17.6 C
London
Monday, June 22, 2026
HomeBollywoodमकबूल से पान सिंह तोमर तक, इन किरदारों के लिए आज भी...

मकबूल से पान सिंह तोमर तक, इन किरदारों के लिए आज भी याद किए जाते हैं इरफान

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

सिनेमा के मंझे हुए कलाकारों में से एक रहे इरफान खान अब इस दुनिया में नहीं हैं। मगर, फैंस की यादों में वे आज भी रचे-बसे हैं। इरफान का जिक्र आते ही उनका बोलती आंखों वाला चेहरा सामने घूमने लगता है। उनकी आखें जुबां का काम करती थीं और उनकी मासूमियत पर हर कोई फिदा हो जाया करता। 7 जनवरी 1967 को जन्मे इरफान खान ने अप्रैल 2020 में दुनिया को अलविदा कह दिया। आज इरफान की बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी चर्चित फिल्मों और किरदार के बारे में…

फिल्म- मकबूल (2003) 
किरदार – मकबूल

फिल्म की कहानी शेक्सपियर के नाटक मैकबेथ का रूपांतरण है, जिसमें मकबूल (इरफान खान) जहाँगीर खान (पंकज कपूर) का दाहिना हाथ है जो एक डॉन है। निम्मी (तब्बू) जहाँगीर खान की रखैल है, लेकिन वह और मकबूल चुपके से प्यार करने लगते हैं। निम्मी मकबूल की महत्वाकांक्षाओं को प्रोत्साहित करती है और उसे डॉन के रूप में जहाँगीर खान को मारने के लिए राजी कर लेती है। इस किरदार के बाद से ही इरफान खान ने अपनी फीस बढ़ाई और वह सिर्फ चुनिंदा निर्देशकों के साथ काम करने लगे।

फिल्म- हासिल  (2003)  
किरदार- रणविजय सिंह

तिगमांशू धूलिया निर्देशित 2003 में आई फिल्म हासिल से इरफान खान को वह सफलता हासिल हुई जो हर एक एक्टर पाना चाहता है। फिल्म की कहानी यूपी के शहर में इलाहबाद यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट पॉलिटिक्स पर बेस्ड थी। फिल्म में इरफान ने रणविजय सिंह का किरदार बेहतरीन तरीके से अदा किया जिसके चलते उन्हें इसके लिए बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला। 

फिल्म- लाइफ इन ए मेट्रो (2007)
किरदार – मोंटी

यह मुंबई में रहने वाले नौ लोगों की कहानी है, और इसमें शादी, प्यार और लिव इन जैसी कहानियों को निर्देशक अनुराग बासु ने बहुत खूबसूरती से पिरोया। इरफान के नाम का जलवा ऐसा रहा कि ये उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही।

साहेब बीवी और गैंगस्टर (2011)
किरदार-सुल्तान इंद्रजीत सिंह

तिग्मांशु की बेहतरीन फिल्मों में से एक इस फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। इरफान ने इस फिल्म में उजड़ी हुई रियासत के लुटे हुए सुल्तान इंद्रजीत सिंह का किरदार निभाया। वह अपनी खोई हुई विरासत को वापस पाने की जद्दोजहद में लगा हुआ है, जिसको आदित्य प्रताप (जिमी शेरगिल) के पुरखों ने बर्बाद कर दिया है। यह फिल्म नफरत, प्यार, धोखा, वासना आदि का भरपूर डोज देती है। 

फिल्म- पान सिंह तोमर (2011)
किरदार –  पान सिंह तोमर 

तिमगांशू धूलिया और इरफान की जोड़ी ने फिर से धमाल मचाया और फिल्म ने एक्टिंग और बेस्ट फीचर फिल्म के नेशनल अवार्ड भी जीते। इसी फिल्म के साथ इरफान को हॉलीवुड और ब्रिटिश सिनेमा ने नोटिस किया और उन्हें हॉलीवुड के बड़े प्रोजेक्ट ऑफर होने लगे।

