Kriya Veda: Reviving the Ancient Wisdom of Ayurveda for the Modern World

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🌿 Kriya Veda: Reviving the Ancient Wisdom of Ayurveda for the Modern World

In a time when the world is driven by speed, stress, and shortcuts, one Indian startup is quietly bringing people back to balance — not just through products, but through a philosophy of living. Welcome to Kriya Veda, a modern Ayurvedic wellness brand with a timeless soul.

Founded with the vision of reconnecting humanity to nature’s intelligence, Kriya Veda believes that true wellness is not something you buy — it is something you awaken within yourself. The brand’s core philosophy is simple yet profound:

“Wellness is not found in the body, nor in the mind, nor in the soul — it is born only in the silence where all three bow to each other.”

These words, penned by Dr. Amit, the visionary founder of Kriya Veda, beautifully capture the essence of the brand’s mission — to help individuals rediscover their natural harmony through the ancient science of Ayurveda.

🌺 The Beginning: When a Doctor Chose Nature Over Noise

Dr. Amit’s journey began not in a lab, but in life itself. After witnessing the growing dependence on chemical-based medicines and the disconnection people felt from their own bodies, he decided to return to the roots — the sacred wisdom of Ayurveda.

With years of study and clinical experience behind him, Dr. Amit realized that the key to lasting health lies in balance, not in battling disease. This realization led to the birth of Kriya Veda — a name that combines two Sanskrit words: Kriya (action, energy) and Veda (knowledge). Together, they represent “the wisdom of conscious action.”

From a humble beginning in Gurgaon, Kriya Veda has now become a trusted name in holistic wellness, offering a range of Ayurvedic products, lifestyle rituals, and educational resources that empower people to take charge of their well-being naturally.

🌿 The Philosophy: Ayurveda as a Way of Life

At Kriya Veda, Ayurveda is not treated as an ancient relic or an alternative therapy — it is embraced as a living, breathing system of harmony.

The brand’s approach is rooted in balancing the three doshas —

Vata (Air & Space): governing movement, creativity, and flow.

Pitta (Fire & Water): governing metabolism, digestion, and transformation.

Kapha (Earth & Water): governing stability, growth, and nourishment.

Every Kriya Veda formulation is created with the goal of restoring equilibrium among these energies. The ingredients are carefully sourced from nature, blended in authentic Ayurvedic proportions, and tested with modern scientific methods to ensure both safety and efficacy.

The result is a collection of herbal oils, teas, supplements, and personal care products that don’t just heal the body — they awaken consciousness, calm the mind, and uplift the spirit.

🌸 Ancient Wisdom Meets Modern Science

Kriya Veda stands at the intersection of tradition and innovation. While the brand honors the ancient scriptures and rituals of Ayurveda, it also integrates modern research, sustainable sourcing, and contemporary design to make Ayurveda accessible to the global community.

Each product reflects a careful blend of ancient herbs and modern standards — ensuring that wellness remains both profound and practical.

Whether it’s their soothing Vata Balance Oil, detoxifying Pitta Tea, or immunity-boosting Kapha Capsules, every offering from Kriya Veda carries the same promise — purity, purpose, and presence.

🪷 More Than a Brand — A Movement of Conscious Living

What sets Kriya Veda apart is its commitment to making Ayurveda not just a product category, but a way of living. Through workshops, online wellness sessions, and digital education, the brand encourages people to adopt small but meaningful habits — like mindful breathing, conscious eating, and gratitude-based living.

According to Dr. Amit,

“Our goal is not to sell wellness, but to remind people that they already have it. Ayurveda simply helps you remember who you are — a reflection of nature itself.”

From its online platform, kriya-veda.com
, customers can explore not only Ayurvedic products but also personalized dosha consultations, educational content, and lifestyle guidance — all designed to help users create their own path to natural healing.

🌼 Vision for the Future: Global Ayurveda, Local Heart

Kriya Veda envisions a world where Ayurveda becomes mainstream wellness, not an alternative one. The brand is working toward expanding its product line, collaborating with holistic practitioners, and exporting authentic Ayurvedic products to international markets.

