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नई दिल्ली: भारत के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बड़े इस्तेमाल की संभावना के बीच, केंद्र राज्यों, रेगुलेटर्स और पब्लिक और प्राइवेट प्रोग्राम में जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने में मदद के लिए एक नेशनल गाइडेंस फ्रेमवर्क (राष्ट्रीय मार्गदर्शन ढांचा) लाएगा.
मंगलवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘इनोवेशन टू इम्पैक्ट – AI एज ए पब्लिक हेल्थ गेमचेंजर’ पर राउंडटेबल के दौरान यह बताते हुए, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि नेशनल गाइडेंस फ्रेमवर्क गुरुवार को भारत मंडपम में लॉन्च किया जाएगा.
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, AI को डॉक्टरों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बढ़ाने और सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. हेल्थकेयर में जिम्मेदार और सबको साथ लेकर चलने वाले AI को अपनाने के भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पटेल ने आगे कहा कि, भारत के लिए हेल्थकेयर में AI के लिए रणनीति (SAHI) एक तय केंद्रीकृत अधिदेश के बजाय जिम्मेदार AI को अपनाने में मदद करेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर जोर देते हुए, पटेल ने जोर दिया कि भारत के लिए, AI सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं है, यह सबको साथ लेकर चलने वाला है, जो एक विकसित भारत के लिए बराबर और भरोसेमंद हेल्थकेयर को आगे बढ़ा रहा है.
पटेल ने AI को एक पब्लिक हेल्थ गेमचेंजर बताया और इस बात पर जोर दिया कि AI को डॉक्टरों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बढ़ाने और सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है.
उन्होंने कहा कि, सबसे अच्छी बात यह है कि AI डॉक्टरों का काम का बोझ कम कर सकता है, नियमित प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है, और उन्हें मुश्किल और जरूरी मामलों पर ज्यादा ध्यान देने में मदद कर सकता है, जिससे पूरे सिस्टम में हेल्थकेयर डिलीवरी मजबूत हो सके.
पटेल ने आगे कहा कि AI सबको साथ लेकर चलने और बराबरी के लक्ष्यों को पाने में एक फोर्स मल्टीप्लायर है. उन्होंने कहा, “AI डॉक्टरों की जगह ले सकता है, न कि डॉक्टरों को बढ़ा सकता है. इसलिए, हमें AI से जुड़े भविष्य के लिए तैयार डॉक्टरों की जरूरत है और मेडिकल बिरादरी के सभी सदस्यों से यह मैसेज फैलाने की अपील की कि AI डॉक्टरों से मुकाबला नहीं कर सकता, यह सिर्फ उनकी कमी पूरी कर सकता है. पटेल ने दोहराया कि, डॉक्टरों को AI से जुड़ा होना चाहिए.
पटेल ने कहा कि, भारत में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस ने हाल ही में पूरे देश के डॉक्टरों के लिए हेल्थ केयर में AI पर एक ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है. यह 20 घंटे का स्पेशल कोर्स है जिसके जरिए उन्हें AI की बेसिक बातें और फायदों से अवगत कराया जाएगा.
यह कहते हुए कि हेल्थ केयर सिस्टम में AI का इस्तेमाल नैतिक और जिम्मेदारी से होना चाहिए, पटेल ने कहा कि, इसके लिए हमें एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जरूरत है. उन्होंने कहा कि, भारत में हमने एक मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाया है, ताकि AI का इस्तेमाल नैतिक और जिम्मेदारी से किया जा सके.
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि, ICMR ने AI के एथिकल इस्तेमाल पर गाइडलाइंस बनाई हैं और साथ ही, क्योंकि AI को कभी भी अपने फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन इंसानों को ठहराया जाना चाहिए. इसलिए CDSCO AI और मेडिकल डिवाइस के तौर पर सॉफ़्टवेयर और मेडिकल डिवाइस में सॉफ़्टवेयर के इस्तेमाल के लिए गाइडलाइंस डेवलप कर रहा है. पटेल ने कहा कि भारत, आज, 2047 तक एक विकसित भारत के बड़े विजन के साथ आगे बढ़ रहा है.
पटेल ने आगे यह भी कहा कि, भारत के सामने बड़ी और अलग-अलग तरह की आबादी, गांव और शहर का बंटवारा, और गैर-संक्रामक बीमारी (NCDs) और संक्रामक बीमारी का दोहरा बोझ जैसी बराबर चुनौतियां हैं. जब हम खास चुनौतियों को देखते हैं तो यह बहुत जरूरी हो जाता है कि हम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि, हमारे पास नेशनल हेल्थ केयर फ्रेमवर्क में एक बड़ा तकनीकी एकीकरण है, जिसे हम सिर्फ टेक्नोलॉजी को अपनाने के तौर पर नहीं देखते, बल्कि हमारे सामने मौजूद खास चुनौतियों के लिए एक रणनीतिक जवाब के तौर पर देखते हैं.
