वोटरों को 10-10 हजार देने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट पहुंची प्रशांत किशोर की पार्टी

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बिहार विधानसभा चुनाव में 150 सीटों का दावा करने वाले प्रशांत किशोर का खाता नहीं खुला. एनडीए ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की पार्टी ने अब सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया है. उन्होंने आज गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर चुनौती दी है. जनसुराज की याचिका पर कल शुक्रवार को सुनवाई होनी है.दरअसल, बिहार में नवंबर 2025 में विधानसभा के चुनाव हुए. सभी दल पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरे, जिसमें एनडीए की एकतरफा जीत हुई. बाकी सभी दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा. इस विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने भी अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. जनसुराज पहली बार चुनावी मैदान में अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारी थी. लेकिन खाता नहीं खुला. जबकि चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर 150 से ज्यादा सीटों का दावा कर रहे थे.

25-35 लाख महिलाओं के खाते में डाले 10 हजार रुपए

जनसुराज ने बिहार की जनकल्याणी योजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उनका कहना है कि चुनाव से दो महीने पहले मौजूदा सरकार ने बिहार की करीब 25-35 लाख महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए, जो गैरकानूनी है. कोर्ट से अपील की है कि सत्ता धारी दलों के लिए एक समय सीमा निर्धारित की जाए, ताकि मुफ्त की योजनाएं देकर चुनाव को प्रभावित न किया जा सके. जनसुराज पार्टी ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल की है. उन्होंने चुनाव के ठीक पहले सरकार द्वारा महिलाओं के खाते में डाले गए पैसों को गैरकानूनी ठहराते हुए संविधान का उल्लंघन बताया है.

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दोबारा चुनाव कराए जाने की उठाई मांग

जनसुराज ने कोर्ट से गुजारिश की है कि चुनाव आयोग को आर्टिकल 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्स के सेक्शन 123 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए. यह संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 का उल्लंघन है.
इसके साथ ही यह आरोप लगाया कि सेल्फ हेल्प ग्रुप JEEVIKA की 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को दोनों चरणों के चुनाव में पोलिंग बूथ पर नियुक्त किया जाना भी गैरकानूनी है. जनसुराज ने यह भी मांग रखी कि बिहार में दोबारा चुनाव कराए जाएं.

26 सितंबर को शुरू हुई थी योजना

बता दें, बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को हुआ था, जिसके परिणाम 14 नवंबर को आए. जनसुराज ने जिस योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की है. वह योजना 26 सितंबर 2025 को शुरू की गई थी. जनसुराज की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है. फिलहाल, देखना यह होगा कि सु्प्रीम कोर्ट इस पर क्या सुनवाई करता हैं.

68 की उम्र में हजार करोड़ कमाएंगे सनी देओल? अभिनेता को लेकर केआरके का बड़ा दावा; बोले- एक्टर के नाम रहेगा 2026

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अभिनेता और स्वघोषित फिल्म क्रिटिक कमाल राशिद खान (केआरके) ने सनी देओल को लेकर एक बड़ा दावा किया है। केआरके के इस दावे के मुताबिक, 2026 पूरी तरह से सनी देओल के नाम रहने वाला है। कहीं न कहीं इसकी शुरुआत हालिया रिलीज ‘बॉर्डर 2’ के साथ हो भी चुकी है। ‘बॉर्डर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्लॉकबस्टर का दर्जा हासिल कर लिया है। जानते हैं केआरके ने सनी देओल को लेकर क्या दावा किया है?68 साल की उम्र में एक हजार करोड़ की कमाई करेंगे सनी आज सुबह केआरके ने एक्स पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने अभिनेता सनी देओल को लेकर एक बड़ा दावा किया है। पोस्ट में केआरके का दावा है कि ‘सनी देओल की साल 2026 में पांच फिल्में रिलीज होनी हैं। जबकि सनी देओल सात और फिल्में साइन कर चुके हैं। वो प्रति फिल्म 50 करोड़ रुपए की फीस ले रहे हैं। इसका मतलब है कि 68 साल की उम्र में उनकी कमाई लगभग 1000 करोड़ रुपये होगी। जीवन में कुछ भी हो सकता है।’ सनी देओल को लेकर किया गया केआरके का ये दावा अब वायरल है।