Despite its growing global footprint, the heart of Kriya Veda remains deeply Indian — honoring the ancient wisdom that originated in the Vedic land thousands of years ago.

📍 Contact Information

Kriya Veda
56-N, New Colony Road 187A,
Near Shiv Mandir, Near Dussehra Ground,
New Colony, Gurgaon – 122001

📧 Email: info@kriya-veda.com

🌐 Website: www.kriya-veda.com

✨ In Essence

Kriya Veda is more than an Ayurvedic brand — it’s a movement toward conscious, sustainable, and soulful living. In every bottle, every ritual, and every word, Kriya Veda reminds us that health is not a destination, but a journey — one that begins within.

As the world rediscovers the healing power of nature, Kriya Veda stands as a bridge between ancient wisdom and modern wellness — guiding humanity back to balance, one conscious breath at a time. 🌿

 

भारत-अमेरिका डील के बेहद करीब, ट्रंप ने पीएम मोदी को लेकर कही ये बात!

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नई दिल्ली. भारत (India) और अमेरिका (US) के बीच ट्रेड डील (Trade Deal) बहुत जल्द होने वाली है. रिपोर्ट्स की मानें तो दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत चल रही है, और अधिकतर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दोनों देश डील के बहुत नजदीक पहुंच चुके हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में कहा कि वे जल्द ही भारत के साथ ट्रेड डील करेंगे, जबकि भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि अगला महीना समझौते के नजरिये से बेहद अहम रहने वाला है.

इस डील की खास बातें…
इस डील के तहत अमेरिका, भारत से आने वाले कुछ प्रमुख उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) में बड़ी कटौती करने जा रहा है. खबरों के मुताबिक भारतीय निर्यात पर लगने वाला शुल्क लगभग 50% से घटाकर 15-16% किया जा सकता है. जिससे भारतीय एक्सपोर्ट बढ़ने की उम्मीद है.

हालांकि, कुछ संवेदनशील मुद्दे अब भी चर्चा में हैं. अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने में कटौती करे. खबर ये है कि भारत ने भरोसा दिया है कि धीरे-धीरे रूस तेल आयात को कम किया जाएगा. वहीं भारत अपने किसानों, छोटे उद्योगों (MSME) और घरेलू उत्पादकों के हितों की सुरक्षा पर अड़ा हुआ है. भारत खासकर कृषि और डेयरी उद्योगों में अमेरिकी कंपनियों की एंट्री नहीं चाहता है. भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इस समझौते से उसके स्थानीय उद्योगों को नुकसान न पहुंचे.

अमेरिका-भारत डील के फायदे
अगर यह समझौता होता है तो भारत-अमेरिका के आर्थिक रिश्तों में बड़ा बदलाव आ सकता है. भारत को अमेरिकी बाजार में ज्यादा पहुंच मिलेगी, खासकर फार्मा, टेक्सटाइल और आईटी सेक्टर को बड़ा फायदा होगा. वहीं, अमेरिका को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार में कृषि, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे.

जानकारों की मानें तो अमेरिका-भारत के बीच ट्रेड डील (Trade Deal) शेयर बाजार के लिए भी एक बूस्टर डोज का काम करेगा. अगर टैरिफ का दायर 15-16 फीसदी तक सीमित रहता है तो फिर भारतीय बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है. हालांकि समझौते के रास्ते में अभी भी बहुत रोडे हैं. साथ ही अमेरिका की टैरिफ नीति में अचानक बदलाव और भू-राजनीतिक मुद्दे (जैसे रूस से तेल आयात) इस डील को प्रभावित कर सकते हैं.

ट्रंप ने फिर की पीएम मोदी की तारीफ
अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो यह समझौता साल के अंत तक साइन हो सकता है. दोनों देशों का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए, यह डील उस दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है.

ट्रंप की मानें तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘बिजनेस मेज़ पर बहुत मजबूत’ हैं. हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार डील काफी हद तक तय हो चुकी है. ट्रंप का यह बयान इस बात के संकेत हैं कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड समझौते में पीएम मोदी की अहम भूमिका है. दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने की ओर बढ़ रहे हैं. जिसमें कई महीनों से टैरिफ, निर्यात-आयात और बाजार पहुंच जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं.

