Nagpur Students Prepare for High-Growth Careers with Eduwise Solutions

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Eduwise Solutions supports Nagpur learners with industry-driven training programs designed to enhance employability. With a focus on practical skills and career readiness, the platform helps students and professionals gain confidence and job-ready expertise in high-growth technology sectors.

India — Eduwise Solutions — a leading career-driven education and training platform — proudly announces its commitment to bridging the gap between academic learning and professional success for graduates, job seekers, and early-career professionals. With a suite of industry-aligned programs and personalized career guidance, Eduwise Solutions continues to transform career outcomes and empower learners across India.

About Eduwise Solutions

Eduwise Solutions is dedicated to empowering learners by providing practical, job-focused training backed by industry expertise and personalized support. Founded with the mission to make job readiness accessible, the company offers cutting-edge programs in Artificial Intelligence, Data Science, DevOps, Cybersecurity, Full Stack Web Development, and more — all designed to enhance employability in high-demand sectors.

The organization combines skill development, industry insights, and real-world experience to prepare candidates with the tools they need to succeed in competitive job markets. Their programs include hands-on training, resume building, LinkedIn optimization, interview skill development, and direct hiring opportunities with partner companies.

Key Highlights

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📈 Professional Skill Building: Focused modules on communication, personal branding, and technical skills essential for today’s workplace.
🤝 Hiring Partnerships: Collaborations with 1000+ companies to connect skilled learners with recruitment teams.
📍 Experience & Impact: Over 8 years of impactful experience training 2,000+ learners.
📚 Programs With Guarantee: Some programs include job guarantee components for qualified learners.

Featured Programs

Eduwise Solutions offers a variety of career-ready programs, including:

  • Artificial Intelligence & Machine Learning
  • DevOps with Cloud & AI
  • Cyber Security
  • Data Science
  • Full Stack Web Development
  • Professional Certification with Job Guaranteed Modules

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संघ के शताब्दी समारोह में पहुंचे ‘भाईजान’ पर संजय राउत का तंज— बोले, सलमान कब से स्वयंसेवक बन गए?

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मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुंबई में आयोजित शताब्दी समारोह के दौरान सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस कार्यक्रम को लेकर भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस नेतृत्व पर जमकर हमला बोला। खासतौर पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी को लेकर राउत ने तीखे सवाल खड़े किए। 
संजय राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि आरएसएस के कार्यक्रम में सलमान खान को बुलाया गया, लेकिन सवाल यह है कि सलमान खान कब से संघ के स्वयंसेवक बन गए। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि संघ के शताब्दी समारोह में ऐसे लोगों को क्यों आमंत्रित किया गया, जिनका संघ से कोई वैचारिक या संगठनात्मक संबंध नहीं रहा है। राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी के आने के बाद अब लोग कहते हैं— चले जाओ, झंझट क्यों लेना। 
राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी के शासनकाल में भारत अमेरिका का गुलाम बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है और इसकी जिम्मेदारी संघ प्रमुख मोहन भागवत और आरएसएस को भी लेनी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सरकार अब तक वीर सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दे रही है और मोहन भागवत को इस मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए। 
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी दावा किया कि इस कार्यक्रम में गायक अदनान सामी भी मौजूद थे, जो पाकिस्तान से भारत आए हैं। राउत ने आरोप लगाया कि अदनान सामी के पिता पाकिस्तान वायुसेना में थे और उन्होंने भारत के खिलाफ युद्ध लड़ा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समारोह में ऐसे लोग भी शामिल थे, जो कभी पोर्न इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया। इसी के साथ ही संजय राउत ने समारोह में कुछ प्रमुख हस्तियों की गैरमौजूदगी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वह कार्यक्रम में शाहरुख खान को ढूंढ रहे थे, लेकिन वह वहां नजर नहीं आए। राउत ने पूछा कि क्या शाहरुख खान देशभक्त नहीं हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि जावेद अख्तर का परिवार देश के लिए बलिदान दे चुका है, फिर भी उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। 

