आतंकी गतिविधियों के शक में 21 स्थानों पर तलाशी, ATS की समन्वित कार्रवाई

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मुंबई। महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते ने संदिग्ध आतंकी गतिविधियों की खुफिया जानकारी के मद्देनजर दो जिलों में ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया। एटीएस ने यवतमाल और अहिल्यानगर जिलों के 21 ठिकानों पर छापेमारी करते हुए पूछताछ के लिए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

दरअसल, एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ युवाओं को आतंकी संगठनों से संपर्क करके सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि एटीएस ने आधी रात के आसपास शुरू किए गए छापों में दोनों जिलों में 20 से अधिक स्थानों की तलाशी ली और एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

एटीएस ने यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड़ में 14 जगह और अहिल्यानगर (अहमदनगर) में सात जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य में युवाओं के कट्टरपंथीकरण के बारे में मिली विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर एटीएस ने जिला पुलिस टीम के साथ मिलकर यवतमाल के पुसाद और उमरखेड़ शहरों में अभियान चलाया।

अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों से जुड़े घरों, कार्यालयों और अन्य स्थानों सहित 14 जगहों पर तलाशी जारी है और टीमों ने आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की है।

उन्होंने बताया कि एटीएस ने तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। अधिकारी ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। अधिकारी ने आगे बताया कि मध्य महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में सात स्थानों पर इसी तरह की छापेमारी की गई और पुलिस ने संदिग्धों से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

केरल सरकार 6 लाख पेरेंट्स को सिखाएगी AI

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तिरुवनंतपुरम। केरल के शिक्षा विभाग की तकनीकी शाखा केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (केआईटीई) ने वयस्क आबादी के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस पहल का नाम ‘सर्वम एआई मयम’ (एआई सर्वत्र है) रखा गया है। इसे देश का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता कार्यक्रम माना जा रहा है।

इस योजना के तहत ‘लिटिल काइट्स’ आईटी क्लब के छात्र सरकारी स्कूलों के जरिए छह लाख अभिभावक को प्रशिक्षण देंगे। यह प्रोग्राम 30 जून 2026 तक चलेगा। राज्य की 2,200 ‘लिटिल काइट्स’ यूनिट्स इस काम में जुटी हैं। हर यूनिट औसतन 300 अभिभावकों को प्रशिक्षित करेगी।

प्रशिक्षण का मॉड्यूल दो घंटे का है। इसमें एआई के फायदों और खतरों, दोनों की जानकारी दी जाएगी। काइट के सीईओ अनवर सदाथ ने बताया कि प्रशिक्षण की शुरुआत मशीन लर्निंग के आसान परिचय से होती है। प्रशिक्षण में राजा रवि वर्मा की मशहूर पेंटिंग्स को एनिमेशन के जरिए जीवंत करके दिखाया जाता है।

प्रशिक्षण में अभिभावकों को स्मार्टफोन के जरिए रोजमर्रा के कामों में एआई का इस्तेमाल सिखाया जाएगा। वे एआई टूल्स की मदद से घर में मौजूद चीजों से रेसिपी बनाना, पक्षियों और पौधों की पहचान करना सीखेंगे। इसके अलावा, वे दूसरी भाषाओं को अपनी भाषा में अनुवाद करना भी सीखेंगे। प्रशिक्षण में एआई के जरिए कविता लिखना, यात्रा की योजना बनाना और पुरानी तस्वीरों को बेहतर बनाने जैसी की चीजों को सिखाया जाएगा।

अधिकारी ने आगे कहा कि इन फायदों के साथ-साथ यह प्रोजेक्ट डिजिटल दुनिया के खतरों से भी आगाह करता है। इसमें डीपफेक वीडियो, नकली फोटो और क्लोन की गई आवाजों को पहचानने के तरीके बताए जाएंगे। इससे लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी और फेक न्यूज से बच सकेंगे। इसके साथ ही अभिभावकों को समग्र प्लस लर्निंग रूम नाम के एजुकेशनल प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी जाएगी। जो केआईटीई द्वारा बनाया गया एक एआई-बेस्ड एजुकेशनल प्लेटफॉर्म है ताकि वे अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकें।

बयान के मुताबिक, यह पहल 2023-24 में 400,000 अभिभावक को दी गई सफल साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण का अगला हिस्सा है। सदाथ ने बताया कि प्रशिक्षण में सबसे नए सुरक्षा मानक शामिल होंगे, जिसमें आईटी इंटरमीडियरी अमेंडमेंट रूल्स 2026 भी शामिल हैं, जो 20 फरवरी, 2026 से लागू होंगे। अधिकारी ने आगे कहा कि ‘सर्वम एआई मयम’ का मकसद नागरिकों को डिजिटल दौर में जागरूक बनाना है।

