इंडिगो की फ्लाइट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप

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नई दिल्ली: हैदराबाद (Hyderabad) के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Rajiv Gandhi International Airport) के अधिकारियों के मुताबिक,शनिवार सुबह उन्हें एक बम की धमकी वाला ईमेल मिला. इस ईमेल में किसी “लिट्टे-आईएसआईएस के सदस्य” द्वारा इंडिगो के विमान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. इसके बाद इंडिगो के विमान को डायवर्ट कर दिया गया.

बताय गया कि ईमेल में 1984 में चेन्नई हवाई अड्डे पर हुए बम विस्फोट जैसे हमले की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद हवाई अड्डे के अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर दिया. RGI हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार 1 नवंबर, 2025 को सुबह लगभग 5:25 बजे हवाई अड्डा परिचालन नियंत्रण केंद्र को धमकी भरे मेल की जानकारी मिली.

इंडिगो के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि हैदराबाद जाने वाली उड़ान संख्या 6ई 68 को 1 नवंबर को सुरक्षा संबंधी धमकी मिली थी, जिसके कारण विमान को डायवर्ट कर दिया गया. प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “1 नवंबर को जेद्दा से हैदराबाद जा रही इंडिगो की उड़ान 6E 68 के लिए सुरक्षा संबंधी खतरा पाया गया और विमान को मुंबई की ओर मोड़ दिया गया. प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हमने संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित किया और विमान को आगे के संचालन के लिए मंजूरी देने से पहले आवश्यक सुरक्षा जांच में उनका पूरा सहयोग किया.”

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News Desk

देश के लिए नहीं खेल पाए, कोच बनकर भारतीय टीम को फाइनल में पहुँचाया—अमोल मजूमदार की कहानी

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नई दिल्ली: अमोल मजूमदार की कहानी सिर्फ एक कोच की नहीं है, यह उस खिलाड़ी की गाथा है जिसने कभी भारतीय टीम की जर्सी नहीं पहनी, पर उसने वह कर दिखाया जो शायद भारत के लिए खेलने वाले भी नहीं कर पाए। उन्होंने खुद मैदान पर मौका नहीं पाया, लेकिन दूसरों को वह मौका दिलाया और उसी से भारत को विश्व कप फाइनल तक पहुंचा दिया। भारत की महिला क्रिकेट टीम 2005 और 2017 के बाद सिर्फ तीसरी बार वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची है और इस बार उसके चैंपियन बनने की संभावना पहले से कहीं ज्यादा प्रबल है।

फाइनल दो नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में एक ऐसी ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराया जिसे हराना मुश्किल माना जाता है। हालांकि, अमोल मजूमदार के लिए ऐसा करना आसान नहीं था। उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, न सिर्फ बतौर कोच, बल्कि अपने खेलने के दिनों में भी। आइए उनकी कहानी जानते हैं…

बचपन और इंतजार की शुरुआत
मजूमदार का जीवन एक इंतजार से शुरू हुआ। 1988 में वह 13 साल के थे, जब स्कूल क्रिकेट के टूर्नामेंट हैरिस शील्ड के दौरान नेट्स में अपनी बल्लेबाजी की बारी आने का इंतजार कर रहे थे। उसी दिन अमोल की टीम से ही खेल रहे सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली ने 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की। दिन खत्म हो गया, पारी घोषित कर दी गई, लेकिन अमोल को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। यह घटना उनके जीवन का प्रतीक बन गई। बैटिंग की बारी हमेशा उनसे कुछ दूर ही रही।

1993 में जब उन्होंने बॉम्बे (अब मुंबई) के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया, तो पहले ही मैच में 260 रनों की ऐतिहासिक पारी खेल डाली। यह तब विश्व में किसी भी खिलाड़ी की डेब्यू पारी में सबसे बड़ा स्कोर था। लोग कहने लगे- यह अगला सचिन तेंदुलकर बनेगा। पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दो दशक से भी अधिक लंबे करियर में उन्होंने 11,000 से ज्यादा रन बनाए, 30 शतक जड़े, लेकिन कभी भी भारत के लिए एक भी मैच नहीं खेल सके। वो एक सुनहरे युग के खिलाड़ी थे, जब टीम में तेंदुलकर, द्रविड़, गांगुली, लक्ष्मण जैसे सितारे थे। मजूमदार उनके साए में खो गए।

