दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखा उत्पादन और बिक्री का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में हरित पटाखों (Green Firecrackers) के उत्पादन और बिक्री की अनुमति वाली याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने शीर्ष अदालत से दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस जैसे अवसरों पर दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी। दलीलों में कहा गया कि पटाखों के इस्तेमाल के समय को लेकर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।

सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पैरवी की। पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। सुप्रीम कोर्ट से दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति मांगते हुए दिल्ली-एनसीआर की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (Petroleum and Explosives Safety Organisation) और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (National Environmental Engineering Research Institute) समय-समय पर पटाखों के उत्पादन कार्यों का निरीक्षण करेंगे।

 

भारतीय वायुसेना दिवस का डिनर पार्टी मेन्यू सोशल मीडिया पर छाया, पाकिस्तान को लग जाएगी मिर्ची

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नई दिल्‍ली । भारतीय वायुसेना (IAF) के द्वारा अपनी 93वीं वर्षगांठ 8 अक्टूबर को बड़े धूमधाम से मनाया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर वायुसेना दिवस (Air Force Day) की डिनर पार्टी का मेन्यू (dinner party menu) ही छा गया है। इसकी वजह स्वाद नहीं, बल्कि उसमें शामिल डिश के नाम हैं। इस मेन्यू को 93 वर्ष भारतीय वायुसेना के- अचूक, अभेद्य और सटीक (93 Years of IAF: Infallible, Impervious and Precise) नाम दिया गया है। मेन्यू में पाकिस्तानी ठिकानों के नाम पर डिश के नाम रखे गए हैं।

वायरल तस्वीर में दिख रहे व्यंजनों के नामों ने लोगों को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। मेन्यू में रावलपिंडी चिकन टिक्का मसाला, रफिकी रारा मटन, भोलारी पनीर मेथी मलाई, सुक्कुर शाम सवेरा कोफ्ता, सरगोधा दाल मखनी, जकोबाबाद मेवा पुलाव और बहावलपुर नान शामिल है। मिठाइयों में बालाकोट तिरामिसु, मुजफ्फराबाद कुल्फी फालुदा और मुरीदके मीठा पान शामिल है।

आपको बता दें कि इन सभी नामों का संबंध भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ की गई सटीक सैन्य कार्रवाईयों से है, जिनमें सबसे प्रमुख 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक और 2025 की ऑपरेशन सिंदूर हैं।

इस साल 7 मई को की गई ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें मुरीदके और बहावलपुर जैसे इलाके शामिल थे। दोनों कोलश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय माना जाता है।

वहीं, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक ने पुलवामा आतंकी हमले का जवाब देते हुए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को ध्वस्त किया था।

आपको बता दें कि गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित वायुसेना दिवस परेड में इस बार भी भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। राफेल, सुखोई-30 MKI, मिग-29, C-17 ग्लोबमास्टर III, C-130J हर्क्यूलिस और अपाचे हेलिकॉप्टर ने आसमान में गरज कर दर्शकों को रोमांचित किया।

जम्मू-कश्मीर को राज्य बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से चार हफ्ते में मांगा जवाब

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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) को वापस राज्य का दर्जा (Statehood) देने की लगातार उठ रही मांग पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार (Central Government) को अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है ताकि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने से जुड़ी याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल कर सके। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई की।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से संबंधित ये याचिकाएं शिक्षाविद जहूर अहमद भट और सामाजिक कार्यकर्ता अहमद मलिक सहित कई लोगों ने दाखिल की हैं। इन याचिकाओं में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट में दिए गए वादे के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को जल्द से जल्द फिर से राज्य का दर्जा दे।

वहीं मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें अनुच्छेद 370 को रद्द करने को सही ठहराया गया था और केंद्र को जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव सितंबर 2024 तक कराने और जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश दिया गया था।

