ठंड में स्किन ड्राईनेस से हैं परेशान…महंगे प्रोडक्ट्स छोड़ ये 5 चीजें लगाएं…पाएं गुलाबी और मुलायम चेहरा, जानें तरीका

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Home Remedies For Dry Skin:  सर्दियों में ठंडी हवा और कम नमी के कारण चेहरा बहुत जल्दी ड्राई और बेजान हो जाता है. इस मौसम में अधिकतर लोगों को चेहरे के फटने की दिक्कत काफी ज्यादा होने लगती है. चेहरे के फटने से खूबसूरती भी कम हो जाती है. गलत चीजों को लगाने से ये समस्या काफी ज्यादा बढ़ने लगती है रूखी, बेजान और पपड़ीदार स्किन होने लगती है. अधिकतक लड़कियां खूबसूरती के लिए कई ट्रीटमेंट लेती हैं लेकिन कुछ खास असर नहीं पड़ता है आइए आपको बताते हैं सर्दियों में चेहरे की ड्राईनेस से कैसे आप छुटकारा पा सकते हैं.

सर्दियों में चेहरे की ड्राईनेस से कैसे छुटकारा पाएं?
गुलाब जल 
गुलाब जल को भी आप अपने चेहरे पर लगा सकते हैं. त्वचा को हाइड्रेट और मॉइश्चराइज के साथ-साथ सर्दियों में चेहरे की ड्राईनेस को भी दूर रखता है.

2. नारियल तेल

नारियल तेल आपकी स्किन और बालों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है. अगर आप भी चेहरे की ड्राईनेस को हमेशा के लिए दूर रखना चाहते हैं, तो आप इसको लगा सकते हैं.

3. शहद

सर्दियों में चेहरे की ड्राईनेस को दूर करने के लिए आप शहद को अपने चेहरे पर लगा सकते हैं. शहद स्किन को सॉफ्ट और शाइनी बनाने के लिए भी काफी मददगार होता है. 

4. एलोवेरा जेल

अगर आप अपनी खूबसूरती को बढ़ाने और सर्दियों में चेहरे की ड्राईनेस को दूर करना चाहते हैं, तो आप एलोवेरा जेल को लगा सकते हैं. एलोवेरा जेल में मॉइश्चराइजिंग गुण होते हैं, जो आपकी स्किन में नमी को बनाएं रखता है. 

5. विटामिन-ई ऑयल

विटामिन-ई ऑयल स्किन के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है. रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाने के लिए आप इसको चेहरे पर लगा सकते हैं.

संसद में हंगामे पर कंगना का बयान…….विपक्ष जितना अधिक हारता है, उतना ही अधिक निराश होता 

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नई दिल्ली। अभिनेत्री-राजनेता कंगना रनौत के संसद में विपक्ष के हंगामे पर बयान दिया है। सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर जानबूझकर बाधा डालने और लगातार चुनावी झटकों के कारण बढ़ती हताशा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितना अधिक हारता है, उतना ही अधिक निराश होता है, और कांग्रेस व बाकी दल हताशा की स्थिति में पहुँच गए हैं। उनके अनुसार, व्यवधानों के कारण पहले दिन महत्वपूर्ण कार्य और चर्चाएँ नहीं हो सकीं, और सदन को स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है और विपक्ष इस आचरण से जनता की नज़रों में खुद को गिरा रहा है और चुनाव दर चुनाव हार रहा है।
सत्र के पहले और दूसरे दोनों दिन बार-बार व्यवधान और हंगामा देखा गया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसद मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ वोट चोर, गद्दी छोड़ो का नारा लगाया और एसआईआर पर चर्चा की मांग की। राज्यसभा पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी के बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि विपक्ष की गतिविधियों पर पूरा देश नज़र रख रहा है, और इस तरह विरोध करना संसद या देश के हित में नहीं है। उन्होंने प्रश्नकाल चलने देने का अनुरोध किया। यह खबर संसद के अंदर के राजनीतिक माहौल और विपक्ष के विरोध के प्रमुख कारण (एसआईआर) को दिखाती है, साथ ही उस पर सत्ताधारी दल के समर्थक (कंगना रनौत) की प्रतिक्रिया को भी सामने रखती है।