यह कहते हुए कि भारत ने AI को हेल्थ इकोसिस्टम के साथ एकीकृत किया है, पटेल ने कहा कि, बीमारी की निगरानी से लेकर रोकथाम, डायग्नोसिस और इलाज तक, यह हर जगह है और यह बदलाव लाने में AI की ताकत दिखाता है.
मापनीयता और सामर्थ्य पर जोर देते हुए, पटेल ने कहा कि भारत जैसी बड़ी आबादी और कम रिसोर्स वाली जगह पर, सॉल्यूशन स्केलेबल, किफायती और सिस्टम की कमियों को दूर करने में सक्षम होने चाहिए.
उन्होंने कहा कि, सरकार ने हेल्थकेयर में एक मजबूत AI इकोसिस्टम बनाने के लिए सक्रिय होकर काम किया है, जिसमें AIIMS दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़ और AIIMS ऋषिकेश में AI के लिए तीन सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस बनाना शामिल है, ताकि पब्लिक हेल्थकेयर डिलीवरी में वर्ल्ड-क्लास एआई विशेषज्ञता को एकीकृत किया जा सके.
समिट को संबोधित करते हुए, NITI आयोग के सदस्य (हेल्थ) प्रोफेसर वीके पॉल ने जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के हेल्थकेयर लैंडस्केप को बदलने और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में प्रोग्रेस को तेज़ करने का एक रणनीतिक मौका देता है.
पॉल ने कहा कि, भारत के स्केल, डायवर्सिटी और संक्रामक और और नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों के दोहरे बोझ को देखते हुए, सर्विस डिलीवरी को मज़बूत करने और हेल्थ आउटकम को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, एविडेंस-बेस्ड इंटरवेंशन जरूरी हैं.
उन्होंने कहा कि AI प्राइमरी हेल्थकेयर को काफी बेहतर बना सकता है, जल्दी निदा को सक्षम बना सकता है. रोग निगरानी को मजबूत कर सकता है और डेटा-संचालित नीति निर्माण में सपोर्ट कर सकता है. उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते डिजिटल पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ AI को एकीकृत करने से, स्वास्थ्य प्रणाली में सुचारू डेटा आदान-प्रदान, वास्तविक समय सत्यापन और ज्यादा कुशल संसाधन आवंटन पक्का होगा.
पॉल ने सुरक्षा और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत नियामक ढांचा, नैतिक सुरक्षा उपायों और लगातार मान्यकरण के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने सरकार, अकादमी और उद्योग के बीच लगातार सहयोग की अपील की ताकि ऐसे स्केलेबल, सस्ते और स्वदेशी AI सॉल्यूशन डेवलप किए जा सकें जो आबादी के बड़े पैमाने पर मापने लायक असर डाल सकें.
प्रोग्राम के दौरान बोलते हुए, रॉयल फिलिप्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रॉय जैकब्स ने कहा कि AI का सबसे बड़ा असर हेल्थकेयर के क्षेत्र में होगा. उन्होंने कहा कि, बढ़ती डिमांड, वर्कफोर्स की कमी और केयर की बढ़ती कॉम्प्लेक्सिटी की वजह से दुनिया भर में हेल्थ सिस्टम बहुत ज़्यादा दबाव में हैं, जिससे AI का इंटीग्रेशन न सिर्फ एक मौका बल्कि एक जरूरत बन गया है.
भारत की डिजिटल हेल्थ पहल की तारीफ करते हुए, रॉय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना जैसे प्रोग्राम इंटरऑपरेबल डेटा सिस्टम और आबादी के बड़े पैमाने पर केयर की निरंतरता के लिए नींव रख रहे हैं. ठीक वैसी ही नींव जिसकी AI को मतलब वाला और टिकाऊ असर डालने के लिए जरूरत है.
उन्होंने कहा कि, भारत में बने सॉल्यूशन तेजी से दुनिया भर में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो दिखाता है कि स्केल, डायवर्सिटी और कॉम्प्लेक्सिटी के लिए डिज़ाइन की गई टेक्नोलॉजी दुनिया भर में लचीली और अनुकूलनीय होती हैं.
