22.1 C
London
Friday, September 25, 2026
HomeLatest Newsअटल बिहारी वाजपेयी से JP नड्डा तक…नितिन नबीन पहले ऐसे अध्यक्ष हैं,...

अटल बिहारी वाजपेयी से JP नड्डा तक…नितिन नबीन पहले ऐसे अध्यक्ष हैं, जो इतनी कम उम्र में BJP की कमान संभालेंगे

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली: बीजेपी (BJP) ने अपने नए कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान बिहार के पीडब्ल्यूडी मंत्री नितिन नबीन (PWD Minister Nitin Naveen) को सौंपी है. नितिन नबीन वर्तमान में 45 साल के हैं. वह ऐसे पहले अध्यक्ष हैं, जो इतनी कम उम्र में अध्यक्ष बने हैं. नितिन नबीन (Nitin Naveen) पहले ऐसे राष्ट्रीय अध्यक्ष होने जा रहे हैं, जो बीजेपी के स्थापना दिवस के बाद पैदा हुए थे. इससे पहले तमाम राष्ट्रीय अध्यक्ष बीजेपी की स्थापना के पहले जन्म लेने वाले रहे हैं. बीजेपी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी और नितिन नबीन का जन्म 1 सितंबर 1980 में हुआ था.

बीजेपी की स्थापना के बाद सबसे पहले अध्यक्ष 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी बने थे. उनके बाद 1986 में दूसरे अध्यक्ष एलके आडवाणी बने. तीसरे अध्यक्ष 1991 में मुरली मनोहर जोशी बने. चौथे अध्यक्ष 1993 में एलके आडवाणी बने. पांचवे अध्यक्ष 1998 में कुशाभाऊ ठाकरे बने. छठे अध्यक्ष 2000 में बंगारू लक्ष्मण बने.

बंगारू लक्ष्मण के बाद 2001 में जन कृष्णमूर्ति को जिम्मेदारी मिली. उनके बाद 2002 वेंकैया नायडू अध्यक्ष बने. 2004 में पार्टी की बागडोर एक बार फिर एलके आडवाणी ने संभाली. 2005 में राजनाथ सिंह को अध्यक्ष बनाया गया. 11वें नंबर पर 2009 में नितिन गडकरी अध्यक्ष बने. उनके बाद राजनाथ सिंह को एक बार फिर जिम्मेदारी सौंपी गई. उनके बाद अमित शाह को पार्टी की कमान मिली. 14वें नंबर पर 2020 में जेपी नड्डा का पार्टी अध्यक्ष बनाया. 15वें अध्यक्ष के तौर पर अब जिम्मेदारी नितिन नबीन सिन्हा को सौंपी गई है.

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा के मुख्य कार्यकारी होते हैं. उनका दायित्व पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों की अध्यक्षता करना होता है. वह पार्टी की सहायक संस्थाों जिनमें युवा विंग और किसान विंग की नियुक्ति करने में भूमिका निभाते हैं. अध्यक्ष पद के लिए किसी भी उम्मीदवार को 15 साल पार्टी में जुड़ा रहना जरूरी होता है. अध्यक्ष पद का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय और राज्य परिषदों से गठित निर्वाचक मंडल की तरफ से किया जाता है. कोई भी सदस्य दो बार से अधिक कार्यकाल तक इस पद पर नहीं रह सकता है.

Previous articleलगातार फेल होने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, सूर्यकुमार यादव का बयान चर्चा में
Next articleछात्रों का बड़ा आंदोलन आज, UPPSC परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग तेज
News Desk

Varun Kaushik and the Changing Landscape of Branded Storytelling

Brand communication has increasingly expanded beyond traditional advertising formats, with television commercials, digital films, branded content and photography becoming part of a broader visual...

Apple Service Center in Connaught Place for iPhone, MacBook, iPad and Apple Watch Repairs

New Delhi: Customers in Central Delhi looking for assistance with Apple devices can contact iPro Apple Repair Centre in Connaught Place. The centre provides...