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Tuesday, August 11, 2026
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बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर TMC को देंगे सीधी चुनौती, 135 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान

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नई दिल्‍ली । पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद (Murshidabad) में बाबरी मस्जिद (Babri Mosque) की नींव रख चुके विधायक हुमायूं कबीर (MLA Humayun Kabir) अब TMC को सीधी चुनौती देते नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है। वहीं, 135 सीटों पर चुनाव लड़ने के साथ गठबंधन जैसी योजनाएं भी बता दी हैं। 2 दशक से ज्यादा लंबे राजनीतिक करियर वाले कबीर करोड़पति हैं। वह टीएमसी और भारतीय जनता पार्टी समेत कई दलों में रह चुके हैं।

कितनी है हुमायूं कबीर की संपत्ति
ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, कबीर के पास कुल 3 करोड़ 7 लाख 42 हजार 300 रुपये की संपत्ति है। इनमें 96 लाख 75 हजार 930 रुपये की चल संपत्ति है। जबकि, अचल संपत्ति 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार 370 रुपये है। ये आंकड़े पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में दाखिल हलफनामे से लिए गए हैं।

चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उन्होंने एक टाटा स्टॉर्म सफारी कार, 3 लाख 95 हजार रुपये के 80 ग्राम सोने की जानकारी दी थी। इसके अलावा उनके पास कृषि भूमि भी है।

कौन हैं हुमायूं कबीर
कभी कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के करीबी माने जाने वाले हुमायूं कबीर की राजनीतिक पारी की शुरुआत कांग्रेस से ही हुई थी। कांग्रेस में रहने के दौरान उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ा था। लेकिन 20 नवंबर 2012 में उन्होंने अलग होकर टीएमसी के साथ जाने का फैसला किया।

कांग्रेस में रहने के दौरान उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ा। वहीं, 2011 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। कांग्रेस के बाद टीएमसी में आते ही उन्हें मंत्री बना दिया गया था, लेकिन रेजिनानगर विधानसभा उपचुनाव हारने के बाद वह पद पर बने नहीं रह सके।

खास बात है कि साल 2015 में उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर भी सवाल उठा दिए थे। उन्होंने आरोप लगाए थे कि वह अपने भतीजे को ‘राजा’ बनाने की कोशिश कर रहीं हैं। इसके बाद पार्टी ने 6 साल के लिए उन्हें बाहर कर दिया था। इसके बाद वह कुछ समय के लिए समाजवादी पार्टी में रहे और 2016 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। हार के बाद उन्हें कांग्रेस का दाम थामा, लेकिन कुछ समय बाद ही 2018 में भाजपा में शामिल हो गए थे। साल 2020 में उन्होंने दोबारा टीएमसी का रुख किया था।

दलों का मांगा समर्थन
पिछले एक महीने में, उन्होंने एक नए धर्मनिरपेक्ष गठबंधन की बात की थी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) तथा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ ‘सकारात्मक बातचीत’ के संकेत दिए हैं। उन्होंने साथ ही मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया और 24 परगना जिलों में हेलीकॉप्टर दौरे की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने बंगाल की 135 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारने की बात कही है।

मीडिया से बातचीत में कबीर ने कहा था कि वह 22 दिसंबर को अपनी पार्टी बनाएंगे। साथ ही कहा था कि AIMIM के साथ गठबंधन की कोशिश करेंगे। उन्होंने दावा किया है कि राज्य की 135 सीटों पर उम्मीदवारों को उतारने का उनका फैसला गेम चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा था, ‘मैं नई पार्टी बनाऊंगा, जो मुसलमानों के लिए काम करेगी। मैं 135 सीटों पर उम्मदवार उतारूंगा। मैं बंगाल चुनाव में गेम चेंजर बनूंगा। मैं AIMIM के साथ संपर्क में हूं और उनके साथ चुनाव लड़ूंगा। मेरी ओवैसी से बात हुई है।’ हालांकि, अब तक AIMIM ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ममता बनर्जी को सीधी चुनौती
गुरुवार को कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीधी चुनौती दे दी थी। उन्होंने कहा था कि अगले विधानसभा चुनाव में वह सीएम नहीं बन पाएंगी। कबीर ने कहा था, ‘मुख्यमंत्री को पूर्व मुख्यमंत्री बनना है। 2026 में मुख्यमंत्री फिर मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी। वह शपथ नहीं लेंगी और पूर्व मुख्यमंत्री कहलाएंगी।’ उस दौरान ही उन्होंने टीएमसी से इस्तीफा देने की बात कही थी।

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