बाड़मेर। राजस्थान में अभी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी कि अब झाक मठ के मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज का शव मिलने से हर कोई हैरान है। बाड़मेर जिले के झाक गांव में 57 साल के महंत पारसनाथ महाराज का शव गुरुवार सुबह मठ परिसर में बने पानी के में पड़ा मिला। लोगों हैरान है कि आखिर महंत की मौत कैसे हुई। मठ सेवकों ने बताया कि गुरुवार तड़के करीब 5 बजे रोज की तरह टांके यानी कुंड से पानी लेने गए थे। तभी उन्होंने देखा कि महंत पारसनाथ पानी में तैर रहे हैं। जब हिलाडुलाकर देखा तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना गांव वालों और पुलिस को दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांव वालों ने बताया कि मठ के सेवकों की सूचना पर जब वह कुंड के पास पहुंचे तो पाया कि महंत जी की पादुका बिलकुल तरकीब से रखी थी। कुछ लोग इसे खुदकुशी तो कुछ लोग हत्या कर शव को कुंड में डालने की बात कह रहे हैं। हालांकि पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है मामले में हरेक पहलू की जांच करेंगे। पुलिस को कहना है कि उन्हें सुबह करीब आठ बजे घटना के बारे में बताया गया। एसपी ने बताया कि मठ के लोगों ने पूछताछ में बताया है कि महंत पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि पुलिस इस मामले को हरेक एंगल से जांच करेगी। बता दें महंत पारसनाथ महाराज करीब 30 साल से झाक मठ के मठाधीश थे। वह न सिर्फ धार्मिक गुरु के रूप में बल्कि समाजसेवी और सुधारक के रूप में भी जाने जाते थे उनकी मौत की खबर से झाक और बाटाडू क्षेत्र में शोक की लहर है।
At just five and a half years old, child actor Ishaan Kesarwani is making his mark in the entertainment world with his role in the upcoming Sony TV horror show Vashikaran. The television serial is scheduled to premiere on March 16 and will also stream on Sony LIV. Ishaan, originally from Pratapgarh and currently based in Ghaziabad and Mumbai, is a student of the T-Series Kids Acting Academy in Film City Noida. Despite his young age, he has already worked on music projects and advertisements. With several television, film, and OTT projects lined up, Ishaan Kesarwani is steadily building his presence in the industry.
Child Actor Ishaan Kesarwani’s New TV Show Teaser Released; ‘Vashikaran’ to Air from March 16 on Sony TV & Sony LIV
Mumbai / Ghaziabad: Young and talented child actor Ishaan Kesarwani is all set to win hearts with his upcoming television appearance as the teaser of his new TV show “Vashikaran” has officially been released. The show will begin telecasting from 16th March, airing Monday to Friday at 10:15 PM on Sony TV and Sony LIV.
Vashikaran from 16th March, airing Monday to Friday at 10:15 PM on Sony TV and Sony LIV.
At just 5.5 years old, Ishaan is already making impressive strides in the entertainment industry. A student of the T-Series Kids Acting Academy located in Film City, Noida, Ishaan has been actively building his acting career while continuing his education at Toddlers Home School, Ghaziabad.
Ishaan’s family originally belongs to Pratapgarh, Uttar Pradesh, while he currently resides in Ghaziabad. He was born in Pilibhit, Uttar Pradesh, which is also his maternal hometown (Nanihal). Recently, the young actor has shifted to Mumbai to focus on his rapidly growing career in television, films, and digital platforms.
His upcoming project “Vashikaran”, a horror television serial, is expected to bring thrilling storytelling to viewers and will mark another important step in Ishaan’s acting journey. The teaser has already created excitement among audiences eager to see the young performer on screen.
Apart from television, Ishaan is also stepping into the world of Bollywood and OTT platforms with several exciting projects lined up. One of his most anticipated film appearances will be in “Pati Patni Aur Woh Part 2”, starring Sara Ali Khan and Ayushmann Khurrana, which is scheduled to release on 15th May.