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अभिनेता राजपाल यादव आज तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अभिनेता के वकील ने बताया कि कड़कड़डूमा कोर्ट ने तिहाड़ जेल से उनके लिए रिलीज वारंट जारी किया है। वकील ने बताया कि राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। अभिनेता आज मंगलवार को रिहा हो सकते हैं।
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नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के लिए सोमवार का दिन उलझनों भरा रहा। मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar.) जैसे नेता ने पार्टी हाई कमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, तो वहीं असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा (Bhupen Bora) ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने पार्टी हाई कमान पर उन्हें नजर अंदाज करने का आरोप लगाया था। इस उठा पटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व के ऊपर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। भाजपा की तरफ से राहुल गांधी को एक ‘असफल वंशज’ करार देते हुए कहा गया कि उन पर न तो उनकी पार्टी के नेताओं को भरोसा है और न ही उनके सहयोगियों को भरोसा है।
दिन भर से कांग्रेस पार्टी के अंदर जारी घमासान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस कहती है राहुल को हटाओ, ममता को लाओ, ‘इंडी-गठबंधन’ को बचाओ। असम के कांग्रेस नेता भूपेन बोरा ने इस्तीफा दिया। मणिशंकर अय्यर कहते हैं कि कांग्रेस केरल हारेगी और विजयन जीतेंगे।” भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या यह समझने के लिए और सबूतों की जरूरत है कि न तो गांधी की अपनी पार्टी के नेता और न ही उनके सहयोगी उन्हें गंभीरता से लेते हैं। भाजपा नेता ने अपने हमले को और भी तीखा करते हुए कहा, “राहुल गांधी के पास न तो जनमत है और न ही संगत… वह बस एक असफल विशेषाधिकार प्राप्त वंशवादी हैं।”
आपको बता दें, खबर लिखे जाने तक असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया था। इसके अलावा मणिशंकर अय्यर को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से कहा गया कि वह अब पार्टी में नहीं है, ऐसे में उनके बयान को पार्टी से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने पद पर बने रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रवक्ता पवन खेड़ा और शशि थरूर पर भी निशाना साधा था। उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से जबरदस्त विरोध देखने को मिला था। पार्टी की तरफ से कांग्रेस से संबंध न होने की बात पर पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें केवल अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही पार्टी से निकाल सकते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने भले ही खुद को इस बयान से दूर कर लिया हो लेकिन भाजपा ने हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ा। प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। राहुल गांधी को कांग्रेस के कट्टर वफादार मणिशंकर अय्यर ने खुलेआम नकार दिया।”
भंडारी ने कहा, ”अय्यर हों या तृणमूल कांग्रेस या भूपेन बोरा सब जानते हैं। राहुल गांधी राजनीतिक ‘पप्पू’ हैं। कांग्रेस में अपना पूरा जीवन बिताने वाले वफादार अब खुलेआम राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं।”
दरअसल, यह पूरा मामला कांग्रेस के पूर्व सांसद मणिशंकर अय्यर के बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेताओं के ऊपर निशाना साधा। उन्होंने पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर को भी अपने निशाना पर लिया। इसके अलावा असम से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन के इस्तीफे ने भी कांग्रेस पार्टी के दिन को बर्बाद करने की कोशिश की। मणिशंकर के मामले पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से तीखी टिप्पणी आई, जिसमें कहा गया कि मणिशंकर अय्यर अब पार्टी में नहीं है, तो उस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह नेहरू वादी और राजीववादी हैं लेकिन राहुलवादी नहीं है। इतना ही नहीं अय्यर ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने का अधिकार केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को है।
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पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर इमाद वसीम एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में दूसरी शादी की घोषणा के बाद उनकी पूर्व पत्नी सानिया अशफाक ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें ‘धोखेबाज’ और ‘घर तोड़ने वाला’ करार दिया है। यह विवाद उस समय सामने आया जब इमाद ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नायला रजा से शादी की जानकारी सार्वजनिक की। इससे पहले भी पाकिस्तानी क्रिकेटर से एक और सानिया को धोखा मिल चुका है। जी हां…हम बात कर रहे हैं सानिया मिर्जा और शोएब मलिक की। इस कपल ने 2024 में अलग होने की पुष्टि की थी। मतलब दो सानिया…और दो पाकिस्तानी क्रिकेटर अलग हुए और वजह सिर्फ एक- किसी और महिला की क्रिकेटर के जीवन में एंट्री! इमाद और सानिया की शादी 2019 में हुई थी और दिसंबर 2025 में दोनों का तलाक हो गया। दोनों के तीन बच्चे हैं। इनमें एक बेटी (जन्म 2021) और दो बेटे शामिल हैं। इनमें सबसे छोटा महज सात महीने का है। तलाक के सिर्फ दो महीने बाद इमाद की दूसरी शादी ने विवाद को और हवा दे दी।
