20.8 C
London
Wednesday, August 26, 2026
HomeLatest Newsहाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले...

हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: असम (Assam) के एक दिन के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज शनिवार को मोरन में इमरजेंसी लैंडिंग फैसेलिटी (ईएलएफ) का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री का चाबुवा हवाई क्षेत्र पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने स्वागत किया. प्रधानमंत्री मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ में Moran Bypass पर बने इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरकर इतिहास रच दिया.

यह पूर्वोत्तर भारत का पहला ऐसा इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप है. करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी भारतीय वायुसेना के लिए विकसित की गई है. नेशनल हाइवे पर अलग अलग राज्यों में 19 और इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप तैयार किए जाने है. जिनमें राजस्थान में 3 , पश्चिम बंगाल में 3 , तमिलनाडु में 1 , आंध्र प्रदेश में 2 , गुजरात में 2 , हरियाणा में 1 , पंजाब में 1 , जम्मू कश्मीर में 1 और असम में 5 इमरजेंसी लैंडिंग शामिल है.

हाईवे पर उतरा प्लेन
पीएम पहले चाबुआ एयरफील्ड पहुंचे, जहां से C-130 में बैठकर मोरन पहुंचे थे. मोरन एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किमी लंबे हिस्से पर ELF बनाई गई है. यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है. इसके शुरू होने से सेना और सिविल विमानों को लैंडिंग में मदद मिलेगी. इसी हाईवे पर आज प्रधानमंत्री मोदी जिस विमान में बैठे थे, उसे भी लैंड कराया गया है.

गुवाहाटी में प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहनी की और साथ ही कांग्रेस पर हमलों की बौछार. प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में राज्य को विकास के लिए तरसाया गया. कांग्रेस ने असम के साथ भेदभाव किया. आज भारत दुश्मनों के घर में घुसकर मारता है. वहीं कांग्रेस आतंकियों को कंधे पर बैठाती है.

प्रधानमंत्री ने पार्टी की उपलब्धियों का पूरा श्रेय जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज जिस ऊंचाई पर है, वह केवल और केवल उन समर्पित कार्यकर्ताओं की वजह से संभव हुआ है. पीएम मोदी ने संगठन की भूमिका पर खास जोर दिया और कहा कि बीजेपी संगठन में पूरा विश्वास करती है. संगठन की शक्ति ही राष्ट्रीय जीवन में बदलाव की सबसे मजबूत आधारशिला है. उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर जुड़े कार्यकर्ताओं से मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है, जो पार्टी की मजबूती का परिचायक है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 सालों में केंद्र सरकार ने असम के विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए 5.5 लाख करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की है. उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जो असम के विकास के लिए धन देने से भी कतराती है, ऐसे में क्या वे असम का विकास कर सकते हैं? इस साल के बजट में खासतौर से पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. कनेक्टिविटी बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. इसलिए असम में सड़कों और हाईवे परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

रणनीतिक दृष्टि से अहम
पूर्वोत्तर क्षेत्र में यह पहली ऐसी सुविधा है.
युद्ध या आपात स्थिति में यह एयर ऑपरेशन के लिए अहम साबित होगी.
नागरिक उड्डयन के लिए भी यह अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प प्रदान करेगी.
इस सुविधा के उद्घाटन के साथ ही पूर्वोत्तर भारत में रणनीतिक बुनियादी ढांचे और हवाई सुरक्षा तैयारियों को बड़ा बल मिला है.
यह कदम क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बॉर्डर पर सुरक्षा को नई मजबूती देगा.

क्षेत्र के लिए बड़ा संदेश
डिब्रूगढ़ में बनी यह इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी न सिर्फ रक्षा तैयारियों को मजबूत करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

ऐसा रहा पूरा कार्यक्रम
इस कार्यक्रम में सबसे पहले एक राफेल और एक सुखोई-30 ने एयर स्ट्रिप पर लैंड किया. इसके बाद वायुसेना के डॉर्नियर विमान ने इसी स्ट्रिप से टेकऑफ किया. बाद में C-130J की लैंडिंग हुई. साथ ही साथ सुखोई और राफेल क्रमवार टेक ऑफ कराया गया. तीन सुखोई लड़ाकू विमान मंच के सामने से फ्लाई-पास्ट करते हुए टच एंड गो ड्रिल किया. इसके बाद तीन राफेल भी इसी तरह की फार्मेशन ड्रिल को अंजाम दिया.

क्या है इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा का महत्व
भविष्य में संभावित टू-फ्रंट वार की चुनौतियों को देखते हुए भारतीय वायुसेना अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है. देश के अलग-अलग हिस्सों में हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी तैयार की जा रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लड़ाकू और ट्रांसपोर्ट विमान वैकल्पिक रनवे का इस्तेमाल कर सकें. यह परियोजना केंद्र सरकार, सड़क परिवहन मंत्रालय और भारतीय वायुसेना के संयुक्त प्रयास से पूरी की गई है. आज आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम न सिर्फ पूर्वोत्तर में रणनीतिक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि भारत की तेज होती सैन्य तैयारियों का भी प्रदर्शन होगा.

Javed Khan on Creating a Scalable Support Infrastructure for International Brokerage Companies

London / Dubai / India — August 2026: International brokerage companies often need to balance business growth with the practical demands of customer service,...

Amresh Majhi’s Journey from Banking Professional to Entrepreneur and Manufacturer

Sundergarh, Odisha: Amresh Majhi has built a diverse professional career that has taken him from banking and financial services to international corporate assignments and...