मुंबई में बनेगा 30 मंजिला बिहार भवन, मनसे ने दी चेतावनी, कहा मुंबई में नहीं बनने देंगे बिहार भवन

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मुंबई। बिहार सरकार मुंबई में अधिकारियों, मेहमानों और रोगियों के लिए 30 मंजिला बिहार भवन बनाने की योजना बना रही है। इसपर 314 करोड़ रूपये खर्च होंगे। इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने इस परियोजना का विरोध करते हुए महाराष्ट्र के मुद्दों के बीच इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाया और बिहार में अस्पताल निर्माण का सुझाव दिया है। दरअसल बिहार सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली के बाद अब वह महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बिहार भवन बनाएगी। बिहार के आवास विभाग के सचिव कुमार रवि ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बिहार भवन मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के एल्फिंस्टन एस्टेट इलाके में बनाया जाएगा और राज्य कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए 314.20 करोड़ रुपये के प्रशासनिक खर्च को मंज़ूरी दे दी है। कुमार रवि ने कहा कि मुंबई में बिहार भवन का निर्माण राज्य की प्रगति और जन कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इस बिहार भवन के निर्माण का विरोध अभी से शुरू हो गया है, जिसमें नवनिर्वाचित मनसे नगरसेवक यशवंत किल्लेदार ने चेतावनी दी है कि वे मुंबई में बिहार भवन नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में इतनी सारी समस्याएं हैं, किसान परेशान हैं, छात्रों की शिक्षा महंगी हो गई है और ऐसी स्थिति में वे बिहार भवन बनाने के लिए 314 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस इमारत में बिहार से आने वाले मरीज़ों के लिए सुविधाएं होंगी। तो फिर वे उसी रकम से बिहार में ही एक बड़ा अस्पताल क्यों नहीं बनाते ?

* कैसा होगा बिहार भवन ?
प्रस्तावित बिहार भवन बेसमेंट सहित लगभग 30 मंज़िला होगा और इसमें आधुनिक सुविधाएं होंगी। बिहार राज्य कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंज़ूरी दे दी है। यह बिल्डिंग लगभग 0.68 एकड़ ज़मीन पर बनाई जाएगी और इसकी ऊंचाई ज़मीन से लगभग 69 मीटर होगी। बिल्डिंग में 178 कमरे होंगे, जिनका इस्तेमाल सरकारी अधिकारी, मेहमान और ज़रूरतमंद लोग करेंगे। हालांकि, बिहार सरकार द्वारा घोषित इस बिहार भवन के निर्माण का मनसे ने विरोध किया है।  

* मरीज़ों के लिए विशेष सुविधाएं
बिहार से बड़ी संख्या में मरीज़ टाटा मेमोरियल जैसे अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए मुंबई आते हैं। उन्हें होने वाली असुविधा से बचने के लिए इस बिल्डिंग में विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
– मरीज़ों के लिए रहने की जगह: बिल्डिंग में कुल 178 कमरे होंगे।
• डॉरमेट्री: मरीज़ों और उनके रिश्तेदारों के लिए 240 बेड वाली एक बड़ी डॉरमेट्री बनाई जाएगी।
• मेडिकल रूम: बिल्डिंग में एक अलग मेडिकल रूम और अन्य ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
• गाड़ियों के लिए सेंसर-आधारित स्मार्ट ट्रिपल और डबल-डेकर पार्किंग सुविधा होगी, जहाँ एक साथ 233 गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं। 72 सीटों वाला कॉन्फ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया, सरकारी काम के लिए अलग हॉल और मीटिंग रूम की भी व्यवस्था की गई है।

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ओवैसी की महाराष्ट्र निकाय चुनाव में सेंधमारी से यूपी की सियासत में मची खलबली