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News Desk

इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए लैंडिंग साइट तलाशी

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बेंगलुरु।  इसरो ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए चंद्रमा के साउथ पोल के पास एक लैंडिंग साइट तलाश ली है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से मिली तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने मॉन्स माउटन क्षेत्र को लैंडिंग के लिए सबसे सही बताया है। मॉन्स माउटन, चंद्रमा के साउथ पोल के पास स्थित करीब 6,000 मीटर ऊंचा पहाड़ है। इसकी चोटी काफी हद तक सपाट है, जो लैंडिंग के लिए अनुकूल है। हालांकि, लैंडिंग साइट को लेकर अंतिम फैसला लॉन्च के करीब लिया जाएगा।
वैज्ञानिकों के मुताबिक यह इलाका इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहां लंबे समय तक सूर्य की रोशनी मिलती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में वॉटर आइस मौजूद होने की संभावना भी जताई जाती है।

चंद्रयान-2 की तस्वीरों से मिली मदद
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इस स्टडी को लूनर एंड प्लैनेटरी साइंस कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया। लैंडिंग साइट तय करने के लिए चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पर लगे ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरे की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। यह कैमरा चंद्र सतह को करीब 32 सेंटीमीटर प्रति पिक्सल के रेजोल्यूशन में दिखाता है। इससे छोटे क्रेटर, पत्थर, ढलान और सतह की बनावट साफ नजर आती है, जिससे लैंडिंग के लिए खतरनाक इलाकों की पहचान पहले ही हो जाती है।

सैंपल लेकर लौटेगा चंद्रयान-4
2104 करोड़ रुपए के इस मिशन में चंद्रमा की चट्टानों और मिट्टी को पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। मिशन में दो अलग-अलग रॉकेट का इस्तेमाल होगा। हैवी-लिफ्टर एनवीएम-3 और इसरो का रिलायबल वर्कहॉर्स पीएसएलवी अलग-अलग पेलोड लेकर जाएंगे। स्टैक 1 में लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए एसेंडर मॉड्यूल और सतह पर लूनर सैंपल कलेक्शन के लिए डिसेंडर मॉड्यूल शामिल हैं। स्टैक 2 में थ्रस्ट के लिए एक प्रोपल्शन मॉड्यूल, सैंपल होल्ड के लिए ट्रांसफर मॉड्यूल और सैंपल को पृथ्वी पर लाने के लिए री-एंट्री मॉड्यूल शामिल हैं। चंद्रयान-4 को इसरो का अब तक का सबसे मुश्किल मून मिशन माना जा रहा है।

रणबीर कपूर की ‘रामायण’ में विभीषण बनेंगे विजय सेतुपति? अब खुद अभिनेता ने दी प्रतिक्रिया; जानिए क्या है सच्चाई

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नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रणबीर कपूर की मल्टीस्टारर फिल्म ‘रामायण’ लगातार चर्चाओं में बनी हुई है। फिल्म की कास्टिंग को लेकर हर दिन नई जानकारियां सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि विजय सेतुपति भी ‘रामायण’ में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स में ऐसा कहा गया था कि विजय फिल्म में विभीषण का किरदार निभाएंगे। हालांकि, अब इन खबरों पर विजय सेतुपति ने खुद प्रतिक्रिया दी है। जानिए उन्होंने क्या बताया?

‘रामायण’ का हिस्सा नहीं हैं विजय सेतुपति

बॉलीवुड हंगामा के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार सुभाष के झा से बातचीत के दौरान विजय सेतुपति ने ‘रामायण’ में अपनी कास्टिंग पर बात की। इस दौरान विजय ने ‘रामायण’ में विभीषण की भूमिका निभाने से इनकार करते हुए कहा, ‘जी नहीं, सर। मैं इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हूं। मुझे नहीं पता कि यह खबर कहां से आ रही है।’

विक्रांत मैसी भी कर चुके हैं इनकार

इससे पहले खबरें आई थीं कि राघव जुयाल ‘रामायण’ में मेघनाद का किरदार निभाएंगे। रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया कि राघव ने फिल्म में विक्रांत मैसी को रिप्लेस किया है। पहले ये किरदार विक्रांत मैसी करने वाले थे। हालांकि, बाद में विक्रांत मैसी ने एक पोस्ट डालकर ये स्पष्ट किया कि वो कभी भी ‘रामायण’ का हिस्सा थे ही नहीं। फिलहाल अभी तक राघव जुयाल की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