लाइफ ऑफ पाई (2012)
किरदार: पाई पटेल

इरफान ने जितनी पहचान हिंदी सिनेमा में बनाई है, उससे ज्यादा इज्जत उन्होंने हॉलीवुड में कमाई। ताईवान के निर्देशक आंग ली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में इरफान एक लेखक को अपनी जीवनी सुनाते हुए नजर आते हैं। इरफान अपनी कहानी बचपन से शुरू करते हैं, और किशोरावस्था की उस घटना का विस्तार से वर्णन करते हैं, जिसमें उन्होंने एक नाव पर लंबा समय एक शेर के साथ बिताया। खुद भूखे पेट रहकर एक भूखे शेर के साथ एक नाव पर रहना स्थितिक तौर पर आत्महत्या जैसा आभास कराता है।

किरदार –  साजफिल्म – लंचबॉक्स (2013न फर्नांडिस    

द लंचबॉक्स एक रोमांटिक फिल्म थी जिसे रितेश बत्रा ने निर्देशित किया था। फिल्म की कहानी मुंबई में बेस्ड है और इसमें इरफान के साथ निमरत कौर हैं, जो इला का किरदार अदा कर रही हैं। दरअसल इला अपने पति के लिए खाना बना कर डिब्बा भेजती है और डिब्बेवाले की गलती से वह पहुंच जाता है इरफान के किरदार साजन के पास। एक अनोखी इस प्रेम कहानी ने इरफान को बॉक्स ऑफिस का सुपर स्टार बना दिया। इरफान के करियर की ये उस साल तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म रही।

हैदर (2014)
किरदार- रूहदार

इस फिल्म में इरफान खान ने रूहदार नाम का किरदार अदा किया। हैदर की कहानी एक लड़के की है, जिसे पता चलता है कि उसकी मां का नया पति उसके पिता की मौत की वजह हो सकता है। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी इस फिल्म की रेटिंग आईएमडीबी पर 8 है। 

फिल्म – पीकू (2015)
किरदार – राणा चौधरी  
 

फिल्म की कहानी पीकू बनर्जी (दीपिका) और उनके बूढ़े पिता भास्कर (अमिताभ) की है। भास्कर को कब्ज की बीमारी है और पूरी फिल्म बाप – बेटी के बीच इसी एक बात को लेकर चलती रहने वाली नोंक झोक पर टिकी है। राणा चौधरी (इरफान) एक टैक्सी कंपनी चलाता है और बेमन से भास्कर को कोलकाता पहुंचाने की जिम्मेदारी ले लेता है। बाप-बेटी की कहानी में राणा का किरदार तड़के का काम करता है। शूजीत सरकार की इस फिल्म को दीपिका के करियर का टर्निंग प्वाइंट माना जाता है और उनके किरदार को निखारने में इरफान खान का बड़ा हाथ रहा।

फिल्म- हिंदी मीडियम (2017)
किरदार  –  राज बत्रा  

फिल्म एक ऐसे जोड़े की कहानी बताती है जो अपनी बेटी को बेस्ट एजुकेशन देने की ख्वाहिश रखता है। साल 2015 की मलयालम फिल्म साल्ट मैंगो ट्री की इस रीमेक ने इरफान खान को आम हिंदी सिनेमा दर्शकों में एक बड़े स्टार के रूप में स्थापित किया और इसी फिल्म ने ये भी साबित किया। साकेत चौधरी की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस की कमाई में लंच बॉक्स को पीछे छोड़ा।

चंद्रकांता में डबल रोल

इरफान खान ने छोटे पर्दे पर भी काम किया था। 90  के दशक में उन्होंने लोकप्रिय दूरदर्शन सीरियल ‘चंद्रकांता’ में डबल रोल अदा किया था। वे बद्रीनाथ और उसके जुड़वां भाई सोमनाथ के रोल में दिखे थे।

BHIMSI FOUNDATION LAUNCHES DIGITAL DOOR NUMBER PLATE PROJECT

A Major Step Towards Digital Property Identification and Smart Community Development BHIMSI Foundation has launched its innovative Digital Door Number Plate Project, a transformative initiative...

Subset by Kriya Veda Brings Cellular Health to the Forefront of Wellness

As the wellness industry continues to evolve, cellular health is becoming a central focus for individuals seeking sustainable ways to support long-term vitality. Subset...