मेरठ में तैयार होगा देश का पहला ड्रोन रनवे

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मेरठ: ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार मेरठ को देश की रक्षा तकनीक का हब बनाने की तैयारी में है. सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मेरठ में देश के पहले समर्पित मानव रहित विमान (UAV) और ड्रोन रनवे के निर्माण के लिए औपचारिक टेंडर जारी कर दिया है. यह रनवे भारत की सामरिक और रणनीतिक शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.

अभी तक भारत में ड्रोन संचालन के लिए सामान्य हवाई पट्टियों का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन यह पहला मौका होगा जब केवल ड्रोन और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) के लिए एक विशेष अत्याधुनिक रनवे डिजाइन किया गया है.

बताया जा रहा है कि इसकी कुल लागत 406 करोड़ (अनुमानित) है.परियोजना के लिए लगभग 900 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है और इसे पूरा करने में करीब 85 महीने यानी लगभग सात वर्ष का समय लग सकता है. यहां से न केवल सीमाओं की निगरानी होगी, बल्कि यह ड्रोन पायलटों के लिए देश का प्रमुख ट्रेनिंग सेंटर भी बनेगा.

बीआरओ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस रनवे (14/32) का डिजाइन बेहद उन्नत है. 2110 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे होगा. इसे इस तरह बनाया जा रहा है कि ड्रोन के साथ-साथ C-295 और C-130 जैसे विशाल मालवाहक विमान भी यहां सुरक्षित लैंडिंग और संचालन कर सकें.

 

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हर खेत को मिलेगा अपना ‘आधार’, रिकॉर्ड होगा पूरी तरह डिजिटल

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नई दिल्ली: अक्सर देखा जाता है कि एक इंच जमीन के लिए भी सालों-साल कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं. कभी नक्शे में गड़बड़ी तो कभी असली मालिक की पहचान का संकट, जमीन से जुड़े विवाद आम आदमी की जमा-पूंजी और सुकून दोनों छीन लेते हैं. लेकिन अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा रहा है. दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके तहत अब इंसानों की तरह ही हर जमीन का अपना एक आधार कार्ड होगा. इसे तकनीकी भाषा में ULPIN यानी ‘विशिष्ट भूखंड पहचान संख्या’ नाम दिया गया है. हाल ही में महाराष्ट्र में ये ‘भू-आधार’ को लाया गया है.

इस नई व्यवस्था में हर एक प्लॉट या खेत को 14 अंकों का एक यूनिक नंबर दिया जाएगा. इसे ही ‘भू-आधार’ कहा जा रहा है. जैसे आपका आधार नंबर डालते ही आपकी पहचान सामने आ जाती है, ठीक वैसे ही इस 14 अंकों के नंबर को सिस्टम में डालते ही जमीन का पूरा इतिहास खुल जाएगा. उस जमीन का क्षेत्रफल कितना है, उसकी सीमाएं कहां तक हैं, उसका असली मालिक कौन है और उस पर अब तक कौन-कौन सी फसलें उगाई गई हैं, यह सारी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी.

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सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन, वांछित आतंकियों के पोस्टर जारी

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) ने आतंकवाद रोधी अभियान (Anti-Terrorism Operations) तेज करते हुए डोडा जिले (Doda district) में सक्रिय आतंकवादियों के बारे में सूचना देने के संबंध में कई अहम स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इनमें प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी कमांडर सैफुल्लाह का नाम भी शामिल है।

हालिया मुठभेड़ और क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी से जुड़ी खुफिया जानकारी मिलने के बाद जम्मू संभाग के ऊंचाई वाले इलाकों में सुरक्षा अभियान तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में यह कदम उठाया गया है।पोस्टर डोडा के प्रवेश बिंदु पर गणपत पुल, नागरी, डेसा और ठाठरी समेत प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जनसहभागिता बढ़ाने के लिए संवेदनशील इलाकों में और भी नोटिस लगाए जा रहे हैं। इस बीच, शनिवार सुबह सुरक्षा बलों ने डोडा के गांदो क्षेत्र के चिल्ली जंगल में आंतकवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ किया। वहां से खाने-पीने का सामान और कंबल बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि संदिग्धों की तस्वीरों और संक्षिप्त विवरण वाले पोस्टरों के जरिये आम लोगों से कोई भी विश्वसनीय सूचना को पुलिस के साथ साझा करने की अपील की गई है। साथ ही सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि यह पोस्टर अभियान चेनाब घाटी क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। डोडा और पड़ोसी किश्तवाड़ जिलों में हाल के वर्षों में कई मुठभेड़ हुई हैं, क्योंकि आतंकियों ने जम्मू क्षेत्र के उन हिस्सों में फिर से गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश की है, जहां पहले आतंकवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था।

