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Tuesday, August 25, 2026
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जयपुर की सड़कों पर गरजे टैंक–मिसाइल, आर्मी डॉग्स बने आकर्षण का केंद्र

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आर्मी डे परेड से पहले महल रोड पर पहली फुल ड्रेस रिहर्सल, सेना की ताकत और तकनीक का भव्य प्रदर्शन

जयपुर। जयपुर में पहली बार आर्मी एरिया से बाहर आयोजित हो रही सेना दिवस परेड से पहले शुक्रवार को महल रोड (जगतपुरा) पर पहली फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। रिहर्सल के दौरान टैंक, मिसाइल, अत्याधुनिक हथियारों, रोबोटिक डॉग्स और ड्रोन की मौजूदगी ने आम लोगों को रोमांचित कर दिया। खास तौर पर चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। फुल ड्रेस रिहर्सल से पहले सेना के बैंड ने देशभक्ति धुनों के साथ परफॉर्मेंस दी। इसके बाद परेड की औपचारिक शुरुआत हुई। सबसे आगे गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित अधिकारियों ने परेड कमांडर को सलामी दी। अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित अधिकारियों ने परेड का नेतृत्व किया। उनके पीछे आर्मी बैंड और घुड़सवार दस्ते ने कदमताल करते हुए परेड को आगे बढ़ाया।

रिहर्सल में सेना की आधुनिक युद्ध क्षमता की झलक दिखाई गई। टैंक, मिसाइल सिस्टम, मशीनगन, बख्तरबंद वाहन और अन्य सैन्य साजो-सामान सड़क पर नजर आए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झांकी में ब्रह्मोस मिसाइल और रोबोटिक डॉग्स का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। तेज सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सेना की रिहर्सल देखने पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर केवल रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को ही प्रवेश दिया गया। सुबह 8:45 बजे तक पहुंचना अनिवार्य रखा गया था। रिहर्सल शुरू होने के बाद किसी को बीच में आने या कार्यक्रम समाप्त होने से पहले स्थान छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई।

इंडियन आर्मी के जांबाज जवानों ने मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब दिखाए। बाइक पर पिरामिड बनाना, एक टायर पर बाइक दौड़ाना और बाइक को बैलेंस कर उस पर खड़े होकर चलना जैसे करतबों पर दर्शकों ने तालियों से जवानों का उत्साह बढ़ाया। जवानों ने मोटरसाइकिल से अशोक स्तंभ और कमल के फूल जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों की आकृतियां भी बनाईं। रिहर्सल के दौरान सेना में शामिल स्वदेशी नस्ल के डॉग्स ने भी परेड की। मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम नस्ल के डॉग्स की चुस्ती, फुर्ती और अनुशासन देखने लायक रहा। खास तौर पर चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स ने सबका ध्यान खींचा। इन डॉग्स को सेना में निगरानी, सुरक्षा और ऑपरेशनल जरूरतों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

मद्रास रेजिमेंट के जवानों ने शानदार फ्लैग मार्च किया। इस टुकड़ी में एक अधिकारी, दो जेसीओ और 144 जवान शामिल थे। वहीं अरुणाचल साउथ के जवानों ने भी फ्लैग मार्च कर अपने जोश और अनुशासन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बर्फीले और पहाड़ी इलाकों में युद्ध लड़ने में माहिर इन जवानों की कदमताल ने सेना की मजबूती का संदेश दिया। परेड रिहर्सल में पहली बार भैरव बटालियन की झलक भी दिखाई दी। जनवरी 2026 में गठित यह नई स्पेशल फोर्स ड्रोन आधारित ऑपरेशंस के लिए तैयार की गई है। इस यूनिट में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित ड्रोन ऑपरेटर शामिल हैं, जो हाइब्रिड और मल्टी-डोमेन चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं। सेना ने अत्याधुनिक ड्रोन भी प्रदर्शित किए, जो 4 हजार मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम हैं। इसके साथ ही मॉड्यूलर ब्रिज की क्षमता भी दिखाई गई, जिससे सेना बेहद कम समय में किसी भी इलाके में रास्ता तैयार कर सकती है।

 रिहर्सल की प्रमुख झलकियां

-टैंक, मिसाइल और आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन
-ब्रह्मोस मिसाइल और रोबोटिक डॉग्स की झांकी
-चश्मा लगाए मुधोल हाउंड डॉग्स बने आकर्षण
-मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब
-मद्रास रेजिमेंट और अरुणाचल साउथ का फ्लैग मार्च
-पहली बार नजर आई भैरव बटालियन
-4 हजार मीटर ऊंचाई तक उड़ने वाले ड्रोन
-मॉड्यूलर ब्रिज की युद्ध और आपदा राहत क्षमता

यह रिहर्सल न सिर्फ सेना की ताकत का प्रदर्शन थी, बल्कि आम लोगों के लिए गर्व और रोमांच का अनुभव भी साबित हुई।

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