20.8 C
London
Tuesday, June 30, 2026
HomeBollywoodडेडलाइन्स, दबाव से मुक्ति और डायरेक्शन में एंट्री! अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट...

डेडलाइन्स, दबाव से मुक्ति और डायरेक्शन में एंट्री! अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट की जानें बड़ी वजह

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर सिंगर अरिजीत सिंह (Arijit Singh) ने प्लेबैक सिंगिंग (Playback Singing) छोड़ने का इशारा क्या दिया, पूरी इंडस्ट्री (Industry) में जैसे भूकंप आ गया है. जिस आवाज के दम पर फिल्में थोड़ा ज्यादा कमाई करती थीं, वो आवाज अब फिल्मों से विदाई ले रही है. अरिजीत सिंह की आवाज ने पिछले एक दशक से हर आशिक का दिल बहलाया और हर टूटे दिल को सहारा दिया, यही वजह है कि उनके अचानक प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट (Retirement) के ऐलान से उनके फैंस भी दंग रह गए. हर कोई जानना चाहता है कि आखिर रिटायरमेंट के बाद अरिजीत क्या करेंगे? आइए समझते हैं अरिजीत के इस कदम के पीछे की 4 सबसे बड़ी थ्योरीज, जो फैंस के सवालों का जवाब दे सकती हैं.

1. पिछले 4 दशकों से म्यूजिक इंडस्ट्री कवर कर रहीं सीनियर जर्नलिस्ट लिपिका वर्मा कहती हैं कि अब तक अरिजीत सिंह एक गाना गाते थे, फिल्म हिट होती थी, म्यूजिक कंपनी करोड़ों कमाती थी, लेकिन अरिजीत को मिलती थी सिर्फ एक बार की ‘फिक्स फीस’. इसे एक तरह से ‘फ्री पीआर टूल’ की तरह इस्तेमाल करना भी कहते हैं. लेकिन अब अरिजीत ने खेल पलट दिया है. उनके पास अब उनका करोड़ों का ‘फैनबेस है, उसे वो अपने ‘इंडी लेबल’ (ओरियन म्यूजिक) पर शिफ्ट कर रहे हैं. जब अरिजीत सिंह अपना गाना खुद के चैनल पर रिलीज करेंगे, तो उस गाने की ‘आईपी’ (मालिकाना हक) उनके पास होगी, जिसके लिए ताउम्र जो भी रॉयल्टी आएगी, वो सीधा अरिजीत की जेब में जाएगी. ये वही मॉडल है, जिसे आज के बड़े एक्टर्स अपनाते हैं, यानी खुद की फिल्म बनाओ और खुद ही मालिक बनो! हाल ही में जावेद अख्तर और शंकर महादेवन ने भी कई सिंगर और म्यूजिशियन के साथ मिलकर गुनगुनालो ऐप बनाया है, इस ऐप पर आर्टिस्ट खुद का म्यूजिक बनाकर अपलोड कर सकते हैं और अगर किसी फिल्म के लिए मेकर्स को वो खरीदना है, तो उन्हें सीधे आर्टिस्ट से बात करनी होगी और उनकी शर्तों पर म्यूजिक खरीदना होगा. अरिजीत भी इसी पैटर्न का इस्तेमाल कर सकते हैं.

 

2. एक बड़े म्यूजिक लेबल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बॉलीवुड में अब कई प्रोजेक्ट्स में कॉर्पोरेट्स और मार्केटिंग की दखलंदाजी बढ़ रही है. कई बार यहां गायक को गाना कैसे गाना है, ये म्यूजिक डायरेक्टर से ज्यादा कुछ और लोग तय करते हैं और अरिजीत जैसे कलाकार के लिए यह ‘क्रिएटिव जेल’ से कम नहीं है. अरिजीत अब उस लेवल पर हैं जहां उन्हें किसी बैनर की जरूरत नहीं. रिटायरमेंट का मतलब है कि अब वो ‘मसाला’ गानों की डिमांड से आजाद हैं. लेकिन यहां एक डर भी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अरिजीत जैसे बड़े नाम हट गए, तो म्यूजिक कंपनियां ‘सस्ते और नए टैलेंट’ को और भी बुरी तरह निचोड़ेंगी. यानी शोषण का एक नया दौर शुरू हो सकता है, जहां अच्छी आवाजों को कौड़ियों के भाव खरीदा जाएगा.

3. सीनियर जर्नलिस्ट और फिल्म क्रिटिक आरती सक्सेना ने कहा, “आज के दौर में प्लेबैक सिंगिंग सिर्फ एक ‘विजिटिंग कार्ड’ रह गया है. असली पैसा फिल्मों में नहीं, बल्कि ‘स्टेडियम कॉन्सर्ट्स’ में है. अरिजीत अब खुद को एक ग्लोबल ब्रैंड की तरह देख रहे हैं. फिल्मों के लिए घंटों स्टूडियो में बंद रहने के बजाय, वो अपना समय वर्ल्ड टूर और लाइव परफॉर्मेंस को देना चाहते हैं और इन कॉन्सर्ट के लिए भारत एक अच्छा मार्केट है. एक फिल्म के गाने से ज्यादा कमाई वो एक रात के शो से कर सकते हैं. ऐसा हो सकता है कि रिटायरमेंट लेकर वो बॉलीवुड की ‘डेडलाइन्स’ से मुक्त होना चाहते हो ताकि वो अपने लाइव म्यूजिक के अनुभव को अगली पीढ़ी के लिए ‘लेजेंडरी’ बना सकें. उनका ये फैसला सफल रहा तो ये बाकी सिंगर्स के लिए मिसाल बनेगा. आगे चलकर उनकी तरह कुछ और सिंगर्स भी प्लेबैक सिंगिंग को बाय-बाय कहकर अपना खुद का अलग अस्तित्व बनाने की ओर कदम बढ़ा सकते हैं.”

4. हालांकि ये बात अब थ्योरी नहीं रही, बल्कि लगभग कन्फर्म हो गई है कि अरिजीत सिनेमा से दूर नहीं जा रहे, बल्कि वो अब खुद के बैनर के तहत फिल्में बना रहे हैं. जल्द ही वो अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस लॉन्च करेंगे. वो ऐसी फिल्में बनाना चाहते हैं जो उनकी सादगी और गहरी सोच को दिखा सकें. वो अब दूसरों के गानों के लिए चेहरा नहीं बनेंगे, बल्कि खुद अपनी फिल्में प्रोड्यूस करेंगे. यानी अब ‘अरिजीत सिंह फिल्म्स’ के बैनर तले आपको वो कहानियां देखने को मिलेंगी, जिनमें संगीत रूह तक उतरेगा. उम्मीद की जा रही है, अरिजीत का प्रोडूसर बनना, बॉलीवुड के उस ‘मसाला’ कल्चर को जवाब होगा जहां कंटेंट से ज्यादा शोर होता है.

Pune Witnesses a Spectacular Blend of Style and Soul at “Stride for Change – Season 03”

PUNE — The cultural capital of Maharashtra witnessed a dazzling fusion of high fashion and meaningful impact as S & H Glamhouse Productions successfully...

The Tax Company Expands Digital Tax Services for Individuals and Businesses

India's growing digital economy has transformed the way people manage their finances, and taxpayers now expect faster, more convenient, and technology-driven services. Recognizing this...