शुभम गोस्वामी को बनाया ‘अमन खान’, घर वापसी की बात पर मिली धमकी

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भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) का एक मामला सामने आया है. भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में रहने वाले शुभम गोस्वामी (Shubham Goswami) ने आरोप लगाया है कि एक मुस्लिम युवती (Muslim Girl) और उसके परिवार ने उस पर इस्लाम कबूल (Acceptance of Islam) कर निकाह (Nikah) करने का दबाव बनाया. युवक का आरोप है कि लगातार मानसिक दबाव डालकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया.

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मामला पूरी तरह नया नहीं है. जांच के दौरान पुलिस को इस प्रकरण से जुड़ा एक पुराना केस मिला, जो वर्ष 2022 का है. अधिकारियों के अनुसार, इसी मुस्लिम युवती ने उस समय शुभम पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लगभग चार महीने बाद शुभम को जमानत मिली थी. फिलहाल यह केस अदालत में विचाराधीन है.

शुभम का आरोप है कि जेल से रिहा होने के बाद भी उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया. उसने बताया कि युवती और उसके परिवार ने धमकियां दीं और कहा कि अगर उसने इस्लाम कबूल नहीं किया, तो उसके खिलाफ और केस दर्ज कराए जाएंगे. शुभम के मुताबिक, इसी दबाव में उसका नाम बदलकर अमन खान रख दिया गया और उसे मजबूरन अपनी पहचान छिपाने के लिए कहा गया. अब वह घर वापसी (हिंदू धर्म अपनाना) करना चाहता है, लेकिन धमकियां मिल रही हैं.

इस मामले में जहांगीराबाद थाना प्रभारी चतुर्भुज राठौर ने बताया कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच पहले भी विवाद रहा है. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी रंजिश और व्यक्तिगत टकराव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. राठौर के अनुसार, फरियादी शुभम को बयान के लिए थाने बुलाया गया था, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिलने के कारण पूछताछ फिलहाल रुकी हुई है. पुलिस अब दोनों पक्षों से विस्तृत जानकारी जुटा रही है.

वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने शुभम के समर्थन में नारेबाजी की और आरोपी युवती व उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. संगठनों ने दावा किया कि यह मामला लव जिहाद से जुड़ा हो सकता है और इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है. जांच में यह देखा जा रहा है कि धर्म परिवर्तन को लेकर वाकई दबाव डाला गया था या नहीं, या यह मामला पुरानी रंजिश का परिणाम है. पुलिस का कहना है कि संबंधित सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

भारतीय नौसेना में जल्‍द शामिल होगा स्वदेशी सर्वे पोत इक्षक, समुद्री ताकत में होगा इजाफा

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नई दिल्‍ली । भारतीय नौसेना (Indian Navy) को जल्द ही नई ताकत मिलने वाली है। स्वदेश निर्मित सर्वे पोत इक्षक (Survey vessel ikshak) को कोच्चि नौसेना अड्डे (Kochi Naval Base) पर 6 नवंबर को सैन्य बेड़े में शामिल किया जाएगा। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने यह जानकारी दी। नेवी चीफ एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां सर्वेक्षण पोतों के इस तीसरे पोत इक्षक को नौसेना में शामिल किया जाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत की जल सर्वे उत्कृष्टता और स्वदेशीकरण की दिशा में मील का पत्थर है।

बयान में कहा गया, ‘अपनी कैटेगरी के तीसरे पोत के रूप में इक्षक का शामिल होना खास है। यह इस बात को दर्शाता है कि नौसेना आधुनिक और उन्नत संसाधन तैयार करने के अपने संकल्प पर दृढ़ प्रतिबद्ध है। इससे क्षमता वृद्धि और आत्मनिर्भरता के प्रयासों को और अधिक गति मिलेगी।’ प्रवक्ता ने बताया कि गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड की ओर से पोत उत्पादन निदेशालय और युद्धपोत निरीक्षण दल की देखरेख में इसे तैयार किया गया है। इक्षक में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है।

