16.7 C
London
Wednesday, April 15, 2026
HomeLatest Newsआठ में से चार फ्रेंचाइजी का एलान, जानें क्यों लिया यह फैसला

आठ में से चार फ्रेंचाइजी का एलान, जानें क्यों लिया यह फैसला

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

इंग्लैंड की चर्चित फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड को लेकर एक नई रिपोर्ट ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। खबर है कि जिन टीमों में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजियों की हिस्सेदारी है, वे अगले महीने होने वाली नीलामी में किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी पर बोली नहीं लगाएंगी। यह दावा बीबीसी की रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें एक खिलाड़ी एजेंट के हवाले से इसे ‘अलिखित नियम’ बताया गया। व्यवहार के वे प्रतिबंध या दिशा-निर्देश हैं, जो कहीं लिखे नहीं होते और न ही औपचारिक रूप से बताए जाते हैं, लेकिन लोग इन्हें मौन सहमति से स्वीकार करते हैं। इन्हें ‘अनकहे नियम’ भी कहते हैं।

भारतीय निवेश और पाकिस्तानी खिलाड़ियों की स्थिति

दुनियाभर की टी20 लीगों में यह पहले भी देखा गया है कि जहां भारतीय निवेश या आईपीएल मालिकों की सीधी भागीदारी होती है, वहां पाकिस्तानी खिलाड़ियों की एंट्री नहीं होती। उदाहरण के तौर पर आईपीएल में 2008 के पहले सीजन के बाद कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खेला। दक्षिण अफ्रीका की एसए20 की सभी छह टीमें आईपीएल समूहों के स्वामित्व में हैं और वहां भी पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं दिखे। यूएई की आईएलटी20 में भी यही स्थिति रही है। अब द हंड्रेड की आठ में से चार टीमों में आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों की हिस्सेदारी आ चुकी है, जो एक अक्तूबर 2025 से प्रभावी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक ये टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगी।

किन टीमों में है IPL मालिकों की हिस्सेदारी?

रिपोर्ट में जिन टीमों का नाम सामने आया है, उनमें शामिल हैं:
मैनचेस्टर सुपर जाएंट्स
साउदर्न ब्रेव
एमआई लंदन
सनराइजर्स लीड्स

रिपोर्ट में बताया गया है कि इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक एजेंट को संकेत दिया कि उसके पाकिस्तानी खिलाड़ियों में रुचि केवल उन टीमों तक सीमित हो सकती है, जिनका आईपीएल से कोई संबंध नहीं है।

क्या नियमों के खिलाफ है यह कदम?

द हंड्रेड अब स्वतंत्र क्रिकेट रेगुलेटर के अधीन है, जिसकी स्थापना 2023 की ‘इक्विटी इन क्रिकेट’ रिपोर्ट के बाद की गई थी। ऐसे में राष्ट्रीयता के आधार पर किसी खिलाड़ी को नजरअंदाज करना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। ईसीबी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘द हंड्रेड दुनिया भर के पुरुष और महिला खिलाड़ियों का स्वागत करता है और हम उम्मीद करते हैं कि सभी आठ टीमें वैश्विक प्रतिनिधित्व दिखाएंगी।’ रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार नीलामी के लिए 18 देशों के लगभग 1000 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के 50 से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं।

अधिकारियों और संगठनों की प्रतिक्रिया

ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गूल्ड ने पिछले वर्ष कहा था, ‘हम उम्मीद करते हैं कि सभी देशों के खिलाड़ी सभी टीमों के लिए चुने जाएँ। हमारे पास स्पष्ट भेदभाव-विरोधी नीतियां हैं।’ वहीं वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी टॉम मोफाट ने कहा, ‘हर खिलाड़ी को निष्पक्ष और समान अवसर मिलना चाहिए। भले ही फ्रेंचाइजियों को भर्ती में स्वायत्तता हो, लेकिन फैसले हमेशा समानता और सम्मान के सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए।’

पहले कौन-कौन खेले?

पिछले सीजन में मोहम्मद आमिर और इमाद वसीम ने ‘द हंड्रेड’ में हिस्सा लिया था। इससे पहले शाहीन अफरीदी, शादाब खान और हारिस रऊफ भी इस लीग में खेल चुके हैं।

आगे क्या?

अगर रिपोर्ट सही साबित होती है तो यह मामला सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेलों में निवेश, राष्ट्रीयता और निष्पक्ष अवसर जैसे बड़े सवाल भी उठाएगा। क्या यह केवल व्यावसायिक रणनीति है, या वैश्विक क्रिकेट में बढ़ती खाई का संकेत? अब सबकी नजरें नीलामी पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि मैदान पर प्रतिभा जीतेगी या निवेश का प्रभाव।

Goa International Film Festival Applauds Sanjay Sinha’s Acting Excellence

At the grand Goa International Film Festival, Sanjay Sinha was applauded for his outstanding acting skills. Receiving the Best Actor Award, Sinha continues to...

Chhaya Family Takes a Significant Step Forward with “Chhayar- Porosh” Initiative in Bolpur, W. B.

Bolpur, West Bengal | April 10, 2026 True success finds its most meaningful expression when it is shared with others. Embracing this philosophy, the Chhaya...