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News Desk

विजय हजारे ट्रॉफी में खेलकर कमाएंगे शानदार रकम

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  क्रिकेट | विराट कोहली ने 24 दिसंबर से शुरू हो रही विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने को लेकर हामी भर दी है. कोहली की इस रजामंदी के बाद टूर्नामेंट को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है. ऐसा हो भी हो क्यों ना आखिर सालों बाद कोहली इस लिस्ट ए घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने जो उतर रहे हैं. विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली के खेलने पर मुहर DDCA की तरफ से भी लगा दी गई है |

एक ODI खेलने के विराट को मिलते हैं 6 लाख

विराट कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में टेस्ट और T20 फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है. वो अब सिर्फ वनडे में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां एक मैच खेलने के उन्हें 6 लाख रुपये मिलते हैं. लेकिन, 50 ओवर फॉर्मेट में ही जब वो घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने उतरेंगे तो हर मैच के उन्हें कितने पैसे मिलेंगे?

विजय हजारे में दिल्ली का शेड्यूल कैसा है?

विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली अपनी घरेलू टीम दिल्ली से खेलने वाले हैं. टूर्नामेंट में दिल्ली के शेड्यूल पर गौर करें तो 24 दिसंबर को उसे आंध्र प्रदेश का सामना करना है. 26 दिसंबर को गुजरात से भिड़ना है और 29 दिसंबर को सौराष्ट्र से. इसके बाद 31 दिसंबर को दिल्ली की टीम ओडिशा की चुनौती का सामना करेगी. 3 जनवरी को दिल्ली, सर्विसेज के खिलाफ खेलेगी जबकि 6 जनवरी को उसका मुकाबला रेलवे की टीम से होगा. वहीं 8 जनवरी को आखिरी मैच में दिल्ली का मुकाबला हरियाणा से होगा |

विराट कोहली कितने मैच खेलेंगे?

अब सवाल है कि विराट कोहली इनमें कितने मैच खेलने वाले हैं? क्या वो विजय हजारे ट्रॉफी में पूरे मैच खेलेंगे? जवाब है नहीं. सूत्रों की मानें तो विराट कोहली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में सिर्फ 3 मैच खेलते दिख सकते हैं. इसमें टूर्नामेंट के पहले दो मैचों के अलावा एक 6 जनवरी को रेलवे के साथ होने वाला मैच शामिल हो सकता है |

60000 रुपये होगी विराट की मैच फीस

विराट कोहली 2010 के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने उतरने वाले हैं, जहां उन्हें हर मैच खेलने के 60000 रुपये मिल सकते हैं. यही विजय हजारे ट्रॉफी में प्लेइंग इलेवन में शामिल सीनियर खिलाड़ियों की मैच फीस है. अब अगर विराट कोहली 3 मैच खेलते हैं, जैसी कि खबर है तो वो उससे 180000 रुपये की कमाई कर सकते हैं |

केरल में बीजेपी की ‘सोनिया गांधी’ कौन हैं? जानें उनके बारे में सब कुछ

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Kerala Election Sonia Gandhi: केरल के मुन्नार में स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान एक अनोखा राजनीतिक संयोग सुर्खियों में है. यहां नल्लाथन्नी वार्ड (वार्ड नंबर 16) से बीजेपी ने 34 वर्षीय सोनिया गांधी को उम्मीदवार बनाया है. दिलचस्प बात यह है कि उनका नाम पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलता है और उनके पिता कभी कांग्रेस के कट्टर समर्थक रहे थे. उन्होंने ही अपनी बेटी का नाम उस समय की कांग्रेस नेता से प्रेरित होकर सोनिया गांधी रखा था.