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसा सियासी प्रदर्शन किया है, जिसने न सिर्फ मुंबई की राजनीति को चौंकाया, बल्कि उत्तर प्रदेश की विपक्षी सियासत, खासकर समाजवादी पार्टी (सपा), की टेंशन भी बढ़ा दी है। दरअसल 29 नगर महापालिकाओं में से 12 शहरों में जीत दर्ज करते हुए एआईएमआईएम ने कुल 126 सीटें अपने नाम की हैं। यह संकेत है कि ओवैसी की पार्टी का प्रभाव अब मराठवाड़ा से निकलकर विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और मुंबई तक फैल चुका है।
मुस्लिम बहुल मालेगांव, संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नांदेड़ जैसे शहरों में ओवैसी की पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाई है। मालेगांव में पार्टी किंगमेकर बनकर उभरी है, जबकि संभाजीनगर में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया है। सबसे ज्यादा 33 पार्षद संभाजीनगर से चुने गए हैं। इसके अलावा मालेगांव में 21, नांदेड़ में 14, अमरावती में 12 और मुंबई में 8 सीटों पर जीत ने ओवैसी को राष्ट्रीय स्तर पर मुस्लिम राजनीति का बड़ा चेहरा बना दिया है।
मुंबई में एआईएमआईएम की सफलता को सपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जिन गोवंडी, मानखुर्द और शिवाजी नगर जैसे इलाकों में दो दशकों से सपा का वर्चस्व रहा, वहां इस बार ओवैसी ने सेंध लगा दी। बीएमसी चुनाव में एआईएमआईएम को 8 सीटें मिलीं, जबकि सपा सिर्फ 2 सीटों पर सिमट गई। सपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी अपने ही प्रभाव क्षेत्र में पार्टी को मजबूत नहीं रख सके।
ओवैसी बिहार में दिखा चुके हैं दम
बिहार के सीमांचल में पहले ही कांग्रेस और आरजेडी को पीछे छोड़कर जीत दर्ज कर चुके ओवैसी अब उत्तर प्रदेश की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं। माना जा रहा है कि पश्चिमी यूपी, जहां मुस्लिम आबादी 30 से 50 प्रतिशत तक है, उनका मुख्य फोकस होगा। हालांकि, यूपी में अब तक एआईएमआईएम को कोई बड़ी चुनावी सफलता नहीं मिली है। 2022 के विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बावजूद पार्टी खाता नहीं खोल सकी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र और बिहार में मिली सफलता से ओवैसी का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन यूपी में संगठन और मजबूत स्थानीय नेतृत्व की कमी उनकी राह मुश्किल बना सकती है। इसके बावजूद, मुंबई में सपा के किले को ध्वस्त कर ओवैसी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में मुस्लिम वोटों की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प होने वाली है।

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सोनमर्ग में पारा माइनस 8.9 डिग्री, हिमाचल में बर्फबारी

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नई दिल्ली/भोपाल। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के कारण पारा लगातार माइनस में बना हुआ है। रविवार को सोनमर्ग घाटी का तापमान माइनस 8.9 डिग्री, श्रीनगर का माइनस 4.7 डिग्री , शोपियां का माइनस 6.7 डिग्री और पहलगाम में  माइनस 6 डिग्री रहा। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी बर्फबारी हुई। हमीरपुर में तापमान 2.1 डिग्री, ऊना में 2.7 डिग्री और मंडी में मंडी 3.9 डिग्री रहा। इधर, पंजाब के अमृतसर का तापमान 1.7 डिग्री रहा। उत्तर के मैदानी राज्यों में पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़, हरियाणा, यूपी में सर्दी का असर है। इन इलाकों में घना कोहरा छाया है। पंजाब के हलवारा में सुबह से विजिबिलिटी जीरो है। वहीं, यूपी में अचानक मौसम पलट गया है। लखनऊ-बाराबंकी समेत कई शहरों में सोमवार सुबह बारिश हुई। अलीगढ़ में ओले गिरे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है। इससे 23 जनवरी से 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम और बिगड़ सकता है। पश्चिमी विक्षोभ पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। तापमान में गिरावट आएगी, साथ ही पाला पडऩे और कोल्डवेव के हालात बन सकते हैं।

इंसाफ मांगते-मांगते थम गईं रेप पीड़िता की सांसें, लेकिन ढाई साल बाद भी आरोपी का सुराग तक नहीं

