24.6 C
London
Saturday, July 4, 2026
HomeLatest NewsOla-Uber-Rapido के थमे पहिए, देशभर में आज हड़ताल, इन 2 मांगों पर...

Ola-Uber-Rapido के थमे पहिए, देशभर में आज हड़ताल, इन 2 मांगों पर अड़े ड्राइवर

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Gig Workers Protest: देशभर में आज, शनिवार को ओला, उबर और रैपिडो चलाने वाले गिग वर्कर्स हड़ताल करने जा रहे हैं. राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों ने 6 घंटे तक ऐप से लॉग-आउट रहने का फैसला किया है. ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो सकती है, जो शहर में कहीं आने-जाने के लिए इन प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल करते हैं. आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि गिग वर्कर्स ने हड़ताल करने का फैसला किया है और उन्होंने क्या मांगे रखी हैं, यहां जानें.

गिग वर्कर्स की हड़ताल से देशभर के कई शहरों में कैब और टैक्सी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. यूनियन का मानना है कि ड्राइवरों की लगातार कमाई घट रही है और आय में स्थिरता बढ़ रही है. जिसका असर आजीविका पर पड़ रहा है. जिसको देखते हुए तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने हड़ताल बुलाई है. यूनियन में कंपनियों के सामने अपनी 2 मांगें रखी हैं.

क्या हैं मांगें?

  • तेलंगाना GIG एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के संस्थापक अध्यक्ष ने बताया कि हमारी केंद्रीय परिवहन विभाग से 2 मांगे हैं. हाल ही में मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 में ऐसा प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार बिना कमर्शियल नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों को भी चलाने की अनुमित दी गई है, जो ड्राइवरों के हितों के खिलाफ है. यूनियन इसका विरोध करता है.
  • अध्यक्ष ने दूसरी मांग को लेकर कहा कि कंपनियां अपने हिसाब से किराया को तय करती है, जिसकी वजह से ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को नुकसान होता है. यूनियन की मांग है कि इसका अधिकार केवल सरकार के पास रहे, ताकि वो ड्राइवर्स और यात्रियों को ध्यान में रखते हुए फैसला लें. अगर सरकार किराया तय करेगी, तो दोनों को फायदा होगा. इन्हीं दो मांगों को लेकर यूनियन ने देशभर में हड़ताल करने का फैसला लिया है.

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी गिग वर्करों की चिंता

बता दें, हाल ही में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट आई है, जिसमें गिग वर्करों को लेकर चिंता जताई गई है. रिपोर्ट में कहा गया कि गिग इकोनॉमी तो बढ़ रही है लेकिन आय की स्थिरता भी बड़ी समस्या बनकर उभरी है. यानी करीब 40 प्रतिशत गिग वर्करों की सैलरी 15 हजार रुपए से कम है. अगर आप भी शहर में कहीं आने-जाने के लिए ओला, उबर और रैपिडो का इस्तेमाल करते हैं, तो शनिवार को यात्रा करने से पहले स्थिति जरूर चेक करें या फिर पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था करें.

Previous articleफैक्ट्रियों में मजदूरों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर CG हाई कोर्ट सख्त, फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की कमी पर जताई गंभीर चिंता
Next articleसुनील शेट्टी ने भारत-पाकिस्तान टी20 मैच को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान, बोले- ‘बहुत राइवलरी है…’
News Desk

Making Quality Education Accessible Through Artificial Intelligence: The S Y G EdTech Story

Education has long been considered one of the strongest drivers of social and economic progress. Yet millions of learners still face barriers related to...

Pune Witnesses a Spectacular Blend of Style and Soul at “Stride for Change – Season 03”

PUNE — The cultural capital of Maharashtra witnessed a dazzling fusion of high fashion and meaningful impact as S & H Glamhouse Productions successfully...