सनी देओल की पाइपलाइन में हैं ये फिल्में

हालांकि, केआरके के दावे में कितनी सच्चाई है, ये तो आने वाले वक्त में ही पता चलेगा। लेकिन अगर सनी देओल की बात की जाए तो इस साल उनकी ‘बॉर्डर 2’ रिलीज हो चुकी है। इसने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा इस साल उनकी आगामी फिल्मों में ‘इक्का’, जो नेटफ्लिक्स पर आएगी शामिल है। इसके अलावा ‘लाहौर 1947’ और ‘रामायण’ शामिल हैं। नितेश तिवारी की बड़े बजट की मल्टीस्टारर फिल्म ‘रामायण’ में सनी देओल हनुमान जी की भूमिका में नजर आएंगे। इसके अलावा आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस में बन रही ‘लाहौर 1947’ भी लगभग पूरी हो चुकी है। इन तीन फिल्मों के अलावा और किसी फिल्म को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं है। ऐसे में अब केआरके के दावे में कितनी दम है, ये आने वाले वक्त में पता चल जाएगा।

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बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर हुई ‘बॉर्डर 2’

सनी देओल की हालिया रिलीज फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की बात करें तो फिल्म 13 दिनों में 290 करोड़ से ऊपर की कमाई कर चुकी है। फिल्म ने 13वें दिन बुधवार को भी 4 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। इस तरह से सनी देओल के लिए साल 2026 की शुरुआत तो बढ़िया हुई है। अब देखना ये है कि आगे उनके लिए ये साल कैसा बीतता है।

असम मॉडल के सहारे बंगाल में बढ़त बनाने की कोशिश में भाजपा

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भाजपा पश्चिम बंगाल में ‘असम मॉडल’ के सहारे अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पार्टी का मानना है कि हेमन्त बिस्वा सरमा ने जिस तरह असम में घुसपैठियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई की है, उसे उसका लाभ पश्चिम बंगाल चुनाव में भी मिल सकता है। मार्च-अप्रैल में होने जा रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले ममता बनर्जी एसआईआर को लेकर आक्रामक हैं। वे इसे आम बांग्लाभाषी के खिलाफ बताकर खुद को बांग्लाभाषी जनता और बांग्ला अस्मिता के सबसे बड़े ‘रक्षक’ के तौर पर पेश कर रही हैं। ममता बनर्जी का यह कार्ड ध्वस्त करने के लिए भाजपा ‘असम मॉडल’ को मजबूती से उठा रही है। भाजपा बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण पश्चिम बंगाल की आम जनता के रोजगार के अवसरों में कमी के मुद्दे को लगातार हवा दे रही है। पार्टी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में होने वाले अपराधों में भी बड़ी भागीदारी बांग्लादेशी घुसपैठियों की है। लव जिहाद और लैंड जिहाद के सहारे आम लोगों के अधिकारों को छीना जा रहा है। एसआईआर को इन कमियों को दूर करने की एक कारगर दवा के तौर पर पेश किया जा रहा है, जबकि एसआईआर का विरोध करने के कारण ममता बनर्जी की छवि बांग्लादेश के घुसपैठिये मुसलमानों को बचाने वाले नेता के तौर पर उभर रही है। पार्टी का मानना है कि यह बदलाव बंगाल में सत्ता परिवर्तन में कारगर भूमिका निभा सकता है।

पश्चिम बंगाल में एक मॉडल बनकर उभर रहा असम

पश्चिम बंगाल में ‘असम मॉडल’ इस समय खूब चर्चा में है। असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने जिस तरह अपने राज्य में घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, भाजपा को उसका लाभ पश्चिम बंगाल में भी मिलता दिख रहा है। भाजपा के आम कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के बाद राज्य में असम मॉडल से घुसपैठिये मुसलमानों को बाहर निकालने की बात कर रहे हैं। भाजपा का मानना है कि यह मॉडल लोगों के बीच, विशेषकर युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन रहा है।  
 