सोशल मीडिया पर मैसेज भेजते समय रहें सतर्क

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि व्हाट्सअप किसी विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने वाले मैसेज भेजना अब अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसा कोई भी संदेश जो धर्म के आधार पर घृणा दुश्मनी या दुर्भावना फैलाता हो, वो भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 दो के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। दरअसल अफाक अहमद नाम के शख्स ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। शख्स पर WhatsApp पर कई लोगों को भड़काऊ मैसेज भेजने का आरोप है।

गाजा में शांति की उम्मीद, पीएम मोदी ने अमेरिका-इजरायल के प्रयासों की तारीफ की

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नई दिल्ली। भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के पहले चरण के समझौते का स्वागत किया है। इस समझौते के तहत इजरायल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने की घोषणा की है। इसकी घोषणा होने के बाद गुरुवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने पहले राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उसके बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की।

मोदी ने इन दोनों नेताओं को गाजा शांति समझौते पर सहमति बनाने के लिए की गई कोशिशों की सराहना की और उन्हें बधाई दी। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय मुद्दों, खास तौर पर भारत व अमेरिका के बीच कारोबारी समझौते को लेकर चल रही वार्ता पर भी बात हुई है।

पीएम मोदी ने ट्रंप को दी बधाई
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मित्र डोनल्ड ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। साथ ही कारोबारी वार्ता को लेकर हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की। आने वाले हफ्तों में भी हम संपर्क में रहेंगे।”

यह पहला मौका है जब भारत के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से अमेरिका के साथ चल रही कारोबारी वार्ता की प्रगति को उत्साहजनक बताया गया है। इसके कुछ ही देर बार मोदी की इजरायल के पीएम से बात हुई।

आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं- पीएम मोदी
इसके बारे में मोदी ने एक्स पर लिखा कि, “मैंने मित्र नेतन्याहू को फोन किया और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में गाजा शांति योजना की प्रगति के लिए बधाई दी। हमने बंधकों की रिहाई और गाजा के निवासियों को मानवीय मदद पहुंचाने का स्वागत किया है। साथ ही यह बात भी दोहराई है कि आतंकवाद को किसी भी तरीके से और इसके किसी भी रूप को दुनिया में कहीं भी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।”

पीएम ने शांति समझौते के लिए पहले एक्स पर दी थी बधाई
वैसे इन दोनों नेताओं से बात करने से पहले ही भारत की तरफ से पीएम नरेन्द्र मोदी शांति समझौते के स्वागत को लेकर एक संदेश जारी कर चुके थे। इसमें उन्होंने लिखा है कि, “हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। यह पीएम नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है। हम आशा करते हैं कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों के लिए बढ़ी हुई मानवीय सहायता उन्हें राहत प्रदान करेगी और स्थायी शांति की राह प्रशस्त होगी।”

पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम के साथ गाजा पर की चर्चा
पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम संग की गाजा पर चर्चा गुरुवार को मुंबई में पीएम नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर के बीच हुई मुलाकात में भी गाजा की स्थिति पर चर्चा हुई है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने सार्वजनिक भाषण में पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया। पश्चिम एशिया में तनाव खत्म होने की उम्मीद भारत के लिए कई मायने में अच्छी खबर है।

इस क्षेत्र में तकरीबन एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। कई देशों के साथ भारत के रणनीतिक संबंध हैं। साथ ही इन देशों से भारत काफी ज्यादा कच्चा तेल और गैस खरीदता है। अस्थिरता की वजह से भारतीय आयात और निर्यात पर भी असर होता है। साथ ही भारत के लिए कूटनीतिक तौर पर संतुलन साधने की चुनौती भी आती है। सऊदी अरब, यूएई, कतर जैसे देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, जबकि इजरायल से भारत को रक्षा प्रौद्योगिकी मिलती है।

आज है करवा चौथ, जानें-पूजन और चांद को अघ्र्य देने का मुहूर्त

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नई दिल्ली. करवा चौथ (Karwa Chauth) विवाहित महिलाओं (married women) द्वारा रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण व्रत है. हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास (Kartik month) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. करवा चौथ को कर्क चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. करवा चौथ का यह व्रत महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और उनकी कामना के लिए रखती हैं. इस बार करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जा रहा है.

