सीएम ममता पहुंचीं दिल्ली और बोलीं- बंगाल के लोगों के साथ देश की राजधानी में बहुत अत्याचार हो रहा 

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली दौरे पर पहुंचीं ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में बंगाल के लोगों के साथ अत्याचार और बहुत दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि वे इन चिंताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी। 
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह बंगाल भवन जा रही हैं ताकि वहां मौजूद अपने लोगों से मिल सकें और दिल्ली पुलिस के कथित अत्याचारों को खुद देख सकें। उन्होंने कहा, जब गृहमंत्री बंगाल आते हैं, तो हम उन्हें रेड कार्पेट देते हैं, लेकिन जब हम दिल्ली आते हैं तो हमें ब्लैक कार्पेट दिया जाता है। कृपया बंगाल के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को रोकिए, जिन्होंने अपनी जान तक गंवाई है। 
दिल्ली के हेली रोड स्थित बंगाल भवन पहुंचने के बाद ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर से जुड़ी शिकायतें बेहद गंभीर हैं और इसी मुद्दे पर वह मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के चलते बंगाल के कई परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। सीएम ममता ने दावा किया कि दिल्ली में रह रहे बंगाल के लोगों को दिल्ली पुलिस बार-बार परेशान कर रही है और बंगाल भवन के आसपास कड़ी निगरानी रखी गई है। उन्होंने कहा, अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अगले दिन मंगलवार दोपहर 3 बजे बंगाल भवन में एक अहम बैठक और मीडिया के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। 

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News Desk

दो समुदाय आमने-सामने, आगजनी और तोड़फोड़

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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के गरियाबंद जिले (Gariaband district) के दुधकैयां गांव (Dudhkaiyan village) में दो समुदायों के बीच तनाव हिंसक झड़पों (Violent Clashes) में बदल गया। शिव मंदिर में तोड़फोड़ और उसके बाद हुई मारपीट ने इलाके में जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

शिव मंदिर में तोड़फोड़ के बाद उत्पन्न हुआ तनाव
गांव में एक मुस्लिम युवक ने शिव मंदिर में कथित रूप से तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल से रिहा होने के बाद युवक अपने रिश्तेदारों के साथ लौट आया और ग्रामीणों पर हमला कर दिया।

 

पीड़ित ने पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाया
गांव के निवासी नरेंद्र साहू पर तीन युवकों ने हमला किया और उन्हें लकड़ी के डंडों से बुरी तरह पीटा। साहू के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस को मामले की जानकारी होने के बावजूद तुरंत कार्रवाई नहीं की और आरोपियों को पकड़ने में देरी हुई।

 

हिंसा की चपेट में आया गांव: घरों और वाहनों में आग लगाई गई
हमले की खबर फैलते ही हिंदू समुदाय के लोग भड़क उठे और आरोपियों से जुड़े घरों और वाहनों में आग लगा दी। स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई, जिससे पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाने की आवश्यकता पड़ी।

 

तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिसकर्मी हुए घायल
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में उत्पन्न तनाव को शांत करने के लिए गरियाबंद, रायपुर, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस पर कुछ आक्रोशित लोगों ने ईंट और पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।

 

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि घटना उनके संज्ञान में है और सरकार इसे गंभीरता से देख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों ने यह हिंसा फैलाई, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर कदम कानून के दायरे में उठाया जाएगा।

 

पीसीसी चीफ दीपक बैज की प्रतिक्रिया:
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस और सरकार की लापरवाही के कारण यह हिंसा भड़की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो यह घटना टल सकती थी। बैज ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और घटना की न्यायिक जांच की मांग की।

‘प्यार आपको बेहतर इंसान बनाता है’, धनुष से अफेयर की खबरों के बीच मृणाल ठाकुर ने प्रेम को बताया खूबसूरत एहसास