In addition, Ishaan will be seen in the upcoming web series “Adarsh Bal Vidyalaya Season 1”, featuring Kay Kay Menon and Archana Puran Singh, which will stream on Amazon Prime Video in 2026. He is also part of “Sapne Vs Everyone Season 2”, a popular web series by Ambrish Verma, also set to release on Amazon Prime Video in 2026.
Despite his young age, Ishaan has already built an impressive portfolio. His previously released work includes the Punjabi album song “Monsoon”, featuring singer Preet Zayne and composed by Deep Money. Along with music videos, he has also appeared in a digital advertisement for Zomato and collaborated with well-known YouTubers and influencers such as MyMissAnand, among others.
With multiple projects across television, films, and OTT platforms, Ishaan Kesarwani is emerging as one of the promising young faces in the entertainment industry. As his new show “Vashikaran” prepares to go on air, audiences and fans are eagerly waiting to watch the young actor showcase his talent on the small screen.
Profile Summary:
Name: Ishaan Kesarwani
Age: 5.5 Years
Acting Academy: T-Series Kids Acting Academy, Film City Noida
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची में कथित जालसाजी को लेकर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी। लेकिन मामले में दायर रिवीजन पिटीशन पर शुक्रवार दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में होने वाली ये सुनवाई टल गई है। अब मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट से सुनवाई टालने की मांग की गई थी। इसके बाद अदालत ने नई तारीख दी। ये याचिका वकील विकास त्रिपाठी की तरफ से दायर की गई है। सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली याचिका को सितंबर में खारिज किया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट के इसी फैसले को त्रिपाठी ने चुनौती दी है। दरअसल सोनिया गांधी के खिलाफ याचिका में नागरिकता और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी। आरोप है कि नागरिकता मिलने से 3 साल पहले, यानी 1980 की मतदाता सूची में उनका नाम नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में शामिल था। इस पर याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब सोनिया गांधी के पास 1983 तक नागरिकता नहीं थी, तब 1980 में किस आधार पर और किन दस्तावेजों के सहारे मतदाता सूची में नाम जोड़ा गया? क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया? याचिका में ये भी पूछा गया है कि 1982 में उनका नाम मतदाता सूची से क्यों हटाया गया था? पिछली सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किया गया है। उनके वकीलों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। सोनिया गांधी ने याचिका को पूरी तरह से तथ्यहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। इसके पहले इसी मामले में सोनिया गांधी के खिलाफ जांच और मुकदमा दर्ज कराने की मांग वाली याचिका को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बीते साल सितंबर में खारिज किया था। कोर्ट ने तब याचिका में पर्याप्त आधार नहीं पाए थे। अब रिवीजन पिटीशन के जरिए ऊपरी अदालत में मामले को फिर से उठाने की कोशिश की जा रही है।
