28.8 C
London
Sunday, June 21, 2026
HomeLatest Newsअखिलेश की ‘बाटी-चोखा’ पार्टी या 2027 की बड़ी घेराबंदी? जानें इस भोज...

अखिलेश की ‘बाटी-चोखा’ पार्टी या 2027 की बड़ी घेराबंदी? जानें इस भोज के पीछे का वो सियासी संदेश, जिसने बीजेपी की बढ़ाई टेंशन

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को अब पूरे 2 साल भी नहीं बचे हैं. लेकिन इससे पहले ही यूपी की सियासत ने रफ्तार पकड़ ली है. हाल ही में यूपी के सभी ब्राह्मण विधायक एकजुट हुए तो सियासी पारा हाई हो गया. इसके जवाब में समाजवादी पार्टी ने भी नई चाल चली है. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ब्राह्मण विधायक की बैठक के बाद भाजपा ने एक्शन लेने की बात कही है. सपा का मानना है कि यही सही समय है ब्राह्मणों को मनाने का, इसलिए उसने भी चोखा-बाटी पार्टी रखी और ब्राह्मणों की काफी तारीफ की. हालांकि इस पार्टी में सिर्फ समाजवादी पार्टी के ही नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. फिलहाल, यूपी के सूबे का मुखिया कौन होगा. यह तय करने में अभी बहुत दिन बचे हैं लेकिन लगातार हो रही पार्टियां हलचल जरूर पैदा कर दी हैं.

अखिलेश यादव की चोखा-बाटी पार्टी लखनऊ स्थिति सपा कार्यालय में रखी गई थी. इस दौरान अखिलेश यादव के साथ उनके चाचा शिवपाल यादव भी मौजूद रहे. शिवपाल यादव ने तो साफ कहा कि अगर ब्राह्मण समाज के लोग हमारी पार्टी में आते हैं तो हम उनका सम्मान करेंगे. यानी सपा की चाल यहां साफ नजर आती है कि पार्टी भले चोखा-वाटी की रही हो लेकिन निशाना सिर्फ ब्राह्मण और भाजपा पर ही था. सपा का मानना है कि योगी से ब्राह्मण नेता नाराज हैं, ऐसे में उनका झुकाव सपा की तरफ हो सकता है, इसलिए वे पूरी ताकत के साथ ब्राह्मण वोटरों को साधने में लगे हुए हैं. हालांकि इसका कितना असर पड़ेगा, यह तो चुनाव परिणाम ही तय करेगा.

यूपी में क्या है जाति वर आंकड़ा?
यूपी की राजनीति में हमेशा जाति आधारित वोट निर्णायक भूमिका में रहे हैं. हालांकि जाति वर जनगणना नहीं हुई है लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव के अगर आंकड़ों को देखा जाए तो सवर्ण वोटर यानी कि ब्राह्मण और ठाकुर की सबसे चहेती पार्टी भाजपा रही है. आंकड़ों के अनुसार लगभग 89 प्रतिशत ब्राह्मण वोटर और 87 प्रतिशत ठाकुर वोटर भाजपा के साथ रहे. जबकि सपा के खाते में यादव करीब 83 प्रतिशत और मुस्लिम 79 प्रतिशत वोटिंग किए. भाजपा में सबसे ज्यादा ब्राह्मण नेताओं का प्रतिनिधित्व है.

यूपी भाजपा में कितने ब्राह्मण कर रहे प्रतिनिधित्व?
यूपी में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या लगभग 10 प्रतिशत है लेकिन उनका प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है. सत्ता और संगठन में भाजपा के 46 विधायक, 7 मंत्री, एक डिप्टी सीएम, दो उपाध्यक्ष और 19 जिलाध्यक्ष हैं. जबकि आबादी के हिसाब से देखा जाए तो 40-42 प्रतिशत के करीब ओबीसी वोटर और 20-21 प्रतिशत दलित वोटर हैं. इसके बावजूद भी राजनीति में सबसे ज्यादा भागेदारी ब्राह्मणों की ही है. अब तक यूपी को 6 सीएम मिल चुके हैं.

Subset by Kriya Veda Brings Cellular Health to the Forefront of Wellness

As the wellness industry continues to evolve, cellular health is becoming a central focus for individuals seeking sustainable ways to support long-term vitality. Subset...

Dharmendra Asimi: The Technology Consultant Behind 500+ Client Success Storie

Dharmendra Asimi is a technology consultant, SEO specialist, and WordPress professional who has contributed to the success of more than 500 client projects over...