ममता दीदी को पता, उनकी जमीन खिसक गई- सुकांत मजूमदार  

केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री सुकांत मजूमदार ने अमर उजाला से कहा कि देश के लगभग एक दर्जन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन किसी भी राज्य ने एसआईआर को लेकर इस तरह का रुख नहीं अपनाया है। लेकिन ममता बनर्जी एसआईआर के बहाने अपनी नाकामियों को छिपाने और घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनकी यह कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर कराने वाली संस्था चुनाव आयोग अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए स्वतंत्र और सक्षम है, लेकिन एक चुनी हुई मुख्यमंत्री के द्वारा एक संवैधानिक संस्था के कार्यों के बीच इस तरह दखल देना लोकतंत्र को कमजोर करता है।  

घुसपैठियों को बचाने की ममता बनर्जी की कोशिश होगी असफल- भाजपा

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने अमर उजाला से कहा कि ममता बनर्जी एसआईआर का केवल इसलिए विरोध कर रही हैं जिससे घुसपैठियों को बचाया जा सके। घुसपैठिये टीएमसी के वोटर हैं और उन्हें बचाकर ममता बनर्जी अपनी कुर्सी बचाना चाहती हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को हटाने का निर्णय ले लिया है, इसलिए अब ममता दीदी की कोई भी चाल सफल नहीं होने वाली है। तुहिन सिन्हा ने कहा कि कोई भी संवैधानिक संस्था यह नहीं कह सकती कि घुसपैठियों को भारत में रहने और वोट करने का अधिकार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने देश के घुसपैठियों को लेकर कई बार अपनी चिंताएं जाहिर की हैं, और इस बार भी वह घुसपैठियों पर सख्त रुख अपनाएगी। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों के कारण पश्चिम बंगाल की जनता के रोजी-रोटी का अधिकार छीना जा रहा है, और भाजपा यह कतई नहीं होने देगी।   

लगातार चौथी बार फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स, RCB से होगी भिड़ंत, जानें कहां देखे लाइव स्ट्रीमिंग

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WPL Final 2026: महिला प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए बेहद खास होने वाला है. इस सीजन का खिताबी मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाना हैं. दोनों टीमों ने इस टूर्नामेंट मे शानदार प्रदर्शन किया और अब फाइनल में आमने-सामने होंगी. ऐसे में आइए जानते हैं कब और कहां देख सकेंगे WPL फाइनल 2026 की लाइव स्ट्रीमिंग…..

WPL Final 2026: फाइनल में आमने-सामने होगी आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स
महिला प्रीमियर लीग 2026 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है जहां आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खिताबी जंग देखने को मिलेगी. इस सीजन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु ने आक्रामक खेल खेलते हुए फाइनल तक का सफर तय किया है. वहीं दिल्ली की टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलित नजर आई. मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप और शानदार गेंदबाजी के दम पर डीसी ने फाइनल में जगह बनाई है. दिल्ली का ये चौथा फाइनल मुकाबला है लेकिन अभी तक खिताब जीतने में यह टीम कामयाब नहीं हो पाई है.

कब खेला जाएगा WPL Final 2026?
महिला प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला गुरुवार 5 फरवरी को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा. मैच की शुरुआत शाम 7.30 बजे होगी, जबकि टॉस शाम 7 बजे होगा. आरसीबी और डीसी के बीच यह हाई-वोल्टेज मुकाबला वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा.

कहां देखें WPL Final live?
भारत में WPL फाइनल का लाइव टेलिकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. टीवी पर मैच देखने वाले दर्शक स्टार स्पोर्ट्स के विभिन्न चैनलों पर इस मैच का आनंद उठा सकते है. जबकि ऑनलाइन दर्शकों के लिए जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर मैच की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी. आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स की फैन फालोइंग बेहद तगड़ी है, ऐसे में WPL 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा.