भारत ने तीसरी बार टी20 विश्वकप जीत लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल से पहले कई बातें कही जा रही थीं। सोशल मीडिया पर फैंस इसी मैदान पर 2023 के फाइनल में मिली हार को भी याद कर रहे थे। हालांकि, टीम इंडिया ने सभी बुरी यादों को पीछे छोड़ते हुए अहमदाबाद में जीत हासिल की और जीत की नई और खुशी देने वाली कहानी लिखी। हालांकि, अब खुलासा हुआ है कि टीम इंडिया भी अहमदाबाद की बुरी यादों से विचलित थी। इसी कड़ी में भारतीय टीम ने होटल भी बदला था। अब इसकी पूरी कहानी का खुलासा कप्तान सूर्यकुमार यादव ने किया है। सूर्यकुमार ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में खुलासा किया कि किसी के सुझाव पर टीम ने अपना होटल बदल लिया था, ताकि जीत के लिए अपनी कोशिशों में कोई कसर न छोड़ी जाए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, छह मार्च को यह बात सामने आई थी कि भारतीय टीम ने अहमदाबाद में अपना होटल बदल दिया है। इसके पीछे की वजह का खुलासा तब नहीं हुआ था। हालांकि, ऐसा कहा गया कि टीम पहले जिस होटल में ठहरी थी, उसी दौरान भारत को दो बड़े मैचों में हार मिली थी। इनमें 2023 वनडे विश्व कप का फाइनल और इसी साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर आठ का मैच शामिल है। इसी कारण टीम प्रबंधन ने फाइनल से पहले होटल बदलने का फैसला किया। टी20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार ने भी इसी तरह के एक अंधविश्वास का खुलासा किया, जिसने इंग्लैंड के खिलाफ हाई-प्रेशर सेमीफाइनल में भारत की जीत में मदद की और अंततः टीम को विश्व कप खिताब दिलाने में भूमिका निभाई।
चंद्र ग्रहण के बुरे असर से बचने के लिए ट्रेनिंग सत्र भी देर से किया था शुरू
भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करने के लिए जी-जान लगा दी, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन इसके साथ ही एक ‘गुड लक’ फैक्टर भी था, जो मानो सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम के पक्ष में काम करता दिखा। टीम से जुड़े एक सदस्य ने यह भी बताया था कि टीम जहां-जहां मैच खेलने गई, वहां भगवान का आशीर्वाद भी लिया गया। सेमीफाइनल से पहले मुंबई में चंद्र ग्रहण के बुरे असर से बचने के लिए भारतीय टीम ने अपना ट्रेनिंग सत्र को करीब एक घंटे देर से शुरू किया था।मान्यता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान किए जाने वाले कामों को अशुभ माना जाता है। एक सूत्र ने इंडियन एक्स्प्रेस से इसकी पुष्टि करते हुए बताया था, ‘टीम को पता चला कि चंद्र ग्रहण है, इसलिए इस दौरान कोई शुभ काम करने से बचना चाहिए। चूंकि भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेलना था, इसलिए टीम सकारात्मक शुरुआत करना चाहती थी। कई लोगों का मानना था कि अभ्यास का समय शाम 6:40 बजे के बाद कर देना चाहिए। टीम मैनेजमेंट ने भी इस पर सहमति जताई और अभ्यास सत्र को एक घंटे के लिए टाल दिया गया।’
क्यों बदला था होटल?
अब कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया है कि टीम ने होटल बदलने का फैसला इसलिए लिया था, ताकि किसी भी तरह की संभावना को अधूरा न छोड़ा जाए। होटल बदलने पर सूर्यकुमार ने कहा कि सेमीफाइनल मैच से पहले ही यह फैसला ले लिया गया था। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘हम सेमीफाइनल के लिए वानखेड़े जा रहे थे, तभी फ्लाइट में किसी ने सुझाव दिया कि होटल बदलकर देखना चाहिए। कई टीमों ने ऐसा किया है। हम अपने लक्ष्य के करीब पहुंचने के लिए कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहते थे। अगर वहां से किसी टीम को जीत मिली है, तो क्यों न हम भी कोशिश करें।’ अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि भारतीय टीम ने सेमीफाइनल से पहले मुंबई में होटल बदला था या नहीं, लेकिन सूर्यकुमार की बातों से ऐसा लग रहा है कि टीम इंडिया ने मुंबई में भी ऐसा किया था। खैर इसके बाद टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ करीबी जीत हासिल की और फिर अहमदाबाद में फाइनल भी जीता और विश्व चैंपियन बने।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर बोले सूर्यकुमार
सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद के प्रतिष्ठित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेलने से जुड़े तथाकथित ‘जिंक्स’ पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ‘लोग कह रहे थे कि भारत अहमदाबाद में नहीं जीतता, खासकर 2023 के फाइनल के बाद। लेकिन अब देखिए क्या हुआ। हमने उसी स्टेडियम में जीत हासिल की है। अब हमें पता चल गया है कि स्टेडियम में कोई समस्या नहीं है।’
खेल और अंधविश्वास का रिश्ता पुराना
खेल और अंधविश्वास का रिश्ता काफी पुराना रहा है। कई क्रिकेटर लंबे समय से किसी न किसी तरह के अंधविश्वास या खास रूटीन पर भरोसा करते रहे हैं। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर मैच से पहले हमेशा अपना बायां पैड पहले पहनते थे और कई बार अहम मौकों पर मैच देखने से भी बचते थे। वहीं पूर्व कप्तान कपिल देव अक्सर भगवान शिव के लॉकेट वाली चेन पहनकर मैदान में उतरते थे। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ के बारे में भी कहा जाता है कि अगर वह टेस्ट मैच की पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं करते, तो उन्हें ठीक से नींद नहीं आती। ऐसे कई उदाहरण हैं, जब खिलाड़ियों ने किसी अंधविश्वास या खास रूटीन पर भरोसा किया है, जो उन्हें मानसिक रूप से सहज और केंद्रित रहने में मदद करता है।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। अदालत ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह व्यक्ति पिछले सात साल से अधिक समय से जेल में बंद है और उसकी अपील पर फिलहाल जल्दी सुनवाई होने की संभावना नहीं है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने मनोज कुमार गुप्ता की अपील स्वीकार करते हुए पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पहले उनकी सजा को निलंबित करने और जमानत देने से इनकार किया गया था। मनोज कुमार गुप्ता ने मई 2025 में पटना हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत लगाए गए कई आरोप
यह मामला साल 2000 में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट की कई गंभीर धाराओं, 20(b)(ii)(C), 23(c), 24, 27A और 29, के तहत आरोप लगाए गए थे। ये धाराएं आमतौर पर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों से संबंधित होती हैं।
अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने क्या की टिप्पणी?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि भले ही आरोपी को व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया हो, लेकिन उसने पहले ही सात साल से ज्यादा समय जेल में बिताया है। साथ ही, पटना हाईकोर्ट में उसकी अपील की सुनवाई फिलहाल जल्दी होने की संभावना नहीं दिख रही है, इसलिए इस स्थिति में उसे जमानत देना उचित है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी को जमानत मिलने से पहले स्पेशल कोर्ट द्वारा लगाया गया जुर्माना जमा करना होगा। इसके अलावा, ट्रायल कोर्ट जो भी शर्तें तय करेगा, उनका पालन करना होगा। इन शर्तों के पूरा होने के बाद उसकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में रहना होगा मौजूद
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मनोज कुमार गुप्ता को पटना हाईकोर्ट में अपनी अपील की सुनवाई के दौरान नियमित रूप से उपस्थित होना होगा या अपने वकील के माध्यम से प्रतिनिधित्व करना होगा। साथ ही, उसे बेवजह सुनवाई टालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस आदेश में कही गई बातें केवल जमानत देने के सीमित उद्देश्य के लिए हैं। अदालत ने मामले के मूल मुद्दों या अपील के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है, इसलिए हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई स्वतंत्र रूप से करेगा।