रणबीर कपूर राम और यश निभाएंगे रावण की भूमिका

फिल्म की मुख्य कास्टिंग पहले ही हो चुकी है। जिसके मुताबिक फिल्म में रणबीर कपूर (भगवान राम), साई पल्लवी (सीता), यश (रावण), रवि दुबे (लक्ष्मण) और सनी देओल (हनुमान) की भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा फिल्म में अरुण गोविल (दशरथ), लारा दत्ता (कैकेयी), इंदिरा कृष्णन (कौसल्या) और कुणाल कपूर (इंद्र) के होने की भी चर्चाएं हैं। वहीं फिल्म में रकुल प्रीत सिंह, बॉबी देओल, काजल अग्रवाल, मोहित रैना, आदिनाथ कोठारे जैसे कलाकारों के जुड़ने की भी खबरें हैं। हालांकि, इनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। 

दो पार्ट में रिलीज होगी ‘रामायण’

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित ‘रामायण’ दो पार्ट में रिलीज होगी। फिल्म का पहला पार्ट इसी साल दिवाली के मौके पर रिलीज होना है। हालांकि, फैंस अभी तक फिल्म के टीजर और किरदारों के लुक के बारे में जानने को बेकरार हैं। जबकि फिल्म का दूसरा पार्ट अगले साल दिवाली 2027 में रिलीज होना है।

संसद और स्कूलों में बम की धमकी

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नई दिल्ली।  राजधानी दिल्ली के 9 स्कूलों को सोमवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल मिले। मेल में दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1.11 बजे संसद में ब्लास्ट होगा और दिल्ली को खालिस्तान बना देंगे। ईमेल में आतंकी अफजल गुरु और पंजाब को खालिस्तान बताने का भी जिक्र था। धमकी के बाद स्कूलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सुबह अलग-अलग इलाकों के स्कूलों से इमरजेंसी कॉल आईं। इसके बाद फायर टेंडर, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड तुरंत मौके पर पहुंची। धमकी भरे ईमेल में लिखा है कि अफजल गुरु की याद में दिल्ली बनेगा खालिस्तान। 1:11 बजे पर धमाका होगा, 13 फरवरी को 1:11 बजे पर संसद में ब्लास्ट होगा। पंजाब खालिस्तान है। खालिस्तान नेशनल आर्मी। डीएफएस के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक 9 स्कूलों ने बम की धमकी मिलने की सूचना दी है। सभी परिसरों की जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल की लोकेशन और सोर्स पता करने के लिए साइबर टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। साथ ही राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अब तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

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News Desk

भागवत के साथ अदनान सामी की मुलाकात पर भड़की कांग्रेस……….राष्ट्र-विरोधी कृत्य करार दिया

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मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मुंबई में आयोजित कार्यक्रम ने महाराष्ट्र में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मशहूर गायक अदनान सामी की मुलाकात और साथ में भोजन करने पर महाराष्ट्र कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जाहिर कर दी है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को राष्ट्र-विरोधी कृत्य करार देकर आरएसएस की विचारधारा पर सवाल उठाए हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने एक पोस्ट में कहा कि सामी के पिता ने पाकिस्तान वायुसेना में पायलट के रूप में सेवा दी थी और वहां पठानकोट हवाई अड्डे पर हमले सहित 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शामिल थे। सामी उन हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सप्ताहांत में मुंबई में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लिया था।
कांग्रेस ने लिखा, सामी के पिता अरशद सामी खान पाकिस्तान वायु सेना में पायलट थे जिन्होंने 1965 के युद्ध के दौरान पठानकोट हवाई अड्डे को नष्ट किया था। आज भागवत उनके साथ भोजन का आनंद ले रहे हैं। आरएसएस (का यह कदम) राष्ट्रविरोधी है। मशहूर सिंगर सामी ने अपने फेसबुक अंकाउट पर संघ प्रमुख भागवत के साथ अपनी तस्वीरें साझा की थीं और आरएसएस प्रमुख की प्रशंसा की थी।
पद्म श्री से सम्मानित सामी ने लिखा था, ‘‘आरएसएस के महान सरसंघचालक भागवत के साथ एक बेहतरीन दोपहर बिताई है। उन्हें सुनना आनंददायक था और उन्होंने बड़ी कुशलता से कई मिथकों एवं गलतफहमियों को दूर किया। एक अत्यंत सज्जन और बेहतरीन व्यक्ति।
मुंबई में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसमें कला, खेल और उद्योग जगत की कई हस्तियों ने शिरकत की थी। सामी इसी कार्यक्रम में आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों में से एक थे।