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News Desk

कौन-कौन सी बीमारियां और खर्च कवर हैं

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक वरदान है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है, जो गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च उठाता है। लेकिन सभी बीमारियां और खर्च इस योजना में शामिल नहीं हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सी सेवाएं कवर होती हैं और किसका भुगतान स्वयं करना होगा।

क्या OPD और सामान्य जांच मुफ्त हैं?

आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल अस्पताल में भर्ती होने पर मिलता है। यदि बीमारी सामान्य है और केवल OPD परामर्श या डॉक्टर की सलाह तक सीमित है, तो खर्च आपको खुद वहन करना होगा। बिना भर्ती हुए किए गए टेस्ट या सामान्य जांच का पैसा भी स्वयं देना होगा। वहीं, यदि अस्पताल में भर्ती होकर डॉक्टर के निर्देशानुसार जांच कराई जाए, तो खर्च योजना के तहत कवर होगा।

विटामिन, टॉनिक और दांतों का इलाज

साधारण विटामिन या टॉनिक खरीद पर खर्च स्वयं उठाना होगा। केवल डॉक्टर की सिफारिश पर रोग या चोट से जुड़े विटामिन खर्च योजना में कवर होंगे। सामान्य दांतों का इलाज मुफ्त नहीं है, लेकिन दुर्घटना, चोट, ट्यूमर या जबड़े की सर्जरी जैसी गंभीर स्थितियों में इलाज योजना के तहत होता है।

IVF, कॉस्मेटिक और वैकल्पिक उपचार

निःसंतान दंपत्तियों के लिए IVF या अन्य सहायक प्रजनन तकनीक कवर नहीं हैं। इसी तरह, सौंदर्य सर्जरी, टैटू हटाना, मोटापा घटाने की सर्जरी, लाइफ सपोर्ट और 2 साल से कम उम्र के बच्चों का खतना योजना में शामिल नहीं हैं।

कौन नहीं ले सकता लाभ?

संगठित क्षेत्र में काम करने वाले, टैक्स देने वाले, ESIC लाभार्थी, PF कटने वाले या सरकारी कर्मचारी आयुष्मान योजना का लाभ नहीं ले सकते। इन लोगों को इलाज के खर्च अपने जेब से वहन करने होंगे।

बुधवार को ‘बॉर्डर 2’ के आगे कमजोर पड़ी ‘मर्दानी 3’, ‘मयसभा’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल; जानें कितनी रही कमाई?

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सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर दर्शकों के बीच अब भी क्रेज बरकरार है। फिल्म को सिनेमाघरों में 13 दिन पूरे हो चुके हैं। फिल्म 300 करोड़ क्लब की तरफ बढ़ रही है। इसके अलावा रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ को भी थिएटर में 6 दिन पूरे हो चुके हैं। इन दो फिल्मों के अलावा जावेद जाफरी की फिल्म ‘मयसभा’ भी इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने की कोशिश कर रही है। जानिए, बुधवार को इन फिल्माें का कलेक्शन कितना रहा।

‘मर्दानी 3’ ने छठे दिन कितना कमाया? 

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने छठे दिन 2 करोड़ रुपये की कमाई की है। जबकि फिल्म ने पांचवें दिन 2.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। फिल्म का कुल कलेक्शन भी अब तक 24.25 करोड़ रुपये हो चुका है। फिल्म में रानी मुखर्जी ने एक पुलिस ऑफिसर का रोल किया है। इसमें वह जबरदस्त एक्शन करती नजर आई हैं। 

‘बॉर्डर 2’ ने तेरहवें दिन किया कितना कलेक्शन? 

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने तेरहवें दिन यानी बुधवार को 4 करोड़ रुपये की कमाई की है। वहीं मंगलवार को 5.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। बुधवार को इसका कलेक्शन कम हुआ है। लेकिन यह फिल्म वीकएंड पर छप्परफाड़ कमाई कर रही है। ‘बॉर्डर 2’ फिल्म का कुल कलेक्शन अब तक 290 करोड़ रुपये हो चुका है। फिल्म जल्द ही 300 करोड़ क्लब में शामिल हो सकती है। जबकि मेकर्स ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि उनकी फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। 

‘मयसभा’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल?