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मणिपुर: मणिपुर Manipur) में साल 2023 की शुरुआत में जातीय हिंसा (Ethnic Violence) शुरू हुई थी. इसी दौरान गैंगरेप (Gang Rape) 18 साल की युवती (Young Women) गैंगरेप का शिकार हुई थी, जिसकी 2 साल बाद मौत हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो युवती को तीन साल पहले किडनैप किया गया था. इसी दौरान उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था. इस घटना से युवती आज तक उबर नहीं पाई थी. इसी के कारण उसकी मौत हो गई. इस मामले के 3 साल बाद भी पुलिस और सीबीआई आरोपियों की पहचान भी नहीं कर पाई है. यही वजह है कि जांच पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

युवती के परिजनों ने बताया कि उस घटना के बाद वह आज तक उबर नहीं पाई थी. उसको कई शारीरिक चोटें आईं थीं. जो आज तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई हैं. युवती की इलाज के दौरान 10 जनवरी को गुवाहाटी में मौत हो गई. युवती ने अपने साथ हुई इस घटना की शिकायत 21 जुलाई, 2023 को पुलिस को दी थी. इसमें बताया था कि हथियारबंद लोग उसे सफेद कार में किडनैप कर पहाड़ी इलाके में ले गए थे. यहां बारी-बारी से उसके साथ कई रेप की घटना को अंजाम दिया. हालांकि शिकायत दर्ज होने के एक महीने बाद ही यह केस CBI को सौंप दिया गया.

 

 

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केंद्रीय मंत्री गडकरी ने क्यों कहा………अब हमें धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होना चाहिए

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नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगली पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने की वकालत कर कहा कि जब चीजें सुचारू रूप से चलने लगें, तब पुरानी पीढ़ी को पीछे हट जाना चाहिए। नागपुर में आयोजित एक  कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ये बात कही। विदर्भ-खासदार औद्यौगिक महोत्सव का आयोजन एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (एआईडी) के अध्यक्ष आशीष काले द्वारा किया गया था।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि काले ने युवा पीढ़ी को एडवांटेज विदर्भ पहल में शामिल किया है। उन्होंने कहा, मेरा मानना ​​है कि धीरे-धीरे पीढ़ी में भी बदलाव आना चाहिए। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, आशीष के पिता मेरे मित्र हैं। अब हमें धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होना चाहिए और जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंप देना चाहिए और जब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तब हमें भी सेवानिवृत्त होकर कोई और काम करना चाहिए। एआईडी के मुख्य मार्गदर्शक केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि नागपुर में छह से आठ फरवरी तक आयोजित हो रहे ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ का यह तीसरा वर्ष है। गडकरी ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छे उद्यमी हैं।
उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य विदर्भ को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है। केंद्रीय मंत्री ने किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्र, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों तथा सेवा क्षेत्र के महत्व पर भी जोर दिया। ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ में कपड़ा, प्लास्टिक, खनिज, कोयला, विमानन, लॉजिस्टिक्स, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों के उद्योगों की भागीदारी होगी।

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घर में क्यों हारी टीम इंडिया? कप्तान शुभमन गिल ने बताया कहां हुई चूक

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IND vs NZ: भारतीय टीम के लिए ‘गंभीर युग’ की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. पहले टेस्ट सीरीज और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. रविवार को इंदौर में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से हराकर 37 साल बाद भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज जीतने का सूखा खत्म किया.

हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने कहा, “पहले मैच के बाद, 1-1 से बराबरी पर आने के बाद, जिस तरह से हम खेले – थोड़ा निराशा हुई. कई ऐसे एरिया हैं जिनमें सुधार की ज़रूरत है. कुछ एरिया ऐसे हैं जिन पर हमें पीछे मुड़कर देखना होगा, सोचना होगा और बेहतर करना होगा.”

“योजनाओं पर अमल नहीं हुआ”- गिल
सीरीज गंवाने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन टीम के सामूहिक प्रदर्शन पर चिंता जताई. गिल के अनुसार सीरीज 1-1 की बराबरी पर होने के बाद निर्णायक मैच में जिस जज्बे की जरूरत थी, वह गायब दिखा.

टीम ने अहम मौकों पर पुरानी गलतियां दोहराईं, विशेषकर टॉप-ऑर्डर का जल्दी आउट होना और कमजोर फील्डिंग भारत को भारी पड़ा. गिल ने साफ कहा कि टीम को अब पीछे मुड़कर देखना होगा और उन क्षेत्रों में सुधार करना होगा जहां वे बार-बार पिछड़ रहे हैं.

