2.6 C
London
Tuesday, February 17, 2026
HomeLatest Newsसंविधान पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने Meta को लगाई फटकार

संविधान पर टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने Meta को लगाई फटकार

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) को सख्त चेतावनी दी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि तकनीकी कंपनियां भारत में रहकर नागरिकों के निजता अधिकार से खिलवाड़ नहीं कर सकतीं। अदालत ने यहां तक कह दिया कि अगर कंपनियां संविधान का पालन नहीं कर सकतीं, तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।

 

प्राइवेसी पॉलिसी के मामले पर हो रही है सुनवाई
यह सुनवाई WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़े मामले में चल रही है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने व्हाट्सएप पर 213 करोड़ रुपये के जुर्माना लगाया था जिसे राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण (NCLAT) ने बरकरार रखा था। इस फैसले को मेटा और व्हाट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है।

 

9 फरवरी को आएगा अंतरिम आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को भी इस याचिका में एक पक्ष बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कंपनियों को चेतावनी दी है कि या तो वे डेटा शेयर न करने का लिखित आश्वासन दें, वरना अदालत को आदेश पारित करना होगा। बेंच ने कहा कि इस मामले में 9 फरवरी को अंतरिम आदेश पारित किया जाएगा।

 

‘डेटा शेयरिंग के नाम पर चोरी बर्दाश्त नहीं’
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी की भाषा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निजता का अधिकार इस देश में बहुत महत्वपूर्ण है और कंपनियां इसका उल्लंघन नहीं कर सकतीं।

बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “आप डेटा शेयरिंग के बहाने इस देश की प्राइवेसी के साथ नहीं खेल सकते। आपकी प्राइवेसी की शर्तें इतनी चालाकी से तैयार की गई हैं कि एक आम आदमी उन्हें समझ ही नहीं पाता। यह निजी जानकारी चोरी करने का एक ‘सभ्य तरीका’ है, जिसे हम होने नहीं देंगे।” चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि “अगर आप हमारे संविधान का पालन नहीं कर सकते, तो भारत छोड़ दें। हम नागरिकों की निजता के साथ समझौता नहीं होने देंगे।”

अदालत ने साफ कर दिया है कि वह डेटा का एक शब्द भी साझा करने की अनुमति नहीं देगी। अब सबकी निगाहें 9 फरवरी पर टिकी हैं, जब कोर्ट इस मामले में अपना अंतरिम फैसला सुनाएगा।

भारत बनाम नीदरलैंड, संभावित प्लेइंग 11 और हार्दिक-बुमराह को आराम

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हराकर सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर...

सबरीमाला में महिलाओं के साथ भेदभाव मामले में नौ जजों की पीठ गठित

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews सात अप्रैल से होगी सुनवाईनई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट की 9-न्यायाधीशों की बेंच 7 अप्रैल से धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के...