हार नहीं मानी: पिता की एक बात ने सब बदल दिया
2002 तक आते-आते उन्होंने लगभग हार मान ली थी। चयनकर्ता बार-बार नजरअंदाज करते रहे। वो खुद कहते हैं, ‘मैं एक खोल में चला गया था, समझ नहीं आ रहा था अगली पारी कहां से निकलेगी।’ तभी उनके पिता अनिल मजूमदार ने कहा, ‘खेल छोड़ना नहीं, तेरे अंदर अभी क्रिकेट बाकी है।’ यह एक वाक्य उनकी जिंदगी बदल गया। उन्होंने वापसी की और 2006 में मुंबई को रणजी ट्रॉफी जिताई। इसी दौरान उन्होंने एक युवा खिलाड़ी रोहित शर्मा को पहली बार फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में मौका दिया। फिर भी, दो दशकों में 171 मैच, 11,167 प्रथम श्रेणी रन, 30 शतक के बावजूद उन्होंने भारत के लिए एक भी मैच नहीं खेला।

कोच बनने की नई राह
सचिन तेंदुलकर ने 2014 में अमोल के संन्यास के वक्त कहा था, ‘मजूमदार सच्चे अर्थों में खेल के सेवक हैं।’ पर अमोल के मन में एक खालीपन रह गया और वह बताते हैं, ‘मैंने भारत के लिए कभी नहीं खेला, यही एक कमी रह गई।’ 2014 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद उन्होंने कोचिंग का रास्ता चुना। उन्होंने नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों के साथ काम किया। उनकी पहचान एक ऐसे कोच की बनी जो कम बोलता है, लेकिन बहुत गहराई से हर चीज को समझता है। अक्तूबर 2023 में जब उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया, तो कई लोगों ने सवाल उठाए कि जिसने भारत के लिए कभी नहीं खेला, वो कोच कैसे बनेगा? लेकिन दो साल बाद, वही लोग उनके सामने सिर झुका रहे हैं।

कबीर खान की तरह टीम को बदला
2025 महिला विश्व कप के ग्रुप स्टेज में भारत का प्रदर्शन खराब रहा। इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से टीम को हार मिली। सोशल मीडिया पर मीम्स बन रहे थे, आलोचना चरम पर थी। तभी मजूमदार ने टीम के सामने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। हरमनप्रीत कौर बाद में बोलीं, ‘मैंने इंग्लैंड मैच के बाद एक शब्द नहीं बोला। सर ने कहा- आप लोगों को यह मैच आसानी से खत्म करना चाहिए था। हम सबने उसे सही भावना में लिया क्योंकि अमोल सर जो भी कहते हैं, दिल से कहते हैं।’ मजूमदार ने उस समय कहा, ‘वह बात भावना से आई थी, लेकिन मकसद टीम को आगे बढ़ाना था।’ यह वही पल था जिसने पूरी टीम की सोच बदल दी। उस एक बातचीत ने आपको उस आदमी के बारे में सब कुछ बता दिया, जिसने चक दे! इंडिया में शाहरुख खान के कबीर खान की तरह व्यक्तिगत अस्वीकृति को सामूहिक जीत में बदल दिया।

सेमीफाइनल: बस एक रन ज्यादा चाहिए
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले, उन्होंने ड्रेसिंग रूम की व्हाइटबोर्ड पर सिर्फ एक लाइन लिखी, ‘हमें फाइनल में पहुंचने के लिए बस उनसे एक रन ज्यादा चाहिए, बस इतना।’ साधारण वाक्य, लेकिन गहरी सोच। फिर चमत्कार हुआ। जेमिमा रॉड्रिग्स ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी की, जैसा कि मजूमदार ने तय किया था। उन्होंने 127 रनों की नाबाद पारी खेली, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 89 रन बनाए। भारत ने 339 रनों का पीछा कर ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया। महिलाओं के वनडे इतिहास का सबसे बड़ा सफल चेज किया। टीम उछल पड़ी, लेकिन अमोल मजूमदार खामोश खड़े रहे। उनकी आंखों में नमी थी और चेहरा शांत था। उन्होंने कोई जश्न नहीं मनाया। उनके लिए यह जीत नहीं, एक अधूरी कहानी का अंत थी। कहानी यह कि- जिसने कभी भारत की जर्सी नहीं पहनी, उसने कोच बनकर भारतीय टीम को विश्व कप फाइनल तक पहुंचा दिया।