न्यूजीलैंड की ‘बी-टीम’ ने दिखाया दम
न्यूजीलैंड की इस जीत ने सभी को हैरान कर दिया क्योंकि उनके पास मिचेल सैंटनर और रचिन रवींद्र जैसे अनुभवी खिलाड़ी नहीं थे. गिल ने स्वीकार किया कि कीवी टीम के बल्लेबाजों ने अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदला और वे मैदान पर भारत से कहीं बेहतर साबित हुए.

जांच में खुलासा, दिल्ली में धमाके के लिए यासिर ने इस कारण फिदायीन बनने से किया था इनकार

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नई दिल्‍ली। दिल्ली में लाल किले (Red Fort in Delhi) के पास हुए कार बम धमाके (Car bomb attacks) की जांच में सामने आया है कि साजिश का मास्टरमाइंड डॉ. उमर उन नबी (Dr. Omar Un Nabi) दूसरे आत्मघाती हमलावर की भर्ती करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो सका क्योंकि उसके टार्गेट शोपियां के यासिर अहमद डार ने सेब की पैदावार के मौसम में अपने परिवार की मदद करने की जरूरत का हवाला देते हुए फिदायीन बनने से पीछे हट गया था। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि डार संभावित दूसरा फिदायीन हमलावर था लेकिन उसके पीछे हटने से डॉ. उमर के मंसूबे पर पानी फिर गया।

यासिर अहमद डार किया गया था अरेस्ट

श्रीनगर पुलिस और एनआईए ने नबी की ओर से चलाए जा रहे एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि डॉ. नबी ही 10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटकों से भरी कार ले गया था जिसके धमाके में 12 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में डॉ. नबी की रणनीतियों का खुलासा हुआ है। इन्हीं जानकारी के आधार पर एनआईए ने शोपियां के रहने वाले यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया था।
यासिर को फिदायीन बनने के लिए कर लिया था तैयार

जांच अधिकारियों के अनुसार, डॉ. उमर उन नबी ने यासिर अहमद डार को फिदायीन यानी आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार कर लिया था लेकिन पिछले साल अगस्त में वह पीछे हट गया था। उसने अंतिम समय में अपना इरादा बदलने के लिए घर की मरम्मत और सेब के सीजन का बहाना बनाया। जांच में सामने आया है कि डार साल 2023 से ही नबी के संपर्क में था। डॉ. उमर के जरिए उसको पूरी तरह कट्टरपंथी बनाया जा चुका था।

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बीवी- जी राम जी के बारे में झूठ फैलाकर कांग्रेस मजबूत नहीं कमजोर हो रही

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नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पर वीबी-जी राम जी के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि नया अधिनियम काम के अधिकार को मजबूत करेगा। उन्होंने मनरेगा की जगह लेने वाले नए अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान का जिक्र किया और कहा कि विपक्ष यह ‘‘झूठ फैला रहा है कि इस योजना से रोजगार केवल कुछ पंचायतों में ही प्रदान किया जाएगा।
बता दें कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने के विरोध में 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत की है। विपक्षी दल विकसित भारत-रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग कर रहा है। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि मैं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से कहना चाहता हूं कि वीबी-जी राम जी के बारे में गलत जानकारी फैलाकर वे कांग्रेस को मजबूत नहीं बल्कि कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने विचार, विचारधारा और आदर्श को त्याग दिया है…विचार है राष्ट्र सर्वोपरि, देश का विकास…वीबी-जी राम जी गांवों के विकास के लिए है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने मनरेगा को बेहतर बनाने की कोशिश की। इसका सबूत यह है कि हमने करीब नौ लाख करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि यूपीए सरकार ने करीब दो लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे। उन्होंने कहा कि यह कहना ‘झूठ है कि काम के अधिकार को छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम 100 दिन काम के बजाए, अब 125 दिन काम दे रहे हैं…सिर्फ काम करने का अधिकार ही नहीं, हमने 15 दिनों के अंदर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया है…आपने कागज पर अधिकार दिया, हमने जमीनी स्तर पर इसे और मज़बूत किया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कहा कि वे यह गलत सूचना फैला रहे हैं कि रोजगार सिर्फ कुछ पंचायतों में ही दिया जाएगा। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सभी पंचायतों में लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्यों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र पहले से ही ज्यादा धनराशि दे रहा है। राज्य जो निवेश करेंगे, वह गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होगा। मंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना छह महीने में लागू कर दी जाएगी और तब तक मनरेगा जारी रहेगा।