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मृणाल ठाकुर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ और अपने हालिया सिंगल सॉन्ग ‘भीगी भीगी’ को लेकर चर्चाओं में हैं। इस गाने में मृणाल दुलकर सलमान के साथ नजर आई हैं। इस बीच पिछले काफी वक्त से मृणाल ठाकुर का नाम अभिनेता धनुष के साथ भी जोड़ा जा रहा है। पिछले दिनों दोनों की शादी तक की खबरें उड़नी शुरू हो गई थीं। हालांकि, बाद में वो सिर्फ अफवाहें निकलीं। अब धनुष से अफेयर के बीच मृणाल ने प्यार को एक खूबसूरत एहसास बताया है।

प्यार दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज है

फिल्मीज्ञान के साथ बातचीत में जब मृणाल से प्यार के बारे में उनकी राय पूछी गई, तो अभिनेत्री ने कहा कि मुझे लगता है कि प्यार एक सुंदर एहसास है और इस ग्रह पर हर किसी को इसका अनुभव होना चाहिए। यह आपको एक बेहतर इंसान में बदल देता है। यह सचमुच एक तरह से अपने भीतर के बच्चे की समस्याओं को सुलझाने और उसे नया जीवन देने जैसा है। यह दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज है। मैं प्रार्थना करती हूं और आशा करती हूं कि हर किसी को अपने जीवन में प्यार मिले। जब मृणाल से पूछा गया कि क्या प्यार में लड़कियां ज्यादा उदार हो जाती हैं? इस पर एक्ट्रेस ने असहमति जताते हुए कहा कि जरूरी नहीं। मैं असहमत हूं। जो भी प्यार में होता है वह अधिक उदार होता है। लेकिन प्यार में महत्वपूर्ण बात इसे स्वीकार करना भी है। कभी-कभी प्यार को स्वीकार करना और उसे समझना बहुत मुश्किल होता है। प्यार की परिभाषा बदलती जा रही है।

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जब आप प्यार में होते हैं तो खुद को समर्पित कर देते हैं

प्यार को लेकर मृणाल ने आगे कहा कि एकमात्र स्थिर चीज प्यार है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे ग्रहण करते हैं। एक प्रेमी होता है, एक प्रेमिका होती है। जब कोई प्यार में होता है, तो वह देने वाला होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता वो स्त्री हो या पुरुष। जब प्यार होता है, तो आप उस व्यक्ति के लिए कुछ भी कर देते हैं। आप बस खुद को समर्पित कर देते हैं।

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20 फरवरी को रिलीज होगी ‘दो दीवाने सहर में’

एआर रहमान के संगीत में बने गीत ‘भीगी भीगी’ को इरशाद कामिल ने लिखा है। इसे एआर अमीन और जसलीन रॉयल ने गाया है। फिल्मों की बात करें तो मृणाल ठाकुर अगली बार रोमांटिक ड्रामा ‘दो दीवाने सहर में’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ सिद्धांत चतुर्वेदी प्रमुख भूमिका में हैं। फिल्म दो लोगों के बीच की आदर्श प्रेम कहानी है और एक आधुनिक रोमांस जो एक ऐसी याद की तरह लगता है जिसे आप संजो कर रखे हुए हैं। ‘दो दीवाने सहर में’ में 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में बिहार में रेल बजट 09 गुना बढ़ा 