जानें इक्षक की खासियत
प्रवक्ता ने बताया कि इक्षक ऐसा पहला एसवीएल पोत है, जिसमें महिलाओं के लिए विशेष सुविधा है। बयान में कहा गया कि इक्षक का अर्थ मार्गदर्शक है जो इस पोत की भूमिका का सही प्रतीक है। यह पोत अपने नाम की तरह ही अज्ञात समुद्री क्षेत्रों का नक्शा बनाकर मार्गदर्शक बनेगा, नौकाओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगा और भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूत करेगा। इससे देश की नौसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होगा।

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News Desk

पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेता पर हमला, सिर में मारी गोली, हालत गंभीर

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) नेता नितन नंदा पर हमला हुआ है. इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इलाज के लिए उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई (Chandigarh PGI) रेफर किया गया है. बताया जा रहा है कि एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आप नेता पहुंचे थे, जहां उन पर हमला किया गया है.

जानकारी के अनुसार, श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के नेता नितन नंदा पर एक समारोह के दौरान गोली चलाई गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना उस समय हुई, जब नितन नंदा एक समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे. इसी दौरान उन्हें गोली मारी गई. गोलीबारी की आवाज सुनते ही मौके पर हड़कंप मच गया और मौजूद लोगों में दहशत फैल गई.

घायल नितन नंदा को तुरंत सिविल अस्पताल आनंदपुर साहिब ले जाया गया. जहां प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि गोली उनके शरीर के अंदर लगी है और यह गोली उनके सिर के पिछले हिस्से में लगी है. घटना की सूचना मिलते ही आनंदपुर साहिब पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर हमलावरों की पहचान की जा रही है.

दाऊद का गुर्गा दानिश चिकना गिरफ्तार, मुंबई में चलाता था ड्रग फैक्ट्री

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गोवा: दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के गुर्गे और डोंगरी में उसकी ड्रग्स (Drugs) की फैक्ट्री संभालने वाले ड्रग तस्कर दानिश चिकना (Danish Chikna) को गोवा (Goa) से गिरफ्तार (Arrested) किया गया है. दानिश चिकना दाऊद इब्राहिम का करीबी है, जो भारत में ड्रग्स सिंडिकेट का हिस्सा है. इससे पहले भी NCB ने उसे गिरफ्तार किया था. उसपर आरोप था कि डोंगरी इलाके में ड्रग्स सिंडिकेट चला रहा है. उसका असली नाम दानिश मर्चेंट है. गोवा में होने वाली यह गिरफ्तारी NCB मुंबई के जरिए हुई है. इस गिरफ्तारी से दाऊद के ड्रग्स कारोबार को बड़ा झटका लगा है. पुलिस मामले में आगे की जांच में दानिश चिकना से पूछताछ करने में जुटी हुई है.

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News Desk

SIR के बाद 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ेंगे मतदान केंद्र, छोटी होंगी वोटिंग की कतारें

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नई दिल्ली। देशभर में मतदान केंद्रों (Polling Stations) पर लंबी कतारों को कम करने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने कहा है कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Review) अभियान के बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस व्यवस्था के बाद मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हुए कतारों में कम समय बिताना पड़ेगा।

बिहार इस अभियान को पूरा करने वाला पहला राज्य बन गया है, जहां अब हर पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1,200 मतदाता होंगे। पहले यह संख्या 1,500 थी। इस बदलाव से राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 77,895 से बढ़कर 90,712 हो गई है। 4 नवंबर से शुरू होने वाले एसआईआर अभियान के तहत जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चलेगी, वे हैं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होगी, उनके मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुसार नए मतदान केंद्र ऊंची इमारतों, रिहायशी कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों में स्थापित किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी नए मतदान केंद्र स्थापित करने के संबंध में राजनीतिक दलों से परामर्श करेंगे।

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि एक ही मतदान केंद्र पर एक ही परिवार के सभी सदस्यों को रखने का विशेष ध्यान रखा जाए। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि जहां तक संभव हो, मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए 2 किमी से अधिक की यात्रा न करनी पड़े। हाल के चुनावों में मतदाताओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ऊंची इमारतों और सोसाइटियों में मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे।