पिछले एक महीने से डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, उधमपुर, राजौरी और पुंछ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है। इस दौरान 10 से अधिक मुठभेड़ हुई हैं। इनमें से ज्यादातर किश्तवाड़, उधमपुर और कठुआ में हुई हैं, जिनमें जेईएम के चार पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर हो गए और सेना का एक जवान शहीद हो गया। चार फरवरी को उधमपुर के रामनगर वन क्षेत्र और किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर हो गए, जबकि 23 जनवरी को कठुआ के परेहतर इलाके में एक अन्य आतंकी मारा गया। वहीं, 18 जनवरी को छत्रू में हुई मुठभेड़ में सेना का एक ‘पैरा ट्रूपर’ शहीद हो गया।

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने शिवाजी महाराज से की टीपू सुल्तान की तुलना, भाजपा और हिंदूवादी संगठन भड़क उठे

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मुंबई। महाराष्ट्र में कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (Harshvardhan Sapkal) द्वारा मैसूर के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को छत्रपति शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) के “समकक्ष” बताने पर राजनीतिक तूफ़ान मच गया है। इस बयान के बाद पुणे में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी इस टिप्पणी को निंदनीय करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को अपने इस बयान पर शर्म आनी चाहिए।

विवाद की शुरुआत
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान का नाम तब चर्चा में आया था जब मालेगांव के डिप्टी मेयर निहाल अहमद ने अपने कार्यालय में उनकी तस्वीर लगाई थी। इस तस्वीर पर स्थानीय हिंदूवादी संगठनों और शिवसेना पार्षदों ने विरोध जताया। मीडिया द्वारा प्रतिक्रिया मांगने पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़कर छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों की तर्ज पर स्वराज और वीरता की मिसाल पेश की।

सपकाल ने अपने बयान में कहा, “टीपू सुल्तान एक योद्धा और भारत के भूमि पुत्र के रूप में उभरे। उन्होंने कभी भी जहरीली विचारधाराओं को अपनाया नहीं। हमें टीपू सुल्तान को वीरता के प्रतीक के रूप में शिवाजी महाराज के समकक्ष मानना चाहिए।”

भाजपा की प्रतिक्रिया
सपकाल के इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद भड़क उठा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। सपकाल को छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को मामले का संज्ञान लेना चाहिए और सहयोगी दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।”

सपकाल की सफाई
विवाद बढ़ने पर हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सफाई दी। उन्होंने लिखा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता अतुलनीय है, वहीं टीपू सुल्तान भी वीर और स्वराज प्रेमी थे। उन्होंने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज को आदर्श मानकर ही टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।”

सपकाल ने भाजपा और अन्य हिंदूवादी संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब टीपू सुल्तान विदेशी शासकों से लड़ रहे थे, तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की विचारधारा अपनाने वाले लोग अंग्रेजों के पक्ष में काम कर रहे थे।

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए देवेंद्र फडणवीस को इतिहास पढ़ाने का दिखावा नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र के लोग नहीं भूले हैं कि भाजपा-आरएसएस और अन्य नेताओं ने छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ क्या बोला और कैसे उनका अपमान किया।” सपकाल ने कहा कि संविधान की मूल प्रति पर शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान दोनों की तस्वीरें मौजूद हैं।

इतिहास की वास्तविकता
टीपू सुल्तान इतिहास में विवादास्पद हस्ती माने जाते हैं। एक वर्ग उनकी अंग्रेजों के खिलाफ वीरता की सराहना करता है, वहीं दूसरा वर्ग दक्षिण भारत में उनके द्वारा हिंदुओं के साथ किए गए कथित दुराचार के लिए आलोचना करता है। इसके विपरीत, छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी सैन्य क्षमता, परोपकार और प्रशासनिक कौशल के लिए व्यापक रूप से सराहा जाता है।

ISRO का निसार उपग्रह करेगा किसानों की बड़ी मदद… मिलेगी मिट्टी की नमी की सटीक जानकारी