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हाजीपुर। रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार अश्विनी वैष्णव ने 02 फरवरी को बजट 2026-27 हेतु बिहार में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु रिकार्ड बजट आवंटन हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारतीय रेलवे हेतु रिकॉर्ड धनराशि रूपये 2,78,000 करोड़ आवंटित की गयी है। दीर्घकालिक विजन के तहत, सरकार ने पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन प्रस्तावित कॉरिडोरों से शहरों के बीच यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों के लिए बिना किसी रुकावट के बहु-माध्यमीय आवाजाही आसान हो जाएगा। उत्तरी और पूर्वी भारत में, वाराणसी से पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से वाराणसी-सिलीगुड़ी की यात्रा लगभग 2 घंटे 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से यात्रा लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरी होगी। यह कनेक्टिविटी पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को जोड़ते हुए एक नया आर्थिक कॉरिडोर विकसित करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिलेगा। इसी कड़ी में उन्होंने बिहार राज्य के लिए रेलवे हेतु आवंटित धनराशि का जिक्र करते हुए बताया कि 2009 से 2014 में बिहार में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में बढ़ाकर इस वर्ष 10 हजार 379 करोड़ रूपये कर दिया गया है, जो कि पिछली सरकार की तुलना में 09 गुना ज्यादा है। रेल मंत्री ने कहा कि बिहार में 01,09,158 करोड़ रूपये की लागत से  आधारभूत संरचनाओं के परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। साथ ही 3287 करोड़ की लागत से बिहार में 98 अमृत भारत स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य चल रहा है। इनमें से बिहार के दो स्टेशन – थावे और पीरपैंती रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास का कार्य पूरा हो चुका है। बिहार में 14 जोड़ी वंदे भारत एवं 21 जोड़ी अमृत भारत ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है तथा पटना और जयनगर के मध्य नमो भारत एक्सप्रेस का भी परिचालन किया जा रहा है। विदित हो कि बिहार में 2014 से 2000 किमी नई लाईन का निर्माण किया जा चुका है जो लगभग मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क के बराबर है। बिहार में 2014 से 3330 किमी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है तथा बिहार में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। साथ ही 568 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। रेल मंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस के पश्चात पूर्व मध्य रेल के महाप्रबन्धक छत्रसाल सिंह ने भी उपस्थित संवाददाओं को बजट में रेलवे हेतु किये गये प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक अमरेन्द्र कुमार सहित सभी विभागाध्यक्षगण उपस्थित थे।  

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महिलाओं के नाम पर शराब तस्करी! बिहार में 11 महिला तस्कर दबोची गईं

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पटना। बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका खुलासा पटना रेल पुलिस ने किया है। पुलिस ने शराब तस्करी के एक ऐसे अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें लड़कियों और महिलाओं का इस्तेमाल शराब एक जगह से दूसरी जगह ट्रेन से पहुंचाने के लिए किया जाता था। शराब तस्कर ट्रेन के कोच अटेंडेंट को भी इस काम मे शामिल करते थे। पटना रेल पुलिस ने 11 महिलाओं समेत गिरोह के कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर सीमांचल एक्सप्रेस से इन लोगों को पकड़ा गया। सीमांचल एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट निखिल कुमार के अलावा इसी ट्रेन में सवार 11 महिलाओं और 3 पुरुष तस्करों को गिरफ्तार किया गया। रेल एसपी अनंत कुमार राय के आदेश पर दानापुर रेल डीएसपी कंचन राज ने इस ट्रेन में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इनके पास से 95 लीटर विदेशी शराब, 40 हजार कैश, 6 स्मार्ट फोन और 5 कीपैड मोबाइल बरामद किए गए। इन सभी के खिलाफ पाटलिपुत्र जंक्शन रेल थाने में केस दर्ज किया गया। आज इन सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इनके पास से जब्त मोबाइल की सीडीआर से इन तस्करों के नेटवर्क को अब खंगाला जा रहा है।

बता दें कि जिन 11 महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है, उनमें 3 काफी कम उम्र की हैं। गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान बेगूसराय की रतनी देवी, शांति देवी, रेखा देवी, रीना उर्फ शबरी देवी, इंदिरा देवी, तिलिया देवी, शोभा देवी, अंजली कुमारी, नालंदा की फूलमति देवी और खुशी कुमारी और वैशाली की रुख्साना के तौर पर हुई है। यूपी के बुलंदशहर का कोच अटेंडेंट निखिल कुमार भी पकड़ा गया है। इन 11 महिलाओं और लड़कियों मे से 7 महिला तस्कर पहले भी जेल जा चुकी हैं। एक लड़की तो पिछली बार पुलिसकर्मी को धक्का मारकर भाग भी गई थी। हर ट्रिप पर हर महिला को 2000 रूपये दिए जाते हैं। जानकारी के मुताबिक यूपी के दिलदारनगर से ये शराब लेकर आ रही थीं।

