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Friday, August 28, 2026
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यूपीएससी सेवा में रहते हुए नहीं दे सकेंगे अब बार-बार परीक्षा, रैंक सुधारने का सिर्फ एक अवसर मिलेगा 

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नई दिल्ली। संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा-2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार कुल 933 पदों के लिए भर्ती की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 24 फरवरी तय की गई है। नोटिफिकेशन के साथ ही आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया और सेवा नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं, जिनका असर लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा।
यूपीएससी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अब फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही सबसे बड़ा बदलाव चयन के बाद दोबारा परीक्षा देने से जुड़े नियमों में किया गया है। अब सेवा में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा देने की सुविधा पहले जैसी नहीं रहेगी। यह नए नियम 2026 से लागू होंगे। 
आयोग के अनुसार, आईएएस और आईएफएस से जुड़े पुराने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अन्य सेवाओं, खासकर ग्रुप-ए और आईपीएस के लिए रैंक सुधारने का मौका सीमित कर दिया गया है। नए प्रावधानों के तहत चयनित अधिकारी को सिर्फ एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का अवसर मिलेगा। 
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी अभ्यर्थी का 2026 में आईपीएस में चयन होता है, तो वह 2027 में रैंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकता है। हालांकि इसके बाद अगर वह फिर से परीक्षा देना चाहता है, तो उसे सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा। यानी सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। 
इसके अलावा, जो उम्मीदवार पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त हैं, वे सीएसई-2026 से दोबारा आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं, प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले यदि किसी अभ्यर्थी का आईएएस या आईएफएस में चयन हो जाता है, तो उसे मेन्स परीक्षा लिखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 
यूपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीएसई-2026 में चयनित उम्मीदवार अगर सीएसई-2027 में रैंक सुधारना चाहते हैं, तो इसके लिए अनुमति लेनी होगी। यह छूट केवल फाउंडेशन कोर्स तक सीमित रहेगी और इसे “वन-टाइम एक्जेम्पशन” माना जाएगा। यदि उम्मीदवार न तो ट्रेनिंग जॉइन करता है और न ही यह छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा स्वतः रद्द हो जाएगी। सीएसई-2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए इस्तीफा देना अनिवार्य होगा। 
गौरतलब है कि हर साल 10 लाख से अधिक अभ्यर्थी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं। 2025 में करीब 10 लाख आवेदन आए थे, जिनमें से 14,161 अभ्यर्थी मेन्स तक पहुंचे और 979 पदों पर अंतिम चयन हुआ। 2024 और 2023 में भी करीब 13 लाख आवेदन आए थे। नए नियमों के बाद सिविल सेवा परीक्षा की रणनीति और करियर प्लानिंग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 

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News Desk

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