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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organization- ISRO) ने निसार (NISAR) उपग्रह के बारे में अहम जानकारी साझा की है। यह उपग्रह भारत (India) और अमेरिका (NASA) का संयुक्त प्रोजेक्ट है, जो एस-बैंड और एल-बैंड रडार की मदद से पृथ्वी की सतह की निगरानी करता है। निसार का मुख्य उद्देश्य मिट्टी में नमी का सटीक और नियमित आकलन करना है। इसरो के अनुसार, यह उपग्रह हर 12 दिनों में भारत के पूरे भू-भाग का उच्च रिजॉल्यूशन (100 मीटर) डेटा प्रदान करेगा। इससे किसानों, वैज्ञानिकों और सरकार को मिट्टी की नमी की लगभग वास्तविक समय की जानकारी मिल सकेगी।

मिट्टी में नमी की जानकारी कृषि के लिए बहुत उपयोगी है। यह फसलों की सेहत, सिंचाई की कितनी जरूरत है, सूखे का खतरा कितना है और जल प्रबंधन जैसे मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में अलग-अलग इलाकों जैसे सिंचित मैदान, वर्षा पर निर्भर खेत, अर्ध-शुष्क क्षेत्र और ज्यादा बारिश वाले इलाकों में मिट्टी की नमी अलग-अलग होती है। निसार का डेटा इन सभी क्षेत्रों में एकसमान और भरोसेमंद अनुमान देगा। इसरो ने एक भौतिकी-आधारित एल्गोरिदम विकसित किया है, जो इस डेटा को और अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाता है।

NISAR के पास क्या है टारगेट
निसार हर 12 दिनों में दो बार (दो अलग-अलग दिशाओं से) अवलोकन करेगा, जिससे मिट्टी की नमी में होने वाले बदलावों की निगरानी आसान हो जाएगी। इससे किसान सिंचाई की बेहतर योजना बना सकेंगे, सूखे से पहले तैयारी कर सकेंगे, मौसम आधारित कृषि सलाह ले सकेंगे और पानी के संसाधनों का सही प्रबंधन कर सकेंगे। यह डेटा जिलों, कृषि समुदायों और योजनाकारों के लिए बहुत मददगार साबित होगा।

किस तरह की मिलेगी मदद
इसरो ने बताया कि 100 मीटर रिजॉल्यूशन वाला यह लेवल-4 मिट्टी नमी डेटा राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र में तैयार किया जाएगा। फिर इसे भूनिधि पोर्टल के जरिए पूरे देश के किसानों, शोधकर्ताओं, सरकारी विभागों और गैर-सरकारी संगठनों को आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह निसार उपग्रह भारत की कृषि और जल संसाधन प्रबंधन को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान देगा। इस तरह इसरो लगातार बड़े-बड़े कारनामे कर रहा है।

 

भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में 5 साधुओं को जमकर पीटा, पुलिस ने बचाई जान

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नई दिल्ली। झारखंड (Jharkhand) के बोकारो (Bokaro) के चास के बंशीडीह में शुक्रवार को बच्चा चोर की अफवाह से अचानक माहौल गर्म हो गया। संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों ने पांच साधुओं को घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। गुस्साई भीड़ ने साधुओं की बोलेरो गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, साधु वाहन से उतरकर बच्चों से बात कर रहे थे। नंबर प्लेट के नीचे दूसरी प्लेट दिखने पर शक हुआ और भीड़ भड़क गई। सूचना पर चास थाना प्रभारी पुलिस बल लेकर पहुंचीं, स्थिति संभाली और साधुओं को थाने ले गईं।

 

यूपी के संभल के रहने वाले हैं आरोपी
साधुओं ने पुलिस को बताया कि वे उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले हैं और रोजी-रोटी के लिए घूमते हैं। वे बच्चा चोर नहीं हैं। उन्होंने अपना आधार कार्ड भी सत्यापन के लिए दिया। एसडीपीओ चास और पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने लोगों को अफवाहों से बचने और कानून हाथ में न लेने की अपील की।

 

घूम रहे साधुओं को भीड़ ने घेरा
दरअसल, आस-पास के लोगों ने घूम रहे पांच साधुओं को घेर लिया। इस बीच, कई लोगों ने उन पर हमला करना शुरू कर दिया। फिर भीड़ ने उनकी बोलेरो गाड़ी पर हमला कर दिया। इसके अलावा, भीड़ ने कई खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। चास पुलिस स्टेशन से पुलिस तुरंत पहुंची। पुलिस साधुओं को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। चश्मदीदों ने बताया कि वे लोग अपनी गाड़ी से बाहर निकले। हालांकि, जब साधुओं ने बच्चों से बात की तो उन्हें शक हुआ। कुछ आस-पास के लोगों ने नंबर प्लेट के नीचे एक और प्लेट देखी। इससे लोगों का शक और बढ़ गया।