जानकारी के मुताबिक ये महिलाएं जनरल बोगी में रेल टिकट लेकर सवार होती हैं। शराब तस्कर भी इनके आसपास होता है। पुलिस के अनुसार कोच अटेंडेंट इन तस्करों से मिला हुआ था। तस्कर उसे हर ट्रिप में 2000 रुपए देता था। कोच अटेंडेंट उनकी शराब को भी रखता था। पाटलिपुत्र जंक्शन या दानापुर स्टेशन पर तस्कर इन महिलाओं के साथ शराब लेकर उतर जाते थे। गंगा स्नान, माघी पूर्णिमा के स्नान की बात कहकर इन महिलाओं ने पुलिस को भरमाने की कोशिश की लेकिन झोले चेक किये गए तो पकड़ी गईं।

बिहार से होकर गुजरेगा हाई-स्पीड कॉरिडोर

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नई दिल्ली।  बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. बिहार में पहली बुलेट ट्रेन चलनी वाली है. इसको लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है. रेल मंत्री ने कहा कि ये ट्रेन बिहार के लिए गेम चेंजर साबित होगी. बिहार में रेलवे के लिए 10 हजार 379 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इस बजट से बिहार में कनेक्टिविटी, आधुनिक रेल अवसंरचना और रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

वाराणसी से सिलीगुड़ी केवल 2 घंटे 55 मिनट में पहुंचेंगे

बिहार में इस समय 14 वंदे भारत और 21 अमृत ट्रेनें चल रही हैं. ऐसे में अगर बुलेट ट्रेन बिहार में चलती है तो इससे राज्य की रफ्तार बढ़ जाएगी. बुलेट ट्रेन बिहार से पश्चिम बंगाल तक चलेगी. बुलेट ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद जानकारी देते हुए कहा, ‘बिहार में पहली बुलेट ट्रेन चलेगी. ये ट्रेन वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक जाएगी. ये बिहार के लिए बहुत बड़ा गेम चेंजर होगा. बिहार की इनकोनॉमी और कनेक्टिविटी को इससे लाभ होगा. वाराणसी से सिलीगुड़ी केवल 2 घंटे 55 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।’

7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को देश का यूनियन बजट पेश किया. इस दौरान निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी. इनमें वाराणसी- सिलिगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल है. आमतौर पर वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच ट्रेन से 14-16 घंटे लगते हैं. लेकिन बुलेट ट्रेन महज 2 घंटे 55 मिनट में वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच का सफर तय कर लेगी. इस दौरान ट्रेन की रफ्तार 300 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी. बिहार से गुजरते समय बुलेट ट्रेन पटना के अलावा बक्सर, आरा, कटिहार और किशनगंज जैसे स्टेशनों पर भी रूकेगी।

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दिल्ली में अब ये होगा BJP अध्यक्ष नितिन नबीन का पता, यहां मिल गया सरकारी आवास

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नए नवेले राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को नई दिल्ली में बंगला अलॉट कर दिया गया है. उन्हें नई दिल्ली स्थित 1 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर सरकारी बंगला आवंटित किया गया है. उनको टाइप-8 का सरकारी आवास दिया गया है. अब एक बार यह बंगला एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.

नितिन नबीन को बंगला दिए जाने से पहले यह बंगला झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो नेता शिबू सोरेन को आवंटित था. हालांकि अब उनकी जगह पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को यह सरकारी आवास दिया गया है. बीजेपी अध्यक्ष का यह बंगला देश की राजधानी के प्रमुख वीआईपी इलाकों में से स्थित है. इसके साथ ही सुरक्षा व प्रशासनिक दृष्टि से भी बेहद खास माना जा रहा है.

 

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को इससे पहले 9 सुनहरी बाग लेन स्थित बंगला आवंटित करने का विकल्प दिया गया था. हालांकि यह बंगला उन्हें पसंद नहीं आया था. यही वजह है कि अन्य विकल्पों की तलाश की जा रही थी. जिसके बाद 1 मोतीलाल नेहरू मार्ग का बंगला उन्हें आवंटित किया गया.