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गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया पर लगा एक और ‘धब्बा’, शर्मनाक हार की ये लिस्ट बहुत लंबी है

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गौतम गंभीर जुलाई 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच बने थे। उस समय ऐसा लगा था कि जैसा उनका क्रिकेट करियर रहा था, वैसी ही छाप वह अपने कोचिंग करियर में भी छोड़ेंगे। मगर हुआ इसका बिल्कुल उलट। गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत को ऐसी-ऐसी हार का सामना करना पड़ा जिसका स्वाद टीम इंडिया ने दशकों पहले चखा था। कुछ हार तो ऐसी भी मिली जो टीम इंडिया ने अपने क्रिकेट इतिहास में कभी नहीं देखी थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान भी गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत के नाम 4 शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हुए। आईए एक नजर इस पूरी लिस्ट पर डालते हैं-

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न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बने ये शर्मनाक रिकॉर्ड

इंदौर वनडे में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 41 रनों से हार का सामना करना पड़ा। होलकर स्टेडियम में यह भारत की वनडे क्रिकेट में पहली हार है। इससे पहले टीम इंडिया ने यहां 7 मैच खेले थे और हर बार जीत दर्ज की थी। भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार घर पर वनडे सीरीज हारा है। कीवी टीम ने 2-1 से सीरीज को अपने नाम किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार भारत को वनडे सीरीज डिसाइडर में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं इस सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ 285 रनों का टारगेट चेज किया था, जो कीवी टीम द्वारा भारत के खिलाफ चेज किया गया अब तक का सबसे बड़ा टारगेट है।

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गौतम गंभीर की कोचिंग में बने ये शर्मनाक रिकॉर्ड

– 27 साल बाद, SL के खिलाफ द्विपक्षीय ODI सीरीज़ हारी

– पहली बार, 3 मैचों की ODI सीरीज़ में 30 विकेट गंवाए

– 45 साल बाद, भारत एक कैलेंडर वर्ष में ODIs में बिना जीत के रहा

– 36 साल बाद, भारत ने घर पर NZ के खिलाफ टेस्ट हारा

– 19 साल बाद, भारत ने चिन्नास्वामी में टेस्ट हारा

– पहली बार, घर पर 50 रन से कम पर ऑल आउट हुए

– पहली बार, घर पर NZ के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ हारी

– 12 साल बाद, घर पर टेस्ट सीरीज़ हारी

– 12 साल बाद, लगातार दो घर के टेस्ट हारे

– 12 साल बाद, वानखेड़े में टेस्ट मैच हारा

– 47 साल बाद, लगातार 3 घर के टेस्ट हारे

IND vs NZ वनडे सीरीज में कौन बना POTM और कौन ले गया प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड?

– पहली बार, घर पर 200 से कम का टारगेट चेज़ करने में नाकाम रहे (टारगेट 147, वानखेड़े)

– पहली बार, भारत घर पर टेस्ट सीरीज़ में व्हाइटवॉश (3-0) हुआ

– 13 साल बाद, मेलबर्न में टेस्ट मैच हारा

– 10 साल बाद, लगातार दो टेस्ट सीरीज़ हारी

– 10 साल बाद, बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारी

– 12 साल बाद, भारत ने एक टेस्ट सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैच हारे

– पहली बार WTC फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहे

– भारत 5 शतक बनाने के बाद टेस्ट मैच हारने वाली पहली टीम बनी (लीड्स)

– भारत 92 साल के टेस्ट इतिहास में सिर्फ दूसरी बार 350+ रन डिफेंड करने में नाकाम रहा (लीड्स)

– सिर्फ दूसरी बार, IND इंग्लैंड के खिलाफ 200 से कम का टारगेट चेज़ करने में नाकाम रहा (टारगेट 190, लॉर्ड्स)

– 11 साल बाद, 600+ रन दिए (मैनचेस्टर)