 

बोकारो में बच्चा चोरी की अफवाह
बता दें कि बोकारो में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते पिछले दो दिनों में भीड़ ने कई लोगों की पिटाई कर दी। एक युवक को चास थाना क्षेत्र के नीलम नरसिंह होम के पास रात को पिटाई कर दिया। यूपी से आए साधुओं की लोगो ने चास थाना क्षेत्र के वंशीडीह के पास पिटाई कर दी। तीसरी घटना तक सामने आई जब बच्चा चोरी की अफवाह के चलते एक महिला को ग्रामीणों ने रोका फिर उसकी भी पिटाई कर दी और जमकर हंगामा हुआ। तीनों ही मामले में पुलिस ने सभी को बचाया और लोगों को चुंगल से मुक्त कराया।

 

 

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तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल नहीं होंगे PM मोदी? 17 फरवरी को मुंबई में इमैनुएल मैक्रों के साथ मीटिंग फिक्स

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Tarique Rahman Oath: बांग्लादेश में तारिक रहमान की पार्टी BNP ने एकतरफा जीत दर्ज की है. BNP की जीत के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनेंगे. तारिक रहमान के शपथ समारोह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 13 देशों को न्यौता दिया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी तारिक रहमान के शपथ समारोह में खुद नहीं शामिल होंगे, क्योंकि उसी दिन मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक पहले से तय है. ऐसे में कोई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी प्रतिनिधि समारोह में शामिल हो सकता है.

बता दें, बीएनपी ने इस चुनाव में दो तिहाई से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है. BNP ने 297 में से 209 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है. जबकि बांग्लादेश में सरकार बनाने का दावा करने वाली पार्टी को सिर्फ 68 सीटें ही मिली हैं. BNP के मुखिया ने करीब 17 सालों बाद लंदन से बांग्लादेश में वापसी की है. उनकी वापसी के बाद यह पहला चुनाव है, जिसमें एकतरफा जीत दर्ज की है. तारिक रहमान की जीत पर पीएम मोदी ने भी बधाई दी है.

पीएम मोदी ने फोन पर दी बधाई

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तारिक रहमान से बात करके मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई. मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी शानदार जीत पर बधाई दी. मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया. गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों वाले दो निकट पड़ोसी देशों के रूप में, मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया.”

इन मुद्दों पर बातचीत की संभावना?

मुंबई में 17 फरवरी को पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों के साथ मीटिंग पहले से ही तय थी. इस मीटिंग में भारत की यूरोप नीति और फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत होने की संभावना है. बैठक में रक्षा, इंडो-पैसिफिक और टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस रखे जाने की संभावना है.

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गैंगस्टर का VIP दर्शन, नियम सिर्फ जनता के लिए?

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इंदौर। इंदौर (Indore) में आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Ganesh Temple) एक बार फिर विवादों में है। जहां आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश (sanctum sanctorum) की सख्त मनाही है, वहीं कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ गर्भगृह के भीतर पहुंचकर आराम से दर्शन करता नजर आया। इतना ही नहीं, दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड भी कर दिया गया।

 

वायरल वीडियो ने दावों की पोल खोल दी
मंदिर प्रशासन यह दलील देता रहा है कि सुरक्षा और परंपरा के कारण गर्भगृह में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता। आम भक्तों को बैरिकेड्स के बाहर से ही दर्शन करना पड़ता है। त्योहारों और भीड़ के समय तो श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। लेकिन वायरल वीडियो ने इन दावों की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि गैंगस्टर गर्भगृह के भीतर मौजूद है और विधिवत पूजा-अर्चना कर रहा है।

 

आस्था के केंद्र पर श्रद्धालुओं से भेदभाव
सवाल यह है कि जब आम नागरिकों को अनुमति नहीं, तो फिर यह विशेष सुविधा किसके आदेश पर दी गई? क्या मंदिर के नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? क्या रसूख और दबदबे के आगे प्रशासन बेबस है? इस पूरे मामले ने मंदिर प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर में चर्चा तेज है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? किसने अनुमति दी? और क्या इस पर कोई कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? आस्था के केंद्र पर इस तरह का भेदभाव श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है।

 

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