परिवार के लोग करते हैं कांग्रेस का समर्थन
मुन्नार के नल्लथन्नी कॉलोनी में रहने वाली 34 वर्षीय सोनिया गांधी का यह नाम बचपन से ही उनके साथ है. उनके पिता दुरी राज मजदूरी करते हैं और कांग्रेस समर्थक रहे हैं. उनके पर‍िवार में अधिकतर सदस्य कांग्रेस का ही समर्थन करते हैं. पिता के इसी राजनीतिक झुकाव के चलते जब उनके घर बेटी का जन्म हुआ, तो उन्होंने उस समय देशभर में लोकप्रिय रही कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नाम पर ही अपनी बेटी का नाम रख दिया. यही वजह है कि सोनिया का नाम बचपन से ही उन्हें आसपास के लोगों में एक अलग पहचान देता रहा है.

शादी के बाद बदल गया राजनीतिक सफर
विवाह के बाद सोनिया गांधी का जीवन और राजनीतिक रुझान दोनों बदल गए. उनकी शादी सुभाष नाम के व्यक्ति से हुई, जो भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और स्थानीय स्तर पर पार्टी के लिए लगातार काम करते रहे हैं. सुभाष पंचायत चुनाव में भी हिस्सा ले चुके हैं. पति की राजनीतिक सक्रियता का प्रभाव सोनिया पर भी पड़ा और वह भी भाजपा से जुड़ गईं. इसी कड़ी में इस बार पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है.

कांग्रेस के प्रत्याशी से होगा मुकाबला
इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी मंजुला रमेश और सीपीएम की वलारमती से है. नाम के कारण सोनिया गांधी चुनाव क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं और कांग्रेस के लिए यह स्थिति कुछ असहज भी मानी जा रही है, क्योंकि मतदाताओं का ध्यान स्वाभाविक रूप से इस संयोग पर टिक रहा है. कांग्रेस को आशंका है कि यह अनोखा नाम उनके लिए चुनौती बन सकता है.

केरल में निकाय चुनाव 9 और 11 दिसंबर को दो चरणों में कराए जा रहे हैं और 13 दिसंबर को नतीजे आएंगे. विधानसभा चुनावों से पहले इन चुनावों को बेहद अहम माना जा रहा है, ऐसे में मुन्नार की यह ‘सोनिया गांधी’ कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा रही हैं और चुनावी माहौल में रोमांच भी देखने को मिल रहा है.

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राजनीति में आकर मेरे कान खराब हो गए………शुक्र है मेरा दिमाग खराब नहीं हुआ 

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एक इंटरव्यू में बेबाकी से बोलीं अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन 

नई दिल्ली। अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन एक कार्यक्रम में अपने पति अमिताभ बच्चन और अपने राजनैतिक करियर पर बात की। उन्होंने बताया कि अपने पति के लिए घर-घर जाकर वोट मांगे हैं। इतना ही नहीं जया ने कहा कि अमिताभ राजनीति में परेशान हो गए होंगे, क्योंकि वह हर जगह अपनी राय नहीं रख पाते हैं।
इस दौरान जया ने एंकर को टोकते हुए कहा थोड़ा तेज बोलिए। पार्लियामेंट की वजह से मेरे कान खराब हो गए हैं क्योंकि वहां आप बहुत चीख-चिल्लाहट सुनते हैं। भगवान का शुक्र है कि मेरा दिमाग नहीं खराब हुआ बस थोड़े से कान ही हुए हैं। इसके बाद जया ने बताया कि जब मैं पब्लिक लाइफ में आना चाहती थी तो मेरा परिवार ज्यादा खुश नहीं था। इसलिए नहीं कि मैं गलत थी बल्कि उन्हें डर था कि मैं कुछ भी बोल दूंगी।
वहीं अमिताभ के राजनैतिक करियर के बारे में जया ने कहा कि वह जरूर परेशान हो गए हैं। उनकी राय होती है लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस फोरम को वह अपना ओपिनियन रखने लायक समझते हैं। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मैं अपनी राय रखती हूं। मैं जर्नलिस्ट की बेटी हूं, यह बात नहीं भूलती।
जया से पूछा गया कि जब उनके पति पॉलिटिक्स में गए, तब क्या उन्होंने सपोर्ट किया था? इस पर जया ने जवाब दिया, मैंने सपोर्ट किया था। मैंने घर-घर जाकर कैंपेनिंग की, उस वक्त कोई ऐसा नहीं करता था।