असल जिंदगी का ‘कबीर खान’
समानताएं खुद-ब-खुद लिखी जाती हैं। चक-दे इंडिया के कबीर खान की तरह ही अमोल मजूमदार ने भी अनदेखे और गलत समझे जाने के जख्म अपने भीतर सहे। कबीर की तरह उन्होंने भी एक ऐसी टीम को संभाला, जिसे अक्सर अस्थिर और असंगत कहकर आलोचना की जाती थी। लेकिन अमोल ने उन खिलाड़ियों को स्पष्टता दी, दिशा दी और विश्वास दिलाया। लेकिन फर्क इतना है कि मजूमदार की कहानी किसी पटकथा लेखक की नहीं, जिंदगी की अपनी कलम से लिखी गई है। उनके सबक किसी किताब से नहीं आए, वे आए हैं वर्षों के इंतजार, खामोशी से जद्दोजहद करने और उस संवेदना से जो केवल वही महसूस कर सकता है, जिसने खुद कभी भुलाए जाने का दर्द झेला हो। ऑलराउंडर स्नेह राणा ने कहा, ‘वो सबसे मिलनसार कोच हैं जो हमारे साथ रहे। वो कभी चिल्लाते नहीं, बस सुनते हैं। और जब बोलते हैं, तो आप बेहतर करना चाहते हैं।’ मजूमदार ने टीम को सिर्फ तकनीक नहीं सिखाई, उन्होंने विश्वास करना सिखाया। उन्होंने खिलाड़ियों को यह महसूस कराया कि वो किसी भी मंच पर खड़ी होकर जीत सकती हैं।

अमोल मजूमदार: एक प्रतीक बन चुके हैं
अब चाहे भारत फाइनल जीते या हार जाए, लेकिन अमोल मजूमदार की कहानी पूरी हो चुकी है। जिस बच्चे को 13 साल की उम्र में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था, आज वही कोच बनकर पूरी टीम को चैंपियन बनने का मौका दे रहा है। कभी जो इंतजार उनका सबसे बड़ा दर्द था, वही अब उनकी पहचान बन गया है। उन्होंने दिखाया कि क्रिकेट सिर्फ मैदान पर खेलने वालों का खेल नहीं, बल्कि उन लोगों का भी है जो दिल से खेलते हैं। कभी-कभी खेल उन्हें याद नहीं रखता जिन्होंने खेला, बल्कि उन्हें याद रखता है जिन्होंने उसे बदल दिया, और अमोल मजूमदार ने सचमुच उसे बदल दिया है। जिसे बैटिंग की बारी कभी नहीं मिली, उसने पूरी टीम को जीत की बारी दे दी।

हजार से ज्यादा अप्रेंटिस पद खाली, मौका न गंवाएं!

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RRC ECR Apprentice: युवाओं के लिए सपनों का मौका! पूर्व मध्य रेलवे ने 1149 अप्रेंटिस पदों के लिए अधिसूचना जारी की है। अगर आप 10वीं पास हैं और ITI में हैं, तो यह मौका फटाफट आवेदन करने का है – सीधे करियर की पटरी पर रफ्तार पकड़ सकते हैं!

आवेदन की डेडलाइन:

  • शुरू: आज से
  • आखिरी मौका: 25 अक्टूबर 2025

RRC ECR Apprentice: पात्रता की हॉट टिप्स:

  • न्यूनतम 50% अंक के साथ 10वीं पास
  • ITI सर्टिफिकेट अनिवार्य
  • आयु: 15-24 साल (आरक्षित वर्ग को छूट)

आवेदन शुल्क:

  • सामान्य/ओबीसी: ₹100
  • एससी/एसटी, महिला, PWD: बिल्कुल फ्री!

चयन का मसाला:

  • 10वीं + ITI अंकों का औसत तय करेगा मेरिट
  • समान अंक होने पर उम्र और 10वीं पासिंग डेट तय करेगी प्राथमिकता

आवेदन का आसान फॉर्मूला:

  1. रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  2. नए यूजर के लिए रजिस्ट्रेशन करें
  3. ऑनलाइन फॉर्म भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें
  4. शुल्क का भुगतान करें (यदि लागू हो)
  5. सबमिट करें और प्रिंट आउट निकालें

स्पेशल एडवाइस:
यह भर्ती सिर्फ मेहनती और टैलेंटेड युवाओं के लिए है। मेरिट लिस्ट में नाम दर्ज होना = करियर में सुपर बूस्ट! ऐसे मौके बार-बार नहीं आते – जल्दी करें, देर न करें और सपनों की ट्रेन पकड़ें!