करवा चौथ के दिन विधिवत पूजा के बाद महिलाएं रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं. करवा चौथ का व्रत कठिन होता है और इसे अन्न और जल ग्रहण किए बिना ही सूर्योदय से रात में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता है.

करवा चौथ शुभ मुहूर्त 
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस बार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 10 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 38 मिनट पर होगा. वहीं, करवाचौथ के लिए एक पूजन मुहूर्त मिलेगा, जो शाम 5 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. जिसकी अवधि 1 घंटे 14 मिनट की रहेगी.

इसके अलावा, करवा चौथ के दिन उपवास रखने का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में व्रती महिलाएं माता करवा की पूजा, माता पार्वती की पूजा, भगवान गणेश की पूजा, कथा सुनना जैसे सभी कार्य किए जा सकते हैं.

करवा चौथ चंद्रोदय का समय
करवाचौथ के दिन चंद्रोदय का समय शाम 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में चंद्रोदय रात 8 बजकर 13 मिनट पर हो सकता है.

करवाचौथ पूजन विधि 
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से शुरू हो जाता है और फिर पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है. पूजा के लिए सोलह श्रृंगार करके तैयार हों जाए और दीवार पर करवा माता का चित्र बनाएं या बाजार से बना बनाया खरीद कर लगाएं. फिर, चावल के आटे में हल्दी मिलाकर जमीन पर चित्र बनाएं. जमीन में बने इस चित्र के ऊपर करवा रखें और इसके ऊपर घी का जलता हुआ दीपक रखें.

करवा में आप 21 या 11 सींकें लगाएं और करवा के भीतर खील बताशे , साबुत अनाज इनमें से कुछ भी डालें. इसके बाद भोग के लिए आटे की बनी पूड़ियां, मीठा हलवा, खीर आदि रखें. फिर, करवा के साथ आप सुहाग की सामग्री भी अवश्य चढ़ाएं. यदि आप सुहाग की सामग्री चढ़ा रही हैं तो सोलह श्रृंगार चढ़ाएं. करवा के पूजन के साथ एक लोटे में जल भी रखें इससे चंद्रमा को जल दिया जाता है. पूजा करते समय करवा चौथ की व्रत कथा जरूर सुने. चांद निकलने के बाद छलनी से पति को देखें फिर चांद के दर्शन करें. चन्द्रमा को जल से अर्घ्य दें और पति की लंबी उम्र की कामना करें.

करवा चौथ की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, करवा नामक महिला थी, जो अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे रहती थी. एक दिन, उसके पति नदी में स्नान कर रहे थे, तभी एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और उन्हें नदी में खींचने लगा. करवा ने अपने पति की पुकार सुनकर तुरंत एक कच्चा धागा लेकर मगरमच्छ को एक पेड़ से बांध दिया. करवा के सतीत्व के कारण मगरमच्छ कच्चे धागे से बंध गया और हिल तक नहीं पा रहा था.

करवा ने यमराज को पुकारा और अपने पति को जीवनदान देने और मगरमच्छ को मृत्युदंड देने के लिए प्रार्थना की. यमराज ने करवा की बात मानी और मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया. साथ ही, यमराज ने करवा के पति को जीवनदान दे दिया.

इसी तरह, सावित्री ने भी अपने पति के प्राणों की रक्षा के लिए यमराज से प्रार्थना की थी. सावित्री ने अपने पति को वट वृक्ष के नीचे लपेटकर रखा था और यमराज को अपने पति के प्राण लौटाने पड़े थे. सावित्री को ताउम्र सुहागन का वरदान मिला था. तभी से, करवा चौथ के दिन, सुहागन महिलाएं करवा माता से प्रार्थना करती हैं कि जैसे आपने अपने पति को मृत्यु के मुंह से बचाया था, वैसे ही हमारे सुहाग की भी रक्षा करें.

पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई, नवी मुंबई हवाई अड्डा होगा भारत की नई उड़ान क्षमता का प्रतीक

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 8 अक्टूबर को नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस एयरपोर्ट से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के निर्माण में 19,650 करोड़ रुपये की लागत लगी है। इस हवाई अड्डे से मुंबई, पुणे और कोंकण क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

1,160 हेक्टेयर में फैला यह नया हवाई अड्डा भारत की विमानन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा और मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारी यातायात के बोझ को कम करेगा। 

पीपीपी मॉडल के तहत किया गया विकसित
यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है, जिसे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया गया है और यह मुंबई महानगर क्षेत्र का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

मुंबई मेट्रो लाइन-3 के दूसरे चरण का उद्घाटन
पीएम मोदी ने आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक 12,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मुंबई मेट्रो लाइन-3 के दूसरे चरण का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने 37,270 करोड़ रुपये की पूरी मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) राष्ट्र को समर्पित की, जो शहर के शहरी परिवहन परिवर्तन में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

पीएम मोदी ने मुंबई वन ऐप किया लॉन्च
प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई वन ऐप भी लॉन्च किया, जो यात्रियों को कई सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए एकीकृत मोबाइल टिकटिंग सहित कई लाभ प्रदान करता है। उन्होंने महाराष्ट्र में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग की अल्पकालिक रोजगार योग्यता कार्यक्रम (STEP) पहल का भी उद्घाटन किया।

यह कार्यक्रम 400 सरकारी आईटीआई और 150 सरकारी तकनीकी उच्च विद्यालयों में शुरू किया जा रहा है, जो रोजगार योग्यता बढ़ाने के लिए कौशल विकास को उद्योग की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रेगिस्तान से पानी निकालने, कार्बन पकड़ने की तकनीक के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला सम्मान

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नई दिल्ली: 2025 का नोबेल प्राइज (Nobel Prize) इन केमिस्ट्री तीन दिग्गज वैज्ञानिको (Great Scientists Chemistry)- प्रोफेसर सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया) और ओमर एम. यागी (अमेरिका) को दिया गया है. इन वैज्ञानिकों ने ‘मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स’ (Metal-Organic Frameworks) पर काम कर के केमिस्ट्री की दिशा बदल दी. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने स्टॉकहोम में इसका ऐलान किया और बताया कि तीनों वैज्ञानिकों को 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन (करीब 8.7 लाख पाउंड) की प्राइज मनी दी जाएगी.

  • तीनों वैज्ञानिकों ने मिलकर यह दिखाया कि कैसे अलग-अलग मॉलिक्यूल्स को एक खास तरीके से जोड़कर एक ऐसी संरचना बनाई जा सकती है जिसमें मॉलिक्यूल्स के बीच काफी खाली जगह यानी ‘पोर्स’ रहती है. इन पोर्स के जरिए गैसें या अन्य केमिकल्स आसानी से गुजर सकते हैं.
  • यही संरचनाएं आगे चलकर ‘मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स’ कहलाईं. इन्हें आप ‘मॉलिक्यूलर आर्किटेक्चर’ कह सकते हैं. जहां एटम्स और मॉलिक्यूल्स ईंटों की तरह इस्तेमाल होकर ऐसी संरचना बनाते हैं जो काम की चीजें कर सकती है.

इन फ्रेमवर्क्स का सबसे कमाल का यूज है- डेजर्ट एयर से पानी निकालना, कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करना और टॉक्सिक गैसों को स्टोर करना. यानी भविष्य में ये टेक्नोलॉजी जल संकट, क्लाइमेट चेंज और इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन से लड़ने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है.

क्योटो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कितागावा, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के प्रोफेसर रॉबसन और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर यागी ने इस दिशा में दशकों तक काम किया. आज MOFs का इस्तेमाल क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, गैस स्टोरेज और एयर प्यूरीफिकेशन में तेजी से बढ़ रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर से टूटे जैश-ए-मोहम्मद की नई चाल! अब महिलाओं को बना रहा हथियार

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नई दिल्ली: सीमापार से भारत (India) को अस्थिर करने की कोशिश लगातार जारी है. पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में जब पाकिस्तान (Pakistan) में बैठे आतंकियों की कमर टूट गई, तो अब वही आतंकी संगठन नई चाल चलकर देश को अशांत करने की फिराक में हैं. आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) अब महिलाओं (Women) का एक खास ब्रिगेड बना रहा है, जिसका नाम रखा गया है जमात अल-मुमिनात.

सूत्रों का कहना है कि यह ग्रुप साल 2024 के बाद से ही एक्टिव है और इसका मकसद महिलाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करना है. इस ब्रिगेड को जैश की महिला विंग के तौर पर तैयार किया गया है, जो साइकोलॉजिकल वारफेयर, यानी मानसिक तौर पर असर डालने वाले प्रचार और ग्राउंड लेवल पर भर्ती का काम कर रहा है.

कहा जा रहा है कि जमात अल-मुमिनात जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में ऑनलाइन नेटवर्क के ज़रिए लगातार एक्टिव है. सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप्स और कुछ मदरसों के नेटवर्क के जरिए इस ग्रुप की गतिविधियां लगातार फैल रही हैं. इस संगठन का मकसद है महिलाओं को धर्म के नाम पर बरगलाना और संगठन के लिए इस्तेमाल करना.

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, जैश के इस नए सर्कुलर में मक्का और मदीना की तस्वीरें भी लगाई गई है ताकि इसे धार्मिक रंग दिया जा सके. साथ ही इस सर्कुलर में कई तरह की भावनात्मक बातें लिखी गई हैं ताकि पढ़ी-लिखी और शहरी मुस्लिम महिलाओं को भी प्रभावित किया जा सके. इस पूरे अभियान के जरिए महिलाओं की भावनाओं को छूकर उन्हें अपने संगठन के मकसद से यह सारी कोशिश की जा रही है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जमात अल-मुमिनात जैश की तरह ही सेल-बेस्ड स्ट्रक्चर पर काम कर रहा है. मतलब अलग-अलग छोटे ग्रुप्स सोशल मीडिया या मदरसों के जरिए भर्ती, चंदा जुटाने और संदेश फैलाने का काम कर रहे हैं. खुफिया एजेंसियों ने इस सर्कुलर के पाकिस्तान कनेक्शन के भी ठोस सबूत मिलने की बात कही है.

CJI पर जूता उछालने वाले राकेश किशोर पर SCBA की कार्रवाई, सदस्यता की समाप्त

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) बार एसोसिएशन (Bar Association) ने गुरुवार को राकेश किशोर (Rakesh Kishore) की सदस्यता (Membership) को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा की है। किशोर ने मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) बीआर गवई (BR. Gavai) पर अदालत में जूता फेंकने की कोशिश की थी। इस दौरान उन्होंने ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ का नारा भी लगाया था। न्यायालय की सुरक्षा और शिष्टाचार के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है।

एससीबीए ने कहा कि किशोर का बेहद अनुचित, अव्यवस्थित और अतिशयोक्ति भरा व्यवहार सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला था। बार एसोसिएशन ने इसे पेशेवर आचार, अदालत की गरिमा और सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा का गंभीर उल्लंघन माना है। एससीबीए की कार्यकारी समिति ने बयान जारी कर कहा, “यह घटना अदालत की गरिमा, न्यायिक स्वतंत्रता और बार तथा बेंच के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी सम्मान और विश्वास पर सीधे प्रहार के समान है। राकेश किशोर का SCBA का सदस्य बने रहना इस संस्था की अपेक्षित गरिमा और अनुशासन के अनुरूप नहीं है।”