HomeLatest Newsबिहार हार को लेकर पीके बोले- ईवीएम हेरफेर के प्रमाण नहीं पर...

बिहार हार को लेकर पीके बोले- ईवीएम हेरफेर के प्रमाण नहीं पर कुछ तो गड़बड़ हुआ 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

जंगलराज लौट आएगा फैक्टर भी हार का एक बड़ा कारण 

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज के संस्थापक और चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जनता में जंगल राज की वापसी को लेकर फैली आशंका और कुछ छिपे हुए कारक उनकी पार्टी की हार की बड़ी वजह बने। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि उनके आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं हैं। 
एक इंटरव्यू के दौरान पीके ने कहा, कि चुनाव के अंतिम चरण में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने मान लिया कि जन सुराज जीतने की स्थिति में नहीं है, और उन्हें डर था कि वोट बंटने से लालू यादव के पुराने जंगल राज की वापसी हो सकती है। पीके ने कहा, अगर लोग सोचते हैं कि हमारा वोट किसी तरह आरजेडी की वापसी का मार्ग खोल देगा, तो वे जोखिम नहीं लेना चाहते। यह डर हमारे खिलाफ गया। 

238 सीटों पर उतारे थे प्रत्याशी, जीता एक भी नहीं  
बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 238 पर उम्मीदवार उतारने के बावजूद जन सुराज एक भी सीट नहीं जीत सकी। अनुमानित वोट शेयर 2–3 प्रतिशत के बीच रहा और अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। ऐसे में पीके ने कहा, उनकी 18 महीने लंबी ‘जन सुराज यात्रा’ के दौरान मिला जनमत परिणामों से बिल्कुल मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा, कुछ ऐसा हुआ है जो समझ से परे है। जिन पार्टियों को लोग मुश्किल से जानते थे, उन्हें भी लाखों वोट मिले। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यह संदेह मात्र है, सबूत नहीं। 

कुछ तो गलत हुआ 
प्रशांत किशोर ने कहा, कि कुछ लोग उन्हें ईवीएम में हेरफेर का आरोप लगाने को कह रहे, लेकिन वे ऐसा दावा बिना सबूत के तो नहीं कर सकते हैं। इसके मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन प्रथम दृष्टया कुछ तो गड़बड़ लगता है, पर क्या— यह नहीं पता। 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments