5.6 C
London
Monday, January 26, 2026
HomeLatest Newsवांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली, अब...

वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली, अब 29 को होगा फैसला

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायालय ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई 29 जनवरी 2026 तक के लिए टाल दी है, जिसमें उन्होंने अपने पति के खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली तारीख तय की है।
गीतांजलि ने अपनी याचिका में दलील दी है कि उनके पति की हिरासत पूरी तरह से अवैध और मनमानी है। उन्होंने शीर्ष अदालत को बताया कि अधिकारियों ने हिरासत का आदेश जारी करते समय अपने विवेक का सही इस्तेमाल नहीं किया और केवल अप्रासंगिक सामग्री को आधार बनाया। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि लेह में वांगचुक द्वारा दिए गए भाषणों का उद्देश्य हिंसा भड़काना नहीं, बल्कि लोगों को शांत करना था। गीतांजलि का आरोप है कि प्रशासन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है ताकि एक सामाजिक कार्यकर्ता को अपराधी के रूप में चित्रित किया जा सके। सोनम वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद की गई थी। उस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई थी और लगभग 90 लोग घायल हुए थे। सरकार और लेह के जिलाधिकारी का दावा है कि वांगचुक ने हिंसा को भड़काने में मुख्य भूमिका निभाई थी और उनकी गतिविधियां राज्य की सुरक्षा व सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक थीं। वहीं, गीतांजलि ने अदालत में कहा कि वांगचुक को उनकी हिरासत के पूर्ण आधार की जानकारी नहीं दी गई और न ही उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का मौका मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि 24 सितंबर को लेह में हुई दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा के लिए उनके पति के बयानों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। दूसरी ओर, जिलाधिकारी ने हलफनामे के जरिए इन आरोपों का खंडन किया है कि वांगचुक के साथ कोई अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें 29 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इस संवेदनशील मामले पर विस्तार से विचार करेगी।

Previous articleयूपीएस की जगह इन्वर्टर की सप्लाई कर दी सप्लायर ने!
News Desk

अंतरिक्ष के नायक शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने किया अशोक चक्र से सम्मानित

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक...

गणतंत्र दिवस परेड में ऑपरेशन सिंदूर की गूंज, प्रहार फॉर्मेशन और ध्वज ने भरा जोश

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews नई दिल्ली। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सैन्य परेड की...