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Shreya Pandey

NDA का संकल्प पत्र बनाम INDIA गठबंधन का प्रण पत्र, जनता के लिए हुई वादों की बरसात

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पटना । बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के लिए इंडिया गठबंधन(महागठबंधन) ने तेजस्वी प्रण नाम से अपना मेनिफेस्टो (Manifesto) जारी किया है तो एनडीए (NDA) ने आर्थिक समृद्धि और औद्योगिक क्रांति के जरिये बिहार को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। जनता का वोट बटोरने के लिए दोनों गठबंधनों ने चुनावी वादों की बरसात कर दी है।

एनडीए के संकल्प पत्र में राज्य में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश की बात कही गई है। हर जिले में फैक्ट्रियां लगेंगी। दस नये औद्योगिक पार्क का निर्माण होगा। एक सौ एमएसएमई पार्क और 50 हजार से अधिक कुटीर उद्योग लगेंगे। हर परिवार को रोजी-रोजगार मिलेगा। एक करोड़ सरकारी नौकरियां और रोजगार मिलेंगे।

एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने और मिशन करोड़पति से चिह्नित महिला उद्यमियों को करोड़पति बनाने का वादा किया गया है। बिहार को पांच सालों में बाढ़ से मुक्त कराया जएगा। एनडीए ने विकसित बिहार के लिए शुक्रवार को संकल्प पत्र 2025 जारी किया। इसमें ऐसे 25 प्रमुख संकल्प शामिल हैं।

सत्तारूढ़ गठबंधन ने संकल्प पत्र के जरिये अगले पांच सालों के लिए अपनी कार्ययोजना जनता के समक्ष रखी है। इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और अतिपिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के पांचों दलों के शीर्ष नेताओं ने सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर संकल्प पत्र का लोकार्पण किया। बाद में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी विस्तृत जानकारी दी। संकल्प पत्र में अतिपिछड़ा वर्ग के विभिन्न व्यावसायिक समूहों को दस लाख की सहायता देने, हर जिले में मेगा स्किल सेंटर खोलने की बात है। अतिपिछड़ा वर्ग को आर्थिक और सामाजिक बल देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित होगी।

‘किसान सम्मान निधि’ की राशि छह हजार को बढ़ाकर नौ हजार किया जाएगा। बढ़ी हुई तीन हजार की राशि राज्य सरकार अपने कोष से देगी, जिसके लिए कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि की शुरुआत होगी। साथ ही किसानों को सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी होगी। वहीं, मत्स्य पालकों को 9,000 रुपये देने की घोषणा की गई है।

गरीब परिवारों के लिए केजी से पीजी तक शिक्षा मुफ्त होगी
गरीब परिवारों के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। महिला रोजगार योजना से दो लाख तक की सहायता दी जाएगी।

चार शहरों में नए अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, चार में मेट्रो बनेंगे
पटना, दरभंगा, पूर्णिया व भागलपुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, चार नये शहरों में मेट्रो का निर्माण किया जाएगा।

एनडीए का संकल्प
1. एक करोड़ जीविका सदस्यों को लखपति दीदी बनाएंगे।

2. हर घर में 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी।

3. हर घर में नौकरी और रोजगार देंगे।

4. हर व्यक्ति को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज।

5. अतिपिछड़ों के व्यावसायिक समूहों को दस लाख की मदद

‘इंडिया’ का प्रण
1. जीविका कैडर दीदियों को दो हजार रुपये भत्ता देंगे।

2. हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त देंगे।

3. हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देंगे।

4. हर व्यक्ति को 25 लाख तक मुफ्त स्वास्थ्य बीमा।

5. अतिपिछड़ा वर्ग को पांच लाख की ब्याज रहित राशि मिलेगी।

क्या बोले पीएम?
एनडीए का संकल्प पत्र आत्मनिर्भर और विकसित बिहार के हमारे विजन को स्पष्ट रूप से सामने लाता है। इसमें राज्य के किसान, युवा साथियों और माता-बहनों के साथ-साथ सभी परिवारजनों के जीवन को आसान बनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता दिखाई देती है। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

मसाले में जहरीला लेड पाया गया, 11 ब्रांड्स का माल तुरंत हटाने को कहा, स्वास्थ्य और याददाश्त पर पड़ सकता है गंभीर असर

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मसालों का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और इंफेक्शन से राहत मिलती है। लेकिन अमेरिका में एफडीए ने कुछ ब्रांड के दालचीनी पाउडर के अंदर ज्यादा लेड पाया। जो कि सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

कौन सा मसाला निकला मिलावटी?
भारत को मसालों का देश कहा जाता है। क्योंकि अधिकतर मसालों की शुरुआत यहीं पर हुई। यहां के लोगों ने विदेशी मसालों को भी खूब इस्तेमाल किया। जिस वजह से आज सारे मसाले भारतीय लगते हैं, जो सेहत को फायदा भी देते हैं। लेकिन अमेरिका में दालचीनी पाउडर में इस बार लेड की अधिक मात्रा मिली है, जो जहरीली साबित होती है।