इमाद का बयान: ‘सबसे कठिन दौर था’
इमाद वसीम ने इंस्टाग्राम पर एक संक्षिप्त बयान जारी करते हुए लिखा, ‘मैं अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजरा, जब मेरी शादी सफल नहीं हो सकी, लेकिन उसी अध्याय ने मुझे मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी नेमतें दीं, मेरे बच्चे। मैं उनसे बेइंतहा मोहब्बत करता हूं और यह प्यार कभी नहीं बदलेगा।’ उन्होंने आगे स्वीकार किया, ‘मैं उम्मीद में जरूरत से ज्यादा समय तक रुका रहा और जो फैसले किए, उन पर मुझे अफसोस है। मेरी चुप्पी की वजह से एक निर्दोष व्यक्ति को आलोचना झेलनी पड़ी, जिसकी जिम्मेदारी मैं पूरी ईमानदारी से लेता हूं।’
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मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण मुंबई के लोक भवन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की. मोदी और मैक्रों की चर्चा रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और उन्हें नए और उभरते क्षेत्रों में विस्तारित करने पर केंद्रित होगी. दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे.
राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं. वह भारत में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेंगे और मुंबई में मोदी के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन करेंगे.
राष्ट्रपति मैक्रों की यह भारत की चौथी और मुंबई की पहली यात्रा है. इससे पहले दिन में, महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया.
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मंगलवार तड़के मुंबई पहुंचे और उन्होंने अपने दिन की शुरुआत कोस्टल रोड के पास मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ के साथ की. मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों ने बाद में दक्षिण मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में नवंबर 2008 में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की. मैक्रों ने मरीन ड्राइव पर ‘जॉगिंग’ के साथ दिन की शुरुआत की, उनके साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी थे. मुंबई पुलिस ने भी आसपास के क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा की हुई थी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा और द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने को लेकर उत्साहित है. मोदी ने ‘एक्स’ पर मैक्रों की एक ‘पोस्ट’ पर टिप्पणी करते हुए यह बात कही.
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रोहित शेट्टी के घर के बाहर जब फायरिंग हुई तो पूरे बॉलीवुड में डर का माहौल पैदा हो गया। पुलिस ने भी इस मामले में तेजी से जांच को आगे बढ़ाया। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार इन पांच आरोपियों की पुलिस कस्टडी 23 फरवरी तक बढ़ा दी है।
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गुजरात| में स्कूलों के बाद मंगलवार को छह अलग-अलग अदालतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंची। आनन-फानन में कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। हालांकि, जांच के बाद कहीं भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारियों ने इसे अफवाह बताया है।अधिकारियों के मुताबिक, अहमदाबाद, वडोदरा, वलसाड, राजकोट, गांधीनगर और मेहसाणा की अदालतों को ये धमकी भरे ईमेल मिले हैं। ईमेल मिलते ही पुलिस की टीमें बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंचीं। इसके बाद कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया।
वडोदरा और वलसाड में क्या हुआ?
वडोदरा जिला अदालत को भेजे गए ईमेल में परिसर में 19 बम रखे होने का दावा किया गया। पुलिस अधिकारी मंजिता वंजारा ने बताया कि ईमेल में दोपहर तक परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। ईमेल भेजने वाले ने तमिलनाडु की एक अदालत के फैसले की आलोचना भी की है।इसी तरह, वलसाड के एसपी युवराजसिंह जडेजा ने बताया कि वहां की जिला अदालत को भी धमकी मिली है। ईमेल में कहा गया कि परिसर में 19 आईईडी लगाए गए हैं, जो दोपहर की नमाज से पहले फट जाएंगे। इसके बाद अदालत के 19 कमरों को खाली कराकर जांच की गई।
कई और शहरों में भी अफरा-तफरी
अधिकारियों ने पुष्टि की कि राजकोट, गांधीनगर और अहमदाबाद की जिला अदालतों को भी मंगलवार सुबह खाली कराया गया। इन सभी जगहों पर घंटों तक चली तलाशी के बाद भी कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। दोपहर में मेहसाणा जिला अदालत को भी ऐसा ही ईमेल मिला, जिसके बाद वहां भी तलाशी अभियान चलाया गया।आपको बता दें कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी गुजरात के अहमदाबाद और वडोदरा के 34 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले थे। बाद में ये सभी धमकियां भी झूठी निकली थीं। पुलिस अब इन दोनों मामलों के बीच संबंध की जांच कर रही है।
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने मुंबई दौरे के दौरान कई बॉलीवुड कलाकारों और फिल्मी हस्तियों से मुलाकात की। इन सभी से कला और संस्कृति के बारे में चर्चा की। इन हस्तियों में शबाना आजमी के अलावा कई नामी एक्टर्स, म्यूजिक कंपोजर भी नजर आए। ‘धुरंधर 2’ और ‘टॉक्सिक’ की टक्कर से बचकर निकले सनी देओल; आगे खिसकी ‘गबरू’ की रिलीज डेट, जानिए कब देगी दस्तक?