– 17 लंबे सालों बाद, एडिलेड में ODI हारा

– 15 साल बाद, घर पर SA के खिलाफ टेस्ट मैच हारा

– 8 साल बाद, भारत ने ईडन गार्डन्स में इंटरनेशनल मैच हारा (9 लगातार जीत के बाद)

– भारत 124 का टारगेट चेज़ करने में नाकाम रहा

(घर पर उनका सबसे कम टारगेट चेज़ करने में नाकाम)

– 25 साल बाद, घर पर हारा टेस्ट सीरीज़ बनाम SA

– अपनी सबसे बड़ी हार (408 रन) दर्ज की

– भारत में किसी मेहमान टीम द्वारा बनाए गए अब तक के सबसे बड़े टारगेट (549) का सामना किया

– 30 साल बाद, भारत ने अपने बल्लेबाजों के बिना एक भी सेंचुरी के घरेलू टेस्ट सीरीज़ खत्म की*

– लगातार कैलेंडर वर्षों में पहली बार घरेलू टेस्ट में व्हाइटवॉश हुआ

– पहली बार, SA ने IND के खिलाफ 300+ रन का पीछा किया

– SA ने IND के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज़ (359) दर्ज किया

घने कोहरे के चपेट में UP… 24 घंटे में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में 20 लोगों की मौत

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लखनऊ। यूपी (UP) में शीतलहर (Cold Wave) से जूझ रहे लोगों पर रविवार को कोहरा (Fog.) काल बनकर टूटा। रविवार को 17 शहरों में घना कोहरा छाया रहा। इनमें आठ में तो दृश्यता शून्य तक पहुंच गई। नतीजतन सड़क हादसों की बाढ़ आ गई। रविवार को कम दृश्यता से अलग-अलग हुए सड़क हादसों (Road Accidents) में 20 लोगों (20 people) की मौत हो गई। इनमें अवध क्षेत्र में 9, मुरादाबाद मंडल में 5,आजमगढ़ में दो, रोजा में दो, बुलंदशहर और बरेली में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। 20 जनवरी के बाद कोहरा कम होने के आसार हैं।

बहराइच (Bahraich) में तीन हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। सुलतानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के शारदा सहायक खंड 16 नहर की पटरी पर बाइक से बाजार जा रही छात्राओं को मिट्टी लदी ट्रैक्टर ट्राली ने कुचल दिया जिससे दो छात्राओं की मौत हो गई। अमेठी में बस व कार की टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। फुरसतगंज के अकेलवा चौराहे पर बस-पिकअप की टक्कर में पिकअप चालक की मौत हो गई। रायबरेली में बुजुर्ग की जान चली गई गई।

 

बाराबंकी में गोंडा-बहराइच मार्ग पर बस, कार और इनोवा की टक्कर में यात्री की मौत हो गई। आजमगढ़ में चार वाहनों के टकराने से दो की मौत हो गई। रोजा में ट्रक ने बाइक-टेंपो को रौंद दिया, हादसे में साले-बहनोई की मौत हो गई। बुलंदशहर में कोहरे में नाले में गिरने से स्कूटी सवार की जान चली गई। मुरादाबाद मंडल में हुए सड़क हादसों में पिता-पुत्र समेत पांच की मौत हो गई। रामपुर के शहजादनगर में टेंपो ने बाइक पर सवार पिता-पुत्र, भतीजे को कुचल दिया। गजरौला-मूंढापांडे के पास 17 वाहन टकरा गए। अमरोहा में कार खंदक में गिर गई। हादसे में महिला की मौत हो गई। पिकअप पलटने से एक मजदूर की जान चली गई। बरेली में नेशनल हाईवे पर 25 वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। हादसे में रोडवेज बस चालक की मौत हो गई, 26 लोग घायल हुए।

पहाड़ों पर आज से बारिश और बर्फबारी के आसार
उत्तर, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर जारी है। हिमालयी राज्यों में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है, मैदानों में सुबह-शाम घना कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है। अगले कुछ दिन पर्वतीय राज्यों में बारिश-हिमपात के आसार हैं। यूपी-बिहार आदि राज्यों में कोहरा बना रहेगा। पूर्वी यूपी में शीतलहर चली।