FDA ने 11 कंपनियों को दी चेतावनी
​टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने 11 मसालों के ब्रांड को लेड की अधिक मात्रा की वजह से माल हटाने के लिए कहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें लेड की मात्रा 2.03 से 7.68 पार्ट्स प्रति मिलियन (ppm) निकली। एफडीए ने सभी कंपनी को खुद से ऐसे स्टॉक को हटाने के लिए कहा है।

ग्राहकों को सलाह
एफडीए ने ग्राहकों को दालचीनी के ऐसे पाउडर को फेंकने के लिए कहा है। ऐसे प्रोडक्ट्स की शेल्फ लाइफ ज्यादा होती है, इसलिए उसके पैकेट पर देखें कि उसमें लेड की मात्रा ज्यादा तो नहीं है।

लेड कैसे है जहरीला
लेड एक मेटल है, जिसे मसालों के रंग और वजन को बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है। अगर यह एक मात्रा से ज्यादा होता है तो शरीर के लिए जहरीला साबित हो सकता है। इससे खतरनाक असर दिख सकते हैं।

खून में बढ़ता है लेड
FDA ने बताया कि ऐसे मसालों का सेवन खून में लेड बढ़ाता है। जिसके नुकसान उपयोगकर्ता की उम्र, संपर्क की अवधि, मात्रा पर निर्भर करती है। इसकी वजह से न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं।

लेड टॉक्सिसिटी के नुकसान
​सीडीसी के मुताबिक कम समय तक लेड एक्सपोजर से मेटालिक टेस्ट, पेट दर्द, उल्टी, डायरिया या कब्ज, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, भूख की कमी, याददाश्त खोना और हाथ-पैर में सुन्नपन हो सकता है।

ज्यादा गंभीर नुकसान
डिप्रेशन, भूलने की बीमारी, दांत-हड्डी की कमजोरी, लंग फंक्शन में कमी और महिला-पुरुष में फर्टिलिटी की समस्या हो सकती है।

‘पेद्दी’ में जान्हवी कपूर का दमदार अवतार, राम चरण संग शेयर की पहली झलक

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मुंबई: राम चरण अभिनीत आगामी फिल्म ‘पेद्दी’ को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह बना हुआ है। आज शनिवार को फिल्म निर्माताओं ने बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर का फर्स्ट लुक जारी कर दिया है, जो फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। इस फिल्म में एक्ट्रेस अचियम्मा के रोल में नजर आएंगी। 

जान्हवी कपूर के स्वैग अंदाज ने खींचा ध्यान
फिल्म ‘पेद्दी’ के निर्माताओं ने आज 01 नवंबर के दिन फिल्म का नया पोस्ट रिलीज किया है। इसमें उन्होंने अभिनेत्री जान्हवी कपूर का पहला लुक और उनके किरदार के बारे में खुलासा किया है। फिल्म का दो पोस्टर जारी हुआ है। एक में एक्ट्रेस माइक पर कुछ बोलती दिख रही हैं, जिसमें उन्होंने अपने ब्लाउज में गॉगल फंसा रखा है। यह उनके स्वैग अंदाज को दिखा रहा है। इसके अलावा एक और पोस्टर में अभिनेत्री खुली जीप में जनता का अभिवादन स्वीकार करती दिख रही हैं। वहीं इसमें भी वह शानदार और हॉट लुक में नजर आ रही हैं।
 
कब रिलीज होगी फिल्म?
यह फिल्म 27 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को सभी भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। ‘पेद्दी’ में राम चरण और जान्हवी कपूर के अलावा दिव्येंदु शर्मा, शिव राजकुमार और जगपति बाबू भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।

फिल्म के बारे में 
फिल्म ‘पेद्दी’ का निर्देशन बुचि बाबू सना द्वारा किया जा रहा है। इस फिल्म का निर्माण सुकुमार राइटिंग्स, मैत्री मूवी मेकर्स और टी-सीरीज द्वारा हो रहा है। वहीं इसे वृद्धि सिनेमाज के बैनर तले संयुक्त रूप से तैयार किया जा रहा है। फिल्म में ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान संगीत तैयार कर रहे हैं, रत्नवेलु छायांकन, कोल्ला अविनाश कला निर्देशन और नवीन नूली संपादन का काम संभाल रहे हैं।

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बिहार के दुलारचंद हत्याकांड में EC की बड़ी कार्रवाई, SP समेत 4 अफसरों का तबादला, 1 सस्पेंड

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नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) से पहले मोकामा में जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या (Murder of Dular Chand Yadav) के मामले में भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है. आयोग ने बाढ़ और मोकामा के तीन अधिकारियों का तत्काल तबादला कर दिया, जबकि एक अधिकारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है. इसके साथ ही स्थानीय एसपी का भी तबादला कर दिया गया है.