रक्तदान को महादान कहा जाता है, आपकी ये छोटी सी पहल आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने वाली हो सकती है। गंभीर स्थितियों जैसे दुर्घटना, सर्जरी के दौरान रोगी को अतिरिक्त खून की आवश्यकता होती है, यहीं आपके द्वारा किया गया रक्तदान बड़ी भूमिका निभा सकता है। हालांकि चिंताजनक बात ये है कि भारत में हर दिन लगभग 12,000 मरीज समय पर रक्त न मिल पाने के कारण मर जाते हैं। देश में रक्तदान के डिमांड और सप्लाई में काफी अंतर है।स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 18 से 65 वर्ष की आयु का स्वस्थ व्यक्ति (महिला या पुरुष) जिसका वजन कम से कम 50 किलोग्राम हो और हीमोग्लोबिन लेवल कम से कम 12.5-13.0 की बीच हो, वह स्वेच्छा से रक्तदान कर सकता है।अब सवाल ये है कि क्या समलैंगिकों, ट्रांसजेंडर और यौनकर्मी भी खून का दान कर सकते हैं? तो इसका जवाब है नहीं। गुरुवार (12 मार्च 2026) को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तमाम समीक्षाओं के बाद समलैंगिक, ट्रांसजेंडर और यौनकर्मियों पर रक्तदान को लेकर प्रतिबंध बरकरार रखा गया है। आखिर ये लोग रक्तदान क्यों नहीं कर सकते, आइए इस बारे में जान लेते हैं।
रक्तदान को लेकर दिशानिर्देश में ट्रांसजेंडर-समलैंगिकों पर है रोक
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ट्रांसजेंडर, गे पुरुषों और यौनकर्मी द्वारा रक्तदान पर लगे प्रतिबंध को जारी रखने का फैसला किया गया है। यह फैसला विशेषज्ञों द्वारा कोर्ट के कहने पर पहले के निर्णय की समीक्षा करने के बाद लिया गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुला पंचोली की एक पीठ, उन रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तत्वावधान में नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा जारी “रक्त दाता चयन और रक्त दाता रेफरल के दिशानिर्देश, 2017” को चुनौती दी गई थी।इस दिशानिर्देशों के खंड 12 और 51 में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, समलैंगिक पुरुषों और महिला यौनकर्मियों को एचआईवी संक्रमण के उच्च जोखिम वाले समूह का माना गया है।खतरे को देखते हुए ऐसे लोगों के ब्लड डोनेशन पर रोक लगाई गई है।पिछले साल, कोर्ट ने केंद्र से इस बैन पर फिर से विचार करने को कहा था।
कोर्ट ने कहा, एक प्रतिशत भी रिस्क नहीं ले सकते
गुरुवार को इस मामले पर फिर से सुनवाई हुई। भारत की अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को कहा, विशेषज्ञों ने इस बात को दोहराया है कि व्यापक जनहित में यह प्रतिबंध जरूरी है।एएसजी भाटी ने कहा, विशेषज्ञों ने इस पर फिर से विचार किया है और उनकी राय है कि अगर इस बैन में ढील दी जाती है, तो यह रक्त प्राप्तकर्ता के लिए नुकसानदायक हो सकता है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट जयना कोठारी ने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति को सिर्फ उसकी सेक्शुअलिटी और जेंडर पहचान के आधार पर निशाना बना रहा था।हालांकि सरकार ने इसे भेदभाव नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है।सीजेआई ने केंद्र के फैसले में दखल देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, हमें कोई एक ठोस वजह बताइए कि हम कोई निर्देश क्यों जारी करें। लाखों-करोड़ों ऐसे गरीब लोग हैं, जिन्हें मुफ्त में खून मिलता है। वे प्राइवेट अस्पतालों का खर्च नहीं उठा सकते। यह समाज का गरीब तबका ही है, जो इसी खून के सहारे जिंदा है। इन गरीब लोगों को, अगर संक्रमण का सिर्फ एक प्रतिशत भी खतरा हो, तो भी उन्हें इसका शिकार क्यों बनना चाहिए?