भारत बिना नए कोयला संयंत्र के 2032 तक बिजली की मांग पूरी कर सकता है, रिपोर्ट में दावा

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नई दिल्ली। भारत (India) आने वाले सात वर्षों में अपनी बढ़ती बिजली (Electricity) की मांग को पूरा करने के लिए किसी नए कोयला संयंत्र (Coal Plants) की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक नई वैश्विक रिपोर्ट (Global Report) में कहा गया है कि देश 2032 तक की बिजली जरूरतों को पहले से तय सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण लक्ष्यों के जरिए पूरा कर सकता है। यह निष्कर्ष भारत की ऊर्जा नीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है।

ऊर्जा थिंक टैंक एंबर की मंगलवार को जारी रिपोर्ट ‘कोल डिमिनिशिंग रोल इन इंडिया इलेक्ट्रीसिटी ट्राजिशन’ के मुताबिक, नए कोयला संयंत्रों में निवेश न सिर्फ अनावश्यक बल्कि आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि मौजूदा निर्माणाधीन कोयला संयंत्रों के अलावा और संयंत्र बनाए गए तो यह बिजली वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं पर महंगा बोझ डाल सकता है, क्योंकि अक्षय ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज तकनीक अब पहले से कहीं सस्ती और भरोसेमंद हो गई है।

एंबर के मॉडलिंग डेटा के अनुसार, यदि भारत नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान 2032 के तहत तय सौर, पवन और स्टोरेज लक्ष्यों को पूरा कर लेता है, तो 2031-32 तक लगभग 10 फीसदी अतिरिक्त कोयला संयंत्र पूरी तरह बेकार पड़े रहेंगे, जबकि 25 फीसदी से अधिक संयंत्र बहुत कम क्षमता पर चलेंगे। रिपोर्ट बताती है कि भारत के कोयला संयंत्रों की औसत प्लांट लोड फैक्टर 2024-25 में 69 प्रतिशत से घटकर 2031-32 तक सिर्फ 55 प्रतिशत रह जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि कई संयंत्र लंबे समय तक बंद रहेंगे या बेहद कम क्षमता पर चलेंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, कोयला बिजली का मुख्य स्रोत न रहकर सिर्फ बैकअप विकल्प बन जाएगा। इससे कोयला बिजली की लागत और बढ़ जाएगी। एम्बर का अनुमान है कि वर्तमान में कोयला बिजली की दर लगभग ₹छह प्रति यूनिट है, जो 2031-32 तक बढ़कर ₹7.25 प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है।

बिहार और मध्य प्रदेश जैसे कोयला उत्पादक राज्यों में भी नए कोयला संयंत्रों की बिजली दरें ₹5.85 से ₹छह प्रति यूनिट तक पहुंच गई हैं। इसकी तुलना में सौर और पवन आधारित फर्म डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी की दरें ₹4.3 से ₹5.8 प्रति यूनिट तक हैं, जबकि सोलर-प्लस-स्टोरेज प्रोजेक्ट ₹2.9 से ₹3.6 प्रति यूनिट तक में बिजली उपलब्ध करा रहे हैं।

एंबर के मुख्य विश्लेषक डेव जोन्स ने कहा कि भारत सौर निर्माण की तरह ही बैटरी उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बन सकता है और 24 घंटे, 365 दिन बिजली उपलब्ध कराने वाला देश बन सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब बैटरी तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, जिसकी आयु दशकों तक बढ़ गई है, और नई सोडियम-आयन तकनीक के कारण अब दुर्लभ खनिजों की जरूरत भी कम हो गई है।

रिपोर्ट के सह-लेखक दत्तात्रेय दास ने कहा कि भारत को पिछली गलतियों से सबक लेते हुए अनावश्यक कोयला संयंत्रों के निर्माण से बचना चाहिए। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि देश को अब ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने, पुराने तापीय संयंत्रों को लचीला बनाने और बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है बल्कि आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होगा।

Shree Desai Launches Transformative Book “Set a Goal: A Path to Self-Discovery and Success

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Author and growth advocate Shree Desai unveils his latest book, inspiring readers to uncover their true potential and achieve meaningful success through goal setting and self-awareness.