ईसीआई ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार से कल दोपहर 12:00 बजे तक एक्शन टेकेन रिपोर्ट (कार्रवाई की रिपोर्ट) मांगी है. ईसीआई के शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, बाढ़ के सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) सह 178-मोकामा विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर चंदन कुमार को हटा दिया गया है. उनकी जगह आईएएस आशीष कुमार को लाया गया है, जो वर्तमान में पटना नगर निगम के अतिरिक्त नगर आयुक्त हैं.

इसी तरह, राकेश कुमार, एसडीपीओ बाढ़-1, और अभिषेक सिंह, एसडीपीओ बाढ़-2 का तबादला कर दिया गया है और उनकी जगह 2022 आरआर बैच के आनंद कुमार सिंह और आयुष श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया है. चुनाव आयोग ने हटाए गए तीन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का भी निर्देश दिया है. पटना ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि यह कार्रवाई दो स्टेशन हाउस अधिकारियों (SHO) – घोसवारी एसएचओ मधुसूदन कुमार और भदौर एसएचओ रवि रंजन को इसी मामले के सिलसिले में दिन में निलंबित किए जाने के बाद की गई है.

बता दें कि 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुई गोलीबारी में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी. पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन एफआईआर दर्ज की हैं और दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुलारचंद की मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर से बताई गई है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इसे ‘जंगल राज’ की वापसी बताते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी हिंसा की निंदा की और ईसीआई से त्वरित कार्रवाई की मांग की.

मोकामा लंबे समय से बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का गढ़ रहा है, जिनमें अनंत कुमार सिंह, उनके भाई दिलीप सिंह और सूरजभान सिंह शामिल हैं. इस सीट पर 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान होना है. जेडीयू के अनंत सिंह और राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार वीणा देवी के बीच कड़ा मुकाबला है. वीणा देवी पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी हैं. अनंत​ सिंह और सूरजभान दोनों भूमिहार समुदाय से आते हैं, जिससे राजनीतिक विरासत का सीधा टकराव पैदा हो गया है. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा. नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे.

खिताब की उम्मीद, राधा यादव और स्नेह राणा में से कौन खेलेगी मुख्य भूमिका?

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नई दिल्ली: महिला विश्व कप का रोमांच चरम पर पहुंच गया है। रविवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमों के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। भारत तीसरी बार वनडे विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेलेगी जिसमें उसका प्रयास खिताबी सूखे को खत्म करना होगा। वहीं, दक्षिण अफ्रीका का यह पहला फाइनल है।

तीसरी बार खिताब के लिए जोर लगाएगी भारतीय टीम
भारतीय टीम इससे पहले मिताली राज की अगुवाई में 2005 और 2017 में विश्व कप के फाइनल में पहुंच चुकी है। साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराया था जबकि 2017 में इंग्लैंड ने घरेलू सरजमीं पर रोमांचक फाइनल में भारत पर नौ रन से जीत दर्ज की की। महिला विश्व कप के शुरुआती दो आयोजनों में विजेता का फैसला लीग चरण के अंकों के आधार पर हुआ था। जिसमें 1973 में इंग्लैंड और 1978 में ऑस्ट्रेलिया चैंपियन बना था। 

विश्व कप में फाइनल मैच की प्रथा 1982 से शुरू हुई। इंग्लैंड को 1982 और 1988 में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त का सामना करना पड़ा लेकिन टीम ने 1993 में न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार विश्व कप फाइनल जीता। न्यूजीलैंड इसके बाद 1997 में भारत में खेले गए विश्व कप के फाइनल में पहुंचा लेकिन इस बार उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। टीम ने हालांकि घरेलू सरजमीं पर साल 2000 में खेले गए विश्व कप के फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया को हराकर इंग्लैंड की तरह ही अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। 

भारत का पलड़ा भारी
भारत विश्व कप में अपना तीसरा फाइनल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने को तैयार है। दोनों देशों के बीच 34 वनडे मैचों 20 जीत के साथ भारत का पलड़ा भारी है लेकिन विश्व कप में मुकाबला बराबरी का है। वनडे विश्व कप के छह मैचों में भारत के नाम तीन जीत हैं लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने पिछले तीनों मैच में भारत को शिकस्त दी है। दक्षिण अफ्रीका इकलौती ऐसी टीम है जिसे भारत ने 2017 से इस वैश्विक आयोजन में नहीं हराया है। विश्व कप के इतिहास में इससे ज्यादा बार लगातार मैचों में ऑस्ट्रेलिया (आठ) और न्यूजीलैंड (पांच) ने भारत को  हराया है। भारतीय टीम ऐसे में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से विश्व कप में मिली लगातार तीन हार का बदला भी चुकता करना चाहेगी। 