भारत में ब्लड डोनेशन को बढ़ावा देने की जरूरत
तमाम बहस के इतर, देश में रक्त की जितनी मांग है उसकी तुलना में रक्तदान की दर काफी कम है। कोरोना के दौरान और इसके बाद के समय में ये खाई और बड़ी हो गई है। देश में हर दो सेकेंड में किसी न किसी व्यक्ति के ब्लड की आवश्यकता होती है।भारत में हर साल 1.4 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता है।हर साल अनुमानित तौर पर 30-40 लाख यूनिट खून की कमी रह जाती है।देश में रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से कई कैंप चलाए जाते रहे हैं हालांकि लोगों में अज्ञानता, जागरूकता की कमी और सही जानकारी न होने के कारण डोनेशन के लिए लोग आगे नहीं आते। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड डोनेशन सिर्फ सामाजिक कल्याण का विषय ही नहीं है, इससे रक्तदाता को भी कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।
Matrimonytimes4you Android एप्लिकेशन का लॉन्च डिजिटल वैवाहिक सेवाओं की ओर बढ़ते रुझान को दिखाता है। Matrimonytimes4you.com द्वारा बनाया गया यह प्लेटफ़ॉर्म आधुनिक टूल्स देता है, जो परिवारों को जल्दी और आसानी से सही जीवनसाथी ढूंढने में मदद करते हैं।
अलीगढ़: वैश्य समुदाय के शादी लायक युवाओं के लिए सही जीवनसाथी ढूंढने में परिवारों की मदद करने के मकसद से, Matrimonytimes4you.com ने Google Play Store पर अपने वैवाहिक Android एप्लिकेशन Matrimonytimes4you का अपडेटेड वर्शन लॉन्च किया है, जिसमें कई नए और बेहतर फीचर्स शामिल हैं।
अभी, वैश्य समुदाय के कई परिवारों को अपने बेटों और बेटियों के लिए सही जीवनसाथी ढूंढने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए, वैश्य वाणी प्रकाशन, अलीगढ़ ने Matrimonytimes4you Android ऐप का अपग्रेड किया हुआ वर्शन पेश किया है, ताकि जीवनसाथी ढूंढने की प्रक्रिया को आसान और ज़्यादा सुलभ बनाया जा सके।
इस एप्लिकेशन के ज़रिए, वैश्य समुदाय के सभी उप-समूहों—जिनमें वार्ष्णेय, अग्रवाल, महाजन-महौर, माहेश्वरी, खंडेलवाल, चतुःश्रेणी, केसरवानी, दोसर, बाथम, माथुर वैश्य, शिवहरे, गुलहरे, और लगभग 370 अन्य उप-समुदाय शामिल हैं—से जुड़े परिवार अपने शादी लायक बेटों और बेटियों की प्रोफ़ाइल मुफ़्त में रजिस्टर कर सकते हैं।
यूज़र्स Google Play Store पर “Matrimonytimes4you” सर्च करके ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, वे Google या Chrome जैसे किसी भी ब्राउज़र के ज़रिए वेबसाइट matrimonytimes4you.com पर जाकर, वेबसाइट पर मौजूद Android ऐप आइकन पर क्लिक करके भी एप्लिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप का यह नया अपडेटेड वर्शन कई अनोखे और यूज़र-फ़्रेंडली फीचर्स के साथ आता है।
संस्थापक धर्मेंद्र वार्ष्णेय ने प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि इस ऐप को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया गया है और इसमें खास फ़िल्टर शामिल हैं। ये फ़िल्टर यूज़र्स को अपने बेटों और बेटियों के लिए अपनी पसंद और ज़रूरतों के हिसाब से सही जीवनसाथी ढूंढने में मदद करते हैं।
Android ऐप के लॉन्च इवेंट के दौरान, वैश्य समुदाय के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों ने धर्मेंद्र वार्ष्णेय को बधाई दी। उन्होंने यह भी बताया कि समुदाय की कई पारंपरिक मासिक और सालाना पत्रिकाएँ धीरे-धीरे अपनी प्रासंगिकता खोती जा रही हैं, इसकी मुख्य वजह यह है कि डाक सेवाओं में देरी या लापरवाही के कारण उनकी छपी हुई प्रतियाँ अक्सर ग्राहकों तक नियमित रूप से नहीं पहुँच पातीं। ऐप के साथ-साथ, Matrimonytimes4you.com और वैश्य वाणी प्रकाशन हर महीने एक डिजिटल मैट्रिमोनियल ई-मैगज़ीन भी प्रकाशित करते हैं। इस ई-मैगज़ीन की पहुँच 200,000 से ज़्यादा वैश्य परिवारों तक है और इसे WhatsApp और ईमेल के ज़रिए मुफ़्त में बांटा जाता है।