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शरद पवार अस्पताल में हुए भर्ती

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पुणे।  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें गले में संक्रमण और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। बताया गया है कि पवार पहले बारामती में थे और वहीं प्राथमिक इलाज लिया था, लेकिन तबीयत पूरी तरह ठीक न होने पर उन्हें आगे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उनकी बेटी और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और दामाद सदानंद सुले मौजूद हैं। हाल के दिनों में भतीजे अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे, जिससे उनकी तबीयत पर असर पड़ा माना जा रहा है। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 

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आतंकवाद पर भारत को मिला वैश्विक समर्थन, PM मोदी बोले—देश का संदेश बिल्कुल साफ

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि आतंकवाद (Terrorism) के मुद्दे पर भारत (Indore) का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। भारत इस मुद्दे पर न तो दोहरे मापदंड अपनाता है और न ही किसी तरह का समझौता करता है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Malaysian Prime Minister Anwar Ibrahim) के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने सीमापार आतंकवाद की कड़ी निंदा की।

दोनों ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने और इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों पर जोर दिया। दोनों ने आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने और नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

मलेशिया दौरे के आखिरी दिन विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों से मुलाकात के बाद PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद और खुफिया क्षेत्र में सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में तालमेल मजबूत करेंगे। साथ ही रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाया जाएगा। PM मोदी ने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक के साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा।

PM मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र दुनिया की विकास धुरी के रूप में उभर रहा है और भारत आसियान देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग को लगातार विस्तार दे रहे हैं। उन्होंने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति की सराहना की।

उद्योगपतियों से मुलाकात की
PM मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारतीय अर्थव्यवस्था में उनकी बढ़ती दिलचस्पी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों को सकारात्मक बताया और कहा कि भारतीय विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के प्रमुख तेंगकु मोहम्मद तौफिक, बरजाया कॉरपोरेशन के संस्थापक विंसेंट टैन, खजानाह नेशनल के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खेन सेंग से अलग-अलग मुलाकात की।

भारतीय मूल के नेताओं से मिले
PM मोदी ने भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों, सीनेटरों से मुलाकात की और भारत-मलेशिया संबंध मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की। PM मोदी ने कहा कि इन नेताओं का भारत से भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट दिखता है और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी भारत-मलेशिया मित्रता के समर्थन को दर्शाती है।

भारत-मलेशिया को जोड़ती है तमिल
PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया तमिल भाषा के प्रति साझा लगाव से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में तमिल की मजबूत मौजूदगी शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में साफ दिखाई देती है। मलेशिया में भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी है। इनमें बड़ी संख्या तमिल मूल के लोगों की है।

आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक से मिले
PM मोदी आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मिले। उन्होंने उनके साहस, विरासत और बलिदान के लिए देशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के वीरों का साहस भारत की नियति को आकार देने में अहम रहा। राव से मिलना बहुत विशेष रहा और उनके अनुभव बेहद प्रेरणादायक हैं।

‘इब्राहिम भी एमजीआर के बड़े प्रशंसक’
PM मोदी ने कहा कि उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम भी तमिल अभिनेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब इब्राहिम द्वारा आयोजित लंच के दौरान एमजीआर की फिल्म नालै नमथे का गीत प्रस्तुत किया गया। एमजीआर यानी मरुथुर गोपालन रामचंद्रन प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और निर्माता रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु में एआईएडीएमके की स्थापना की और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री बने। 1975 में रिलीज हुई नालै नमथे उनकी लोकप्रिय फिल्मों में शामिल है।

सावरकर को भारत रत्न पर विपक्ष का तंज—बोले, उन्हें तो ब्रिटिश रत्न मिलना चाहिए

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डेस्क: वीर सावरकर को भारत रत्न देने पर बहस फिर से शुरू हो गई है, एक कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सावरकर को यह सम्मान देने से भारत रत्न की प्रतिष्ठा बढ़ेगी. मुंबई में RSS के शताब्दी समारोह में की गई इस टिप्पणी से कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है. भागवत की इस मांग पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है.

RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा, “सावरकर को भारत रत्न किस आधार पर दिया जाना चाहिए? यह एक बहुत बड़ा सम्मान है. सावरकर पहले व्यक्ति थे जिन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत का प्रचार किया, जिसे बाद में मुस्लिम लीग ने अपनाया. उन्होंने उसी आधार पर अपनी सरकार बनाई और अखंड भारत को टुकड़ों में बांट दिया.”

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “सावरकर ने ब्रिटिश सरकार की मदद की थी, जबकि कांग्रेस भारत की आज़ादी के लिए लड़ रही थी. वह एक फासीवादी थे. ऐसे व्यक्ति को भारत रत्न कैसे दिया जा सकता है? मोहन भागवत को ब्रिटिश सरकार से कहना चाहिए कि वे सावरकर को ‘ब्रिटिश रत्न’ दें.”

Jhalana Jaipur Safari Booking Tips for First-Time Visitors

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First-time visitors planning Jhalana Jaipur safari should follow essential booking tips to ensure a smooth experience. Jhalana leopard safari slots are limited, and demand remains high throughout the year. Booking in advance through authorized channels is highly recommended. Visitors should select preferred safari timings based on season and weather. Jhalana Leopard Reserve enforces strict entry rules, so carrying valid identification is necessary. Leopard safari Jaipur becomes more enjoyable when tourists plan properly and follow safari guidelines. These booking tips help visitors maximize their chances of memorable sightings.

Jhalana Leopard Safari: Jaipur’s Urban Wildlife Jewel Attracting Celebrities and Global Tourists

Jaipur, the capital of Rajasthan, is internationally celebrated for its royal forts, palaces, and rich cultural heritage. In recent years, however, the city has also gained widespread recognition for a unique wildlife experience—Jhalana Leopard Safari, located within the renowned Jhalana Leopard Reserve, often described as Jaipur’s premier urban wildlife sanctuary.

Strategically situated close to the city center, Jhalana Leopard Reserve is considered one of India’s most successful urban wildlife reserves. The forest is home to an estimated 45 or more leopards, making it one of the highest leopard-density areas in the country. This remarkable concentration of big cats has positioned Jhalana as a leading destination for wildlife enthusiasts, photographers, conservationists, and nature lovers.

High Leopard Sighting Rate Sets Jhalana Apart

One of the defining features of Jhalana Leopard Safari is its consistently high leopard sighting rate, which is reported to be around 90 percent or higher. The safari operates in two daily shifts—morning and evening—providing visitors multiple opportunities to observe leopards in their natural habitat. Due to this reliability, most visitors leave with memorable sightings and a rewarding wildlife experience.

Preferred Safari Destination for Celebrities and Distinguished Guests

Over the years, Jhalana Leopard Reserve has hosted numerous Bollywood personalities, international travelers, renowned wildlife photographers, and prominent sports figures, including cricketers. Many high-profile visitors prefer booking their safari experiences through Kuldeep Singh Shekhawat, a respected naturalist and established safari service provider in Jaipur.

Kuldeep Singh Shekhawat: A Trusted Expert in Jhalana Leopard Safari

With extensive experience in wildlife tourism, Kuldeep Singh Shekhawat is widely recognized as one of the most reliable safari experts associated with Jhalana Leopard Reserve. His in-depth knowledge of leopard behavior, forest terrain, and ethical safari practices has earned him the trust of both domestic and international guests.

Under his guidance, safari experiences are conducted with a strong focus on safety, education, and responsible tourism. His contribution has played a meaningful role in promoting conservation awareness and sustainable wildlife tourism in Jaipur.

An Essential Wildlife Experience in Jaipur

Jhalana Leopard Safari has become an integral component of Jaipur’s modern tourism identity, offering visitors a rare opportunity to witness leopards thriving just minutes away from an urban environment. The reserve stands as a successful example of how wildlife conservation and urban development can coexist harmoniously.

Tourists planning a visit to Jaipur and seeking an authentic leopard safari experience are strongly advised to book in advance, as the number of safari vehicles is limited and demand remains consistently high.

Safari Booking Information

📞 Mobile: +91 8290557709, +91 8387817123
📧 Email: jeepsafari123@gmail.com

🌐 Website: www.jhalanasafaribooking.com

Today, Jhalana Leopard Safari represents the evolution of Jaipur’s tourism landscape—where royal heritage meets thriving wilderness—offering an experience that is both distinctive and unforgettable.