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Saturday, August 29, 2026
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इतिहास का तो इतिहास ही गवाह है, लेकिन आज इसे बदलने की कोशिश की जा रही है – शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी

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नई दिल्ली । शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi) ने कहा कि इतिहास का तो इतिहास ही गवाह है (History is the witness of History), लेकिन आज इसे बदलने की कोशिश की जा रही है (But today efforts are being made to Change It) । दूसरे दलों के प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों को कम दिखाने और गलत दावे करने का काम हो रहा है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जनता को प्रधानमंत्री से यह उम्मीद है कि वे ईमानदार और जवाबदेह रहें, न कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करें। उन्होंने संसद में महिलाओं के विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा को लेकर आई टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि कल स्पीकर का बयान शर्मनाक था, जिसमें महिलाओं को दोषी ठहराया गया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं के जरिए आरोप लगाए जा रहे हैं। संसद देश की सबसे सुरक्षित जगह है, और यहां पर हर सांसद की सुरक्षा का पूरा इंतजाम होता है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि यह कहना कि महिलाओं के विरोध के कारण प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में है, बिल्कुल गलत है। अगर संसद में 33 प्रतिशत महिलाएं आती हैं, जैसा कि 2029 में वादा किया गया है, और वे विरोध करें, तो क्या प्रधानमंत्री संसद में आएंगे या नहीं? महिलाओं को दोष देने से न केवल वास्तविक मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है, बल्कि लोकतंत्र की भावना को भी कमजोर किया जा रहा है। लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन और आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार हैं। उन्होंने इसे कमतर करने और महिलाओं को दोष देने के प्रयासों की निंदा की। उनका कहना है कि संसद और लोकतांत्रिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता ने पीएम मोदी को तीसरी बार सत्ता में भेजा है और इस तीसरे टर्म में उनसे यह अपेक्षा है कि देश की प्रगति और विकास को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार भाषणों में यह दावा कर रहे हैं कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है, लेकिन अगर हम प्रति व्यक्ति आय देखें तो आम जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी चरम सीमा पर है और किसानों की स्थिति चिंताजनक है। प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि कृषि क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी उत्पादों पर 0 प्रतिशत टैरिफ लागू करने का आदेश आया है, जबकि भारत से अमेरिका जाने वाले उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह के असमान व्यापारिक फैसले किसानों के हित के खिलाफ हैं। इसके साथ ही उन्होंने लगातार पड़ोसी देश बांग्लादेश की ओर भारत की बढ़ती तुलना और कूटनीतिक तनाव का जिक्र किया।

प्रियंका ने मणिपुर की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि वहां सत्ता को लेकर जोड़-तोड़ और राजनीतिक चालबाजी के कारण हालात गंभीर हैं। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद भी सरकार ने जोड़-तोड़ करके सत्ता में बने रहने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के अधिकारों के खिलाफ बताया। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, व्यापारिक असमानताओं और बेरोजगारी की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में विकास के दावे तो बड़े जोर-शोर से किए जा रहे हैं, लेकिन आम जनता तक इसका लाभ नहीं पहुंच रहा। किसानों और मजदूरों की स्थिति गंभीर है और इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के हित और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को हल किए बिना देश का संतुलित विकास संभव नहीं है। सिर्फ भाषणों और आंकड़ों से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जनता को वास्तविक बदलाव चाहिए और उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि सरकार उनके कल्याण के लिए काम कर रही है।

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