इसके अलावा, Matrimonytimes4you.com शादी के लायक उम्मीदवारों के बायोडाटा के आदान-प्रदान को आसान बनाने के लिए लाइव WhatsApp ग्रुप और Telegram चैनल भी चलाता है। जो माता-पिता इन ग्रुप में शामिल होना चाहते हैं, वे बस Android ऐप डाउनलोड करके अपने बेटों या बेटियों के लिए एक मुफ़्त प्रोफ़ाइल बना सकते हैं।
इस पहल से वैश्य परिवारों को काफ़ी मदद मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यह उन्हें शादी के लिए सही जोड़ी ज़्यादा असरदार तरीके से ढूंढने के लिए एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म देता है।
बांग्लादेश के खिलाफ पहले वनडे में पाकिस्तान को मिली करारी शिकस्त के बाद पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों का निराशाजनक बयान आया है. मीरपुर में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान की पूरी टीम महज 114 रनों पर ढेर हो गई, जिसे बांग्लादेश की टीम ने सिर्फ 15 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया था. इस निराशाजनक प्रदर्शन पर पूर्व पाकिस्तानी दिग्गज बासित अली ने टीम मैनेजमेंट को आड़े हाथों लेते हुए एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने टीम की रणनीति बनाने वालों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उन्हें यहां की परिस्थितियों का अंदाजा ही नहीं था |
पाकिस्तान की हार पर बासित अली ने दिया बड़ा बयान
पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर बासित अली ने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, ‘सबसे पहले उस शख्स को गोली मारो, जिसने इन्हें पावरप्ले के 10 ओवरों में कम से कम 60 रन बनाने के लिए कहा था. उसने कभी मैदान पर क्रिकेट नहीं खेला. वो बस कागज का एक टुकड़ा थमा देता है. क्या उसने नहीं देखा कि यहां के हालात कैसे हैं? क्या उसे नहीं पता था कि भारत जैसी टीम भी बांग्लादेश में हार चुकी है?’
कामरान अकमल ने बताया पाकिस्तान की शर्मनाक हार
पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने भी इस प्रदर्शन को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि पाकिस्तानी टीम का खेल इंटरनेशनल लेवल का बिल्कुल नहीं लग रहा था. उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘मुझे ऐसा लगा जैसे एक टीम इंटरनेशनल है और दूसरी कोई क्लब टीम है जो वर्ल्ड कप से पहले प्रैक्टिस मैच खेल रही है. मैं कसम खाता हूं, क्लब क्रिकेट में भी ऐसी बल्लेबाजी नहीं होती. क्लब के खिलाड़ी भी इतना बुरा नहीं खेलते|’
बासित अली ने 4 खिलाड़ियों के डेब्यू को बताया गलत
बासित अली ने पाकिस्तान क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को मौका देने वाली बहस को भी सिरे से खारिज करते हुए टीम में एक साथ चार खिलाड़ियों के डेब्यू कराने के फैसले को गलत बताया. उन्होंने कहा, ‘ये बहस कि युवाओं को मौका देना चाहिए इसे खत्म करें. वर्ल्ड क्रिकेट में जब कोई युवा आता है, तो वो तैयार होकर आता है और प्रभाव डालता है. हमारे खिलाड़ियों को ये समझना होगा कि ये लोकल क्लब का मैदान नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल वेन्यू है|’
मुख्य चुनाव। आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने संसद में नोटिस दिया है. नोटिस देने में राज्यसभा और लोकसभा दोनों संसद के सदस्य शामिल हैं. यह पहली बार है, जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई की गई है. अगर कोई दल लोकसभा में नोटिस देता है, तो नियमों के अनुसार उसके पास लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों की सहमति जरूरी है. लेकिन विपक्ष ने 193 सांसदों का समर्थन पाकर यह आंकड़ा पार कर लिया है और नोटिस जारी किया है. इसमें मुख्य विपक्षी दलों के साथ ही इंडिया गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां और कुछ निर्दलीय सांसद शामिल हैं. जानकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस देने का कदम तृणमूल कांग्रेस पार्टी का है, जिसका समर्थन सभी इंडिया गठबंधन के सभी छोटे-बड़े दलों के सांसदों ने दिया है. नोटिस में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं. जिसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करना, बडे़ पैमाने पर मतदाता वंचित करना, पक्षपातपूर्ण आचरण, चुनावी धांधली की जांच में जानबूझकर बाधा डालना शामिल है. विपक्ष ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए लाखों मतदाताओं के नाम हटाए हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बड़े आरोप लगाए हैं।