किसी भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर पहले से ही कई तरह के नियम हैं. डायरेक्टरेट ऑफ़ एस्टेट (Directorate of Estates) के नियमों के अनुसार, किसी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, यदि वह केंद्रीय मंत्री, लोकसभा सांसद या राज्यसभा सांसद नहीं है, तो उसे टाइप-8 श्रेणी का सरकारी बंगला आवंटित करने का प्रावधान है. नितिन नबीन भी इसी श्रेणी में आते हैं. यही वजह है कि उन्हें ये ऑप्शन दिया गया है.

कुल मिलाकर, नितिन नबीन को मिले इस नए सरकारी आवास को बीजेपी के संगठनात्मक महत्व और पार्टी अध्यक्ष के पद की गरिमा से जोड़कर देखा जा रहा है. बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का सरकारी/आधिकारिक आवास नई दिल्ली में 7-B, मोतीलाल नेहरू मार्ग (Motilal Nehru Marg) पर ही मौजूद है.

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कोहरे की वजह से टली भोपाल गैस कांड केस की सुनवाई, डॉव केमिकल को राहत

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भोपाल गैस त्रासदी मामले की सुनवाई शुक्रवार को पूरी नहीं हो सकी. दिल्ली में घने कोहरे के कारण सीबीआई अधिकारियों की फ्लाइट लेट हो गई, जिससे वे दोपहर 12:30 बजे कोर्ट पहुंच पाए. वहीं डॉव केमिकल की ओर से पेश वकीलों ने इसके बाद इंतजार करने से इनकार कर दिया. डॉव के वकीलों का कहना था कि उन्हें दोपहर 2 बजे की फ्लाइट से दिल्ली लौटना है, इसलिए वे 12:30 बजे के बाद सुनवाई में शामिल नहीं हो सकते.इस पर अदालत ने स्थिति को संज्ञान में लेते हुए डॉव के वकीलों को 26 फरवरी को अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) के मुद्दे पर बहस समाप्त करने के लिए अंतिम अवसर दे दिया. अब अगली सुनवाई में डॉव के वकीलों को अधिकार क्षेत्र पर अपनी दलीलें पूरी करनी होंगी, जिसके बाद कोर्ट इस ऐतिहासिक मामले में आगे की प्रक्रिया तय करेगा.

भोपाल गैस त्रासदी में हजारों लोगों की हुई थी मौत

भोपाल गैस त्रासदी मे अब तक हुई घटनाएं

2–3 दिसंबर 1984

यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के भोपाल स्थित कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस रिसाव हुआ. इसमें हजारों लोगों की मौत हुई और लाखों लोग प्रभावित हुए.

साल 1984–85

भारत सरकार ने आपदा को राष्ट्रीय त्रासदी घोषित किया. यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (UCC) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.

साल 1989

भारत सरकार और यूनियन कार्बाइड के बीच 470 मिलियन डॉलर (करीब 715 करोड़ रुपये) का समझौता किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने समझौते को मंजूरी दी है.

साल 1991

सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मामलों को बहाल किया है. तत्कालीन चेयरमैन वॉरेन एंडरसन को भगोड़ा घोषित किया गया.

साल 2001

यूनियन कार्बाइड का डॉव केमिकल में विलय किया गया. पीड़ित संगठनों ने डॉव को भी जिम्मेदार ठहराने की मांग की.

साल 2010

भोपाल की निचली अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी ठहराया. दो साल की सजा और जुर्माना के फैसले पर देशभर में विरोध किया गया.

साल 2012–2014

मुआवजा बढ़ाने और पुनर्वास की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दी गईं.

2015 से अब तक की वर्तमान स्थिति

2015 के बाद गैस पीड़ितों ने डॉव के खिलाफ आपराधिक और सिविल जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज कर दी . वहीं वर्तमान स्थिति की बात करें तो अदालत में डॉव के अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर सुनवाई जारी है. कोर्ट ने डॉव के वकीलों को 26 फरवरी तक बहस पूरी करने की अंतिम अनुमति दी है.