दक्षिण अफ्रीका ने भारत को लीग स्टेज में हराया
दक्षिण अफ्रीका ने 2017 विश्व कप में भारत को 115 जबकि 2022 विश्व कप में तीन विकेट से हराया था। इस टीम ने मौजूदा विश्व कप में विशाखापत्तनम में भारत को तीन विकेट से शिकस्त देकर विश्व कप के मैचों में जीत की हैट्रिक पूरी की थी। इस जीत से दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय महिला टीम के खिलाफ लगातार पांच वनडे मैचों की हार का सिलसिला तोड़ा था।  भारत ने फाइनल की मेजबानी कर रहे डीवाई पाटिल स्टेडियम में अपने दो मैचों जीत दर्ज की है जबकि बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। दक्षिण अफ्रीका की टीम पहली बार इस मैदान पर खेलेगी। 

दोनों टीमों को अपने पहले खिताब का इंतजार
महिला विश्व कप के फाइनल में यह पहला मौका है जब खिताबी मुकाबला ऐसी दो टीमों के बीच होगा जो कभी चैंपियन नहीं रही है। महिला वनडे विश्व कप में यह पांचवां मौका है जब मेजबान टीम खिताबी मुकाबला खेलेगी। ऑस्ट्रेलिया (1988), इंग्लैंड (1993, 2017) और न्यूजीलैंड (2000) ने यह कारनामा किया है। ऑस्ट्रेलिया सात खिताब और नौ फाइनल के साथ विश्व कप की सबसे सफल टीम है जबकि इंग्लैंड ने तीन और न्यूजीलैंड ने एक खिताब जीता है ऐसे में रविवार का दिन महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक होगा क्योंकि जीतने वाली टीम पहली बार विश्व विजेता बनेगी। 

भारत की प्लेइंग 11 में बदलाव की संभावना
सेमीफाइनल में भारत की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत इस बात का सबूत है कि टीम इंडिया खिताब की दौड़ में सबसे आगे है। टीम में बल्लेबाजी की गहराई आठवें स्थान तक है। इसके अलावा छह गेंदबाजी विकल्प हैं और बो ऑलराउंडर जिनमें जेमिमा रोड्रिग्स और राधा यादव शामिल हैं। दोनों ने पूरे 50 ओवर फील्डिंग की थी। अब टीम प्रबंधन के सामने एकमात्र सवाल यह है कि क्या राधा यादव की जगह स्नेह राणा को टीम में वापस लाया जाए। राधा पिछले मैच में थोड़ी महंगी साबित हुई थीं, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी क्रम में कोई बाएं हाथ का बल्लेबाज नहीं है। ऐसे में भारत शायद यह जोखिम न ले, भले ही स्नेह की वापसी से बल्लेबाजी को और गहराई मिल सकती है।

ब्रिट्स के खेलने पर संशय
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने अपने सेमीफाइनल में कोई बदलाव नहीं किया था, लेकिन उनकी विस्फोटक ओपनर तजमिन ब्रिट्स को गुवाहाटी में कंधे में चोट लग गई थी। मैच के बाद उन्होंने कहा कि वे फाइनल में खेलने के लिए तैयार हैं। अगर वे खेलती हैं, तो टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि क्या मसाबाता क्लास को एक अतिरिक्त गेंदबाज के रूप में वापस लाया जाए। पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी नौवें नंबर तक थी, इसलिए अगर पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार रही तो ऐनके बॉश या एनरी डर्कसन की जगह एक अतिरिक्त गेंदबाज शामिल करना समझदारी हो सकती है।

फाइनल मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11 इस प्रकार है

भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, राधा यादव / स्नेह राणा, क्रांति गौड़, श्री चरणी, रेणुका सिंह।

दक्षिण अफ्रीका: लाउरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान), तजमिन ब्रिट्स, ऐनके बॉश / मसाबाता क्लास, सुने लूस, मारिजन कप, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), एनरी डर्कसन, क्लो ट्रायन, नादिन डि क्लार्क, आयाबोंगा खाका, नोंकुलुलेको म्लाबा।

मेटा ने AI Vibes Feed से सोशल मीडिया में मचाया तहलका”

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Meta: सोशल मीडिया की जंग में अब असली मुकाबला शुरू!
मेटा ने अपने Meta AI App और Meta.AI पर लॉन्च किया है नया Vibes Feed, जो दिखने में तो रील्स और टिक टॉक जैसा है, लेकिन असलियत में है बिल्कुल अलग।
क्योंकि यहां वीडियो बनाएंगे आपके हाथ नहीं, बल्कि AI का जादू!

