरह मुंबई के मेयर पद के चुनाव में अब शिंदे सेना की भूमिका भी अहम हो गई है. खबर है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेयर पद पर दावा ठोंक दिया है. वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि मुंबई का मेयर मराठी, हिंदू और महायुति से होगा. ऐसे में बीएमसी चुनाव के फाइनल नतीजे साफ होने के बाद अब सबकी नजरें इसी सवाल पर आ टिकी हैं कि मुंबई का मेयर कौन होगा.

 

 

Previous articleनगर निगम स्लॉटर हाउस विवाद में जवाबों की खानापूर्ति, महापौर की भूमिका पर सवाल
Next articleरिटायरमेंट के साढ़े 7 साल बाद वरिष्ठ सहायक बर्खास्त
News Desk