फिल्म ‘मयसभा’ में लीड रोल में जावेद जाफरी हैं। फिल्म में उनकी एक्टिंग ने दर्शकों को चौंकाया है। लेकिन ‘मयसभा’ कलेक्शन के मामले में काफी कमजोर साबित हुई। इस फिल्म ने छठे दिन सिर्फ 6 लाख रुपये कमाए, जबकि पांचवें दिन सिर्फ 7 लाख रुपये कमाए थे। ‘मयसभा’ फिल्म का कुल कलेक्शन अब तक 73 लाख रुपये हो चुका है। फिल्म ‘तुम्बाड़’ फेम डायरेक्टर राही अनिल बर्वे ने इस फिल्म को बनाया है। 

खेल को सियासत से दूर रखने की बात, पर भारत के नाम पर राजनीति! PM शहबाज का दोहरा चेहरा उजागर

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भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार मैदान से ज्यादा राजनीति सुर्खियों में है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मुकाबले के बहिष्कार पर चुप्पी तोड़ी है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ वे कहते हैं कि खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ उनका फैसला पूरी तरह राजनीतिक नजर आता है।भारत के खिलाफ खेलने से इनकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघीय कैबिनेट को संबोधित करते हुए साफ कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच नहीं खेलने का स्पष्ट फैसला लिया है। उन्होंने कहा, ‘हमने टी20 वर्ल्ड कप को लेकर अपना रुख साफ कर लिया है कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे।’ शहबाज शरीफ के मुताबिक यह फैसला सोच-समझकर और उचित आकलन के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमें बांग्लादेश के समर्थन में स्टैंड लेना चाहिए और मैं समझता हूं यह सही फैसला है।’ भारत-पाकिस्तान मुकाबला 15 फरवरी को श्रीलंका में होना तय था।

‘खेल में सियासत नहीं’, लेकिन खुद सियासी फैसला

अपने बयान में शहबाज शरीफ ने यह भी कहा, ‘खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए।’ यहीं से उनका दोहरा चरित्र सामने आता है। अगर खेल में सियासत नहीं होनी चाहिए, तो फिर सरकार द्वारा मैच का बहिष्कार का एलान क्यों किया गया है? इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरेगी, लेकिन इसका कोई ठोस कारण नहीं बताया गया।
 
ICC की सख्त प्रतिक्रिया

पाकिस्तान सरकार के फैसले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने कड़ा रुख अपनाया था। आईसीसी ने साफ कहा कि चयनात्मक भागीदारी किसी वैश्विक खेल आयोजन की बुनियादी भावना के खिलाफ है। आईसीसी ने कहा कि सभी योग्य टीमों से समान शर्तों पर खेलने की उम्मीद की जाती है और इस तरह के फैसले खेल की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं।

बांग्लादेश मामला और पाकिस्तान की भूमिका

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में बांग्लादेश का मामला भी अहम है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आईसीसी ने उसे बाहर कर स्कॉटलैंड को मौका दिया। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री और पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात भी की थी।

मैदान में भारत का दबदबा

अगर क्रिकेट रिकॉर्ड देखें तो पाकिस्तान का भारत के खिलाफ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक आठ मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने सात जीते हैं। पिछले एशिया कप में भी भारत ने पाकिस्तान को क्लीन स्वीप किया था, जहां युवा भारतीय बल्लेबाजों ने पाकिस्तानी गेंदबाजी की जमकर पोल खोली। भारत से हार के डर को पाकिस्तान अलग अलग नाम दे रहा है। पर शहबाज शरीफ की दोहरी नीति बेनकाब हो गई है। एक तरफ खेल पर ज्ञान दे रहे हैं और वहीं, दूसरी तरफ उनके फैसलों में राजनीति भी झलक रही है। हालांकि, गरीबी की मार झेल रहा पड़ोसी मुल्क यह भूल गया कि आईसीसी का हंटर चला तो पीसीबी की स्थिति बद से बदतर हो सकती है।

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को बताया ‘अबोध बालक’, भड़के खड़गे, राज्यसभा में बीजेपी-कांग्रेस के बीच हुई तीखी बहस