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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया, आरोपी को जमानत के लिए समानता एकमात्र आधार नहीं 

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि समानता एकमात्र आधार नहीं है जिस पर आपराधिक मामले में आरोपी को जमानत दी जा सकती है।
जमानत नियम है, जेल अपवाद का सिद्धांत है। अदालतें इस सिद्धांत को मानती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जमानत बिना किसी विचार के दी जाए। जमानत की राहत उस कथित अपराध में शामिल हालात पर ध्यान दिए बिना नहीं दी जा सकती जिसके लिए आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा हत्या के एक मामले में आरोपी को दी गई जमानत को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने यह जमानत सिर्फ इस आधार पर दी थी कि सह-आरोपी को भी राहत दी गई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट ने त्रुटिपूर्ण तरीके से सिर्फ समानता के आधार पर जमानत दी, जिसे उसने सीधे तौर पर इस्तेमाल का एक तरीका समझ लिया। समानता का मकसद आरोपी की भूमिका पर ध्यान देना होता है, न कि एक ही अपराध का होना ही आरोपियों के बीच एकमात्र समानता थी। समानता एकमात्र आधार नहीं है जिस पर जमानत दी जा सकती है, और कानून में यही सही स्थिति है। यह आदेश उत्तर प्रदेश के एक गांव में हत्या के मामले में दिया गया, जो गांव वालों के बीच कहासुनी के कारण हुई थी। मामले में एक भड़काने वाले आरोपी को जमानत दे दी गई थी और दूसरे सह-आरोपी को बराबरी के आधार पर यह राहत दी गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अनुचित ठहराया। यह फैसला अदालतों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशानिर्देश है कि वे जमानत देते समय अपराध की विशिष्ट भूमिका, परिस्थितियों, और अन्य प्रासंगिक बातों पर विचार करें, न कि केवल सह-आरोपी को मिली जमानत के आधार पर ही राहत दे दें।

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5 दिन में ‘तेरे इश्क में’ ने तोड़े कमाई के रिकार्ड

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धनुष और कृति सेनन की रोमांटिक फिल्म ‘तेरे इश्क में’ ने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा बटोरी है. इस फिल्म को रिलीज हुए 03 दिसंबर को रिलीज हुए पांच दिन हो गए हैं. धनुष और कृति सेनन की इस फिल्म ने पांच दिन में 71 करोड़ की कमाई कर ली है | ये फिल्म धनुष की इस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक है. धनुष और कृति सेनन की ये एक लव स्टोरी है. फिल्म ने 5वें दिन 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है |

तेरे इश्क में’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका

फिल्म का पांच दिन का कलेक्शन धनुष और कृति सेनन की फिल्म ने पहले दिन 16 करोड़ की कमाई की है. दूसरे दिन फिल्म ने 17 करोड़ कमाए, तीसरे दिन फिल्म ने 19 करोड़, चौथे दिन 8.75 करोड़ और 5वें दिन फिल्म ने 10.25 करोड़ की कमाई की है. फिल्म ने इस तरह 5 दिन में 71 करोड़ कमा लिए हैं |

धनुष की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बनी तेरे इश्क में

धनुष की इसी साल रिलीज हुई फिल्मों के मुकाबले तेरे इश्क में की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस सबसे बेस्ट है. धनुष की लास्ट फिल्म इडली कड़ई ने पहले हफ्ते यानी 7 दिन में 45 करोड़ कमाए थे. उनकी फिल्म कुबेरा ने 2 दिन में 30 करोड़ कमाए थे. वहीं, 5 दिन में 71 करोड़ की कमाई के साथ तेरे इश्क में धनुष की इस साल की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई है |

28 नवंबर को रिलीज हुई थी फिल्म

तेरे इश्क में की बात करें तो इस फिल्म को आनंद एल राय ने डायरेक्ट किया है. फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज की गई है. फिल्म 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी |

रेणुका चौधरी का विवादित बयान, बीजेपी का पलटवार…कांग्रेस की मानसिकता सेना विरोधी 

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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने फिर विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के पक्ष में बोलने के लिए आर्मी पर दबाव डाला जा रहा है, इस मामले को उन्होंने बेहद डरावना बताया है। कांग्रेस नेत्री चौधरी ने कहा कि सबसे भयानक स्थिति यह है कि फौज के लोग बाहर आकर मीडिया में बयान दे रहे हैं। उनके ऊपर जुल्म किया जा रहा है। फौज के लोगों को सरकार के समर्थन में इसतरह के बयान देने पड़ रहे हैं। यह बहुत खतरनाक है।
वहीं भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने रेणुका चौधरी के बयान को शॉकिंग, बांटने वाला, और दुर्भावनापूर्ण बताया है। केसवन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की मानसिकता को सेना विरोधी करार दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग पूर्व में भी सेना प्रमुख पर सड़क का गुंडा जैसी टिप्पणियां कर चुके हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन रेणुका चौधरी एक कुत्ता लेकर संसद भवन परिसर पहुंची थीं। सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया था।
जब पत्रकारों ने कारण पूछा, तब उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, क्या सरकार को जानवर पसंद नहीं हैं। लाई हूं तब इसमें क्या हर्ज है। वैसे भी यह कुत्ता बहुत छोटा है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि काटने वाले और डसने वाले संसद में हैं, जिससे हंगामा मच गया था। यह बयान और विवाद सेना के राजनीतिकरण और संसद की मर्यादा को लेकर उठे सवालों को उजागर करते हैं।

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रोहित-कोहली फिर चमकेंगे या आएगा पंत का तूफान? प्लेइंग-11 को लेकर बढ़ी उत्सुकता

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क्रिकेट | भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार को रायपुर में दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा। भारतीय टीम की कोशिश इस मैच को जीतकर तीन मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने पर टिकी होंगी। इस मैच में यह देखना भी दिलचस्प रहेगा कि भारत प्लेइंग-11 में कोई बदलाव करता है या नहीं। पहले मैच में विराट कोहली, रोहित शर्मा और कप्तान केएल राहुल का बल्ला चला था, लेकिन यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़ और वाशिंगटन सुंदर प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे। 

पहले मैच में तीन स्पिनरों के साथ उतरा था भारत

भारतीय टीम पहले मैच में तीन स्पिनर और इतने ही तेज गेंदबाजों के साथ उतरी थी। ऋषभ पंत की जगह ऋतुराज गायकवाड़ को मौका मिला था, जबकि ऑलराउंडर के तौर पर नीतीश कुमार रेड्डी के स्थान पर वाशिंगटन सुंदर खेले थे। इस बात की संभावन कम है कि भारत इस मैच में कोई बड़े बदलाव करे। अगर टीम प्रबंधन बेंच स्ट्रेंथ परखना चाहेगा तो ऋतुराज की जगह पंत को मौका मिल सकता है। पंत और केएल राहुल दोनों ही इस सीरीज का हिस्सा हैं। केएल नियमित कप्तान शुभमन गिल की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाल रहे हैं तो यह तय है कि वह मैच में होंगे, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि पंत और राहुल के साथ एकादश में कैसे फिट हो सकते हैं?

कम नहीं हुई भारत की चिंताएं 

ऋतुराज गायकवाड़ को टीम प्रबंधन समय देना चाहेगा क्योंकि एक मैच में विफलता से उनका प्लेइंग-11 से हटना आदर्श स्थिति नहीं होगी। पहला मैच जीतने के बावजूद भारत की चिंता कम नहीं हुई है। लिस्ट ए क्रिकेट में प्रभावी प्रदर्शन करने वाले गायकवाड़ को चौथे नंबर पर भेजा गया, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं दिखे। केएल राहुल छठे नंबर पर उतरे। वाशिंगटन सुंदर को बल्लेबाजी क्रम में प्रयोगों की आदत हो चुकी है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में तीसरे नंबर पर उतरने के बाद उन्हें पहले वनडे में पांचवें नंबर पर भेजा गया, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। गेंदबाजी में उन्होंने तीन ही ओवर डाले और 18 रन दिए। हालांकि, नीतीश रेड्डी को वाशिंगटन की जगह मौका मिलेगा इसकी संभावना कम नजर आती है। 