बॉलीवुड सितारों के साथ बातचीत करते दिखे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कुछ बॉलीवुड सितारों संग मंंगलवार को खास मुलाकात की। इसमें शबाना आजमी, अनिल कपूर, मनोज बाजपेयी, डायरेक्टर जोया अख्तर, ऋचा चड्ढा और ग्रैमी विनर म्यूजिक कंपोजर रिकी केज शामिल थे। कई कलाकारों के साथ वह बातचीत करते दिखे। अनिल कपूर से खासतौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बातचीत करते हुए दिखे।
सितारों ने साथ में खींचवाई तस्वीर
बॉलीवुड सितारों ने इस खास मुलाकात के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ कई तस्वीरें क्लिक करवाईं। हो सकता है कि इस मुलाकात के बाद भारत और फ्रांस के बीच फिल्मों को लेकर एक साझेदारी नजर आईं।
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टी20 विश्वकप 2026 में सुपर-8 में पहुंचने की जंग रोमांचक हो चली है। हर ग्रुप में कांटे की टक्कर है और कोई भी हार मानने को तैयार नहीं है। हालांकि, पहले की तुलना में इस विश्वकप में ज्यादा उलटफेर देखने को नहीं मिले हैं, लेकिन फिर भी एक-दो कागज पर कमजोर दिखने वाली टीमों ने मजबूत खेल दिखाया है। भारत समेत अब तक कुल पांच टीमों ने सुपर-आठ के लिए क्वालिफाई कर लिया है, वहीं पांच टीमें रेस से बाहर हो चुकी हैं। अब सुपर-आठ में खाली तीन स्थान के लिए 10 टीमों के बीच टक्कर है। आइए सुपर-आठ का क्वालिफिकेशन समीकरण देखते हैं और जानते हैं कि पूरा मामला क्या है…
पहले जानिए कि किस ग्रुप से अब तक कितनी टीमों ने सुपर-8 के लिए क्वालिफाई किया
नोट: हर ग्रुप से 2-2 टीम सुपर-8 में जाएगी। NRR का मतलब नेट रन रेट है। Q मतलब क्वालिफाइड और E मतलब एलिमिनेटेड।
ग्रुप A अंक तालिका
टीम मैच जीत हार अंक NRR
भारत (Q) 3 3 0 6 +3.050
यूएसए 4 2 2 4 +0.787
पाकिस्तान 3 2 1 4 -0.403
नीदरलैंड 3 1 2 2 -1.352
नामीबिया (E) 3 0 3 0 -2.443
ग्रुप B अंक तालिका
टीम मैच जीत हार अंक NRR
श्रीलंका (Q) 3 3 0 6 +2.462
जिम्बाब्वे 2 2 0 4 +1.984
ऑस्ट्रेलिया 3 1 2 2 +0.414
आयरलैंड 3 1 2 2 +0.150
ओमान (E) 3 0 3 0 -4.546
ग्रुप C अंक तालिका
टीम मैच जीत हार अंक NRR
वेस्टइंडीज (Q) 3 3 0 6 +1.820
इंग्लैंड (Q) 4 3 1 6 +0.201
स्कॉटलैंड (E) 3 1 2 2 +0.359
इटली (E) 3 1 2 2 -0.588
नेपाल (E) 3 0 3 0 -1.942
ग्रुप D अंक तालिका
टीम मैच जीत हार अंक NRR
द. अफ्रीका (Q) 3 3 0 6 +1.477
न्यूजीलैंड 3 2 1 4 +0.701
अफगानिस्तान 3 1 2 2 -0.215
यूएई 3 1 2 2 -0.797
कनाडा 2 0 2 0 -1.526
अब ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबलों से पहले क्वालिफिकेशन की तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है।
सभी ग्रुपों का हाल 4 पॉइंट्स में
ग्रुप ए से भारत ने लगातार तीन जीत के साथ सबसे पहले सुपर-8 का टिकट हासिल किया। पाकिस्तान पर 61 रन की बड़ी जीत ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया। अब इस ग्रुप से दूसरी टीम की दौड़ रोचक है। पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को अपने आखिरी मैच में नामीबिया से भिड़ना है। जीत उसे सीधे अगले दौर में पहुंचा देगी, लेकिन अगर पाकिस्तान हारता है, तो दो जीत के साथ खड़ी अमेरिका टीम बेहतर नेट रन रेट (NRR) के आधार पर आगे बढ़ सकती है।