Vibes Feed में क्या मिलेगा?

  • बस एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालो, और चुटकियों में तैयार होगा धांसू वीडियो।
  • चाहे रीमिक्स करना हो, नया विजुअल जोड़ना हो, म्यूजिक डालना हो या स्टाइल बदलना हो – सब कुछ मिलेगा फुल ऑन कस्टमाइजेशन।
  • और हां, जो वीडियो पसंद आए, उसे सीधे Insta, Facebook और DM में भी शेयर कर पाओगे।

जुकरबर्ग का ट्रेलर शो

मार्क जुकरबर्ग ने इंस्टा पर खुद दिखाया AI का कमाल –

  • कहीं फजी जीव क्यूब्स पर कूद रहे थे,
  • कहीं बिल्ली आटे पर पंजे चला रही थी,
  • और कहीं प्राचीन मिस्र की महिला बालकनी पर सेल्फी ले रही थी।
    फैंस बोले – “ये है असली वर्चुअल जादू!”

मेटा का बड़ा दांव

  • MidJourney और Black Forest Labs के साथ साझेदारी।
  • लॉन्च हुआ Meta Super Intelligent Labs – जहां तैयार होंगे अगली पीढ़ी के AI मॉडल।
  • साफ है – मेटा अब सोशल मीडिया को बनाना चाहता है AI-फर्स्ट कंटेंट हब।

लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

  • कुछ लोग बोले – “यही है सोशल मीडिया का फ्यूचर, अब हर कोई बन सकेगा क्रिएटर।”
  • वहीं कई यूजर्स ने कहा – “AI वीडियो अच्छे हैं, पर असली इंसानों की क्रिएटिविटी की जगह नहीं ले सकते।”

कर्नाटक सरकार के जाति सर्वेक्षण का 4.22 लाख परिवारों ने किया बहिष्कार, आयोग ने किए आंकड़े जारी

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नई दिल्‍ली । कर्नाटक (Karnataka) के राज्य पिछड़ा आयोग (Backward Commission) ने बहुचर्चित जाति सर्वेक्षण (caste survey) को लेकर कुछ आंकड़े जारी किए हैं। आयोग ने बताया कि कर्नाटक राज्य की अनुमानित जनसंख्या करीब 6.86 करोड़ है, जबकि 31 अक्तूबर तक इस सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण में राज्य के करीब 6.13 करोड़ लोग शामिल हुए हैं। वहीं, इस सर्वेक्षण में हिस्सा लेने से करीब 4.22 लाख परिवारों ने इनकार कर दिया है, दूसरी तरफ करीब 34.49 लाख घर खाली मिले हैं।

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के निर्देश पर 22 सितंबर से शुरू हुए इस सर्वेक्षण को 7 अक्तूबर को समाप्त होना था। हालांकि, तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न हो पाने की स्थिति में सरकार ने इसे 10 दिन के लिए और बढ़ा दिया था। बाद में 18 अक्तूबर को इसे 31 अक्तूबर तक के लिए कर दिया गया था।

फिलहाल आयोग अभी भी अपने काम को पूरा नहीं कर पाया है। इसलिए उसने अपनी बेवसाइट के माध्यम से स्व-भागीदारी के जरिए इस प्रयास को 10 नवंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। विभाग ने कहा कि हम एक बार फिर से लोगों को इस सर्वेक्षण में शामिल होने का मौका दे रहे हैं, जिन्होंने पहले इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था। या फिर सर्वेक्षण के समय अपने घरों में उपलब्ध नहीं थे, वह अब ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग करके अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। विभाग ने अपने बयान में लोगों से अनुरोध करते हुए कहा कि इन आंकड़ों का उपयोग सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं को बनाने के लिए करेगी। इसलिए सभी नागरिकों को इसमें भाग लेना चाहिए।

गौरलतब है कि कर्नाटक सरकार की तरफ से कराए जा रहे इस जाति सर्वेक्षण पर शुरुआत से ही विवाद हो रहा है। हाल ही में इन्फोसिस के संस्थापक नारायम मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने भी परिवार समेत इस सर्वेक्षण में शामिल होने से इनकार कर दिया था, जिसे लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी अपना बयान जारी किया था। राज्य सरकार इस सर्वेक्षण को अपनी कार्य कुशलता बढ़ाने का माध्यम मानती है, जबकि विपक्ष इसे कांग्रेस सरकार की चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है।