ठाणे-कल्याण-डोंबिवली-उल्हासनगर में मेयर पद पर शिवसेना का दावा, महिला प्रत्याशी नामित

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मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर नगर निगमों में मेयर पद के लिए महिला उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इन पदों पर कोई आरक्षण नहीं है, फिर भी पार्टी ने महिलाओं पर भरोसा जताया है। एकनाथ शिंदे ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

एकनाथ शिंदे के कार्यालय से जारी एक बयान में बताया गया कि ठाणे नगर निगम में शर्मिला पिंपोलकर-गायकवाड को मेयर पद के लिए नामित किया जाएगा। वहीं, कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में हर्षाली थाविल चौधरी और उल्हासनगर नगर निगम में अश्विनी निकम को यह जिम्मेदारी दी जाएगी। यह इन नगर निगमों के इतिहास में पहली बार होगा जब बिना आरक्षण के कोई महिला मेयर का पद संभालेगी।

 

पार्टी ने कहा कि यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है, ताकि अनिवार्य कोटे से आगे बढ़कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा सके। बयान में कहा गया, “महिलाओं को आरक्षण का इंतजार किए बिना उनकी क्षमता और नेतृत्व के आधार पर अवसर मिलने चाहिए।” शिवसेना ने यह भी कहा कि जब इन पदों पर किसी तरह का आरक्षण नहीं था, तो पुरुष मेयर चुने जाने की अटकलें थीं, लेकिन पार्टी ने अपनी बहनों पर भरोसा जताया है।

बयान के अनुसार, कल्याण से शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस बात की वकालत की थी कि सक्षम महिला पार्षदों को शीर्ष नागरिक पद के लिए मौका दिया जाना चाहिए। उनके प्रस्ताव को एकनाथ शिंदे ने मंजूरी दी। पार्टी ने यह भी बताया कि बृहन्मुंबई नगर पालिका में शिवसेना के 29 पार्षदों में से 19 महिलाएं हैं। बीएमसी चुनाव में उतारे गए 90 उम्मीदवारों में से 63 महिलाएं थीं।

बंग भवन के पास दिल्ली पुलिस से भिड़ गईं ममता, SIR पीड़ितों के प्रति ‘संवेदनशीलता’ की मांग

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दिल्ली के बंगा भवन के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों का सामना किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं। उनका मकसद चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना है। ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंची थीं। इसके बाद वो बंगा भवन गईं, जो दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार का गेस्ट हाउस है। वहां वे परिवार ठहरे हुए हैं जो बंगाल में चुनावी सूची की जांच प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। इमारत के बाहर भारी पुलिस बल तैनात देखकर मुख्यमंत्री नाराज हो गईं।

उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे बंगाल के लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगा भवन में बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हमारी चुनाव आयोग के साथ बैठक तय है। लोग परेशान हैं, क्या उनके परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते?” मुख्यमंत्री ने कहा, जहां भी एसआईआर से प्रभावित परिवार ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात है। जब दिल्ली में धमाका होता है तो दिल्ली पुलिस कहां होती है?

मुख्यमंत्री ने कहा मैं दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, मैं उन लोगों को दोष देती हूं जो शीर्ष पर हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग देश की रक्षा करने में नाकाम हैं और आम लोगों पर एसआईआर के नाम पर अत्याचार कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की तुलना एक जमींदारी से की, जहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है।

ममता बनर्जी ने पुलिसकर्मियों से कहा, “मैं यहां किसी आंदोलन के लिए नहीं हूं। अगर मैं आंदोलन करने पर आती, तो आप अपना होश खो देते।” उन्होंने मांग की कि दिल्ली पुलिस इन परिवारों को परेशान करना बंद करे। ममता बनर्जी इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी मुलाकात करेंगी। उन्होंने इस प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है।

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News Desk