ग्रुप बी में श्रीलंका टीम ने ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर सुपर-8 में एंट्री की। इस नतीजे ने ऑस्ट्रेलिया टीम को बाहर होने के कगार पर ला खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया तभी आगे बढ़ सकता है जब जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम अपने दोनों बचे मैच हार जाए और उसका नेट रन रेट भी ऑस्ट्रेलिया से खराब रहे। अगर जिम्बाब्वे एक भी मैच जीतता है, तो ऑस्ट्रेलिया की राह बंद हो जाएगी। इसके अलावा आयरलैंड टीम भी समीकरण में है। यदि आयरलैंड जिम्बाब्वे पर बड़ी जीत हासिल करता है, यानी 100 रन से या फिर 10 ओवर में मैच खत्म करके और चार अंक पर पहुंचता है, तो उसका नेट रन रेट ऑस्ट्रेलिया से बेहतर हो सकता है और टीम सुपर-8 में जा सकती है। इस स्थिति में आयरलैंड को मनाना होगा कि जिम्बाब्वे श्रीलंका से आखिरी ग्रुप मैच हार जाए। अगर जिम्बाब्वे श्रीलंका को हराता है तो श्रीलंका और जिम्बाब्वे का पहुंचना तय हो जाएगा।ग्रुप सी में इंग्लैंड टीम ने इटली को 24 रन से हराकर टूर्नामेंट की तीसरी जीत दर्ज की और सुपर-8 में जगह बनाई। वेस्टइंडीज की टीम पहले ही तीन मैचों में तीन जीत के साथ अगले दौर में पहुंच चुकी थी। इस ग्रुप में अब बाकी टीमें सिर्फ सम्मान के लिए खेलेंगी।ग्रुप डी में अफगानिस्तान टीम की यूएई पर जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका ने सुपर-8 में जगह बना ली। अब न्यूजीलैंड अगर कनाडा के खिलाफ अपना आखिरी ग्रुप मैच जीत लेता है, तो वह भी क्वालिफाई कर जाएगा।हालांकि एक चौंकाने वाला समीकरण भी है। अगर कनाडा जीत दर्ज करता है, तो अफगानिस्तान को कनाडा के खिलाफ बड़े अंतर से जीतकर नेट रन रेट के सहारे आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।यानी सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर चुकी टीमों में ग्रुप-ए से भारत (6 अंक, +3.050 NRR), ग्रुप-बी से श्रीलंका (6 अंक, +2.462 NRR), ग्रुप-सी से वेस्टइंडीज (6 अंक, +1.820 NRR) और इंग्लैंड (6 अंक, +0.201 NRR) और ग्रुप-डी से दक्षिण अफ्रीका (6 अंक, +1.477 NRR), शामिल हैं।ग्रुप स्टेज में भारत का अभी एक मैच (नीदरलैंड के खिलाफ 18 फरवरी), श्रीलंका का एक मैच (जिम्बाब्वे के खिलाफ 19 फरवरी), वेस्टइंडीज का एक मैच (इटली के खिलाफ 19 फरवरी) और दक्षिण अफ्रीका का एक मैच (यूएई के खिलाफ 18 फरवरी) बचा है।
सुपर-8 के बाकी तीन स्थानों पर 10 टीमों की जंग
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर-8 के लिए तीन जगहें अभी खाली हैं और 10 टीमें अभी भी रेस में बनी हुई हैं। तीन जगहों के लिए जंग बेहद रोमांचक है। कुछ टीमों की किस्मत उनके अपने प्रदर्शन पर निर्भर है (पाकिस्तान, न्यूजीलैंड), जबकि कुछ को दूसरे मैचों के नतीजों का इंतजार है (यूएसए, आयरलैंड, यूएई)। आने वाले मैच तय करेंगे कि सुपर-8 की तस्वीर क्या होगी और शायद कुछ और बड़े उलटफेर भी देखने को मिलें। आइए टीम-दर-टीम समझते हैं किसकी क्या स्थिति है:
ग्रुप बी
जिम्बाब्वे (4 अंक, +1.984 NRR): जिम्बाब्वे ने टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराया। दो मैच जीतकर मजबूत स्थिति में है। अब उसे आयरलैंड और श्रीलंका से खेलना है। एक और जीत उसे लगभग सुपर-8 में पहुंचा सकती है।
आयरलैंड (2 अंक, +0.150 NRR): आयरलैंड की उम्मीदें बहुत कमजोर हैं। तीन मैचों में सिर्फ एक जीत (ओमान के खिलाफ) मिली है। अगर वह जिम्बाब्वे को हरा भी दे, तो भी उसे अन्य मैचों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
