28.3 C
London
Saturday, July 4, 2026
HomeLatest Newsवोटरों को 10-10 हजार देने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट पहुंची प्रशांत किशोर...

वोटरों को 10-10 हजार देने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट पहुंची प्रशांत किशोर की पार्टी

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

बिहार विधानसभा चुनाव में 150 सीटों का दावा करने वाले प्रशांत किशोर का खाता नहीं खुला. एनडीए ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की पार्टी ने अब सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया है. उन्होंने आज गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर चुनौती दी है. जनसुराज की याचिका पर कल शुक्रवार को सुनवाई होनी है.दरअसल, बिहार में नवंबर 2025 में विधानसभा के चुनाव हुए. सभी दल पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरे, जिसमें एनडीए की एकतरफा जीत हुई. बाकी सभी दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा. इस विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने भी अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. जनसुराज पहली बार चुनावी मैदान में अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारी थी. लेकिन खाता नहीं खुला. जबकि चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर 150 से ज्यादा सीटों का दावा कर रहे थे.

25-35 लाख महिलाओं के खाते में डाले 10 हजार रुपए

जनसुराज ने बिहार की जनकल्याणी योजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उनका कहना है कि चुनाव से दो महीने पहले मौजूदा सरकार ने बिहार की करीब 25-35 लाख महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए, जो गैरकानूनी है. कोर्ट से अपील की है कि सत्ता धारी दलों के लिए एक समय सीमा निर्धारित की जाए, ताकि मुफ्त की योजनाएं देकर चुनाव को प्रभावित न किया जा सके. जनसुराज पार्टी ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल की है. उन्होंने चुनाव के ठीक पहले सरकार द्वारा महिलाओं के खाते में डाले गए पैसों को गैरकानूनी ठहराते हुए संविधान का उल्लंघन बताया है.

ममता सरकार को झटका, 20 लाख कर्मचारियों को 25% DA देने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, मिलेगा 12 साल का महंगाई भत्ता

दोबारा चुनाव कराए जाने की उठाई मांग

जनसुराज ने कोर्ट से गुजारिश की है कि चुनाव आयोग को आर्टिकल 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्स के सेक्शन 123 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए. यह संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 का उल्लंघन है.
इसके साथ ही यह आरोप लगाया कि सेल्फ हेल्प ग्रुप JEEVIKA की 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को दोनों चरणों के चुनाव में पोलिंग बूथ पर नियुक्त किया जाना भी गैरकानूनी है. जनसुराज ने यह भी मांग रखी कि बिहार में दोबारा चुनाव कराए जाएं.

26 सितंबर को शुरू हुई थी योजना

बता दें, बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को हुआ था, जिसके परिणाम 14 नवंबर को आए. जनसुराज ने जिस योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की है. वह योजना 26 सितंबर 2025 को शुरू की गई थी. जनसुराज की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है. फिलहाल, देखना यह होगा कि सु्प्रीम कोर्ट इस पर क्या सुनवाई करता हैं.

Making Quality Education Accessible Through Artificial Intelligence: The S Y G EdTech Story

Education has long been considered one of the strongest drivers of social and economic progress. Yet millions of learners still face barriers related to...

Pune Witnesses a Spectacular Blend of Style and Soul at “Stride for Change – Season 03”

PUNE — The cultural capital of Maharashtra witnessed a dazzling fusion of high fashion and meaningful impact as S & H Glamhouse Productions successfully...