New Delhi, India , Author and personal growth advocate Shree Desai has officially launched his latest and most inspiring work, “Set a Goal: A Path to Self-Discovery and Success.” This empowering book offers readers a step-by-step roadmap to uncover their true potential, set meaningful goals, and achieve both personal and professional success with clarity and confidence.

Blending motivational insights, practical strategies, and self-reflection techniques, the book serves as a guiding light for those seeking purpose, discipline, and fulfillment. Whether you’re a student shaping your future, an entrepreneur building your dreams, or a professional striving for balance, “Set a Goal” helps turn aspirations into achievable results.

Key Highlights of the Book

Learn to define and pursue your goals with clarity and intention.

Discover practical ways to overcome self-doubt and procrastination.

Unlock personal growth through mindfulness and self-awareness.

Build a roadmap to sustainable success in every area of life.

About the Author

Shree Desai is a data analyst, digital marketer, and passionate writer who combines analytical precision with emotional intelligence to help people live with focus and purpose. His approach to self-improvement bridges the gap between logic and introspection, inspiring readers to take charge of their goals and unlock their full potential.

Author’s Words

“Setting goals means discovering yourself and acting with purpose,”
says Shree Desai.

Availability

“Set a Goal: A Path to Self-Discovery and Success” is now available for purchase on:

Amazon: www.amazon.in

Flipkart: www.flipkart.com

WN Publications: www.wnpublications.com

A Call to Action

Shree Desai encourages readers to embark on their journey of focus, fulfillment, and self-discovery through this transformational book — a perfect companion for anyone determined to live a goal-oriented and purpose-driven life.

Media Contact

Name: Shree Desai
Location: New Delhi, India

 

‘ऑपरेशन सिंदूर’ वाले राफेल में उड़ान! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उस जेट में भरी उड़ान जिसने पाक को किया था धुआं-धुआं

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अंबाला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अंबाला वायुसेना स्टेशन से राफेल विमान में उड़ान भरी. अंबाला एयरबेस, जहां से “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान राफेल समेत कई फाइटर जेट्स ने उड़ान भरकर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था. जब राष्ट्रपति ने उड़ान भरी, उस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं का कमांडर भी होता है. राफेल में सवारी करने से पहले राष्ट्रपति ने ‘जी-सूट’ पहना था. हाथ में हेलमेट, धूप का चश्मा लगाकर विमान के पायलटों के साथ फोटो खिंचवाई. जब अंबाला एयरपोर्ट से उड़ान भरीं तो हाथ हिलाकर अभिवादन किया. राफेल की सवारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कर चुके हैं.

2020 में वायुसेना में शामिल हुआ राफेल

राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में सितंबर 2020 में शामिल हुआ. यह फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा बनाया गया है. दरअसल, अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ का मुख्य केंद्र है. इसलिए ऐसे स्टेशनों को प्राथमिकता दी जाती है. इन विमानों ने हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले कर अपनी ताकत का प्रमाण दिया था. उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि राष्ट्रपति दिल्ली बुधवार सुबह हवाई मार्ग के माध्यम से अंबाला एयरफोर्स स्टेशन छावनी पहुंचीं. उनकी सुरक्षा के लिहाज से एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के इलाके में ड्रोन को उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई है. इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन के अंदर किसी को भी मोबाइल ले जाने की परमिशन नहीं दी गई है. स्टेशन के अंदर प्रवेश भी केवल उन्हीं को मिलेगा, जो अधिकृत व्यक्ति होंगे.

26 नए राफेल मरीन जेट को मंजूरी

राष्ट्रपति ने उड़ान उस ऐसे समय में भरीं, जब भारत और फ्रांस के बीच नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन जेट्स की डील को मंजूरी मिल चुकी है. फाइटर जेट का यह सौदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की मंजूरी मिलने के बाद हुआ. 26 फाइटर में 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर ट्रेनर जेट शामिल होंगे.

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News Desk