ऑस्ट्रेलिया (2 अंक, +0.414 NRR): श्रीलंका से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया बाहर होने की कगार पर है। अब उसे ओमान पर बड़ी जीत चाहिए और उम्मीद करनी होगी कि जिम्बाब्वे आयरलैंड और श्रीलंका दोनों से हार जाए। ऐसे में मामला आखिर में नेट रन रेट पर अटक सकता है।
यूएसए (4 अंक, +0.788 NRR): यूएसए अपने सभी ग्रुप मैच खेल चुका है। अब उसकी नजर पाकिस्तान के नतीजे पर है। अगर पाकिस्तान हारता है, तो बेहतर नेट रन रेट के कारण यूएसए आगे बढ़ सकता है। शैडली वैन शाल्कविक 13 विकेट लेकर टूर्नामेंट के टॉप विकेटटेकर हैं।
नीदरलैंड (2 अंक, -1.352 NRR): डच टीम की राह बेहद मुश्किल है। उन्हें भारत के खिलाफ बड़ा उलटफेर करना होगा और उम्मीद करनी होगी कि पाकिस्तान नामीबिया से बुरी तरह हारे। पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच करीबी हार उन्हें भारी पड़ रहा है।
पाकिस्तान (4 अंक, -0.139 NRR): पाकिस्तान की किस्मत उसके अपने हाथ में है। आखिरी मैच जीतते ही सुपर-8 पक्का, लेकिन हार की स्थिति में उसे भारत से उम्मीद करनी पड़ेगी कि वह नीदरलैंड को हरा दे। अब तक उसका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
ग्रुप C
अफगानिस्तान (2 अंक, -0.215 NRR): अफगानिस्तान की राह मुश्किल है, लेकिन उम्मीद बाकी है। यूएई पर जीत से अभियान जिंदा है। अब उसे कनाडा पर बड़ी जीत चाहिए और यह भी दुआ करनी होगी कि कनाडा पहले न्यूजीलैंड को हरा दे, ताकि समीकरण उसके पक्ष में बने।
ग्रुप डी
कनाडा (0 अंक, -1.526 NRR): दोनों शुरुआती मैच हारने के बावजूद गणितीय रूप से अभी भी दौड़ में है। न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान पर बड़ी जीत ही उसे उम्मीद दे सकती है। कुछ खिलाड़ियों ने शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन जरूर किया है।
न्यूजीलैंड (4 अंक, +0.701 NRR): न्यूजीलैंड मजबूत स्थिति में है। समीकरण साफ है, कनाडा को हराओ और सुपर-8 में पहुंच जाओ। किसी भी अंतर से जीत काफी होगी।
यूएई (2 अंक, -0.797 NRR): यूएई की संभावना बहुत कम है। अगर न्यूजीलैंड कनाडा को हरा देता है तो उनका सफर खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर कनाडा जीतता है, तो यूएई को दक्षिण अफ्रीका पर बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
ये पांच टीमें सुपर-8 की दौड़ से हुईं बाहर
पांच टीमों का सफर ग्रुप स्टेज में ही थम गया। हालांकि, इनमें से कुछ टीमों, खासकर इटली और नेपाल ने अपने जज्बे से प्रभावित जरूर किया। सुपर-आठ की दौड़ अब और भी रोमांचक होने वाली है।
ग्रुप सी
इटली (2 अंक, -0.588 NRR): इटली ने पहली बार किसी भी फॉर्मेट के क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया और अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीता। ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, श्रीलंका और भारत मूल के खिलाड़ियों से सजी टीम ने अच्छा खेल दिखाया। स्कॉटलैंड से हार के अलावा उन्होंने नेपाल को हराया और दो बार की चैंपियन इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। हालांकि, उनका सफर सुपर-8 से पहले ही खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने कई प्रशंसक जरूर बनाए।