सीरीज जीतने के लिए रोहित-कोहली पर निर्भर भारत

वनडे सीरीज में रोहित और कोहली को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। ये दोनों बल्लेबाज अब भारत के लिए सिर्फ एक प्रारूप में खेलते हैं और फैंस इन्हें मैदान पर उतरते देखने का आनंद लेते हैं। इन दोनों स्टार बल्लेबाजों की जोड़ी ने पहले मैच में शतकीय साझेदारी कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और अब इनसे एक बार फिर ऐसी ही पारी खेलते देखने की उम्मीद रहेगी। कोहली के 52वें वनडे शतक और रोहित की 57 रन की आक्रामक पारी के दम पर भारत ने रांची में पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराया था। वनडे विश्व कप 2027 में अभी दो साल है और ऐसे में कोहली और रोहित के लिए हर मैच अपनी फिटनेस और फॉर्म को साबित करने का जरिया है। पिछले दो वनडे में भारत की जीत के सूत्रधार रहे रोहित और कोहली ने दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप के लिए अपना दावा पुख्ता कर दिया है। 

बावुमा की हो सकती है वापसी

दक्षिण अफ्रीका ने पहला वनडे कप्तान तेम्बा बावुमा और स्पिनर केशव महाराज के बिना खेला जिन्हें आराम दिया गया था। अब दोनों की वापसी से टीम को मजबूती मिलेगी। दक्षिण अफ्रीका टीम में दो बदलाव हो सकते हैं। बावुमा की वापसी से टोनी डि जॉर्जी और ब्रिट्जके में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है। 

इस मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11 इस प्रकार है

भारत: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़/ऋषभ पंत, केएल राहुल (कप्तान और विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा। 

दक्षिण अफ्रीका: रेयान रिकेल्टन, क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), एडेन मार्करम, तेम्बा बावुमा (कप्तान), टोनी डि जॉर्जी/ब्रिट्जके, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को यानसेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, नांद्रे बर्गर, ओटेनिल बार्टमैन। 

5 दिसंबर को पंजाब में किसान रोकेंगे रेल

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अमृतसर। शंभू-खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन करने वाले किसान मजदूर मोर्चा ने 5 दिसंबर को पंजाब में रेलवे ट्रैक जाम करने का ऐलान कर दिया है। किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक सरवण पंधेर ने कहा कि पूरे प्रदेश में 26 जगह ट्रेनें रोकी जाएंगी। यह प्रदर्शन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक यानी 2 घंटे के लिए किया जाएगा। इस दौरान रोड जाम नहीं होगी। पंधेर ने कहा कि एमएसपी की गारंटी के कानून समेत किसानों की कई मांगों पर केंद्र और पंजाब सरकार की तरफ से फैसला नहीं लिया गया है।
इसकी वजह से किसानों को प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों के प्रदर्शन से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा समेत 19 जिलों से गुजरने वाली कई जिलों में ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ेगा।

पंधेर ने बताई किसानों की मांगें
किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि किसानों की तरफ से केंद्र से एमएसपी की गारंटी कानून की मांग की जा रही है। इसके अलावा बिजली सुधार बिल-2025 भी रद्द नहीं किया गया। उनकी मांग है कि प्रीपेड मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाए जाएं। इसके अलावा पंजाब की आप सरकार के सार्वजनिक संपत्तियों को जबरन बेचने, किसानों-मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी और अन्य समस्याओं को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है।

मांगों पर ध्यान न दिया तो तेज होगा आंदोलन
किसान मजदूर मोर्चा के प्रधान सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती तो आंदोलन और तेज और व्यापक रूप ले सकता है। उनका कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसानों और मजदूरों की आवाज सरकार तक पहुंचाना है।

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