शनिवार को संसद में पेश होगी नोटिस
लोकसभा सचिवालय को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस मिलने के बाद जांच-पड़ताल शुरू किया जाएगा. आरोप में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का भी जिक्र है. हालांकि यह आधिकारिक रूप से कल यानी शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा. विपक्ष द्वारा यह कदम चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खडे़ करती है।
सत्ता पक्ष ने बताया राजनीतिक स्टंट
विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस देना न सिर्फ चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आगामी आने वाले चुनावों में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है. वहीं इस मामले को लेकर सत्ताधारी दल राजनीतिक स्टंट करार दिया है. कल यानी शनिवार के दिन नोटिस को लेकर संसद हंगामेदार रहने की संभावना है. हालांकि, नोटिस को लेकर अभी तक सरकार या चुनाव आयोग की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
आदित्य धर अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह फिल्म इन दिनों दर्शकों में बहुत उत्सुकता पैदा कर रही है। अपनी इस फिल्म को लेकर आदित्य ने सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट शेयर किया है।
आदित्य धर ने फैंस का किया धन्यवाद
12 मार्च को आदित्य धर ने अपना 43वां जन्मदिन मनाया। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने फैंस को दिल से धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा कि जैसे-जैसे वह ‘धुरंधर द रिवेंज’ को पूरा कर रहे हैं, उन्हें पिछले साल की यादें आ रही हैं। वह टीम, फैंस और सबके सपोर्ट के लिए बहुत आभारी हैं।
आदित्य ने मीम्स पर दी प्रतिक्रिया
आदित्य ने आगे लिखा, ‘फैंस के मैसेज, ट्वीट और मीम्स जैसे ‘आदित्य धर का शानदार काम’ वाले देखकर उनका दिल खुश हो गया। वे खुद को बहुत लकी मानते हैं। इस इंडस्ट्री में जहां कुछ भी पक्का नहीं होता, दर्शकों का प्यार और भरोसा सबसे बड़ी चीज है। आदित्य ने यह भी लिखा कि इस साल ने उन्हें सिखाया कि बड़े सपने देखो, ईमानदारी से मेहनत करो, सब कुछ लगा दो, तब ब्रह्मांड जरूर जवाब देगा। अब मैं वापस काम पर लग गया हूं।’ रणवीर सिंह ने आदित्य की इस पोस्ट पर लिखा, ‘कितना प्यारा मैसेज। आपको ऐसे और भी कई साल मुबारक हों।’ रणवीर के अलावा कई सेलेब्स और फैंस ने आदित्य को जन्मदिन की बधाई दी है।
फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’
पिछली फिल्म ‘धुरंधर’ पिछले साल दिसंबर में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी उसने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिया और 2025 की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म बन गई। दुनिया भर में इसने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की। ‘धुरंधर’ एक जासूसी थ्रिलर फिल्म है, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। उनके साथ अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन और संजय दत्त जैसे बड़े कलाकार हैं। यह फिल्म बहुत हिट रही। अब ‘धुरंधर द रिवेंज’ में अर्जुन और रणवीर के बीच जबरदस्त टकराव दिखेगा। इसमें सारा अर्जुन, राकेश बेदी और दानिश पंडोर भी हैं। फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि 18 मार्च को पेड प्रीव्यू शो होंगे।