नेपाल (0 अंक, -1.942 NRR): नेपाल ने टूर्नामेंट की शुरुआत दमदार अंदाज में की और इंग्लैंड को लगभग हरा ही दिया था। 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वे 180/6 तक पहुंचे, लेकिन जीत से चूक गए। इसके बाद टीम की लय टूट गई। इटली से 10 विकेट की हार और वेस्टइंडीज से पराजय ने उन्हें सुपर-8 की रेस से बाहर कर दिया।
स्कॉटलैंड (2 अंक, +0.359 NRR): बांग्लादेश की जगह देर से एंट्री पाने वाली स्कॉटलैंड ने मिलाजुला प्रदर्शन किया। वेस्टइंडीज से हार के बाद इटली को 73 रन से हराया, लेकिन इंग्लैंड से पांच विकेट की हार ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं। इंग्लैंड की इटली पर जीत के साथ ही उनका सफर समाप्त हो गया।
ग्रुप ए
नामीबिया (0 अंक, -2.443 NRR): नामीबिया ने कुछ मौकों पर अच्छी शुरुआत की, खासकर यूएसए के खिलाफ रन चेज में, लेकिन जीत में तब्दील नहीं कर सके। यूएसए, भारत और नीदरलैंड से हार के बाद उनका ग्रुप चरण में ही सफर खत्म हो गया।
ग्रुप बी
ओमान (0 अंक, -4.546 NRR): ओमान के लिए यह टूर्नामेंट बेहद निराशाजनक रहा। जिम्बाब्वे से आठ विकेट की हार, बड़ी रन से पराजय और आयरलैंड के खिलाफ हार के साथ वे एक भी मैच नहीं जीत सके। 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भी उनका प्रदर्शन ऐसा ही रहा था।
सुपर-8 में किस प्रकार बनेगा ग्रुप?
ग्रुप स्टेज से क्वालिफाई करने वाली आठ टीमें सुपर-8 चरण में खेलेंगी। यहां इन टीमों को चार-चार टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम अपने ग्रुप में मौजूद बाकी तीन टीमों के खिलाफ तीन मैच खेलेगी। आईसीसी ने सुपर-8 के लिए पहले से सीडिंग सिस्टम तय कर रखा है। हालांकि, अगर कोई बड़ी या सीडेड टीम ग्रुप स्टेज में बाहर हो जाती है, तो उसे हराकर क्वालिफाई करने वाली टीम उसी स्लॉट में सुपर-8 खेलेगी। यानी जो कोड पुरानी टीम को दिया गया था, वह नहीं बदलेगा, बस टीम बदल जाएगी।
उदाहरण के तौर पर आईसीसी को यकीन था कि ऑस्ट्रेलिया सुपर-8 में क्वालिफाई कर जाएगी और उसे X2 सीड दिया गया था। अब जब जिम्बाब्वे ने उलटफेर किया और उसका सुपर-8 में जाना तय और ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना तय माना जा रहा है तो X2 सीड अब जिम्बाब्वे को दी जाएगी। जो चार ग्रुप हैं और उनमें आईसीसी द्वारा पहले से दी गई सीड इस प्रकार हैं-
ग्रुप A: भारत (X1), नामीबिया, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान (Y3), अमेरिका
ग्रुप B: ऑस्ट्रेलिया (X2), आयरलैंड, ओमान, श्रीलंका (Y4), जिम्बाब्वे (ऑस्ट्रेलिया बाहर हुआ तो X2 सीड जिम्बाब्वे को, अगर जिम्बाब्वे की टीम क्वालिफाई की तो)
ग्रुप C: इंग्लैंड (Y1), इटली, नेपाल, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज (X3)
ग्रुप D: अफगानिस्तान, कनाडा, न्यूजीलैंड (Y2), दक्षिण अफ्रीका (X4), यूएई
सुपर-8 में आठ टीमों को दो ग्रुप एक्स (X) और वाई (Y) में बांटा जाएगा। आईसीसी ने पहले से सीडेड टीमें तय कर रखी थीं। उसके मुताबिक सुपर-8 ग्रुप कुछ ऐसा दिख सकता है-
ग्रुप-1 सीड (X): भारत, जिम्बाब्वे (अभी तय नहीं, पहले ऑस्ट्रेलिया था यहां, लेकिन उस पर बाहर होने का खतरा है), वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका।
ग्रुप-2 सीड (Y): इंग्लैंड, न्यूजीलैंड (अभी तय नहीं), पाकिस्तान (अभी तय नहीं, नामीबिया पर जीत से तय होगा) और श्रीलंका।