3.7 C
London
Friday, March 13, 2026
HomeLatest Newsआवारा कुत्तों पर मेनका गांधी की बात पर नाराज हुए CJI, जानिए...

आवारा कुत्तों पर मेनका गांधी की बात पर नाराज हुए CJI, जानिए पूरा मामला

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट (SC) ने पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी (Maneka Gandhi) को आज  कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने एक पॉडकास्ट के दौरान आवारा कुत्तों के मामले में कोर्ट की टिप्पणियों पर उनकी “बॉडी लैंग्वेज” और बयानों पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और देश के भावी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजनिया की पीठ ने कहा कि यह अदालत की “दरियादिली” है कि मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

कोर्ट ने साफ किया कि जब उन्होंने (मेनका गांधी ने) अपने पॉडकास्ट में आवारा कुत्तों के हमलों के लिए कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जिम्मेदार बनाने की बात कही थी, तो वह गंभीर टिप्पणी थी, कोई मज़ाक नहीं कर रही थीं। कोर्ट ने गांधी के वकील राजू रामचंद्रन से कहा, “कुछ देर पहले, आप कोर्ट से कह रहे थे कि हमें सावधान रहना चाहिए। क्या आपने पता लगाया कि आपकी क्लाइंट किस तरह की टिप्पणियां कर रही हैं? आपकी क्लाइंट ने अवमानना ​​की है। हम उस पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। यह हमारी महानता है। क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है? वह क्या कहती हैं और कैसे कहती हैं।”

बार एंड बेंच के मुताबिक, बेंच ने कहा, “आपने टिप्पणी की कि कोर्ट को सावधान रहना चाहिए। दूसरी ओर, आपकी क्लाइंट जिसे चाहे और जिस पर चाहे, हर तरह की टिप्पणियां कर रही हैं।” पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस विक्रम नाथ ने साफ शब्दों में कहा कि मेनका गांधी की टिप्पणियाँ अदालत की अवमानना के दायरे में आती हैं, लेकिन कोर्ट ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इस पर रामचंद्रन ने कहा कि यह अवमानना की सुनवाई नहीं है, इसलिए वह टिप्पणी नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह 26/11 के आतंकवादी अजमल कसाब के लिए भी पेश हुए थे। इस पर जस्टिस नाथ और भड़क गए। उन्होंने तपाक से कहा, “कसाब ने अवमानना ​​नहीं की थी।”

बजट और जिम्मेदारी पर सवाल

कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब मेनका गांधी एक पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रही हैं, तो आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने बजट और योजनाओं में क्या योगदान दिया? इस बीच, वकील ने रेबीज नियंत्रण उपायों, टीकों की उपलब्धता और आवारा कुत्तों के हमलों से निपटने के लिए पेशेवरों की क्षमता निर्माण के बारे में बात करना जारी रखा।

कुत्तों की नसबंदी पर बहस

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नसबंदी (स्टेरिलाइजेशन) से आवारा कुत्तों की आक्रामकता कम होती है, लेकिन ज्यादातर शहरों में इसे ठीक से लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट की कुछ टिप्पणियों के कारण डॉग फीडर्स पर हमले हो रहे हैं। इस पर जस्टिस नाथ ने दोहराया कि अदालत की बात व्यंग्य नहीं बल्कि गंभीर थी।

पहले क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आवारा कुत्तों के हमले में बच्चों या बुजुर्गों की मौत या चोट होती है, तो राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलाया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जो लोग कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा सकती है, और सवाल उठाया था कि अगर लोग जानवरों से इतना प्रेम करते हैं तो उन्हें अपने घर क्यों नहीं रखते। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा गंभीर जन सुरक्षा से जुड़ा विषय है, और इस पर की गई टिप्पणियों को हल्के या मज़ाक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक मंचों पर अदालत के खिलाफ बयान देते समय जिम्मेदारी और मर्यादा जरूरी है।

विवाद के बीच तृणमूल सांसदों को झटका, राष्ट्रपति भवन ने मुलाकात का अनुरोध ठुकराया

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में राजभवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक का घटनाक्रम अब एक बड़े विवाद का...

राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे, भारत की छवि खराब कर रहे: गिरिराज सिंह का आरोप

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश को गुमराह...