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Parliament: राज्यसभा में आज गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस हुई. खड़गे ने राज्यसभा में सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया. यह सुनते ही जेपी नड्डा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप दूसरे सदन की बात यहां पर नहीं कर सकते. इतना ही नहीं नड्डा ने तो राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए यह तक कह दिया कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “संसद का मतलब लोकसभा और राज्यसभा है. लोकसभा में विपक्ष के नेता देश के हितों पर बोलना चाहते थे लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया. आप इस तरह से सदन कैसे चला सकते हैं? सरकार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए एक सदन को चलने नहीं दे रही है, उसे पैरालाइज कर दिया है.” केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, “विपक्ष के नेता को पता होना चाहिए कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती.” इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई.

राहुल गांधी को क्या बोले जेपी नड्डा?
मल्लिकार्जुन खड़गे के सवाल पर जेपी नड्डा ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. स्वतंत्र रूप से पार्टी को चलाइए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं. लेकिन आपने सदन ही नहीं चलने दिया. कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए.

राहुल गांधी नियम नहीं मानते: किरेन रिजिजू
इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी मल्लिकार्जुन खड़के के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को बोलना का कई बार मौका दिया गया. सदन नियमों से चलेगा और वे नियम को मानते ही नहीं. रिजिजू ने कहा, “आज हम सभी उम्मीद करते हैं कि सभी सांसद सदन के नियमों और परंपराओं का पालन करेंगे. सभी सांसद आज प्रधानमंत्री का भाषण सुनने का इंतजार कर रहे हैं.”

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‘एनिमल पार्क’ को लेकर संदीप रेड्डी वांगा ने दी बड़ी अपडेट, बताया कब शुरू होगी शूटिंग; रणबीर ने कही ये बात

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संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी। भारत में रिलीज और अपार सफलता के लगभग दो साल बाद अब ‘एनिमल’ जापान में रिलीज होने वाली है। 13 फरवरी को फिल्म की रिलीज से पहले कुछ खास दर्शकों के लिए फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। इस दौरान निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा और अभिनेता रणबीर कपूर ने लोगों से बात भी की। इसी दौरान जब फिल्म के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ के बारे में पूछा गया तो संदीप रेड्डी वांगा ने बताया कि कब फिल्म की शूटिंग शुरू होगी।2027 के मिड में शुरू होगी ‘एनिमल पार्क’ की शूटिंग‘एनिमल पार्क’ के बारे में बात करते हुए संदीप रेड्डी वांगा ने कहा, ‘मौजूदा फिल्म खत्म होते ही ‘एनिमल पार्क’ की शूटिंग शुरू हो जाएगी। इसमें और भी जानवर होंगे क्योंकि अजीज भी एक जानवर है। इसे ध्यान में रखते हुए अब कहानी दो भाइयों के बीच होगी, जो दिखने में एक जैसे हैं। इसलिए मुझे लगा कि एनिमल पार्क सही टाइटल रहेगा। मैं 2027 के मिड में शूटिंग शुरू करूंगा।’ संदीप रेड्डी वांगा अभी फिलहाल प्रभास और तृप्ति डिमरी स्टारर ‘स्पिरिट’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। यह फिल्म साल 2027 में रिलीज होगी।

‘एनिमल पार्क’ को लेकर उत्साहित हैं रणबीर

इस मौके पर रणबीर कपूर ने भी फिल्म को लेकर बात की और ‘एनिमल पार्क’ को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। अभिनेता ने कहा, ‘संदीप के साथ सेट पर वापस आने और इस किरदार को निभाने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं। अब एक और किरदार है। चूंकि यह एक निरंतर कहानी है, इसलिए पहले भाग की शूटिंग के दौरान ही उनके दिमाग में दूसरे पार्ट की कहानी भी स्पष्ट थी। एक अभिनेता के तौर पर यह मेरे लिए बहुत रोमांचक और प्रेरणादायक है। हम दोनों लगातार बातचीत करते रहते हैं और अलग-अलग आइडिया पर चर्चा करते रहते हैं।’

बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी ‘एनिमल’

एक्शन-थ्रिलर ‘एनिमल’ साल 2023 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में पिता-पुत्र के उलझे हुए रिश्ते को दिखाया गया था। रणबीर ने रणविजय विजय सिंह का किरदार निभाया था। जबकि अनिल कपूर ने पिता का किरदार निभाया था। फिल्म में रश्मिका मंदाना और तृप्ति डिमरी भी प्रमुख भूमिका में नजर आई थीं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी और इसने दुनिया भर में 900 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। हालांकि, फिल्म के कई सीन और अत्यधिक हिंसा को लेकर इसकी आलोचना भी की गई थी।

सनी देओल के नाम रहेगा साल 2026! अभिनेता को लेकर केआरके का बड़ा दावा; 68 साल में करेंगे हजार करोड़ की कमाई?

‘लव एंड वॉर’ और ‘रामायण’ में नजर आएंगे रणबीर

रणबीर कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो इन दिनों संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं। यह 1960 के दशक पर आधारित एक पीरियड ड्रामा है। इसमें उनके साथ पत्नी आलिया भट्ट और विक्की कौशल प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसके इसी साल रिलीज होने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा रणबीर नितेश तिवारी की मच अवेटेड फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ में भी नजर आएंगे। इसमें वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म इस साल दिवाली पर रिलीज होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 20 लाख कर्मचारियों को 25% DA देने का आदेश दिया

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नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख से ज्यादा राज्य सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि 2008 से 2019 तक की अवधि का DA बकाया भुगतान किया जाना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि, अपने पहले के अंतरिम आदेश के अनुसार, बकाया राशि का कम से कम 25% 6 मार्च तक जारी किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और पीके मिश्रा की बेंच ने कहा कि ROPA के तहत परिलब्धियों की गणना के लिए DA जरूरी है. बंगाल सरकार ने DA के खिलाफ वित्तीय क्षमता का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी, उस दलील को कोर्ट ने खारिज कर दिया। 

SC के आदेश पर कमेटी का गठन

सुप्रीम कोर्ट ने DA भुगतान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए शीर्ष अदालत की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता मे कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी में जस्टिस इंदु मलहोत्रा के साथ ही 2 जस्टिस और CAG के अधिकारी शामिल होंगे. कमेटी के सभी सदस्य मिलकर तय करेंगे कि किस तरह से बकाया DA का भुगतान किया जाएगा. इसकी रिपोर्ट 16 मई तक तैयार कर सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी. रिपोर्ट के बाद ही अगली सुनवाई की जाएगी। 

12 साल का रुका डीए मिलेगा

राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ‘मनमाना’ और ‘सनकी’ बताया है. जबकि कोर्ट ने माना कि नियमों में बदलाव से कर्मचारियों के अंदर वैद्य अपेक्षा पैदा हुई थी और राज्य सरकार ने बिना किसी ठोस सिद्धांतों के इसका उल्लंघन किया है. हालांकि कोर्ट ने भी यह माना है कि साल में 2 बार डीए नहीं दिया जा सकता है. वहीं महंगाई भत्ते को मौलिक अधिकार मानने वाले सवाल पर कोर्ट ने बाद के लिए छोड़ दिया है. फिलहाल, आज का दिन राज्य कर्मचारियों के लिए बेहद शानदार रहा है. क्योंकि 12 साल का रुका हुआ डीए अब 6 मार्च से पहले 25 प्रतिशत मिल जाएगा। 

नेता प्रतिपक्ष ने किया स्वागत

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “यह बहुत लंबे समय से लंबित मुद्दा था, जिस पर आज निर्णय आ गया है. हम इसका स्वागत करते हैं. DA सही मांग है, इसके लिए हमने कर्मचारियों का समर्थन किया. 6 मार्च तक ममता बनर्जी की सरकार को 10,400 रुपए देने पड़ेंगे. DA की मांग सही है, यह आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्थापित हो गया है.अप्रैल के बाद यहां घुसपैठियों का सरंक्षण करने वाली सरकार नहीं रहेगी।